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#बलिदान दिवस #शहीद दिवस #🇮🇳 देशभक्ति #आज जिनकी पुण्यतिथि है #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान
बलिदान दिवस - हलधर भगत, गिरधर भगत, रुनिया झुनिया, लोदरो उनाव, विश्वनाथ भगत सहित 7 जांबाज इतिहास के पन्नों के अनुसार, एक फरवरी १८५७ क रात सातों जांबाज कुड़ू के 'जंगी बगीचा' में विश्राम कर रहे थे. वीर बुधु भगत उस समय ঠীম ক মাথ থ दूसरी इसी बीच इनाम के लालच में एक आंदोलनकारी ने अंग्रेजों को गुप्त सूचना दे दी कि टिको स्थित सेना के डिपो पर हमला करने वाले क्रांतिकारी बगीचे में मौजूद हैं. सूचना मिलते ही अंग्रेजी सेना ने लाव-्लश्कर के साथ जंगी बगीचा को चारों तरफ से घेर लिया. सातों आंदोलनकारियों को धोखे से पकड़ लिया गया. इनमें बुधु भगत के दो पुत्र हलधर व गिरधर और दो वीर बहनें रुनिया ्झुनिया भी शामिल थीं॰. २ फरवरी १८५७ बलिदान पर्व अमानवीय यातनाएं और कत्लेआम पकड़े गये जांबाजों को टिको पोखराटोली स्थित ब्रिटिश कैंप ले जाया गया. वहां उनके साथ अमानवीय अत्याचार किये गये. अंततः दो फरवरी की अहले सुबह, अंग्रेजों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए सातों वीरों को एक ही रस्सी से बांधा और 'जोड़ा बर' के पेड़ के नीचे कत्लेआम कर दिया. तब से हर साल दो फरवरी को टिको पोखराटोली में इन शहीदों की याद में भव्य श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया जाता है. हलधर भगत, गिरधर भगत, रुनिया झुनिया, लोदरो उनाव, विश्वनाथ भगत सहित 7 जांबाज इतिहास के पन्नों के अनुसार, एक फरवरी १८५७ क रात सातों जांबाज कुड़ू के 'जंगी बगीचा' में विश्राम कर रहे थे. वीर बुधु भगत उस समय ঠীম ক মাথ থ दूसरी इसी बीच इनाम के लालच में एक आंदोलनकारी ने अंग्रेजों को गुप्त सूचना दे दी कि टिको स्थित सेना के डिपो पर हमला करने वाले क्रांतिकारी बगीचे में मौजूद हैं. सूचना मिलते ही अंग्रेजी सेना ने लाव-्लश्कर के साथ जंगी बगीचा को चारों तरफ से घेर लिया. सातों आंदोलनकारियों को धोखे से पकड़ लिया गया. इनमें बुधु भगत के दो पुत्र हलधर व गिरधर और दो वीर बहनें रुनिया ्झुनिया भी शामिल थीं॰. २ फरवरी १८५७ बलिदान पर्व अमानवीय यातनाएं और कत्लेआम पकड़े गये जांबाजों को टिको पोखराटोली स्थित ब्रिटिश कैंप ले जाया गया. वहां उनके साथ अमानवीय अत्याचार किये गये. अंततः दो फरवरी की अहले सुबह, अंग्रेजों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए सातों वीरों को एक ही रस्सी से बांधा और 'जोड़ा बर' के पेड़ के नीचे कत्लेआम कर दिया. तब से हर साल दो फरवरी को टिको पोखराटोली में इन शहीदों की याद में भव्य श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया जाता है. - ShareChat