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प्रेयर - EVAIGELIST आज का सुसमाचार COIRAD DSOUZ सोमवार ०२ फ़रवरी २०२६ सुसमाचार लूकस के अनुसार पवित्र सुसमाचार २:२२ ४० [कोष्ठक में रखा अंश छोड़ दिया जा सकता है]़मेरी आँखों ने तेरी मुक्ति को देखा है की संहिता के अनुसार शुद्धीकरण का दिन आया , । "जब मूसा तब वे बालक को प्रभु को अर्पित करने के लिए येरुसालेम ले गये; जैसा प्रभु की संहिता में लिखा है। हर पहलौठा बेटा प्रभु को अर्पित किया जाये और इसलिए भी कि वे प्रभु की संहिता के अनुसार पंडुकों का एक जोड़ा या कपोत के दो बच्चे बलिदान में चढ़ायें। उस समय येरुसालेम में सिमेयोन नामक एक धर्मी तथा भक्त पुरुष रहता था; वह इस्राएल की सान्त्वना की प्रतीक्षा में था और पवित्र आत्मा उस पर छाया रहता था। उसे पवित्र आत्मा से यह सूचना मिली थी कि बह प्रभु के मसीह को देखे बिना नहों मरेगा | बह पवित्र आत्मा की प्रेरणा से मंदिर शिशु येसु के लिए संहिता की रीतियाँ पूरी आया। माता पिता तो सिमेयोन ने येसु को अपनी गौद करने जब उसे भोतर लाये में ले लिया और ईश्वर की स्तुति करते हुए कहा , "हे प्रभु, अब तू अपने वचन के अनुसार अपने दास को शांति के साथ विदा  कर; क्योंकि मैरी आँखों ने उस मुक्ति को देखा है, जिसे तूने सब राष्द्रों के लिए प्रस्तुत किया है। यह गैरयहूदियों के प्रबोधन के लिए ज्योति है और तेरी प्रजा इस्राएल का गौरव । [बालक के विषय में ये बातें सुन कर उसके माता -पिता अचम्भे सिमेयोन ने उन्हें आशीर्वाद दिया और उसकी माता में पड़ गये "देखिए , इस बालक के कारण इस्राएल मरियम से यह कहा , में बहुतों का पतन और उत्थान होगा| यह एक चिह्न है जिसका  विरोध किया जायेगा , जिससे बहुत -से हृदयों के विचार प्रकट हा जायें और एक तलवार आपके हृदय को आर-पार बेधेगी | "  अन्ना नामक एक नबिया थी , जो असेर -वंशी फ़नुएल की बेटी थी। वह बहुत बूढ़ी हो चली थी। वह विवाह के बाद केवल सात अपने पति के साथ रह कर विधवा हो गयो थी और बरस तक अब चौरासी बरस की थी। वह मंदिर से बाहर नहीं जाती थी हुए रात -दिन ईश्वर की और उपवास तथा प्रार्थना करते उपासना में लगी रहती थी। बह उसी घड़ी आ कर प्रभु की स्तुति करने लगी और जो लोग येरुसालेम की मुक्ति की प्रतीक्षा में थे, वह उन सबों को उस बालक के विषय में बताया करती थी। प्रभु की संहिता के अनुसार सब कुछ पूरा कर लेने के बाद वे अपनी नगरी नाज़रेत - लौट गये। वह बालक गलोलिया बढ़ता गया; उस में बल तथा बुद्धि का विकास होता गया और उस पर ईश्वर का अनुग्रह बना रहा। ] प्रभ का ससमाचार। EVAIGELIST आज का सुसमाचार COIRAD DSOUZ सोमवार ०२ फ़रवरी २०२६ सुसमाचार लूकस के अनुसार पवित्र सुसमाचार २:२२ ४० [कोष्ठक में रखा अंश छोड़ दिया जा सकता है]़मेरी आँखों ने तेरी मुक्ति को देखा है की संहिता के अनुसार शुद्धीकरण का दिन आया , । "जब मूसा तब वे बालक को प्रभु को अर्पित करने के लिए येरुसालेम ले गये; जैसा प्रभु की संहिता में लिखा है। हर पहलौठा बेटा प्रभु को अर्पित किया जाये और इसलिए भी कि वे प्रभु की संहिता के अनुसार पंडुकों का एक जोड़ा या कपोत के दो बच्चे बलिदान में चढ़ायें। उस समय येरुसालेम में सिमेयोन नामक एक धर्मी तथा भक्त पुरुष रहता था; वह इस्राएल की सान्त्वना की प्रतीक्षा में था और पवित्र आत्मा उस पर छाया रहता था। उसे पवित्र आत्मा से यह सूचना मिली थी कि बह प्रभु के मसीह को देखे बिना नहों मरेगा | बह पवित्र आत्मा की प्रेरणा से मंदिर शिशु येसु के लिए संहिता की रीतियाँ पूरी आया। माता पिता तो सिमेयोन ने येसु को अपनी गौद करने जब उसे भोतर लाये में ले लिया और ईश्वर की स्तुति करते हुए कहा , "हे प्रभु, अब तू अपने वचन के अनुसार अपने दास को शांति के साथ विदा  कर; क्योंकि मैरी आँखों ने उस मुक्ति को देखा है, जिसे तूने सब राष्द्रों के लिए प्रस्तुत किया है। यह गैरयहूदियों के प्रबोधन के लिए ज्योति है और तेरी प्रजा इस्राएल का गौरव । [बालक के विषय में ये बातें सुन कर उसके माता -पिता अचम्भे सिमेयोन ने उन्हें आशीर्वाद दिया और उसकी माता में पड़ गये "देखिए , इस बालक के कारण इस्राएल मरियम से यह कहा , में बहुतों का पतन और उत्थान होगा| यह एक चिह्न है जिसका  विरोध किया जायेगा , जिससे बहुत -से हृदयों के विचार प्रकट हा जायें और एक तलवार आपके हृदय को आर-पार बेधेगी | "  अन्ना नामक एक नबिया थी , जो असेर -वंशी फ़नुएल की बेटी थी। वह बहुत बूढ़ी हो चली थी। वह विवाह के बाद केवल सात अपने पति के साथ रह कर विधवा हो गयो थी और बरस तक अब चौरासी बरस की थी। वह मंदिर से बाहर नहीं जाती थी हुए रात -दिन ईश्वर की और उपवास तथा प्रार्थना करते उपासना में लगी रहती थी। बह उसी घड़ी आ कर प्रभु की स्तुति करने लगी और जो लोग येरुसालेम की मुक्ति की प्रतीक्षा में थे, वह उन सबों को उस बालक के विषय में बताया करती थी। प्रभु की संहिता के अनुसार सब कुछ पूरा कर लेने के बाद वे अपनी नगरी नाज़रेत - लौट गये। वह बालक गलोलिया बढ़ता गया; उस में बल तथा बुद्धि का विकास होता गया और उस पर ईश्वर का अनुग्रह बना रहा। ] प्रभ का ससमाचार। - ShareChat