ShareChat
click to see wallet page
search
#satnam waheguru ji #satnam shri waheguru ji #Meetha Lage Tera bhana
satnam waheguru ji - लादिःखेपर्संतहर्संगि चालु Il अवरतिआगि बिखिआर्जंजाल।। अगर तुझे इस जीवन ्यात्रा से कुछ साथ ले जाना है, तो ೯ 915 HloT नाम' और शुभ गुणों की खेप लाद  कर ले केजा सकता है और यह सौदा तुझे कहाँ मिलेगा? यानी गुरु की संगत में , साध संगत में। जो पूँजी तूने दुनिया के रिश्तों और सामान में जमा की है, वह यहीं रह जाएगी, लेकिन जो नाम की पूँजी तू संतों की संगति में कमाएगा , वही लगे परलोक में तेरे साथ चलेगी| बाकी सब अवर त्याग और जंजाल यही छुट जाने   है। यहाँ त्यागने का अर्थ घर ्बार छोड़ना नहीं, बल्कि मन से उस 'मोह' को त्यागना है जो तुझे परमात्मा से दूर करता है। दुनिया के तेरा पीछे भागना एक ऐसा जाल है जिसमें इंसान जितना फँसता ढतना ही दुखी होता है। दुनिया के रिश्ते 'बिखिआ जंजाल' साबित हो सकते हैं, लेकिन गुरु का नाम और संतों की शिक्षा कभी साथ नहीं छोड़तीl जब इंसान यह समझ जाता है किउसे ' अकेले' जाना है, तब वह व्यर्थ भाणा के झगड़ों और शिकायतों को छोड़कर अपनी ' आध्यात्मिक खेप' नाम की कमाई तैयार करने में लग जाता है। फिर मनुष्य दूसरे फालतू कामों को त्याग कर गुरु के मार्ग पर चलते हैं, तब वह बोझ जो आप महसूस कर रहे थे, वह पूरी तरह खत्म हो जाता है। लादिःखेपर्संतहर्संगि चालु Il अवरतिआगि बिखिआर्जंजाल।। अगर तुझे इस जीवन ्यात्रा से कुछ साथ ले जाना है, तो ೯ 915 HloT नाम' और शुभ गुणों की खेप लाद  कर ले केजा सकता है और यह सौदा तुझे कहाँ मिलेगा? यानी गुरु की संगत में , साध संगत में। जो पूँजी तूने दुनिया के रिश्तों और सामान में जमा की है, वह यहीं रह जाएगी, लेकिन जो नाम की पूँजी तू संतों की संगति में कमाएगा , वही लगे परलोक में तेरे साथ चलेगी| बाकी सब अवर त्याग और जंजाल यही छुट जाने   है। यहाँ त्यागने का अर्थ घर ्बार छोड़ना नहीं, बल्कि मन से उस 'मोह' को त्यागना है जो तुझे परमात्मा से दूर करता है। दुनिया के तेरा पीछे भागना एक ऐसा जाल है जिसमें इंसान जितना फँसता ढतना ही दुखी होता है। दुनिया के रिश्ते 'बिखिआ जंजाल' साबित हो सकते हैं, लेकिन गुरु का नाम और संतों की शिक्षा कभी साथ नहीं छोड़तीl जब इंसान यह समझ जाता है किउसे ' अकेले' जाना है, तब वह व्यर्थ भाणा के झगड़ों और शिकायतों को छोड़कर अपनी ' आध्यात्मिक खेप' नाम की कमाई तैयार करने में लग जाता है। फिर मनुष्य दूसरे फालतू कामों को त्याग कर गुरु के मार्ग पर चलते हैं, तब वह बोझ जो आप महसूस कर रहे थे, वह पूरी तरह खत्म हो जाता है। - ShareChat