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#बलिदान दिवस #शहीद दिवस #इतिहास स्मृति #🇮🇳 देशभक्ति #आज जिनकी पुण्यतिथि है
बलिदान दिवस - g जिनके प्रतिदिन हम अरदास में बोलते हैं " चरखड़ियां ते चढे" सिंह   एवं शाहबाज  mm  nnೊmm mm1e सिंह भाई सुबेग 87177 u1 "' 3 و   / १० मार्च १७४६ लाहोर   #   100 चिपसे प्रता चतता 6 कि भाई सुबेग सिह ओर शेग सिहठ फेसे शहीद ४५ फ {ು g जिनके प्रतिदिन हम अरदास में बोलते हैं " चरखड़ियां ते चढे" सिंह   एवं शाहबाज  mm  nnೊmm mm1e सिंह भाई सुबेग 87177 u1 "' 3 و   / १० मार्च १७४६ लाहोर   #   100 चिपसे प्रता चतता 6 कि भाई सुबेग सिह ओर शेग सिहठ फेसे शहीद ४५ फ {ು - ShareChat
#बलिदान दिवस #शहीद दिवस #इतिहास स्मृति #🇮🇳 देशभक्ति #आज जिनकी पुण्यतिथि है
बलिदान दिवस - पर आजादी तो केवल चरखे ने ? पहली लिस्ट गदरके 1857 कैदी अंदमान में Lಣa মন্তনব্ধা সানা शरहवा ೆ  नामसारपरुष Rrdila पर्वन p)g Iyer Krishnan HIOIV. (sl  अंडमान द्वीप समूह का वाइपर द्वीप है यह।१८५७ की क्रांति असफल होने के बाद सैनिकों को क़ैद कर, जंजीरों में बांधकर यहां लाया गया था और उनमें से २०० को सामूहिक फांसी १० मार्च १८५८ को दे दी गई।शेष सैनिक भी धीरे धीरे यहीं काल के गाल में समा गए। पर आजादी तो केवल चरखे ने ? पहली लिस्ट गदरके 1857 कैदी अंदमान में Lಣa মন্তনব্ধা সানা शरहवा ೆ  नामसारपरुष Rrdila पर्वन p)g Iyer Krishnan HIOIV. (sl  अंडमान द्वीप समूह का वाइपर द्वीप है यह।१८५७ की क्रांति असफल होने के बाद सैनिकों को क़ैद कर, जंजीरों में बांधकर यहां लाया गया था और उनमें से २०० को सामूहिक फांसी १० मार्च १८५८ को दे दी गई।शेष सैनिक भी धीरे धीरे यहीं काल के गाल में समा गए। - ShareChat
#आज जिनकी पुण्यतिथि है
आज जिनकी पुण्यतिथि है - आज जिनकी पुण्यतिथि है श्रद्धासुमन 09 Lu Kapcage 40w  1971 सावित्तीबाई फुले t] ப|759" L aee 0 { 4r { 10u (ಘ  is মুষত নাs भरथरी गायिका १२ णू १९४९ ?0 0070 आज जिनकी पुण्यतिथि है श्रद्धासुमन 09 Lu Kapcage 40w  1971 सावित्तीबाई फुले t] ப|759" L aee 0 { 4r { 10u (ಘ  is মুষত নাs भरथरी गायिका १२ णू १९४९ ?0 0070 - ShareChat
#आज जिनकी पुण्यतिथि है
आज जिनकी पुण्यतिथि है - पुण्यतिथि परश्रद्धासुमन 90 T4NDIA 1]17 00 969 हरिशिकर शर्म साहित्यकार 9m 1968 1971 Cemu^ L< 0 पुण्यतिथि परश्रद्धासुमन 90 T4NDIA 1]17 00 969 हरिशिकर शर्म साहित्यकार 9m 1968 1971 Cemu^ L< 0 - ShareChat
#शहीद दिवस #बलिदान दिवस #🇮🇳 देशभक्ति #इतिहास स्मृति #आज जिनकी पुण्यतिथि है
शहीद दिवस - 8 मार्च १९१5 को सिंगापुर में अंग्रेजों ने मो रसूल, इम्तियाज अली, रामुनद्दीन (सभी ग़दर पार्टी) को गोलियों से भून डाला। 8 मार्च १९१5 को सिंगापुर में अंग्रेजों ने मो रसूल, इम्तियाज अली, रामुनद्दीन (सभी ग़दर पार्टी) को गोलियों से भून डाला। - ShareChat
#बलिदान दिवस #शहीद दिवस #🇮🇳 देशभक्ति #आज जिनकी पुण्यतिथि है #इतिहास स्मृति
बलिदान दिवस - ८ मार्च 1 ५३५ भारत के इतिहास का अविस्मरणीय क्षण, चित्तौड़ का दूसरा जौहर, रानी कर्मवती (कर्णावती)ने अपनी१ 3 हजार सखियों संग अपने को होम दिया था। इतिहास बताता है कि रानी कर्णावती ने हुमायूँ को राखी भेज कर अपना राखीबंध भाई बनाया था और वह सेना लेकर रवाना भी हुआ, परन्तु उसके पहुंचने से पहले ही बहादुर शाह ने चित्तौड़ पर अधिकार कर लिया था और राखीबंध बहिन जौहर कर थीं। चुकी आश्चर्य होता है यह पढकर कि उसी हुमायूँ के बेटे पर अकबर ने कर्णावती के ही बेटे राणा उदयसिंह पर चढाई कर चित्तौड़ पर आधिपत्य स्थापित किया।हमारी संस्कृति में राखीबंध बहिन का महत्व सगी बहन से कहीं कम नहीं है। इसी बहादुरशाह को चित्तौड ने कभी शरण दी थी चित्तौड़ का दूसरा जौहर ८ मार्च 1 ५३५ भारत के इतिहास का अविस्मरणीय क्षण, चित्तौड़ का दूसरा जौहर, रानी कर्मवती (कर्णावती)ने अपनी१ 3 हजार सखियों संग अपने को होम दिया था। इतिहास बताता है कि रानी कर्णावती ने हुमायूँ को राखी भेज कर अपना राखीबंध भाई बनाया था और वह सेना लेकर रवाना भी हुआ, परन्तु उसके पहुंचने से पहले ही बहादुर शाह ने चित्तौड़ पर अधिकार कर लिया था और राखीबंध बहिन जौहर कर थीं। चुकी आश्चर्य होता है यह पढकर कि उसी हुमायूँ के बेटे पर अकबर ने कर्णावती के ही बेटे राणा उदयसिंह पर चढाई कर चित्तौड़ पर आधिपत्य स्थापित किया।हमारी संस्कृति में राखीबंध बहिन का महत्व सगी बहन से कहीं कम नहीं है। इसी बहादुरशाह को चित्तौड ने कभी शरण दी थी चित्तौड़ का दूसरा जौहर - ShareChat
#बलिदान दिवस #शहीद दिवस #🇮🇳 देशभक्ति #आज जिनकी पुण्यतिथि है #इतिहास स्मृति
बलिदान दिवस - 0.72 16:42 Ve 41% 46 KBIs इतिहास की और , वीरांगनाएं मेवाड़ के महाराणा संग्रामसिंह का पुत्र विक्रमादित्य विलासी औओग्य शासक मेवाड  राज्य की बागडोर जब उसके हाथ में आई तो থা | के चलते राज्य में अव्यवस्था फ़ैल ग्ई उसके  कुप्रबंधन मेवाड़ की पड़ोसी रियासतें मालवा व गुजरात के पठान  चितौड़ पर  शासरकों ने इस अराजकता का लाभ उठाकर आक्रमण कर दिया | शक्तिहीन विक्रमादित्य मुकाबला करने में अपने आपको असमर्थ समझकर अपने प्राण बचाकर  भाग खड़ा हुआ | ही थी तो राजपूत  शत्र सेना नगर र्मे जब प्रवेश करने वाली नारियों ने' जोहर करने की ठानी | पर अपने सतीत्व की रक्षा के लिए जौहर में जलने को उद्घत राजपूत नारियों को विक्रमादित्य की राजरानी जवाहर बाई ने ललकारते हुए कहा-" वीर क्षत्राणियों ! जोहर करके हम सिर्फ अपने सतीत्व पाएंगी इससे अपने देश की रक्षा नहीं की ही रक्षा कर सकती | उसके लिए तो तलवार लेकर शत्रु सेना से युद्ध करना होगा | हर्मे हर हाल में मरना तो है ही इसलिए चुपचाप  और असहाय की भाति जौहर की ज्वालाओं में जलने से युद्ध में शत्रुओं का खून अच्छा हे हम शत्रु को मार कर मरे। बहाकर रणगंगा में स्नान कर अपने जीवन को ही नहीं अपनी भी सार्थक बनाए मृत्यु को रानी जवाहर बाई की इस ललकार को सुनकर जोहर को उद्धत कई अगणित राजपूत वीरांगनाएं  में तलवारे हार्थों  लिए उद्धत हो गई | चितौड़ के किले में एक  ತ೯೫ थाम ओर जौहर यज्ञ की प्रचंड ज्वालाएँ धधक रही थी तो दूसरी  ओर एक अद्भत आग का दरिया बह रहा था | रानी जवाहर बाई के नेतृत्व. में घोड़ों पर सवार हार्थों में नंगी तलवारें लिए वीर वधुओं का यह दल शत्रु सेना पर कहर ढा रहा था | इस  प्रकार सतीत्व के साथ स्वत्व ओर देश रक्षा के लिए रानी जवाहर बाई के नेतृत्व में इन क्षत्रिय वीरांगनाओं ने जो अद्भृत शौर्य प्रदर्शन किया करते हुए वीरगति प्राप्त की। बिसरी वीरांगनो के अद्भत शौर्य और बलिदान को  नमन हे इन भूली হানী অনাচান बलिदान पर्व 8 Hlt 1535 0.72 16:42 Ve 41% 46 KBIs इतिहास की और , वीरांगनाएं मेवाड़ के महाराणा संग्रामसिंह का पुत्र विक्रमादित्य विलासी औओग्य शासक मेवाड  राज्य की बागडोर जब उसके हाथ में आई तो থা | के चलते राज्य में अव्यवस्था फ़ैल ग्ई उसके  कुप्रबंधन मेवाड़ की पड़ोसी रियासतें मालवा व गुजरात के पठान  चितौड़ पर  शासरकों ने इस अराजकता का लाभ उठाकर आक्रमण कर दिया | शक्तिहीन विक्रमादित्य मुकाबला करने में अपने आपको असमर्थ समझकर अपने प्राण बचाकर  भाग खड़ा हुआ | ही थी तो राजपूत  शत्र सेना नगर र्मे जब प्रवेश करने वाली नारियों ने' जोहर करने की ठानी | पर अपने सतीत्व की रक्षा के लिए जौहर में जलने को उद्घत राजपूत नारियों को विक्रमादित्य की राजरानी जवाहर बाई ने ललकारते हुए कहा-" वीर क्षत्राणियों ! जोहर करके हम सिर्फ अपने सतीत्व पाएंगी इससे अपने देश की रक्षा नहीं की ही रक्षा कर सकती | उसके लिए तो तलवार लेकर शत्रु सेना से युद्ध करना होगा | हर्मे हर हाल में मरना तो है ही इसलिए चुपचाप  और असहाय की भाति जौहर की ज्वालाओं में जलने से युद्ध में शत्रुओं का खून अच्छा हे हम शत्रु को मार कर मरे। बहाकर रणगंगा में स्नान कर अपने जीवन को ही नहीं अपनी भी सार्थक बनाए मृत्यु को रानी जवाहर बाई की इस ललकार को सुनकर जोहर को उद्धत कई अगणित राजपूत वीरांगनाएं  में तलवारे हार्थों  लिए उद्धत हो गई | चितौड़ के किले में एक  ತ೯೫ थाम ओर जौहर यज्ञ की प्रचंड ज्वालाएँ धधक रही थी तो दूसरी  ओर एक अद्भत आग का दरिया बह रहा था | रानी जवाहर बाई के नेतृत्व. में घोड़ों पर सवार हार्थों में नंगी तलवारें लिए वीर वधुओं का यह दल शत्रु सेना पर कहर ढा रहा था | इस  प्रकार सतीत्व के साथ स्वत्व ओर देश रक्षा के लिए रानी जवाहर बाई के नेतृत्व में इन क्षत्रिय वीरांगनाओं ने जो अद्भृत शौर्य प्रदर्शन किया करते हुए वीरगति प्राप्त की। बिसरी वीरांगनो के अद्भत शौर्य और बलिदान को  नमन हे इन भूली হানী অনাচান बलिदान पर्व 8 Hlt 1535 - ShareChat
#आज जिनकी पुण्यतिथि है
आज जिनकी पुण्यतिथि है - आज जिनकी पुण्यतिथि है श्रद्धासुमन A(1 114 Aul <e d 2015 2ನ {೪ು C2  a ~ 98 { { న ~ 1972 000 आज जिनकी पुण्यतिथि है श्रद्धासुमन A(1 114 Aul <e d 2015 2ನ {೪ು C2  a ~ 98 { { న ~ 1972 000 - ShareChat
#शहीद दिवस #बलिदान दिवस #🇮🇳 देशभक्ति #आज जिनकी पुण्यतिथि है #इतिहास स्मृति
शहीद दिवस - अबोहर ( पंजाब) 7 मार्च १ ९९० इस आतंकी हमले में ३२ निरपराध शहीद गए। शहीदों को श्रद्धांजलि दिए कर को हुए अबोहर में 7 मार्च १ ९९० आतंकवादी हमले में पोखरमाल बांसल, शिव नारायण शर्मा, दिवान चंद कंबोज, सुरेन्द्र कुमार चुघ, अशोक कालड़ा, हरबंस लाल, कृष्ण लाल कामरा, ओम प्रकाश सोहन कटारिया, राकेश धींगडा, লাল रहेजा, लखजीत जुनेजा, कल्लूराम, सुरेन्द्र धमीजा, राजिन्द्र कुमार, झंडाराम कटारिया, नवीन कुमार, संजीव मुखीजा, अविनाश  मुखीजा, गों वद लाल नारंग, मिलखराज छाबड़ा, नरेश कुमार, पदम ` सह, कांशीराम मिस्त्री, राज कुमार सिपाही, मदन लाल, महेन्द्र कुमार, सुरेन्द्र कुमार, सुभाष चावला, निर्मला देवी कशमीरी लाल मोंगा, সুপী शामिल हैं। अबोहर ( पंजाब) 7 मार्च १ ९९० इस आतंकी हमले में ३२ निरपराध शहीद गए। शहीदों को श्रद्धांजलि दिए कर को हुए अबोहर में 7 मार्च १ ९९० आतंकवादी हमले में पोखरमाल बांसल, शिव नारायण शर्मा, दिवान चंद कंबोज, सुरेन्द्र कुमार चुघ, अशोक कालड़ा, हरबंस लाल, कृष्ण लाल कामरा, ओम प्रकाश सोहन कटारिया, राकेश धींगडा, লাল रहेजा, लखजीत जुनेजा, कल्लूराम, सुरेन्द्र धमीजा, राजिन्द्र कुमार, झंडाराम कटारिया, नवीन कुमार, संजीव मुखीजा, अविनाश  मुखीजा, गों वद लाल नारंग, मिलखराज छाबड़ा, नरेश कुमार, पदम ` सह, कांशीराम मिस्त्री, राज कुमार सिपाही, मदन लाल, महेन्द्र कुमार, सुरेन्द्र कुमार, सुभाष चावला, निर्मला देवी कशमीरी लाल मोंगा, সুপী शामिल हैं। - ShareChat
#बलिदान दिवस #शहीद दिवस #🇮🇳 देशभक्ति #आज जिनकी पुण्यतिथि है #इतिहास स्मृति
बलिदान दिवस - তিনব্ধা নলিনান নিবম ৯ থান-থান নমন आज गांव नीमड़ा जिला सिरोही राजस्थान में आज ही के दिन एक और जलियांवाला " नोतीलालतजावत शहीदतों को को नमन कोल्यारी उदयपुर बाग हुआ था। ज्प वनवासियों के नेता  तेजावत थ नीमडा का नरसहार 7 সাহ 1922 সযাসা রায 1,200 নিথে वनवासी वघुओ की हत्या कर दी गई তিনব্ধা নলিনান নিবম ৯ থান-থান নমন आज गांव नीमड़ा जिला सिरोही राजस्थान में आज ही के दिन एक और जलियांवाला " नोतीलालतजावत शहीदतों को को नमन कोल्यारी उदयपुर बाग हुआ था। ज्प वनवासियों के नेता  तेजावत थ नीमडा का नरसहार 7 সাহ 1922 সযাসা রায 1,200 নিথে वनवासी वघुओ की हत्या कर दी गई - ShareChat