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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - जब तक हक था, तब तक शक अब ना हक है था और ना ही शक तेरी जिंदगी हैं तू जो भी कर अब कोई फर्क नहीं पड़ेगा 8 (2 Sona Verma जब तक हक था, तब तक शक अब ना हक है था और ना ही शक तेरी जिंदगी हैं तू जो भी कर अब कोई फर्क नहीं पड़ेगा 8 (2 Sona Verma - ShareChat