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#✍प्रेमचंद की कहानियां #✍मेरे पसंदीदा लेखक #💔दर्द भरी कहानियां #📚कविता-कहानी संग्रह #📗प्रेरक पुस्तकें📘
✍प्रेमचंद की कहानियां - "नेहिया के डोरी" काहे रउआ रहत बानी मनवा के मार के, दिन ई गुजार दीं रउआ हंसी-मुस्का के। एक दिन तड छोड़ देब मेला ईजिहान के, चल देब हमनी सभे सब कुछ लुटा के। चार दिन के जिनगी बा रहीं सबके मिला के, नेकी के रस्ता अपना के। বালা S सनेहिया के नाता रउआ सबसे जुड़ा के, दुश्मन केभी राखिं लीं गले से लगा के। रहीं नेह के डोरी में नेहिया मिला के, में डूबा मन के देहिया के प्रेम के। केहू भी ना साथ जाई एह संसार के, अकेले  ही जाए के बा जग के भुला के। काहें रउआ   करत बानी एतना गुमान के, माटी के देहिया के माटी में मिला के। "नेहिया के डोरी" काहे रउआ रहत बानी मनवा के मार के, दिन ई गुजार दीं रउआ हंसी-मुस्का के। एक दिन तड छोड़ देब मेला ईजिहान के, चल देब हमनी सभे सब कुछ लुटा के। चार दिन के जिनगी बा रहीं सबके मिला के, नेकी के रस्ता अपना के। বালা S सनेहिया के नाता रउआ सबसे जुड़ा के, दुश्मन केभी राखिं लीं गले से लगा के। रहीं नेह के डोरी में नेहिया मिला के, में डूबा मन के देहिया के प्रेम के। केहू भी ना साथ जाई एह संसार के, अकेले  ही जाए के बा जग के भुला के। काहें रउआ   करत बानी एतना गुमान के, माटी के देहिया के माटी में मिला के। - ShareChat