ShareChat
click to see wallet page
search
#आज का मंत्र
आज का मंत्र - राम रक्षा स्तोत्र वज्रपंजरनामेदं यो रामकवचं स्मरेत् | अव्याहताज्ञः सर्वत्र लभते जयमंगलम् II भावार्थः जो मनुष्य वज्रपंजर नामक इस राम कवच का स्मरण करता हैं उसकी आज्ञा का कहीं भी उल्लंघन नहीं होता तथा उसे सदैव विजय और मंगल की ৪ী সাদি মীনী ঔ ! (श्रीरामरक्षास्तोत्रं) @myquote राम रक्षा स्तोत्र वज्रपंजरनामेदं यो रामकवचं स्मरेत् | अव्याहताज्ञः सर्वत्र लभते जयमंगलम् II भावार्थः जो मनुष्य वज्रपंजर नामक इस राम कवच का स्मरण करता हैं उसकी आज्ञा का कहीं भी उल्लंघन नहीं होता तथा उसे सदैव विजय और मंगल की ৪ী সাদি মীনী ঔ ! (श्रीरामरक्षास्तोत्रं) @myquote - ShareChat