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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - aRRI एक शक्तिशाली ऊर्जा है क्रोध! अमृत साधना , मोटिवेशनल लेखिंका  अपने क्रोध से न लोगों के लिए अच्छी खवर जो 3 परेशान रहते हैं ! एक नवीनतम शोध के अनुसार क्रोध में अनोखी आकर्षक खूबियां होती हैं। स्टैनफोर्ड  स्कूल ऑफ बिजनेस की प्रोफेसर लारिसा  यूनिवर्सिटी जो लोग अपने क्रोध का प्रदशन टोडेंस का कहना है॰ करते हैं॰ उन्हें सभी लोग खतरनाक, काबिल, शाक्तशाला और हावी मानने लगते हैं।' एक स्टडी में टोडेंस ने बिल क्लिंटन की ग्रैंड जूरी गवाही के कुछ हिस्से दिखाए, जिसमें मोनिका के साथ उनके रिश्ते के बारे में बताया 7 गया था। यह स्टडी क्लिंटन पर कांग्रेस द्वारा महाभियोग चलाने से पहले क्लिप देखी जिसमें क्लिंटन ಫ 15 8l एक ग्रुप ने एक दूसरी क्लिप में क्लिंटन गुस्से देँखी தfபI ओर पछतात धुआंधार बोल रहे थे। जिन्होंने क्रोध वाली क्लिप देखी उन्हें लगा कि क्लिंटन को राष्ट्रपति बने रहना चाहिए। वे त से भूल गए। उनक अपराध का हैे। इसे रचनात्मक तरीके ೯ क्रोध एक शक्तिशाली ऊजा करना चाहिए, लेकिन विद्वानों और शिक्षको से डस्तेमाल ने क्रोध को दबाना सिखाया है। क्योंकि समाज को किसी য व्यक्ति को अंदरूनी दुनिया से कोई मतलब नहीं है, उसे सिर्फ उसके बाहरी रूप से मतलब है। बस एक सुंदररूप চী बनाए रखो, सभ्य तरीके से व्यवहार करो और अगर तुम्हारे  स अंदर नरक है तो यह तुम्हारी समस्या है। लेकिन जिस व्यक्ति के अंदर नरक है, वह कितना भी सभ्य क्योंनहो जाए॰ अंदर से वह एक जंगली जानवर ही रहता है।ष्उसे थोड़ा-सा खरोँचोगे और उसकी इंसानियत होजाएगी गाय क्रोध और हिंसा सामने आ जाएगी। उसका ओशो क्रोध से निपटने का तरीका बताते हैः न तो दबाना और न ही विस्फोट करना, बस देखना। अगर कोई देखने की कला सीख ले तो क्रोध को करुणा और शांति में बदला है। ओशो की एक महत्वपूर्ण सीख यह हैरकि जा सकता क्रोध के तूफान के बाद कभी पछतावा न करें। इससे क्रोध और पछतावे का एक दुष्चक्र बन जाता है और यह कोई इलाज नहीं है। क्रोध को देखना संभव है, क्योंकि यह हमारी प्रकृति नहीं है और इसलिए हम क्रोध काबबंडर  जन्मजात और उसे देखने वाले के बीच दूरी बना सकते हैं ठीक वैसे ही जैसे ऊंचाई पर बादलों से घिरे होने पर उन्हें देखते हैं। मुख्य बात यह है कि जब क्रोध आए तो उससे खुदको जोड़ना नहीं है। एक मजेदार जेन कहानी से यह बात साफ होगी :  एक जेन विद्यार्थी बैंकेई नाम के जेन गुरु के पास आया और बोलाः ' गुरुजी, मुझे बहुत क्रोध आता है। मैं इसे कैसे ठीक करू? वाह, बहुत खूब ! मुझे गुरु बैंकेई ने कहा यह क्रोध दिखाओ। ' विद्यार्थी ने कहा, ' अभी मेरे अंदर यह नहीं है, इसलिए मैं आपको दिखा नहीं सकता। ठीक है, ' बैंकेई ने कहा, ` जब तुम्हारे पास यह हो तो इसे मेरे पास ले आना।  विद्यार्थी ने विरोध करते हुए कहा, लेकिन जब मेरे पास यह होता है तो मैं इसे ला नहीं सकता। यह अचानक पास पहुंचने से पहले ही मैं इसे से आता है और आपके ত্রা ব্লা দি '  बैँकेई ने कहा, ' यह तुम्हारे असली स्वभाव का हिस्सा नहीं हो सकता। अगर ऐसा होता तो तुम इसे मुझे कभी भी दिखा सकते थे। जब तुम पैदा हुए थे, तब तुम्हारे  पास यह नहीं था और तुम्हारे माता-पिता ने भी तुम्हें यह बाहर से तुम्हारे अंदर आया होगा।  नहीं दिया। ता यह जरूर aRRI एक शक्तिशाली ऊर्जा है क्रोध! अमृत साधना , मोटिवेशनल लेखिंका  अपने क्रोध से न लोगों के लिए अच्छी खवर जो 3 परेशान रहते हैं ! एक नवीनतम शोध के अनुसार क्रोध में अनोखी आकर्षक खूबियां होती हैं। स्टैनफोर्ड  स्कूल ऑफ बिजनेस की प्रोफेसर लारिसा  यूनिवर्सिटी जो लोग अपने क्रोध का प्रदशन टोडेंस का कहना है॰ करते हैं॰ उन्हें सभी लोग खतरनाक, काबिल, शाक्तशाला और हावी मानने लगते हैं।' एक स्टडी में टोडेंस ने बिल क्लिंटन की ग्रैंड जूरी गवाही के कुछ हिस्से दिखाए, जिसमें मोनिका के साथ उनके रिश्ते के बारे में बताया 7 गया था। यह स्टडी क्लिंटन पर कांग्रेस द्वारा महाभियोग चलाने से पहले क्लिप देखी जिसमें क्लिंटन ಫ 15 8l एक ग्रुप ने एक दूसरी क्लिप में क्लिंटन गुस्से देँखी தfபI ओर पछतात धुआंधार बोल रहे थे। जिन्होंने क्रोध वाली क्लिप देखी उन्हें लगा कि क्लिंटन को राष्ट्रपति बने रहना चाहिए। वे त से भूल गए। उनक अपराध का हैे। इसे रचनात्मक तरीके ೯ क्रोध एक शक्तिशाली ऊजा करना चाहिए, लेकिन विद्वानों और शिक्षको से डस्तेमाल ने क्रोध को दबाना सिखाया है। क्योंकि समाज को किसी য व्यक्ति को अंदरूनी दुनिया से कोई मतलब नहीं है, उसे सिर्फ उसके बाहरी रूप से मतलब है। बस एक सुंदररूप চী बनाए रखो, सभ्य तरीके से व्यवहार करो और अगर तुम्हारे  स अंदर नरक है तो यह तुम्हारी समस्या है। लेकिन जिस व्यक्ति के अंदर नरक है, वह कितना भी सभ्य क्योंनहो जाए॰ अंदर से वह एक जंगली जानवर ही रहता है।ष्उसे थोड़ा-सा खरोँचोगे और उसकी इंसानियत होजाएगी गाय क्रोध और हिंसा सामने आ जाएगी। उसका ओशो क्रोध से निपटने का तरीका बताते हैः न तो दबाना और न ही विस्फोट करना, बस देखना। अगर कोई देखने की कला सीख ले तो क्रोध को करुणा और शांति में बदला है। ओशो की एक महत्वपूर्ण सीख यह हैरकि जा सकता क्रोध के तूफान के बाद कभी पछतावा न करें। इससे क्रोध और पछतावे का एक दुष्चक्र बन जाता है और यह कोई इलाज नहीं है। क्रोध को देखना संभव है, क्योंकि यह हमारी प्रकृति नहीं है और इसलिए हम क्रोध काबबंडर  जन्मजात और उसे देखने वाले के बीच दूरी बना सकते हैं ठीक वैसे ही जैसे ऊंचाई पर बादलों से घिरे होने पर उन्हें देखते हैं। मुख्य बात यह है कि जब क्रोध आए तो उससे खुदको जोड़ना नहीं है। एक मजेदार जेन कहानी से यह बात साफ होगी :  एक जेन विद्यार्थी बैंकेई नाम के जेन गुरु के पास आया और बोलाः ' गुरुजी, मुझे बहुत क्रोध आता है। मैं इसे कैसे ठीक करू? वाह, बहुत खूब ! मुझे गुरु बैंकेई ने कहा यह क्रोध दिखाओ। ' विद्यार्थी ने कहा, ' अभी मेरे अंदर यह नहीं है, इसलिए मैं आपको दिखा नहीं सकता। ठीक है, ' बैंकेई ने कहा, ` जब तुम्हारे पास यह हो तो इसे मेरे पास ले आना।  विद्यार्थी ने विरोध करते हुए कहा, लेकिन जब मेरे पास यह होता है तो मैं इसे ला नहीं सकता। यह अचानक पास पहुंचने से पहले ही मैं इसे से आता है और आपके ত্রা ব্লা দি '  बैँकेई ने कहा, ' यह तुम्हारे असली स्वभाव का हिस्सा नहीं हो सकता। अगर ऐसा होता तो तुम इसे मुझे कभी भी दिखा सकते थे। जब तुम पैदा हुए थे, तब तुम्हारे  पास यह नहीं था और तुम्हारे माता-पिता ने भी तुम्हें यह बाहर से तुम्हारे अंदर आया होगा।  नहीं दिया। ता यह जरूर - ShareChat