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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - मार्च को दशहरा मैदान में होगा २५१ कुंडीय गो रक्षा महायंज्ञ व फागोत्सव 1 ३१ महिलाओं ने मिट्टी, गाय के गोबर और गलताजी के जल से २५१ कुंडों का किया लेपन आदर्श नगर स्थित दशहरा मैदान में 1 जयपुर  मार्च को होने वाले २५१ कुंडीय गो-रक्षा महायज्ञ वगो संकीर्तन फागोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। गुरुवार  को महिलाओं ने गोशाला की मिट्टी , गोबर व गलता जी के पवित्र जल से  लेपन कर शुद्धिकरण किया।  हवन कुंडों का  कुंडों का दो घंटे में फाग व मंगल 31 Taraf 251 किया। डोम व टेंट लगाने का कार्य भी শীন যান  हुए लेपन  जारी है। गो सेवा समिति राजापार्क के अध्यक्ष रवि नैय्यर ने बताया कि आयोजन दोपहर 3 बजे से होगा। कार्यक्रम के प्रचार के लिए शुक्रवार शाम 4 बजे दशहरा मैदान से रैली निकाली जाएगी। आर्य समाज के १५० वर्ष पूर्ण होने केःउपलक्ष्य में यह आयोजन गोसेवा समिति राजापार्क एवं समस्य आर्य समाज के तत्वावधान में होगा। गाय कैगोबर और मिट्टी लेपन का महत्व यज्ञ कुंड के विधान में एक वाक्य है-  गोमयेन उपलिप्य। इसका अर्थ है- गाय के गोबर से लीपकर स्थान को पवित्र करना। वैदिक परंपरा में यह पूजा अनुष्ठानों से पूर्व भूमि की शुद्धि ಶನ್ अथवा अन्य की एक पारंपरिक प्रक्रिया है। सामान्यतः पहले कुशा से स्थान का परिसमूहन ( बुहारना ) किया जाता है। बाद गोबर से लेपन किया जाता है। गोमय को इसके पारंपरिक रूप से पवित्र तथा कीटाणुनाशक गुणों से युक्त माना गया है इसलिए उससे भूमि को भौतिक और आध्यात्मिक स्तर पर शुद्ध किया जाता है।  Hfa सुशीलपुरा  -पंडित दिनेश शास्त्री हरिहर  gaurf मार्च को दशहरा मैदान में होगा २५१ कुंडीय गो रक्षा महायंज्ञ व फागोत्सव 1 ३१ महिलाओं ने मिट्टी, गाय के गोबर और गलताजी के जल से २५१ कुंडों का किया लेपन आदर्श नगर स्थित दशहरा मैदान में 1 जयपुर  मार्च को होने वाले २५१ कुंडीय गो-रक्षा महायज्ञ वगो संकीर्तन फागोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। गुरुवार  को महिलाओं ने गोशाला की मिट्टी , गोबर व गलता जी के पवित्र जल से  लेपन कर शुद्धिकरण किया।  हवन कुंडों का  कुंडों का दो घंटे में फाग व मंगल 31 Taraf 251 किया। डोम व टेंट लगाने का कार्य भी শীন যান  हुए लेपन  जारी है। गो सेवा समिति राजापार्क के अध्यक्ष रवि नैय्यर ने बताया कि आयोजन दोपहर 3 बजे से होगा। कार्यक्रम के प्रचार के लिए शुक्रवार शाम 4 बजे दशहरा मैदान से रैली निकाली जाएगी। आर्य समाज के १५० वर्ष पूर्ण होने केःउपलक्ष्य में यह आयोजन गोसेवा समिति राजापार्क एवं समस्य आर्य समाज के तत्वावधान में होगा। गाय कैगोबर और मिट्टी लेपन का महत्व यज्ञ कुंड के विधान में एक वाक्य है-  गोमयेन उपलिप्य। इसका अर्थ है- गाय के गोबर से लीपकर स्थान को पवित्र करना। वैदिक परंपरा में यह पूजा अनुष्ठानों से पूर्व भूमि की शुद्धि ಶನ್ अथवा अन्य की एक पारंपरिक प्रक्रिया है। सामान्यतः पहले कुशा से स्थान का परिसमूहन ( बुहारना ) किया जाता है। बाद गोबर से लेपन किया जाता है। गोमय को इसके पारंपरिक रूप से पवित्र तथा कीटाणुनाशक गुणों से युक्त माना गया है इसलिए उससे भूमि को भौतिक और आध्यात्मिक स्तर पर शुद्ध किया जाता है।  Hfa सुशीलपुरा  -पंडित दिनेश शास्त्री हरिहर  gaurf - ShareChat