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#बलिदान दिवस #शहीद दिवस #🇮🇳 देशभक्ति #आज जिनकी पुण्यतिथि है #इतिहास स्मृति
बलिदान दिवस - 0.72 16:42 Ve 41% 46 KBIs इतिहास की और , वीरांगनाएं मेवाड़ के महाराणा संग्रामसिंह का पुत्र विक्रमादित्य विलासी औओग्य शासक मेवाड  राज्य की बागडोर जब उसके हाथ में आई तो থা | के चलते राज्य में अव्यवस्था फ़ैल ग्ई उसके  कुप्रबंधन मेवाड़ की पड़ोसी रियासतें मालवा व गुजरात के पठान  चितौड़ पर  शासरकों ने इस अराजकता का लाभ उठाकर आक्रमण कर दिया | शक्तिहीन विक्रमादित्य मुकाबला करने में अपने आपको असमर्थ समझकर अपने प्राण बचाकर  भाग खड़ा हुआ | ही थी तो राजपूत  शत्र सेना नगर र्मे जब प्रवेश करने वाली नारियों ने' जोहर करने की ठानी | पर अपने सतीत्व की रक्षा के लिए जौहर में जलने को उद्घत राजपूत नारियों को विक्रमादित्य की राजरानी जवाहर बाई ने ललकारते हुए कहा-" वीर क्षत्राणियों ! जोहर करके हम सिर्फ अपने सतीत्व पाएंगी इससे अपने देश की रक्षा नहीं की ही रक्षा कर सकती | उसके लिए तो तलवार लेकर शत्रु सेना से युद्ध करना होगा | हर्मे हर हाल में मरना तो है ही इसलिए चुपचाप  और असहाय की भाति जौहर की ज्वालाओं में जलने से युद्ध में शत्रुओं का खून अच्छा हे हम शत्रु को मार कर मरे। बहाकर रणगंगा में स्नान कर अपने जीवन को ही नहीं अपनी भी सार्थक बनाए मृत्यु को रानी जवाहर बाई की इस ललकार को सुनकर जोहर को उद्धत कई अगणित राजपूत वीरांगनाएं  में तलवारे हार्थों  लिए उद्धत हो गई | चितौड़ के किले में एक  ತ೯೫ थाम ओर जौहर यज्ञ की प्रचंड ज्वालाएँ धधक रही थी तो दूसरी  ओर एक अद्भत आग का दरिया बह रहा था | रानी जवाहर बाई के नेतृत्व. में घोड़ों पर सवार हार्थों में नंगी तलवारें लिए वीर वधुओं का यह दल शत्रु सेना पर कहर ढा रहा था | इस  प्रकार सतीत्व के साथ स्वत्व ओर देश रक्षा के लिए रानी जवाहर बाई के नेतृत्व में इन क्षत्रिय वीरांगनाओं ने जो अद्भृत शौर्य प्रदर्शन किया करते हुए वीरगति प्राप्त की। बिसरी वीरांगनो के अद्भत शौर्य और बलिदान को  नमन हे इन भूली হানী অনাচান बलिदान पर्व 8 Hlt 1535 0.72 16:42 Ve 41% 46 KBIs इतिहास की और , वीरांगनाएं मेवाड़ के महाराणा संग्रामसिंह का पुत्र विक्रमादित्य विलासी औओग्य शासक मेवाड  राज्य की बागडोर जब उसके हाथ में आई तो থা | के चलते राज्य में अव्यवस्था फ़ैल ग्ई उसके  कुप्रबंधन मेवाड़ की पड़ोसी रियासतें मालवा व गुजरात के पठान  चितौड़ पर  शासरकों ने इस अराजकता का लाभ उठाकर आक्रमण कर दिया | शक्तिहीन विक्रमादित्य मुकाबला करने में अपने आपको असमर्थ समझकर अपने प्राण बचाकर  भाग खड़ा हुआ | ही थी तो राजपूत  शत्र सेना नगर र्मे जब प्रवेश करने वाली नारियों ने' जोहर करने की ठानी | पर अपने सतीत्व की रक्षा के लिए जौहर में जलने को उद्घत राजपूत नारियों को विक्रमादित्य की राजरानी जवाहर बाई ने ललकारते हुए कहा-" वीर क्षत्राणियों ! जोहर करके हम सिर्फ अपने सतीत्व पाएंगी इससे अपने देश की रक्षा नहीं की ही रक्षा कर सकती | उसके लिए तो तलवार लेकर शत्रु सेना से युद्ध करना होगा | हर्मे हर हाल में मरना तो है ही इसलिए चुपचाप  और असहाय की भाति जौहर की ज्वालाओं में जलने से युद्ध में शत्रुओं का खून अच्छा हे हम शत्रु को मार कर मरे। बहाकर रणगंगा में स्नान कर अपने जीवन को ही नहीं अपनी भी सार्थक बनाए मृत्यु को रानी जवाहर बाई की इस ललकार को सुनकर जोहर को उद्धत कई अगणित राजपूत वीरांगनाएं  में तलवारे हार्थों  लिए उद्धत हो गई | चितौड़ के किले में एक  ತ೯೫ थाम ओर जौहर यज्ञ की प्रचंड ज्वालाएँ धधक रही थी तो दूसरी  ओर एक अद्भत आग का दरिया बह रहा था | रानी जवाहर बाई के नेतृत्व. में घोड़ों पर सवार हार्थों में नंगी तलवारें लिए वीर वधुओं का यह दल शत्रु सेना पर कहर ढा रहा था | इस  प्रकार सतीत्व के साथ स्वत्व ओर देश रक्षा के लिए रानी जवाहर बाई के नेतृत्व में इन क्षत्रिय वीरांगनाओं ने जो अद्भृत शौर्य प्रदर्शन किया करते हुए वीरगति प्राप्त की। बिसरी वीरांगनो के अद्भत शौर्य और बलिदान को  नमन हे इन भूली হানী অনাচান बलिदान पर्व 8 Hlt 1535 - ShareChat