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#आज जिनकी जयन्ती है #आज जिनकी जयंती है #आज का इतिहास
आज जिनकी जयन्ती है - क्रांतिकारी और लेखक मन्मथनाथ गुप्त का जन्म 7 #క31T फरवरी १९०८ को वाराणसी था। उनके पिता #RR विराटनगर (नेपाल) में एक स्कूल के हेडमास्टर थे। इसलिये मन्मथनाथ गुप्त ने भी दो वर्ष वहीं शिक्षा पाई। बाद में वे वाराणसी आ गए। उस समय के राजनीतिक वातावरण का प्रभाव उन पर भी पड़ा और १९२१ में ब्रिटेन के युवराज के बहिष्कार का नोटिस बांटते हुए गिरफ्तार कर लिए गए और तीन महीने की पर उन्होंने काशी विद्यापीठ सजा हो गई। जेल से তুন में प्रवेश लिया और वहाँ से विशारद की परीक्षा उत्तीर्ण से हुआ की। तभी उनका संपर्क क्रांतिकारियों और से क्रांतिकारी बन गए। काकोरी ट्रेन पूर्णरूप मन्मथ डकैती की प्लानिंग की गई. इसमें बिस्मिल और अशफाक के अलावा आजाद, राजेन्द्र लाहिड़ी, केशव चक्रवर्ती, गुप्त, रोशन सिंह, बनवारी लाल, मुरारी राजकुमार सिन्हा आदि कई क्रांतिकारी शामिल थे. इन्हीं क्रांतिकारियों में था एक नाबालिग युवा मन्मथ नाथ गुप्त सभी का प्लान था कि केवल पैसे की डकैती हो ताकि ब्रिटिश सरकार उसको ज्यादा सीरियस ना ले. बाघा जतिन बंगाल में ऐसी ३७ डकैतियां डाल चुके थे, तय था कि किसी पर अटैक नहीं करना, कोई गोली जब तक जान पर ना आ पडे़े, नहीं चलानी. 9 अगस्त १९२५ को शाहजहांपुर से लखनऊ आ रही 8 डाउन ट्रेन को काकोरी कस्बे के पास रोककर गार्ड के डब्बे में रखे पैसों के थैलों को अपने कब्जे में लेकर सभी भाग चले कि अचानक एक गोली चल गई और हंगामा मच गया. इस डकैती में कुछ ८,००० रुपए की रकम हाथ लगी थी. ट्रेन লুন বাল 10 रोककर ब्रिटिश सरकार का खजाना व्यक्तियों में वे भी सम्मिलित थे। इसके बाद गिरफ्तार मुकदमा चला और १४ वर्ष के कारावास की सजा ভ্লী , ম্থূ १६ अक्टूबर २००० में निधन हुआ।  आज जयंती है दिग्गज स्वतंत्रता सेनानी ओर लेखक मन्मथनाथ गुप्त  अंग्रेज़ी, हिंदी फरवरी को हुआ था काजन्म साल १९०८ मे 3ঁব বালো; बचपन से जवानी तक तीनों भाषाओं पर सिर्फक्रांति गज़ब की पकड थी ओर लेखन उल्लेखनीय रहा পমলী নাং কাকাযী কাভ ক লি चद्रशेखर आज़ाद १३बरस गिरफ्तार किया गया, जिसमें दे लिव्ड डेंज़रसली কী তপ্স স সাংল क्रांतिकारियों ने ट्रेन लूटी थी. दूसरी बार भगत सिंह एंड हिस टाइम्स केस्वतत्रता अंग्रेज़ों के खिलाफ लिखने पर दिन दहाडे ओर सरपर संग्राम का हिस्सा कफ़न बांध करजेसे नाखुश होकर कांग्रेस छोड़ी और  गए थे उनकी हमेशा कृतिया बन भगत आज़ाद वाली हिंदस्तान रिपब्लिक दिलाती ह याट एसोसिएशन का हिस्सा बन गए N क्रांतिकारी और लेखक मन्मथनाथ गुप्त का जन्म 7 #క31T फरवरी १९०८ को वाराणसी था। उनके पिता #RR विराटनगर (नेपाल) में एक स्कूल के हेडमास्टर थे। इसलिये मन्मथनाथ गुप्त ने भी दो वर्ष वहीं शिक्षा पाई। बाद में वे वाराणसी आ गए। उस समय के राजनीतिक वातावरण का प्रभाव उन पर भी पड़ा और १९२१ में ब्रिटेन के युवराज के बहिष्कार का नोटिस बांटते हुए गिरफ्तार कर लिए गए और तीन महीने की पर उन्होंने काशी विद्यापीठ सजा हो गई। जेल से তুন में प्रवेश लिया और वहाँ से विशारद की परीक्षा उत्तीर्ण से हुआ की। तभी उनका संपर्क क्रांतिकारियों और से क्रांतिकारी बन गए। काकोरी ट्रेन पूर्णरूप मन्मथ डकैती की प्लानिंग की गई. इसमें बिस्मिल और अशफाक के अलावा आजाद, राजेन्द्र लाहिड़ी, केशव चक्रवर्ती, गुप्त, रोशन सिंह, बनवारी लाल, मुरारी राजकुमार सिन्हा आदि कई क्रांतिकारी शामिल थे. इन्हीं क्रांतिकारियों में था एक नाबालिग युवा मन्मथ नाथ गुप्त सभी का प्लान था कि केवल पैसे की डकैती हो ताकि ब्रिटिश सरकार उसको ज्यादा सीरियस ना ले. बाघा जतिन बंगाल में ऐसी ३७ डकैतियां डाल चुके थे, तय था कि किसी पर अटैक नहीं करना, कोई गोली जब तक जान पर ना आ पडे़े, नहीं चलानी. 9 अगस्त १९२५ को शाहजहांपुर से लखनऊ आ रही 8 डाउन ट्रेन को काकोरी कस्बे के पास रोककर गार्ड के डब्बे में रखे पैसों के थैलों को अपने कब्जे में लेकर सभी भाग चले कि अचानक एक गोली चल गई और हंगामा मच गया. इस डकैती में कुछ ८,००० रुपए की रकम हाथ लगी थी. ट्रेन লুন বাল 10 रोककर ब्रिटिश सरकार का खजाना व्यक्तियों में वे भी सम्मिलित थे। इसके बाद गिरफ्तार मुकदमा चला और १४ वर्ष के कारावास की सजा ভ্লী , ম্থূ १६ अक्टूबर २००० में निधन हुआ।  आज जयंती है दिग्गज स्वतंत्रता सेनानी ओर लेखक मन्मथनाथ गुप्त  अंग्रेज़ी, हिंदी फरवरी को हुआ था काजन्म साल १९०८ मे 3ঁব বালো; बचपन से जवानी तक तीनों भाषाओं पर सिर्फक्रांति गज़ब की पकड थी ओर लेखन उल्लेखनीय रहा পমলী নাং কাকাযী কাভ ক লি चद्रशेखर आज़ाद १३बरस गिरफ्तार किया गया, जिसमें दे लिव्ड डेंज़रसली কী তপ্স স সাংল क्रांतिकारियों ने ट्रेन लूटी थी. दूसरी बार भगत सिंह एंड हिस टाइम्स केस्वतत्रता अंग्रेज़ों के खिलाफ लिखने पर दिन दहाडे ओर सरपर संग्राम का हिस्सा कफ़न बांध करजेसे नाखुश होकर कांग्रेस छोड़ी और  गए थे उनकी हमेशा कृतिया बन भगत आज़ाद वाली हिंदस्तान रिपब्लिक दिलाती ह याट एसोसिएशन का हिस्सा बन गए N - ShareChat
#आज जिनकी पुण्यतिथि है
आज जिनकी पुण्यतिथि है - पुण्यतिथि परश्रद्धासुमन आज शचींद्रनाथ सान्याल మ 791942 0  o `೧n '(Rl Oqa md,0 mಖl Ven   +9 v பசப3 7^" eenluMtn AAu| LA O>vnod م ه  0i0 प्रवीण कुमार सोबती अर्जुन पुरस्कार ७ फरवरी २०२२ a पुण्यतिथि परश्रद्धासुमन आज शचींद्रनाथ सान्याल మ 791942 0  o `೧n '(Rl Oqa md,0 mಖl Ven   +9 v பசப3 7^" eenluMtn AAu| LA O>vnod م ه  0i0 प्रवीण कुमार सोबती अर्जुन पुरस्कार ७ फरवरी २०२२ a - ShareChat
#आज जिनकी पुण्यतिथि है
आज जिनकी पुण्यतिथि है - जिनकी पुण्य तिथि है श्रद्धासुमन گ বংমাসাহী HX  लता मंगेशकर {೪ এরমানিশ 6mcd 1983     ा 66 नोतीलाल नहरू 6 ಊ6d 1931 जिनकी पुण्य तिथि है श्रद्धासुमन گ বংমাসাহী HX  लता मंगेशकर {೪ এরমানিশ 6mcd 1983     ा 66 नोतीलाल नहरू 6 ಊ6d 1931 - ShareChat
#शहीद दिवस #बलिदान दिवस #आज जिनकी पुण्यतिथि है #आज का इतिहास #🇮🇳 देशभक्ति
शहीद दिवस - फरवरी १९२२* *०५ जनवरी १९२१ को मोहनदास गांधी द्वारा चौरी चौरा के 04 बाले   मैदान में सम्बोधित जनसभा ने स्थानीय कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार भर दिया | ०१ फरवरी १९२२ को चौरीचौरा थाने के बड़े दारोगा  सिंह ने वालन्टियरों गुप्तेश्वर की खुलेआम पिटाई प्रारंभ करवा दी | ०५ फरवरी को वालन्टियर्स की सभा में बुलाई गई डुमरी इस जुूलूस लिए पुलिस कर्मियों ने चौरी चौरा के সথোেন ক্িমা सत्याग्रहियों के साथ दुर्व्यवहार किँया गया _ 93 द्वारा पीछे लौट पड़ी और पुलिसजनों पर पथराव करने लगी | जिसके उत्तर में पुलिस ने गोलियां चलानी प्रारंभ कर दी मृत्यु हो गई घटनास्थल पर ही २६० व्यक्तियों की । पुलिस की गोलियां तब रुकीं जब उनके सभी कारतूस समाप्त हो पुलिसवाले  ঐাতু্লি 3তনলী  सत्याग्रहियों  को ललकारा गए भाग खड़े हुए एवं  के अन्दर घुसकर दरवाजा अंदर जुलूस ने थाने को आग लगा दी Tాf से बंद कर लिया २३ पुलिसकर्मी एवं ०१ सहायक पुलिस निरीक्षक जल कर ने चौरीचौरा व आसपास के क्षेत्र में राख हो गये । पुलिस लोगों के मकान जला दिये, खेतों में आग लगा दी चौरी विरूद्ध चौरा काण्ड में कुल २३२ व्यक्तियों के आरोप पत्र #9a ক্রী মথান ক্ধী किये गये | २२६ मामलों न्यायालय किया गया | दो सत्याग्रहियों की मुकदमें के समय ಕg್ಮಾ್ರಾ हो गई | मुकदमें के ऐतिहासिक फैसले में १७२ व्यक्तियों को मृत्यु की सजा सत्र न्यायालय के 5 सुनाई विरुद्ध হম কমল ৯ पंडित मदनमोहन मालवीय व पंडित मोती लाल   नेहरू ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपील सत्याग्रहियों के पक्ष में जोरदार तर्क किया " दायर कीव अपीलीय न्यायालय द्वारा ३८ व्यक्तियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया, १४ व्यक्तियों की सजा को आजीवन कारावास में परिवर्तित कर दिया गया, १९ व्यक्तियों मृत्यु  की सजा गई, शेष वालन्टियर्स को तीन वर्ष से लेकर सुनाई आठ वर्ष तक की सजायें दी गयीं | *!! वंदे मातरम !!* नमन अनाम शहीदों को फरवरी १९२२* *०५ जनवरी १९२१ को मोहनदास गांधी द्वारा चौरी चौरा के 04 बाले   मैदान में सम्बोधित जनसभा ने स्थानीय कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार भर दिया | ०१ फरवरी १९२२ को चौरीचौरा थाने के बड़े दारोगा  सिंह ने वालन्टियरों गुप्तेश्वर की खुलेआम पिटाई प्रारंभ करवा दी | ०५ फरवरी को वालन्टियर्स की सभा में बुलाई गई डुमरी इस जुूलूस लिए पुलिस कर्मियों ने चौरी चौरा के সথোেন ক্িমা सत्याग्रहियों के साथ दुर्व्यवहार किँया गया _ 93 द्वारा पीछे लौट पड़ी और पुलिसजनों पर पथराव करने लगी | जिसके उत्तर में पुलिस ने गोलियां चलानी प्रारंभ कर दी मृत्यु हो गई घटनास्थल पर ही २६० व्यक्तियों की । पुलिस की गोलियां तब रुकीं जब उनके सभी कारतूस समाप्त हो पुलिसवाले  ঐাতু্লি 3তনলী  सत्याग्रहियों  को ललकारा गए भाग खड़े हुए एवं  के अन्दर घुसकर दरवाजा अंदर जुलूस ने थाने को आग लगा दी Tాf से बंद कर लिया २३ पुलिसकर्मी एवं ०१ सहायक पुलिस निरीक्षक जल कर ने चौरीचौरा व आसपास के क्षेत्र में राख हो गये । पुलिस लोगों के मकान जला दिये, खेतों में आग लगा दी चौरी विरूद्ध चौरा काण्ड में कुल २३२ व्यक्तियों के आरोप पत्र #9a ক্রী মথান ক্ধী किये गये | २२६ मामलों न्यायालय किया गया | दो सत्याग्रहियों की मुकदमें के समय ಕg್ಮಾ್ರಾ हो गई | मुकदमें के ऐतिहासिक फैसले में १७२ व्यक्तियों को मृत्यु की सजा सत्र न्यायालय के 5 सुनाई विरुद्ध হম কমল ৯ पंडित मदनमोहन मालवीय व पंडित मोती लाल   नेहरू ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपील सत्याग्रहियों के पक्ष में जोरदार तर्क किया " दायर कीव अपीलीय न्यायालय द्वारा ३८ व्यक्तियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया, १४ व्यक्तियों की सजा को आजीवन कारावास में परिवर्तित कर दिया गया, १९ व्यक्तियों मृत्यु  की सजा गई, शेष वालन्टियर्स को तीन वर्ष से लेकर सुनाई आठ वर्ष तक की सजायें दी गयीं | *!! वंदे मातरम !!* नमन अनाम शहीदों को - ShareChat
#बलिदान दिवस #शहीद दिवस #आज जिनकी पुण्यतिथि है #आज का इतिहास #🙏🏻गुरबानी
बलिदान दिवस - घल्लूघारा जिसे प्रति दिन अरदास के समय याद किया নভ্ডা जाता है ताकि भावी पीढ़ी इसे भूल न जाए, गूगल में पांच फरवरी Ris नमन वीरों एवं सभा अनुसार नौ फरवरी [ को व गुरु वीरांगनाओं को। वड्डा बड़ा) घल्लूघारा This Day in Histery अहमद शाह अब्दाली ने फरवरी १७६२ मे 05 fobruary 1762 पंजाबर्मे नरसंहार किया, सिक्ख इतिहास  मे वड्डा घल्लूघारा कहते हे जिस्मे लगभग  तीस हजार सिक्ख शहीद எி FTI मारकर उनकी माओचे SeTTUI S1Lh holoenu 17 92 @೦ maddlm@haughanal 20.000 e / 10 0 ೨0 000 घल्लूघारा जिसे प्रति दिन अरदास के समय याद किया নভ্ডা जाता है ताकि भावी पीढ़ी इसे भूल न जाए, गूगल में पांच फरवरी Ris नमन वीरों एवं सभा अनुसार नौ फरवरी [ को व गुरु वीरांगनाओं को। वड्डा बड़ा) घल्लूघारा This Day in Histery अहमद शाह अब्दाली ने फरवरी १७६२ मे 05 fobruary 1762 पंजाबर्मे नरसंहार किया, सिक्ख इतिहास  मे वड्डा घल्लूघारा कहते हे जिस्मे लगभग  तीस हजार सिक्ख शहीद எி FTI मारकर उनकी माओचे SeTTUI S1Lh holoenu 17 92 @೦ maddlm@haughanal 20.000 e / 10 0 ೨0 000 - ShareChat
#बलिदान दिवस #शहीद दिवस #🇮🇳 देशभक्ति #आज जिनकी पुण्यतिथि है #आज का इतिहास
बलिदान दिवस - ५ फरवरी १९४७ নলিনান পব ಕವ ؟ & न्रमरशहीद समेशसवामीका Frn तदिप्ततीवन परचय दित भतपुर 7ౌ*ITTT গমানয  नन्न निपि- सन १t०४/  = नलियनटिवस # फखर १trel  वलटानचे समवगय ५ दर्प तजकीय निष्टा क्भाग 4 पा्यापऊपद्दषस्तीफ़ा चायशावदेशिक नभ देहल केततवाचधान वाव्कधम रवहिन्दीक प्रचा हेतुर्याम। নানা সমাঘসা ন্যাবদন WITITTT6i WTa IIYTITTa TIITTTIITETITTTI57TTTTTTTTTITIIWTTTTTTT दंढसलकीजल पात्र LuTiTuIT ATITITITTTI TTCITIITUTTZATIIETTT GTITT EZ3 +|7~144 mirrei riularF೯ mಾpais Faro mTvu' সূন দামা একনন  शिमा हन यानेपा उपरात नाणत ोग्ग' पणा केगिगाप न पज्ा परफ चलाय गय पग्टालनमभानलतेसमय सरकानी गधिकाार पे॰रचनकी GrI {দ্রবেয় ৪1৭ ক্ষাT' ম্যকনলব্রাক( ["7৫4' জমেণ্য इग शिलालेस काणिलप्यास माननाय  S ংদন ক্ূানদলীব্রারিনিক! ; 74   মী ক্িবামাটা ५ फरवरी १९४७ নলিনান পব ಕವ ؟ & न्रमरशहीद समेशसवामीका Frn तदिप्ततीवन परचय दित भतपुर 7ౌ*ITTT গমানয  नन्न निपि- सन १t०४/  = नलियनटिवस # फखर १trel  वलटानचे समवगय ५ दर्प तजकीय निष्टा क्भाग 4 पा्यापऊपद्दषस्तीफ़ा चायशावदेशिक नभ देहल केततवाचधान वाव्कधम रवहिन्दीक प्रचा हेतुर्याम। নানা সমাঘসা ন্যাবদন WITITTT6i WTa IIYTITTa TIITTTIITETITTTI57TTTTTTTTTITIIWTTTTTTT दंढसलकीजल पात्र LuTiTuIT ATITITITTTI TTCITIITUTTZATIIETTT GTITT EZ3 +|7~144 mirrei riularF೯ mಾpais Faro mTvu' সূন দামা একনন  शिमा हन यानेपा उपरात नाणत ोग्ग' पणा केगिगाप न पज्ा परफ चलाय गय पग्टालनमभानलतेसमय सरकानी गधिकाार पे॰रचनकी GrI {দ্রবেয় ৪1৭ ক্ষাT' ম্যকনলব্রাক( ["7৫4' জমেণ্য इग शिलालेस काणिलप्यास माननाय  S ংদন ক্ূানদলীব্রারিনিক! ; 74   মী ক্িবামাটা - ShareChat
#बलिदान दिवस #शहीद दिवस #🇮🇳 देशभक्ति #🙏🏻माँ तुझे सलाम #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख
बलिदान दिवस - बुलद आवाल delgd रानपुर (नीमच) कंचन बाई मेघवाल आंगनबाडी कार्यकर्ता ) ने मधुमक्खी के हमले २० बच्चों को बचाने के लिए उसने अपनी जान कुर्बान कर दो। बुलद 3610 নধক [@buland_aavaaj_bedhadak বীহাধানা ব্ধী থান-থান নমন बुलद आवाल delgd रानपुर (नीमच) कंचन बाई मेघवाल आंगनबाडी कार्यकर्ता ) ने मधुमक्खी के हमले २० बच्चों को बचाने के लिए उसने अपनी जान कुर्बान कर दो। बुलद 3610 নধক [@buland_aavaaj_bedhadak বীহাধানা ব্ধী থান-থান নমন - ShareChat
#आज जिनकी पुण्यतिथि है
आज जिनकी पुण्यतिथि है - आज जिनकी पूण्यतिथि है श्रद्धासमन ^ {V2< Cunud u1937 0 उत्कल गारव मधुसूदन दास ೧ಊr 1934 4 ಹe42001 Mಚ aೆ Rcu वजानिक 4u7ಾ 1974 नना कुदसिया ر a 7207 6ಷ 2002 {ಕಐ~  आज जिनकी पूण्यतिथि है श्रद्धासमन ^ {V2< Cunud u1937 0 उत्कल गारव मधुसूदन दास ೧ಊr 1934 4 ಹe42001 Mಚ aೆ Rcu वजानिक 4u7ಾ 1974 नना कुदसिया ر a 7207 6ಷ 2002 {ಕಐ~ - ShareChat
#बलिदान दिवस #शहीद दिवस #🇮🇳 देशभक्ति #आज जिनकी पुण्यतिथि है #आज का इतिहास
बलिदान दिवस - शिवाजी का Hபபf अपने बेटे की शादी छोड कर रणभूमि में गए और शिवाजी ने वीरगति पाई कहा था फरवरी ४, 13 3|<[ 1670 R6' गेला पण 31; (6 पर सिंह गया) तानाजी मालुसरे यांचे स्मारक शिवाजी का Hபபf अपने बेटे की शादी छोड कर रणभूमि में गए और शिवाजी ने वीरगति पाई कहा था फरवरी ४, 13 3|<[ 1670 R6' गेला पण 31; (6 पर सिंह गया) तानाजी मालुसरे यांचे स्मारक - ShareChat
#आज जिनकी पुण्यतिथि है
आज जिनकी पुण्यतिथि है - 4 ؟ 9 |& = चौधरी रहमत अली पूरा नाम F १६ नवम्बर, १८९७ जन्म बलचौर, ज़िला होशियारपुर, rc भूमि जन्म & पंजाब ३ फ़रवरी, १९५१ मृत्यु सृथ्युन कैम्ब्रिज, इंग्लैण्ड ल e SIH 'पाकिस्तान' शब्द चौधरी अन्य जानकारी रहमत अली द्वारा दिया गया रहमत अली ने ही १९३३ है में 'पाकिस्तान नेशनल मूवमेंट की शुरुआत की थी। 4 ؟ 9 |& = चौधरी रहमत अली पूरा नाम F १६ नवम्बर, १८९७ जन्म बलचौर, ज़िला होशियारपुर, rc भूमि जन्म & पंजाब ३ फ़रवरी, १९५१ मृत्यु सृथ्युन कैम्ब्रिज, इंग्लैण्ड ल e SIH 'पाकिस्तान' शब्द चौधरी अन्य जानकारी रहमत अली द्वारा दिया गया रहमत अली ने ही १९३३ है में 'पाकिस्तान नेशनल मूवमेंट की शुरुआत की थी। - ShareChat