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पुत्रदा एकादशी हिन्दू पंचांग के अनुसार प्रतिवर्ष पुत्रदा एकादशी का व्रत पौष माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है. इस दिन भगवान नारायण की पूजा की जाती है. सुबह स्नान आदि से निवृत होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करने के पश्चात श्रीहरि का ध्यान करना चाहिए। इस व्रत के नाम के अनुसार ही इसका फल है. जिन व्यक्तियों को संतान होने में बाधाएं आती है अथवा जो व्यक्ति पुत्र प्राप्ति की कामना करते हैं उनके लिए पुत्रदा एकादशी का व्रत बहुत ही शुभफलदायक होता है. इसलिए संतान प्राप्ति के लिए इस व्रत को व्यक्ति विशेष को अवश्य रखना चाहिए, जिससे उसे मनोवांछित फलों की प्राप्ति हो सके।। पुत्रदा एकादशी के दिन बाल गोपाल की पूजा करनी चाहिए, बाल गोपाल की प्रतिमा को पंचामृत से स्नान कराना चाहिए. धूप-दीप आदि से भगवान नारायण की अर्चना की जाती है, उसके बाद फल-फूल, नारियल, पान, सुपारी, लौंग, बेर, आंवला आदि व्यक्ति अपनी सामर्थ्य अनुसार भगवान नारायण को अर्पित करते हैं. पूरे दिन निराहार रहकर संध्या समय में कथा आदि सुनने के पश्चात फलाहार किया जाता है. इस दिन दीप दान करने का महत्व है। #शुभ कामनाएँ 🙏
शुभ कामनाएँ 🙏 - ३० दिसम्बर २०२५ मंगलवार esicomments com इस पवित्र दिन पर, भगवान की कृपा और आशीर्वाद से आपका जीवन सुखमय हाे। पौष पुत्रदा एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं ३० दिसम्बर २०२५ मंगलवार esicomments com इस पवित्र दिन पर, भगवान की कृपा और आशीर्वाद से आपका जीवन सुखमय हाे। पौष पुत्रदा एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं - ShareChat