ShareChat
click to see wallet page
search
सफला एकादशी पौष माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी को सफला एकादशी कहा जाता है। सफला से तात्पर्य सफलता, मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत करने से सारे कार्य सफल हो जाते हैं, इसलिए इसे सफला एकादशी कहा गया है। इस दिन भगवान अच्युत की पूजा की जाती है। सफला एकदशी का दिन एक ऐसे दिन के रूप में वर्णित है जिस दिन व्रत रखने से दुःख समाप्त होते हैं और भाग्य खुल जाता है। सफला एकदशी का व्रत रखने से व्यक्ति की सारी इच्छाएं और सपने पूर्ण होने में मदद मिलती है। पद्मपुराणके उत्तरखण्डमें सफला एकादशी के व्रत की कथा विस्तार से वर्णित है।[2] इस एकादशी के प्रताप से ही पापाचारी लुम्भकभव-बन्धन से मुक्त हुआ। सफलाएकादशी के दिन भगवान विष्णु को ऋतुफलनिवेदित करें। जो व्यक्ति भक्ति-भाव से एकादशी-व्रत करता है, वह निश्चय ही श्रीहरिका कृपापात्र बन जाता है। एकादशी के माहात्म्य को सुनने से राजसूय यज्ञ का फल प्राप्त होता है। सफला एकादशी का व्रत अपने नामानुसार मनोनुकूल फल प्रदान करने वाला है। भगवान श्री कृष्ण इस व्रत की बड़ी महिमा बताते हैं। इस एकादशी के व्रत से व्यक्तित को जीवन में उत्तम फल की प्राप्ति होती है और वह जीवन का सुख भोगकर मृत्यु पश्चात विष्णु लोक को प्राप्त होता है (ब्रम्हवैवर्त पुराण, पद्म पुराण). यह व्रत अति मंगलकारी और पुण्यदायी है (ब्रम्हवैवर्त पुराण, पद्म पुराण) #शुभ कामनाएँ 🙏
शुभ कामनाएँ 🙏 - १५ दिसंबर २०२५ HIHqR एकादशी सफला की हार्दिक शुभकामनाएं १५ दिसंबर २०२५ HIHqR एकादशी सफला की हार्दिक शुभकामनाएं - ShareChat