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#आज जिनकी पुण्यतिथि है
आज जिनकी पुण्यतिथि है - पण्यतिथि परश्रद्धासुमन    Kallam Anji Reddy | 0 Rcdoys Lubo dion 1sMarch 2013 नारपण देसाई  at गापवादी चितक 0 15 মাণ 2015  ~60e Lanಣus १५ मा॰ २००८  t 15 মাও 1992  राधाकृष 'air' इतिहासकार 15 వన 1985 ulHse त 12 ಬ 2 पण्यतिथि परश्रद्धासुमन    Kallam Anji Reddy | 0 Rcdoys Lubo dion 1sMarch 2013 नारपण देसाई  at गापवादी चितक 0 15 মাণ 2015  ~60e Lanಣus १५ मा॰ २००८  t 15 মাও 1992  राधाकृष 'air' इतिहासकार 15 వన 1985 ulHse त 12 ಬ 2 - ShareChat
#बलिदान दिवस #शहीद दिवस #आज जिनकी पुण्यतिथि है #🇮🇳 देशभक्ति
बलिदान दिवस - १३ मार्च १९४२ आजाद हिंद फौज के शहीद 1 सत्यानंद २ ज्ञानी पुरी Ri6 प्रीतम ३ अकरम खान ४ नीलकंठ अय्यर शतन्शत नमन १३ मार्च १९४२ आजाद हिंद फौज के शहीद 1 सत्यानंद २ ज्ञानी पुरी Ri6 प्रीतम ३ अकरम खान ४ नीलकंठ अय्यर शतन्शत नमन - ShareChat
#बलिदान दिवस #शहीद दिवस #🇮🇳 देशभक्ति #आज जिनकी पुण्यतिथि है
बलिदान दिवस - सिंह अकाली फूला खालसा शहीदां मिसल वीरगति १४ मार्च १८२३ (अफगानिस्तान) शत शत नमन वह योद्धा जिसने काबुल पर परचम लहराया सिंह अकाली फूला खालसा शहीदां मिसल वीरगति १४ मार्च १८२३ (अफगानिस्तान) शत शत नमन वह योद्धा जिसने काबुल पर परचम लहराया - ShareChat
#आज जिनकी पुण्यतिथि है
आज जिनकी पुण्यतिथि है - आज जिनकी पुण्यतिथि है श्रद्धासुमन विदा करदीकर गरठी साहित्य ^32010 जपनारप्ण च्यास ஏ 7 14 সাব 1963 S बीरेद पाति महान दार्शनिक সেসসী ।्यवादक प्रणत 142 1883 अलविदा प्रताप वैदिकर वेद si दिसंबर १९४४ जन्म - ३० मृत्यु - १४ मार्च २०२३ पत्रकार, लेखक आज जिनकी पुण्यतिथि है श्रद्धासुमन विदा करदीकर गरठी साहित्य ^32010 जपनारप्ण च्यास ஏ 7 14 সাব 1963 S बीरेद पाति महान दार्शनिक সেসসী ।्यवादक प्रणत 142 1883 अलविदा प्रताप वैदिकर वेद si दिसंबर १९४४ जन्म - ३० मृत्यु - १४ मार्च २०२३ पत्रकार, लेखक - ShareChat
#आज जिनकी पुण्यतिथि है
आज जिनकी पुण्यतिथि है - आज जिनकी पुण्य तिथि है श्रद्धासुमन নানা দতলd एमिली शेंकल पराठा सरदार नेताजी की जीवनसंगिनी 13 পাব 1800 १३ मार्च १९९६ गिरिराज शास्त्री संस्कृत पत्रिका के संपादक १३ गार्च २०१२ वल्लाठोल नारायणन मेनन महान मलयालम कवि १३ मार्च १९५८ उस्ताद विलायत खां संगीतकार १३ मार्च २००४ आज जिनकी पुण्य तिथि है श्रद्धासुमन নানা দতলd एमिली शेंकल पराठा सरदार नेताजी की जीवनसंगिनी 13 পাব 1800 १३ मार्च १९९६ गिरिराज शास्त्री संस्कृत पत्रिका के संपादक १३ गार्च २०१२ वल्लाठोल नारायणन मेनन महान मलयालम कवि १३ मार्च १९५८ उस्ताद विलायत खां संगीतकार १३ मार्च २००४ - ShareChat
#🇮🇳 देशभक्ति #बलिदान दिवस #शहीद दिवस #इतिहास स्मृति #आज जिनकी पुण्यतिथि है
🇮🇳 देशभक्ति - Vi= KBs 4G+ 16:49 42% Mar 12, 2024 > 06:15 स्थानीय मुस्लिम चश्मदीद गाव काएक जो छोटा बच्चा था॰ इस घटना को याद करते हुए बताता है, " लगभग तीसरा पहर हो चुका था, और मैं अपने दो दोस्तों के साथ क़रीब से ये सब देख रहा था। कुछ महिलाएं अपने बच्चों को गोद में लिए हुईं कुएं में कूदते हुए फूट-फूट कर रो थीं।वे रहीं थीं। लगभग आधे घंटे में कुआं शवों से भर गया। मुझे आज भी याद है, जब  भंसा सिंह ने अपनी पत्नी को मारा, तब उसकी आंखों में आंसू थे। कुछ ही घंटों में मैंने लगभग २५ महिलाओं को मरते देखा। यह बहुत भयानक दृश्य था। मैं क़रीब गया और देखा कि जो महिलाएं थोहा खालसा, रावलपिंडी का वृह कुआं की तरफ़ थीं वे अपने सिर ತಗ# ತೆಗ जहां १२ मार्च १ ९४७ को ९३ की कोशिश कर रहीं थीं ताकि को डुबाने सनातनी मां बहनों ने इज्जत देने की वे ज़़िंदा न बच जायें লাংাী ম पट कुआं कुछ महिलाएं ऊपर आईं॰ और अपेक्षा कुएं में कूदकर जान देना बेहतर गया था। फिर कुएं में कूद गईं। वे अपने अपनी  समझा था। लुटने के बजाय मरने के लिए पूरी  आबरु तरह तैयार थीं। " थोहा खालसा हत्याकांड की ख़बर राष्ट्रीय  यह ग़ौर करने वाली बात है, कि अपनी अख़बारों मे छपी। स्थिति का जायज़ा लेन भारत के वायसराय लॉर्ड लुडस माउटबेटन इस घटना में मृत्यु से कुछ साल पहले और उनकी पत्नी एडविना माउंटबेटन जीवित बच गईं स्वर्ण कौर नाम की एक  ओर बाद मे पंडित जवाहर लाल नेहरू ने थोहा खासा ओर शरणार्थी शिविरों का महिला ने अपनी डायरी में इस घटना का दौरा किया।पंडित नेहरू की चचेरी बहन ज़िक्र किया था। उन्होंने लिखा था॰ कि रामेश्वरी नेहरूने भी पर्यवेक्षकों के बड़  बाद के दिनों में भीड की संख्या बढ़ती दल के साथ गांव का दोरा किया। अपनी डायरी मे उन्होने लिखा " घटना के अट्ठारह गई। वह लिखती हैं, कि लगातार हमलों பரகாகி3ர दिन बाद हम डस पवित्र स्थान पर पहुंचे  के बाद भीड़ के नेताओं में से एक ग़ुलाम  उन ख़ूबसूरत महिलाओं के शरीर सूज गए थे ओर पानी की सतह पर तेर रहे थे।  रसूल ने सिखों के सामने एक शर्त रखी उनके रंगीन कपड़ ओरलवे काले बाल कि अगर वे हर दिन एक महिला को उनके साफ़ देखे जा सकते थे। दो्या तीन महिलाओं के सीने से अभीभी उनके छोटे पास भेजेंगे , तो उनकी जान बक्श दी छोटे बच्चे चिपके हुए थे।ये हमारा  जाएगी। ये ऐसी शर्त थी, जिसे स्वीकार  सोभाग्य था कि हम यहां आ सके और इन सती होनेवाली महिलओं की पूजा  करना असंभव था। सक।  96 Trash Share Edit Add to Vi= KBs 4G+ 16:49 42% Mar 12, 2024 > 06:15 स्थानीय मुस्लिम चश्मदीद गाव काएक जो छोटा बच्चा था॰ इस घटना को याद करते हुए बताता है, " लगभग तीसरा पहर हो चुका था, और मैं अपने दो दोस्तों के साथ क़रीब से ये सब देख रहा था। कुछ महिलाएं अपने बच्चों को गोद में लिए हुईं कुएं में कूदते हुए फूट-फूट कर रो थीं।वे रहीं थीं। लगभग आधे घंटे में कुआं शवों से भर गया। मुझे आज भी याद है, जब  भंसा सिंह ने अपनी पत्नी को मारा, तब उसकी आंखों में आंसू थे। कुछ ही घंटों में मैंने लगभग २५ महिलाओं को मरते देखा। यह बहुत भयानक दृश्य था। मैं क़रीब गया और देखा कि जो महिलाएं थोहा खालसा, रावलपिंडी का वृह कुआं की तरफ़ थीं वे अपने सिर ತಗ# ತೆಗ जहां १२ मार्च १ ९४७ को ९३ की कोशिश कर रहीं थीं ताकि को डुबाने सनातनी मां बहनों ने इज्जत देने की वे ज़़िंदा न बच जायें লাংাী ম पट कुआं कुछ महिलाएं ऊपर आईं॰ और अपेक्षा कुएं में कूदकर जान देना बेहतर गया था। फिर कुएं में कूद गईं। वे अपने अपनी  समझा था। लुटने के बजाय मरने के लिए पूरी  आबरु तरह तैयार थीं। " थोहा खालसा हत्याकांड की ख़बर राष्ट्रीय  यह ग़ौर करने वाली बात है, कि अपनी अख़बारों मे छपी। स्थिति का जायज़ा लेन भारत के वायसराय लॉर्ड लुडस माउटबेटन इस घटना में मृत्यु से कुछ साल पहले और उनकी पत्नी एडविना माउंटबेटन जीवित बच गईं स्वर्ण कौर नाम की एक  ओर बाद मे पंडित जवाहर लाल नेहरू ने थोहा खासा ओर शरणार्थी शिविरों का महिला ने अपनी डायरी में इस घटना का दौरा किया।पंडित नेहरू की चचेरी बहन ज़िक्र किया था। उन्होंने लिखा था॰ कि रामेश्वरी नेहरूने भी पर्यवेक्षकों के बड़  बाद के दिनों में भीड की संख्या बढ़ती दल के साथ गांव का दोरा किया। अपनी डायरी मे उन्होने लिखा " घटना के अट्ठारह गई। वह लिखती हैं, कि लगातार हमलों பரகாகி3ர दिन बाद हम डस पवित्र स्थान पर पहुंचे  के बाद भीड़ के नेताओं में से एक ग़ुलाम  उन ख़ूबसूरत महिलाओं के शरीर सूज गए थे ओर पानी की सतह पर तेर रहे थे।  रसूल ने सिखों के सामने एक शर्त रखी उनके रंगीन कपड़ ओरलवे काले बाल कि अगर वे हर दिन एक महिला को उनके साफ़ देखे जा सकते थे। दो्या तीन महिलाओं के सीने से अभीभी उनके छोटे पास भेजेंगे , तो उनकी जान बक्श दी छोटे बच्चे चिपके हुए थे।ये हमारा  जाएगी। ये ऐसी शर्त थी, जिसे स्वीकार  सोभाग्य था कि हम यहां आ सके और इन सती होनेवाली महिलओं की पूजा  करना असंभव था। सक।  96 Trash Share Edit Add to - ShareChat
#आज जिनकी पुण्यतिथि है
आज जिनकी पुण्यतिथि है - आज जिनकी पुण्यतिथि है श्रद्धासुमन 9d-ಿq ಞH S1F a  loz oina4 ' 2 4 4 নিখন 12 মাণ 1979 गणेश पाइन चित्रकार १२ मार्च २०१३ निधन १२ मार्च २०१५ हिन्दू चेतना' के सम्पादक जगदीश चंद्र त्रिपाठी समरेश बसु बगला कवि क्षितिमोहन सेन 12 Hrd 1988 Ateacher ol many talen 127`1960 आज जिनकी पुण्यतिथि है श्रद्धासुमन 9d-ಿq ಞH S1F a  loz oina4 ' 2 4 4 নিখন 12 মাণ 1979 गणेश पाइन चित्रकार १२ मार्च २०१३ निधन १२ मार्च २०१५ हिन्दू चेतना' के सम्पादक जगदीश चंद्र त्रिपाठी समरेश बसु बगला कवि क्षितिमोहन सेन 12 Hrd 1988 Ateacher ol many talen 127`1960 - ShareChat
#बलिदान दिवस #शहीद दिवस #इतिहास स्मृति #आज जिनकी पुण्यतिथि है #🇮🇳 देशभक्ति
बलिदान दिवस - नमन शहीदों को দামী 300 ११ मार्च १९४४ ؟ 1 जुब्बा साहनी  भारतINDIA   4؟ थाना के प्रभारी लियो वालर  को जिंदा आग में झोंक दिया था। 9 शेर अली आफरीदी ८ फरवरी १८७२ को वायसराय लो्ठ मेयो எஸ 3H எளி11"1873 नमन शहीदों को দামী 300 ११ मार्च १९४४ ؟ 1 जुब्बा साहनी  भारतINDIA   4؟ थाना के प्रभारी लियो वालर  को जिंदा आग में झोंक दिया था। 9 शेर अली आफरीदी ८ फरवरी १८७२ को वायसराय लो्ठ मेयो எஸ 3H எளி11"1873 - ShareChat
#बलिदान दिवस #शहीद दिवस #इतिहास स्मृति #आज जिनकी पुण्यतिथि है #🇮🇳 देशभक्ति
बलिदान दिवस - शत शत नमन    बलिदान पर्व Menat MRurs 1000ಭragauz 11 TTశ 1689 a   74"14"1 mann Oಬn      "  9      L7uhಗn4  + a { 1710890 {  छत्रपति संभाजी राजे   ه   a Mahara Sambhaji + న 41দ7 { 6 n शत शत नमन    बलिदान पर्व Menat MRurs 1000ಭragauz 11 TTశ 1689 a   74"14"1 mann Oಬn       9      L7uhಗn4  + a { 1710890 {  छत्रपति संभाजी राजे   ه   a Mahara Sambhaji + న 41দ7 { 6 n - ShareChat
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बलिदान दिवस - चार बांस चौबीस गज अंगूल अष्ट प्रमाण।  चौहान।।  ता ऊपर सुल्तान हे मत चूके पृथ्वीराज चौहान व चंद बरदाई का बलिदान दिवस।  आज मनाया जा रहा हे कहते हे मोहम्मद गोरी को माफी मांगने व कसम खाने पर पृथ्वीराज चोहान पृथ्वीराज के हारने पर मोहम्मद गोरी ने उसे ने सात बार छोड़ दिया था। परंतु बदी बनाकर आंखे निकाल ली। शब्दभेदी बाण द्वारा गोरी का वध कर पृथ्वीराज व चंद बरदाई ने मृत्यु का वरण कर लिया।  Yuuuನa auzK 8 चार बांस चौबीस गज अंगूल अष्ट प्रमाण।  चौहान।।  ता ऊपर सुल्तान हे मत चूके पृथ्वीराज चौहान व चंद बरदाई का बलिदान दिवस।  आज मनाया जा रहा हे कहते हे मोहम्मद गोरी को माफी मांगने व कसम खाने पर पृथ्वीराज चोहान पृथ्वीराज के हारने पर मोहम्मद गोरी ने उसे ने सात बार छोड़ दिया था। परंतु बदी बनाकर आंखे निकाल ली। शब्दभेदी बाण द्वारा गोरी का वध कर पृथ्वीराज व चंद बरदाई ने मृत्यु का वरण कर लिया।  Yuuuನa auzK 8 - ShareChat