Kulwant
ShareChat
click to see wallet page
@balwant9434
balwant9434
Kulwant
@balwant9434
मुझे ShareChat पर फॉलो करें!
#शहीद दिवस #बलिदान दिवस #आज जिनकी पुण्यतिथि है #आज का इतिहास #🇮🇳 देशभक्ति
शहीद दिवस - फरवरी १९२२* *०५ जनवरी १९२१ को मोहनदास गांधी द्वारा चौरी चौरा के 04 बाले   मैदान में सम्बोधित जनसभा ने स्थानीय कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार भर दिया | ०१ फरवरी १९२२ को चौरीचौरा थाने के बड़े दारोगा  सिंह ने वालन्टियरों गुप्तेश्वर की खुलेआम पिटाई प्रारंभ करवा दी | ०५ फरवरी को वालन्टियर्स की सभा में बुलाई गई डुमरी इस जुूलूस लिए पुलिस कर्मियों ने चौरी चौरा के সথোেন ক্িমা सत्याग्रहियों के साथ दुर्व्यवहार किँया गया _ 93 द्वारा पीछे लौट पड़ी और पुलिसजनों पर पथराव करने लगी | जिसके उत्तर में पुलिस ने गोलियां चलानी प्रारंभ कर दी मृत्यु हो गई घटनास्थल पर ही २६० व्यक्तियों की । पुलिस की गोलियां तब रुकीं जब उनके सभी कारतूस समाप्त हो पुलिसवाले  ঐাতু্লি 3তনলী  सत्याग्रहियों  को ललकारा गए भाग खड़े हुए एवं  के अन्दर घुसकर दरवाजा अंदर जुलूस ने थाने को आग लगा दी Tాf से बंद कर लिया २३ पुलिसकर्मी एवं ०१ सहायक पुलिस निरीक्षक जल कर ने चौरीचौरा व आसपास के क्षेत्र में राख हो गये । पुलिस लोगों के मकान जला दिये, खेतों में आग लगा दी चौरी विरूद्ध चौरा काण्ड में कुल २३२ व्यक्तियों के आरोप पत्र #9a ক্রী মথান ক্ধী किये गये | २२६ मामलों न्यायालय किया गया | दो सत्याग्रहियों की मुकदमें के समय ಕg್ಮಾ್ರಾ हो गई | मुकदमें के ऐतिहासिक फैसले में १७२ व्यक्तियों को मृत्यु की सजा सत्र न्यायालय के 5 सुनाई विरुद्ध হম কমল ৯ पंडित मदनमोहन मालवीय व पंडित मोती लाल   नेहरू ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपील सत्याग्रहियों के पक्ष में जोरदार तर्क किया " दायर कीव अपीलीय न्यायालय द्वारा ३८ व्यक्तियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया, १४ व्यक्तियों की सजा को आजीवन कारावास में परिवर्तित कर दिया गया, १९ व्यक्तियों मृत्यु  की सजा गई, शेष वालन्टियर्स को तीन वर्ष से लेकर सुनाई आठ वर्ष तक की सजायें दी गयीं | *!! वंदे मातरम !!* नमन अनाम शहीदों को फरवरी १९२२* *०५ जनवरी १९२१ को मोहनदास गांधी द्वारा चौरी चौरा के 04 बाले   मैदान में सम्बोधित जनसभा ने स्थानीय कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार भर दिया | ०१ फरवरी १९२२ को चौरीचौरा थाने के बड़े दारोगा  सिंह ने वालन्टियरों गुप्तेश्वर की खुलेआम पिटाई प्रारंभ करवा दी | ०५ फरवरी को वालन्टियर्स की सभा में बुलाई गई डुमरी इस जुूलूस लिए पुलिस कर्मियों ने चौरी चौरा के সথোেন ক্িমা सत्याग्रहियों के साथ दुर्व्यवहार किँया गया _ 93 द्वारा पीछे लौट पड़ी और पुलिसजनों पर पथराव करने लगी | जिसके उत्तर में पुलिस ने गोलियां चलानी प्रारंभ कर दी मृत्यु हो गई घटनास्थल पर ही २६० व्यक्तियों की । पुलिस की गोलियां तब रुकीं जब उनके सभी कारतूस समाप्त हो पुलिसवाले  ঐাতু্লি 3তনলী  सत्याग्रहियों  को ललकारा गए भाग खड़े हुए एवं  के अन्दर घुसकर दरवाजा अंदर जुलूस ने थाने को आग लगा दी Tాf से बंद कर लिया २३ पुलिसकर्मी एवं ०१ सहायक पुलिस निरीक्षक जल कर ने चौरीचौरा व आसपास के क्षेत्र में राख हो गये । पुलिस लोगों के मकान जला दिये, खेतों में आग लगा दी चौरी विरूद्ध चौरा काण्ड में कुल २३२ व्यक्तियों के आरोप पत्र #9a ক্রী মথান ক্ধী किये गये | २२६ मामलों न्यायालय किया गया | दो सत्याग्रहियों की मुकदमें के समय ಕg್ಮಾ್ರಾ हो गई | मुकदमें के ऐतिहासिक फैसले में १७२ व्यक्तियों को मृत्यु की सजा सत्र न्यायालय के 5 सुनाई विरुद्ध হম কমল ৯ पंडित मदनमोहन मालवीय व पंडित मोती लाल   नेहरू ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपील सत्याग्रहियों के पक्ष में जोरदार तर्क किया " दायर कीव अपीलीय न्यायालय द्वारा ३८ व्यक्तियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया, १४ व्यक्तियों की सजा को आजीवन कारावास में परिवर्तित कर दिया गया, १९ व्यक्तियों मृत्यु  की सजा गई, शेष वालन्टियर्स को तीन वर्ष से लेकर सुनाई आठ वर्ष तक की सजायें दी गयीं | *!! वंदे मातरम !!* नमन अनाम शहीदों को - ShareChat
#बलिदान दिवस #शहीद दिवस #आज जिनकी पुण्यतिथि है #आज का इतिहास #🙏🏻गुरबानी
बलिदान दिवस - घल्लूघारा जिसे प्रति दिन अरदास के समय याद किया নভ্ডা जाता है ताकि भावी पीढ़ी इसे भूल न जाए, गूगल में पांच फरवरी Ris नमन वीरों एवं सभा अनुसार नौ फरवरी [ को व गुरु वीरांगनाओं को। वड्डा बड़ा) घल्लूघारा This Day in Histery अहमद शाह अब्दाली ने फरवरी १७६२ मे 05 fobruary 1762 पंजाबर्मे नरसंहार किया, सिक्ख इतिहास  मे वड्डा घल्लूघारा कहते हे जिस्मे लगभग  तीस हजार सिक्ख शहीद எி FTI मारकर उनकी माओचे SeTTUI S1Lh holoenu 17 92 @೦ maddlm@haughanal 20.000 e / 10 0 ೨0 000 घल्लूघारा जिसे प्रति दिन अरदास के समय याद किया নভ্ডা जाता है ताकि भावी पीढ़ी इसे भूल न जाए, गूगल में पांच फरवरी Ris नमन वीरों एवं सभा अनुसार नौ फरवरी [ को व गुरु वीरांगनाओं को। वड्डा बड़ा) घल्लूघारा This Day in Histery अहमद शाह अब्दाली ने फरवरी १७६२ मे 05 fobruary 1762 पंजाबर्मे नरसंहार किया, सिक्ख इतिहास  मे वड्डा घल्लूघारा कहते हे जिस्मे लगभग  तीस हजार सिक्ख शहीद எி FTI मारकर उनकी माओचे SeTTUI S1Lh holoenu 17 92 @೦ maddlm@haughanal 20.000 e / 10 0 ೨0 000 - ShareChat
#बलिदान दिवस #शहीद दिवस #🇮🇳 देशभक्ति #आज जिनकी पुण्यतिथि है #आज का इतिहास
बलिदान दिवस - ५ फरवरी १९४७ নলিনান পব ಕವ ؟ & न्रमरशहीद समेशसवामीका Frn तदिप्ततीवन परचय दित भतपुर 7ౌ*ITTT গমানয  नन्न निपि- सन १t०४/  = नलियनटिवस # फखर १trel  वलटानचे समवगय ५ दर्प तजकीय निष्टा क्भाग 4 पा्यापऊपद्दषस्तीफ़ा चायशावदेशिक नभ देहल केततवाचधान वाव्कधम रवहिन्दीक प्रचा हेतुर्याम। নানা সমাঘসা ন্যাবদন WITITTT6i WTa IIYTITTa TIITTTIITETITTTI57TTTTTTTTTITIIWTTTTTTT दंढसलकीजल पात्र LuTiTuIT ATITITITTTI TTCITIITUTTZATIIETTT GTITT EZ3 +|7~144 mirrei riularF೯ mಾpais Faro mTvu' সূন দামা একনন  शिमा हन यानेपा उपरात नाणत ोग्ग' पणा केगिगाप न पज्ा परफ चलाय गय पग्टालनमभानलतेसमय सरकानी गधिकाार पे॰रचनकी GrI {দ্রবেয় ৪1৭ ক্ষাT' ম্যকনলব্রাক( ["7৫4' জমেণ্য इग शिलालेस काणिलप्यास माननाय  S ংদন ক্ূানদলীব্রারিনিক! ; 74   মী ক্িবামাটা ५ फरवरी १९४७ নলিনান পব ಕವ ؟ & न्रमरशहीद समेशसवामीका Frn तदिप्ततीवन परचय दित भतपुर 7ౌ*ITTT গমানয  नन्न निपि- सन १t०४/  = नलियनटिवस # फखर १trel  वलटानचे समवगय ५ दर्प तजकीय निष्टा क्भाग 4 पा्यापऊपद्दषस्तीफ़ा चायशावदेशिक नभ देहल केततवाचधान वाव्कधम रवहिन्दीक प्रचा हेतुर्याम। নানা সমাঘসা ন্যাবদন WITITTT6i WTa IIYTITTa TIITTTIITETITTTI57TTTTTTTTTITIIWTTTTTTT दंढसलकीजल पात्र LuTiTuIT ATITITITTTI TTCITIITUTTZATIIETTT GTITT EZ3 +|7~144 mirrei riularF೯ mಾpais Faro mTvu' সূন দামা একনন  शिमा हन यानेपा उपरात नाणत ोग्ग' पणा केगिगाप न पज्ा परफ चलाय गय पग्टालनमभानलतेसमय सरकानी गधिकाार पे॰रचनकी GrI {দ্রবেয় ৪1৭ ক্ষাT' ম্যকনলব্রাক( ["7৫4' জমেণ্য इग शिलालेस काणिलप्यास माननाय  S ংদন ক্ূানদলীব্রারিনিক! ; 74   মী ক্িবামাটা - ShareChat
#बलिदान दिवस #शहीद दिवस #🇮🇳 देशभक्ति #🙏🏻माँ तुझे सलाम #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख
बलिदान दिवस - बुलद आवाल delgd रानपुर (नीमच) कंचन बाई मेघवाल आंगनबाडी कार्यकर्ता ) ने मधुमक्खी के हमले २० बच्चों को बचाने के लिए उसने अपनी जान कुर्बान कर दो। बुलद 3610 নধক [@buland_aavaaj_bedhadak বীহাধানা ব্ধী থান-থান নমন बुलद आवाल delgd रानपुर (नीमच) कंचन बाई मेघवाल आंगनबाडी कार्यकर्ता ) ने मधुमक्खी के हमले २० बच्चों को बचाने के लिए उसने अपनी जान कुर्बान कर दो। बुलद 3610 নধক [@buland_aavaaj_bedhadak বীহাধানা ব্ধী থান-থান নমন - ShareChat
#आज जिनकी पुण्यतिथि है
आज जिनकी पुण्यतिथि है - आज जिनकी पूण्यतिथि है श्रद्धासमन ^ {V2< Cunud u1937 0 उत्कल गारव मधुसूदन दास ೧ಊr 1934 4 ಹe42001 Mಚ aೆ Rcu वजानिक 4u7ಾ 1974 नना कुदसिया ر a 7207 6ಷ 2002 {ಕಐ~  आज जिनकी पूण्यतिथि है श्रद्धासमन ^ {V2< Cunud u1937 0 उत्कल गारव मधुसूदन दास ೧ಊr 1934 4 ಹe42001 Mಚ aೆ Rcu वजानिक 4u7ಾ 1974 नना कुदसिया ر a 7207 6ಷ 2002 {ಕಐ~ - ShareChat
#बलिदान दिवस #शहीद दिवस #🇮🇳 देशभक्ति #आज जिनकी पुण्यतिथि है #आज का इतिहास
बलिदान दिवस - शिवाजी का Hபபf अपने बेटे की शादी छोड कर रणभूमि में गए और शिवाजी ने वीरगति पाई कहा था फरवरी ४, 13 3|<[ 1670 R6' गेला पण 31; (6 पर सिंह गया) तानाजी मालुसरे यांचे स्मारक शिवाजी का Hபபf अपने बेटे की शादी छोड कर रणभूमि में गए और शिवाजी ने वीरगति पाई कहा था फरवरी ४, 13 3|<[ 1670 R6' गेला पण 31; (6 पर सिंह गया) तानाजी मालुसरे यांचे स्मारक - ShareChat
#आज जिनकी पुण्यतिथि है
आज जिनकी पुण्यतिथि है - 4 ؟ 9 |& = चौधरी रहमत अली पूरा नाम F १६ नवम्बर, १८९७ जन्म बलचौर, ज़िला होशियारपुर, rc भूमि जन्म & पंजाब ३ फ़रवरी, १९५१ मृत्यु सृथ्युन कैम्ब्रिज, इंग्लैण्ड ल e SIH 'पाकिस्तान' शब्द चौधरी अन्य जानकारी रहमत अली द्वारा दिया गया रहमत अली ने ही १९३३ है में 'पाकिस्तान नेशनल मूवमेंट की शुरुआत की थी। 4 ؟ 9 |& = चौधरी रहमत अली पूरा नाम F १६ नवम्बर, १८९७ जन्म बलचौर, ज़िला होशियारपुर, rc भूमि जन्म & पंजाब ३ फ़रवरी, १९५१ मृत्यु सृथ्युन कैम्ब्रिज, इंग्लैण्ड ल e SIH 'पाकिस्तान' शब्द चौधरी अन्य जानकारी रहमत अली द्वारा दिया गया रहमत अली ने ही १९३३ है में 'पाकिस्तान नेशनल मूवमेंट की शुरुआत की थी। - ShareChat
#इतिहास स्मृति #आज का इतिहास
इतिहास स्मृति - १९५४ प्रयाग कुम्भ मेले में भगदड़ पंजाबी की एक कहावत याद आ 11 "आप वाले दिन भुल्ल गई,सस्से ते करें चतराइयां| १९५४ कुंभ मेला भीड़ का गिरना एक बड़ी भीड़ की कुचलने वाली घटना थी जो 3 फरवरी १९५४ को भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के प्रयागराज में कुंभ मेले में हुई थी। यह घटना मौनी का मुख्य स्नान दिवस था , जब यह घटना नया चाँद HIqI घटी। उस वर्ष उत्सव में ४ ५ मिलियन तीर्थयात्रियों ने भाग लिया, [1] जो भारत की स्वतंत्रता के बाद पहला कुंभ मेला भी था १९५४ कुंभ मेला भगदड़ Eq तारीख ३ फरवरी १९५४ उत्तर प्रदेश, भारत সমাযাযাত जगह চু भीड़ नियंत्रण उपायों की कारण |& विफलता ؟١٤ 316-800 गैरन्घातक चोटें 2000 विभिन्न स्रोतों के अनुसार इस त्रासदी के आंकड़े अलगन्अलग हैं। आधिकारिक तौर पर, ३१ 6 लोगों की जान चली गई। [ २ ] जबकि द गार्जियन ने बताया कि ८०० से अधिक लोग मारे गए, और १०० से अधिक घायल हुए, [ ३ ] टाइम ने बताया कि कम से कम ३५० लोग गए और डूब गए, २०० लापता बताए गए, और २,००० से कुचले अधिक घायल हुए"। [ ४ ] लॉ एंड ऑर्डर इन इंडिया नामक पुस्तक ५०० से अधिक लोग मारे गए। [ ५ ] के अनुसार  १९५४ प्रयाग कुम्भ मेले में भगदड़ पंजाबी की एक कहावत याद आ 11 "आप वाले दिन भुल्ल गई,सस्से ते करें चतराइयां| १९५४ कुंभ मेला भीड़ का गिरना एक बड़ी भीड़ की कुचलने वाली घटना थी जो 3 फरवरी १९५४ को भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के प्रयागराज में कुंभ मेले में हुई थी। यह घटना मौनी का मुख्य स्नान दिवस था , जब यह घटना नया चाँद HIqI घटी। उस वर्ष उत्सव में ४ ५ मिलियन तीर्थयात्रियों ने भाग लिया, [1] जो भारत की स्वतंत्रता के बाद पहला कुंभ मेला भी था १९५४ कुंभ मेला भगदड़ Eq तारीख ३ फरवरी १९५४ उत्तर प्रदेश, भारत সমাযাযাত जगह চু भीड़ नियंत्रण उपायों की कारण |& विफलता ؟١٤ 316-800 गैरन्घातक चोटें 2000 विभिन्न स्रोतों के अनुसार इस त्रासदी के आंकड़े अलगन्अलग हैं। आधिकारिक तौर पर, ३१ 6 लोगों की जान चली गई। [ २ ] जबकि द गार्जियन ने बताया कि ८०० से अधिक लोग मारे गए, और १०० से अधिक घायल हुए, [ ३ ] टाइम ने बताया कि कम से कम ३५० लोग गए और डूब गए, २०० लापता बताए गए, और २,००० से कुचले अधिक घायल हुए"। [ ४ ] लॉ एंड ऑर्डर इन इंडिया नामक पुस्तक ५०० से अधिक लोग मारे गए। [ ५ ] के अनुसार - ShareChat
#बलिदान दिवस #शहीद दिवस #🇮🇳 देशभक्ति #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #आज जिनकी पुण्यतिथि है
बलिदान दिवस - ब्रिटिश सरकार ने १०,००० लिए उमाजी को पकड़ने के रुपये के इनाम की घोषणा की। कालू और नाना ने उसे धोखा दिया और उसे पुणे में मुलशी के कुलकर्णी पास एवलस ले गए और नाना ने १५ दिसंबर १८३१ को उमाजी को पकड़ लिया और ब्रिटिश को सौंप दिया। अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार किया, पूछताछ की और फिर उन्हें दोषी ठहराया जिसके बाद 3 फरवरी १८३२ को ईस्ट इंडिया कंपनी ने उन्हें पुणे में मृत्युदंड दिया। पुणे में उमाजी नाइक को ब्रिटिश सरकार ने 3 फरवरी, १८३२ को तहसील कार्यालय में फांसी दी थी। जनता के दिलों में दहशत फैलाने के लिए ওনব থাব ব্রী নীন নিনী तक पीपल के पेड़ से लटका दिया गया था। क्रांतिकारी उमाजी नाईक F = ब्रिटिश सरकार ने १०,००० लिए उमाजी को पकड़ने के रुपये के इनाम की घोषणा की। कालू और नाना ने उसे धोखा दिया और उसे पुणे में मुलशी के कुलकर्णी पास एवलस ले गए और नाना ने १५ दिसंबर १८३१ को उमाजी को पकड़ लिया और ब्रिटिश को सौंप दिया। अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार किया, पूछताछ की और फिर उन्हें दोषी ठहराया जिसके बाद 3 फरवरी १८३२ को ईस्ट इंडिया कंपनी ने उन्हें पुणे में मृत्युदंड दिया। पुणे में उमाजी नाइक को ब्रिटिश सरकार ने 3 फरवरी, १८३२ को तहसील कार्यालय में फांसी दी थी। जनता के दिलों में दहशत फैलाने के लिए ওনব থাব ব্রী নীন নিনী तक पीपल के पेड़ से लटका दिया गया था। क्रांतिकारी उमाजी नाईक F = - ShareChat
#🇮🇳 देशभक्ति #आज जिनकी पुण्यतिथि है #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #बलिदान दिवस #शहीद दिवस
🇮🇳 देशभक्ति - पर ऋषिकेश हार मानने वाले व्यक्तियों में नहीं थे। वह जर्मनी के बर्लिन शहर में पहुंचकर वहां काम कर रहे भारतीय क्रांतिकारियों की टोली में शामिल हो गये। बर्लिन में उन्होंने एक जर्मन से विवाह भी कर युवती पर इस युद्ध में जर्मनी की पराजय से भारत की লিমা; स्वाधीनता का स्वप्न टूट गया। अतः ऋषिकेश एक बार फिर ईरान के तेहरान नगर में जा पहुंचे। जीवन भर संघर्षरत रहने वाले इस क्रांतिवीर का तीन फरवरी, १९३० को तेहरान में ही देहांत हुआ। ऋषिकेश लट्टा के जीवन का प्रत्येक क्षण भारत की स्वाधीनता को समर्पित था। देहावसान 3 फरवरी १९३० पर ऋषिकेश हार मानने वाले व्यक्तियों में नहीं थे। वह जर्मनी के बर्लिन शहर में पहुंचकर वहां काम कर रहे भारतीय क्रांतिकारियों की टोली में शामिल हो गये। बर्लिन में उन्होंने एक जर्मन से विवाह भी कर युवती पर इस युद्ध में जर्मनी की पराजय से भारत की লিমা; स्वाधीनता का स्वप्न टूट गया। अतः ऋषिकेश एक बार फिर ईरान के तेहरान नगर में जा पहुंचे। जीवन भर संघर्षरत रहने वाले इस क्रांतिवीर का तीन फरवरी, १९३० को तेहरान में ही देहांत हुआ। ऋषिकेश लट्टा के जीवन का प्रत्येक क्षण भारत की स्वाधीनता को समर्पित था। देहावसान 3 फरवरी १९३० - ShareChat