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#👉 लोगों के लिए सीख👈 #❤️जीवन की सीख #realty of life #मुंशी प्रेमचंद कवि #munshi premchand
👉 लोगों के लिए सीख👈 - हिंदी कविता धारा लेखको पुरुष निर्दयी है,माना, अंश, लेकिन है तो इन्हीं माताओं का क्यों माता ने पुत्र को ऐसी शिक्षा नहीं दी कि वह माता या स्त्री-्जाति की पूजा करता? मुंशी प्रेमचंद ೭ 20 LEKHAK हिंदी कविता धारा लेखको पुरुष निर्दयी है,माना, अंश, लेकिन है तो इन्हीं माताओं का क्यों माता ने पुत्र को ऐसी शिक्षा नहीं दी कि वह माता या स्त्री-्जाति की पूजा करता? मुंशी प्रेमचंद ೭ 20 LEKHAK - ShareChat