#लक्ष्मी
शास्त्रों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, लक्ष्मी माता को अपने जीवन ਵਿੱਚ स्थाई रूप से निवास प्रदान करने के लिए व्यक्ति के कर्म, आचरण और घर के वातावरण का शुद्ध होना अत्यंत आवश्यक है। माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने और उनकी स्थिरता के लिए निम्नलिखित उपाय प्रभावी माने जाते हैं:
* साफ-सफाई और पवित्रता: माँ लक्ष्मी का वास उसी स्थान पर होता है जहाँ पूर्ण स्वच्छता रहती है। विशेष रूप से घर के मुख्य द्वार को साफ रखें और शाम के समय वहां अंधेरा न रहने दें। घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) को हमेशा खाली और स्वच्छ रखना चाहिए।
* शुक्रवार का व्रत और पूजा: लक्ष्मी माता को समर्पित शुक्रवार के दिन वैभव लक्ष्मी का व्रत रखना या श्री सूक्त का पाठ करना बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन सफेद रंग की वस्तुओं जैसे चावल, दूध या चीनी का दान करने से उनकी कृपा बनी रहती है।
* नारी का सम्मान: जिस घर में स्त्रियों का सम्मान होता है, वहां लक्ष्मी सदैव निवास करती हैं। गृहलक्ष्मी (पत्नी) और घर की अन्य महिलाओं को खुश रखना और उन्हें सम्मान देना स्थाई समृद्धि का मुख्य आधार है।
* दान और परोपकार: अपनी ईमानदारी की कमाई का कुछ हिस्सा नियमित रूप से दान करने से धन में वृद्धि होती है। गरीबों को भोजन कराना या किसी जरूरतमंद की सहायता करना लक्ष्मी को स्थाई करने का श्रेष्ठ मार्ग है।
* कलह से दूरी: जिस घर में अक्सर क्लेश, ऊंची आवाज में झगड़े या कटु वचनों का प्रयोग होता है, वहां से लक्ष्मी रूठकर चली जाती हैं। शांतिपूर्ण वातावरण और आपसी प्रेम ही वैभव को टिकाए रखता है।
* शाम के समय वर्जित कार्य: सूर्यास्त के समय घर में झाड़ू लगाना, सोना या किसी को उधार देना शुभ नहीं माना जाता। इस समय घर के मंदिर में दीपक जलाकर आरती करना माँ लक्ष्मी के आगमन का मार्ग प्रशस्त करता है।
* तुलसी की सेवा: घर के आंगन में तुलसी का पौधा लगाएं और प्रतिदिन शाम को वहां घी का दीपक जलाएं। तुलसी को लक्ष्मी का ही रूप माना जाता है, इनकी सेवा से घर में दरिद्रता का प्रवेश नहीं होता।


