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#Quran and We #*let us understand our religion #points to ponder #सोचने वाली बात #Islam and We
Quran and We - 377 39.91 क्या वह आज्ञाकारी है और रात के घंटों में (अल्लाह के लिए) भक्तिपूर्वक प्रार्थना करता है, 31 , (अब) सिजदे में सीधे खड़े (प्रार्थना में) परलोक के खिलाफ सावधानी बरत रहा है और अपने अल्लाह की दया की आशा करता है॰ उसके जैसा व्यवहार किया जो अवज्ञाकारी है? कहो, 'क्या वे (उनके दायित्वों) को जानते हैं जो (उनके) नहीं जानते हैं? शुद्ध समझ रखने वाले ही (समर्थित) ध्यान रखते हैं।' 11:59 am 377 39.91 क्या वह आज्ञाकारी है और रात के घंटों में (अल्लाह के लिए) भक्तिपूर्वक प्रार्थना करता है, 31 , (अब) सिजदे में सीधे खड़े (प्रार्थना में) परलोक के खिलाफ सावधानी बरत रहा है और अपने अल्लाह की दया की आशा करता है॰ उसके जैसा व्यवहार किया जो अवज्ञाकारी है? कहो, 'क्या वे (उनके दायित्वों) को जानते हैं जो (उनके) नहीं जानते हैं? शुद्ध समझ रखने वाले ही (समर्थित) ध्यान रखते हैं।' 11:59 am - ShareChat