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#✍🏽 माझ्या लेखणीतून
✍🏽 माझ्या लेखणीतून - 0) तकलीफों को भुलाया जा है,,, सकता मगर जान बूझकर तकलीफ देने वालो को कभी नहीं भुलाया जा सकता है॰ @@ 0) तकलीफों को भुलाया जा है,,, सकता मगर जान बूझकर तकलीफ देने वालो को कभी नहीं भुलाया जा सकता है॰ @@ - ShareChat