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#किसी की याद🤔🙁💘💕👏 #💞Heart touching शायरी✍️
किसी की याद🤔🙁💘💕👏 - Exploकिसी की याद fি২ 78 For you किसी की याद रोज आती रहे ना हो पाए।ये वो दर्द है। সযাং সান आसान नहीं है। हर सुबह  जिसे शब्दों में बयां करना जब आंख है दिल सबसे पहले उसी चेहरे को ढूंढता है जो अब खुलती जिंदगी में मौजूद तो नही पर दिल के कोनो मे आज भी जिंदा  है। अजीब है ना, जिससे हमारी दुनिया चलती थी आज उसी से बात करना भी नसीब नहीं। हम हर दिन सोचते हैं आज शायद कोई मैसेज आए। आज शायद वो याद करें। आज शायद एक छोटा सा हाय बोल दे। पर दिन ढल जाता है | उम्मीद टूट जाती है। हम फिर से उसी दर्द मे लौट आते है। किसी की याद का रोज आना। ये साबित करता है कि दिल ने किसी को सिर्फ चाहा नहीं कलेजे के भीतर बसाया था। वो बाते,वो हंसी , वो पल सिर्फ था। यादों की तरह नहीं , हकीकत की तरह महसूस होते है। बस फर्क इतना है जिस इंसान को याद करते करते दिल नरम पड़ जाता है वह इंसान अब हमारी जिंदगी की पहुंच से बाहर है ক্রূল্সী-ক্রূল্সী तो दूर क्यों दिल सवाल करता है कि अगर इतना याद आता हूं हो गए ? क्या मेरी कमी थी? या उनकी जरूरत पूरी होगई? क्या हम कम पड़ गए या वक्त बदल गया ? और इन सवालों का जवाब किसी से नहीं मिलता। बस खामोशी मिलती है एक ऐसी खामोशी जो किसी चोट से ज्यादा है यादें बड़ी अजीब चुभती होती है यह न पूछती है, न इजाजत लेती है। बस आकर बैठ जाती है रात की तन्हाई मे, थकान के कमरे मे, या उदासी की चाय के साथ, हम चाह कर भी यादों को रोक नहीं पाते | छोड़ नहीं पाते। भूल नहीं पाते। और सबसे बड़ा दर्द वो इंसान जिसे करते हुए रोज टूटते हैं। उसे शायद पता भी नहीं कि हम याद भी उसी में जी रहे हैं। उसी में खोए हुए हैं। उसी से हम आज जुड़े हुए हैं | और बात कभी ना हो पाना यह मोहब्बत की सबसे भारी सजा है | जो हम बाहर से हंसते हुए लड़ते हैं। पर अंदर ೩೯ दिन हारते जाते हैं फिर भी हम याद करते हैं क्योंकि दिल वही पकड़ कर रखता है। जो भीतर गहराई मे बैठा हुआ है। जो अंतिम सांस तक बाहर नही निकलेगा | Exploकिसी की याद fি২ 78 For you किसी की याद रोज आती रहे ना हो पाए।ये वो दर्द है। সযাং সান आसान नहीं है। हर सुबह  जिसे शब्दों में बयां करना जब आंख है दिल सबसे पहले उसी चेहरे को ढूंढता है जो अब खुलती जिंदगी में मौजूद तो नही पर दिल के कोनो मे आज भी जिंदा  है। अजीब है ना, जिससे हमारी दुनिया चलती थी आज उसी से बात करना भी नसीब नहीं। हम हर दिन सोचते हैं आज शायद कोई मैसेज आए। आज शायद वो याद करें। आज शायद एक छोटा सा हाय बोल दे। पर दिन ढल जाता है | उम्मीद टूट जाती है। हम फिर से उसी दर्द मे लौट आते है। किसी की याद का रोज आना। ये साबित करता है कि दिल ने किसी को सिर्फ चाहा नहीं कलेजे के भीतर बसाया था। वो बाते,वो हंसी , वो पल सिर्फ था। यादों की तरह नहीं , हकीकत की तरह महसूस होते है। बस फर्क इतना है जिस इंसान को याद करते करते दिल नरम पड़ जाता है वह इंसान अब हमारी जिंदगी की पहुंच से बाहर है ক্রূল্সী-ক্রূল্সী तो दूर क्यों दिल सवाल करता है कि अगर इतना याद आता हूं हो गए ? क्या मेरी कमी थी? या उनकी जरूरत पूरी होगई? क्या हम कम पड़ गए या वक्त बदल गया ? और इन सवालों का जवाब किसी से नहीं मिलता। बस खामोशी मिलती है एक ऐसी खामोशी जो किसी चोट से ज्यादा है यादें बड़ी अजीब चुभती होती है यह न पूछती है, न इजाजत लेती है। बस आकर बैठ जाती है रात की तन्हाई मे, थकान के कमरे मे, या उदासी की चाय के साथ, हम चाह कर भी यादों को रोक नहीं पाते | छोड़ नहीं पाते। भूल नहीं पाते। और सबसे बड़ा दर्द वो इंसान जिसे करते हुए रोज टूटते हैं। उसे शायद पता भी नहीं कि हम याद भी उसी में जी रहे हैं। उसी में खोए हुए हैं। उसी से हम आज जुड़े हुए हैं | और बात कभी ना हो पाना यह मोहब्बत की सबसे भारी सजा है | जो हम बाहर से हंसते हुए लड़ते हैं। पर अंदर ೩೯ दिन हारते जाते हैं फिर भी हम याद करते हैं क्योंकि दिल वही पकड़ कर रखता है। जो भीतर गहराई मे बैठा हुआ है। जो अंतिम सांस तक बाहर नही निकलेगा | - ShareChat