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#है बहुत अंधियार अब सूरज निकलना चाहिए
है बहुत अंधियार अब सूरज निकलना चाहिए - है बहुत अंधियारअब सूरॅज निकलूनाी चहिए जिस तरह से भी हो ये मौसम बदलना चाहिए रोज़ जो चेहरे बदलतूे है लिबासों की तर्रह अब जनाज़ा जोर से उनका निकलना चाहिर अबःभी क़नोगो ने बेचौ है न अपनी आत्मैठि काटिलढिला कु पतम औरचलना कुळ 4_- फूल बनकरजो जियाचो रयहयमसला मया जीस्तेको फ़ौलाद के साँचे मेटिलना चाहिए छिनता हो जब तुम्हारा हक़ कोई उस वक्तरतो आँख से आँसू नहीं शोला निकलना चास्तस {' जेवां, सपने जवाँ, मौसम जवाँशिब तुझको मुझसे इस समय सूने में मिलना चाहिए है बहुत अंधियारअब सूरॅज निकलूनाी चहिए जिस तरह से भी हो ये मौसम बदलना चाहिए रोज़ जो चेहरे बदलतूे है लिबासों की तर्रह अब जनाज़ा जोर से उनका निकलना चाहिर अबःभी क़नोगो ने बेचौ है न अपनी आत्मैठि काटिलढिला कु पतम औरचलना कुळ 4_- फूल बनकरजो जियाचो रयहयमसला मया जीस्तेको फ़ौलाद के साँचे मेटिलना चाहिए छिनता हो जब तुम्हारा हक़ कोई उस वक्तरतो आँख से आँसू नहीं शोला निकलना चास्तस {' जेवां, सपने जवाँ, मौसम जवाँशिब तुझको मुझसे इस समय सूने में मिलना चाहिए - ShareChat