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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - City जयपुर ० सोमवार 9 फरवरी २०२६  भारकर पीएम रूंगटा मेमोरियल गोल्फ  CBINTERVIEW कप मैं जयपुर : कपिल दैव बौले॰॰. 3110' देश में टैलैंट बहुत, कम उम्र में सामने आ रहाः वैभव जैसे टैलैंट को गुड लिक कहना चाहिए आज ८० गंद में १७० रन बना रहे हैं। क्रिकेट सिटी रिपोर्टर १४-१५ साल क बच्चे जयपुर मेंरोमांच बढ़़ा है या खिलाड़ियों काधैर्य कम हुआ हैः आज क्रिकेट को कई बार गोल्फ खेलते हुए भी आपकी एनर्जी क्रिकेट " मै इसे धैर्य की कमी नही पंकक्वैासी बैलिटीब्ढ़ीहैडआपको ये समझूना = राजनीति से जोइकर देखा जाता ही दिखती है। क्याये उसी बात का हिस्सा है कि होगा किं किसी भी स्तरपर ह इस पर क्या सोचते है२ खिलाफ इस तरह का प्रदर्शन ली्जेंड कभी रिटावर नहीं होत़े, बस् गेम बदल देशर्मे बहुत टैलेंट है और वो बहुत कम उम्र में आसान नर्ही होता। आज देते हैं? इस् पर कपिल देव ने कहा कि इंसान  मै राजनीति नहोजानता। मै सामने आ रहा है। यही अच्छी बात है। ऐराों खिलाड़ी हू। मेरा काम खेलना और 617కె खलते रहना चाहिए। मेरा खेल क़िकेट है॰ लेकिन लक कहना पाहए। २ आपके दैौर मैं ५० रन बनाना भी संघर्ष था, अब ५० रन वार्मअप की खेल को एंजॉय करना है। गवर्नमेंट किसो और का ভ্রল ভরলনা বু না तरह लेते है। यह तरक्की या गेंदबाजी की हार? अच्छा और क्रिकेट बोर्ड का आपना काम नई चीज सीखने का मौका मिलता है लगता इस तरह तुलना करना सहा नर्हीहे। वक्त बदल गया है। जैसे आपके पिताजी है।ये मेरा काम नही हे। और शरीर एक्टिव रहता है। आमदनी कुछ और थी आज आपकी आमदनी कुछ और है- तो क्या जयपुर गाल्फ कलव के समय २ जब आपकी फॉम खशब उन्हाने गोल्फ खेला। भास्कर से बातचीत में कह्ा उसे हार कहा जाएगा? नहीं। ये तरक्की है। उसी तरह क्रिकेट भी बदला है।  होती थी तब खुद से कैसे कि गोल्फ सिरफ बैलेंस नहों, एक और खेल है। इसे उस दौर का क्रिकेट अलग था, आज का अलग है। जो आज अच्छा खेल रहा है लड़ते थे? खलकर समझ आता है कि इसमें कितनी हिम्मत उसकी तारीफ करनी चाहिए। अच्छी नहीं होती तो फार्म और धैर्य चाहिए। १९८३ की वर्ल्ड कप विजेता वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ियों  को हम बहुत जल्दी स्टार बना मेहनत करनी चाहिए फिरभी হীস ক ٤٦٤ বরদান  कपिल देव रविवार को पोएम क्या हम जल्दबाजी कर रहे है२ नहीं आएतो और मेहनत करनी रूंगटा मेमोरियल गोल्फ कप  २०२६ में शामिल अगर किसी में प्रतिभा है तो जल्दी क्या है? लोग सचिन के बारे में भी कहते थे चाहिए। मेहनत ही आपको होने जयपुर  आए थे। इस दौरान मदनलाल, गगन कि इतनी छोटी उम्र में क्यों खिलाया गया। अगर खिलाड़ी में एबिलिटी है दिमाग  आगे लेे जाती है। बारते और सेंसीबल है और सही सोच है तोवो आगे निकल सकता है। सलेक्टर नेउसे खोड़ा , अमृत माथुर भी मौजूद रहे। चर्चा आगे नही ले जाती। चुना है। वैभव जैसे टैलेंट को गुडलक कहना चाहिए।  City जयपुर ० सोमवार 9 फरवरी २०२६  भारकर पीएम रूंगटा मेमोरियल गोल्फ  CBINTERVIEW कप मैं जयपुर : कपिल दैव बौले॰॰. 3110' देश में टैलैंट बहुत, कम उम्र में सामने आ रहाः वैभव जैसे टैलैंट को गुड लिक कहना चाहिए आज ८० गंद में १७० रन बना रहे हैं। क्रिकेट सिटी रिपोर्टर १४-१५ साल क बच्चे जयपुर मेंरोमांच बढ़़ा है या खिलाड़ियों काधैर्य कम हुआ हैः आज क्रिकेट को कई बार गोल्फ खेलते हुए भी आपकी एनर्जी क्रिकेट " मै इसे धैर्य की कमी नही पंकक्वैासी बैलिटीब्ढ़ीहैडआपको ये समझूना = राजनीति से जोइकर देखा जाता ही दिखती है। क्याये उसी बात का हिस्सा है कि होगा किं किसी भी स्तरपर ह इस पर क्या सोचते है२ खिलाफ इस तरह का प्रदर्शन ली्जेंड कभी रिटावर नहीं होत़े, बस् गेम बदल देशर्मे बहुत टैलेंट है और वो बहुत कम उम्र में आसान नर्ही होता। आज देते हैं? इस् पर कपिल देव ने कहा कि इंसान  मै राजनीति नहोजानता। मै सामने आ रहा है। यही अच्छी बात है। ऐराों खिलाड़ी हू। मेरा काम खेलना और 617కె खलते रहना चाहिए। मेरा खेल क़िकेट है॰ लेकिन लक कहना पाहए। २ आपके दैौर मैं ५० रन बनाना भी संघर्ष था, अब ५० रन वार्मअप की खेल को एंजॉय करना है। गवर्नमेंट किसो और का ভ্রল ভরলনা বু না तरह लेते है। यह तरक्की या गेंदबाजी की हार? अच्छा और क्रिकेट बोर्ड का आपना काम नई चीज सीखने का मौका मिलता है लगता इस तरह तुलना करना सहा नर्हीहे। वक्त बदल गया है। जैसे आपके पिताजी है।ये मेरा काम नही हे। और शरीर एक्टिव रहता है। आमदनी कुछ और थी आज आपकी आमदनी कुछ और है- तो क्या जयपुर गाल्फ कलव के समय २ जब आपकी फॉम खशब उन्हाने गोल्फ खेला। भास्कर से बातचीत में कह्ा उसे हार कहा जाएगा? नहीं। ये तरक्की है। उसी तरह क्रिकेट भी बदला है।  होती थी तब खुद से कैसे कि गोल्फ सिरफ बैलेंस नहों, एक और खेल है। इसे उस दौर का क्रिकेट अलग था, आज का अलग है। जो आज अच्छा खेल रहा है लड़ते थे? खलकर समझ आता है कि इसमें कितनी हिम्मत उसकी तारीफ करनी चाहिए। अच्छी नहीं होती तो फार्म और धैर्य चाहिए। १९८३ की वर्ल्ड कप विजेता वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ियों  को हम बहुत जल्दी स्टार बना मेहनत करनी चाहिए फिरभी হীস ক ٤٦٤ বরদান  कपिल देव रविवार को पोएम क्या हम जल्दबाजी कर रहे है२ नहीं आएतो और मेहनत करनी रूंगटा मेमोरियल गोल्फ कप  २०२६ में शामिल अगर किसी में प्रतिभा है तो जल्दी क्या है? लोग सचिन के बारे में भी कहते थे चाहिए। मेहनत ही आपको होने जयपुर  आए थे। इस दौरान मदनलाल, गगन कि इतनी छोटी उम्र में क्यों खिलाया गया। अगर खिलाड़ी में एबिलिटी है दिमाग  आगे लेे जाती है। बारते और सेंसीबल है और सही सोच है तोवो आगे निकल सकता है। सलेक्टर नेउसे खोड़ा , अमृत माथुर भी मौजूद रहे। चर्चा आगे नही ले जाती। चुना है। वैभव जैसे टैलेंट को गुडलक कहना चाहिए। - ShareChat