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#✍मेरे पसंदीदा लेखक #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #📓 हिंदी साहित्य
✍मेरे पसंदीदा लेखक - आत्मसंयम और परमार्थ का मार्ग परमात्मा के सभी पुत्न हैं | सभी उसे समान रूप से प्यारे हैं | पर वह जिन्हें अधिक   ईमानदार और विश्वसनीय समझता है, उन्हें अपनी शक्ति का एक इसलिए सौंप देता है कि वे उसके ईश्वरीय उद्देश्यों की पूर्ति में हाथ बँटाएँ।  भाग धन, स्वास्थ्य बुद्धि चतुरता, शिल्प योग्यता, मनोबल नेतृत्व भाषण लेखन आदिकी शक्तियाँ जिन्हें अधिक मात्ना में दी गई हैंँवे उन्हें दैवी प्रयोजन के लिएदी गई हैं| जो अधिकार साधारण प्रजा को नहीं हैं वे अधिकार कलेक्टर को देकर राजा कोई पक्षपात नहीं करता, वरन अधिकारी से, योग्य से, अधिक काम लेने की नीति बनाता है। परमेश्वर कभी कुछ " थोड़े से आदमियों को अधिक संपन्न बनाकर अपने अन्य लोगों के साथ अन्याय नहीं करता | उसे अपने   सभी पुत्न  समान रूप से प्यारे हैं | उसने सभी को समान रूप से विकसित होने के अवसर दिए हैं| वह पक्षपात और अन्याय करे तो फिर उसे समदर्शी न्यायशील और " कैसे कहा दयालु  সামক্ধা? fa, (3Rq03 ಗೆ೯೯   1950,984) आत्मसंयम और परमार्थ का मार्ग परमात्मा के सभी पुत्न हैं | सभी उसे समान रूप से प्यारे हैं | पर वह जिन्हें अधिक   ईमानदार और विश्वसनीय समझता है, उन्हें अपनी शक्ति का एक इसलिए सौंप देता है कि वे उसके ईश्वरीय उद्देश्यों की पूर्ति में हाथ बँटाएँ।  भाग धन, स्वास्थ्य बुद्धि चतुरता, शिल्प योग्यता, मनोबल नेतृत्व भाषण लेखन आदिकी शक्तियाँ जिन्हें अधिक मात्ना में दी गई हैंँवे उन्हें दैवी प्रयोजन के लिएदी गई हैं| जो अधिकार साधारण प्रजा को नहीं हैं वे अधिकार कलेक्टर को देकर राजा कोई पक्षपात नहीं करता, वरन अधिकारी से, योग्य से, अधिक काम लेने की नीति बनाता है। परमेश्वर कभी कुछ " थोड़े से आदमियों को अधिक संपन्न बनाकर अपने अन्य लोगों के साथ अन्याय नहीं करता | उसे अपने   सभी पुत्न  समान रूप से प्यारे हैं | उसने सभी को समान रूप से विकसित होने के अवसर दिए हैं| वह पक्षपात और अन्याय करे तो फिर उसे समदर्शी न्यायशील और " कैसे कहा दयालु  সামক্ধা? fa, (3Rq03 ಗೆ೯೯   1950,984) - ShareChat