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प्रभु श्री राम से सागर विनय कर रहा है कि हे प्रभु जो आपकी आज्ञा हो वो सिर माथे पर, अग्नि बांण चलाने की भी जरूरत नही है, आप कहें कि सूख जा तो आपके इशारे मात्र से ही सूख जाऊंगा, सेना को पार जाना है तो आराम से चली जायेगी, बस इसमें आपकी बनाई हुई मर्यादा भंग होगी व मेरे को भी कोई यश नही मिलेगा, वेद पुराण आदि सब ये ही वर्णन करते हैं कि आप की आज्ञा का हर हाल में पालन करना होता है, अग्निबाण की गर्मी से सब जीवजन्तु विचलित हैं, हे प्रभु कृपया आज्ञा दीजिये ,मैं तुरन्त पालन करूँगा। जय श्री राम ##सुंदरकांड पाठ चौपाई📙🚩
#सुंदरकांड पाठ चौपाई📙🚩 - प्रभु प्रताप मैं जाब सुखाई | उतरिहि कढकु न मोरि बडाई ] | प्रभु अग्या अपेल श्रुति गाई। करौ सो बेगि जो तुम्हहि सौहाई | I४ | ] से मैं सूख 7 जाऊँगा और सेना पार उतर प्रभु के aI মহী ] बडाई नहीं है (मेरी मर्यादा नहीं जाएगी , ತಾಗ रहेगी) अपेल है (अर्थात् आपकी तथापि प्रभु की आज्ञा नहीं हो सकता) ऐसा वेद गाते हैं। अब आज्ञा का उल्लघन मैं तुरंत बही करूँ / I५९ -४ ।। आपको जो अच्छा लगे, சாசச प्रभु प्रताप मैं जाब सुखाई | उतरिहि कढकु न मोरि बडाई ] | प्रभु अग्या अपेल श्रुति गाई। करौ सो बेगि जो तुम्हहि सौहाई | I४ | ] से मैं सूख 7 जाऊँगा और सेना पार उतर प्रभु के aI মহী ] बडाई नहीं है (मेरी मर्यादा नहीं जाएगी , ತಾಗ रहेगी) अपेल है (अर्थात् आपकी तथापि प्रभु की आज्ञा नहीं हो सकता) ऐसा वेद गाते हैं। अब आज्ञा का उल्लघन मैं तुरंत बही करूँ / I५९ -४ ।। आपको जो अच्छा लगे, சாசச - ShareChat