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#शुभ मुहूर्त #पूजन विधि
शुभ मुहूर्त - 03-03-26 चैतन्य महाप्रभु जयन्ती मंगलवार चैतन्य महाप्रभु वैष्णव धर्म के भक्ति योग के परम प्रचारक एवं भक्तिकाल के प्रमुख कवियों में से एक हैं। चैतन्य महाप्रभु के গনুযাযী; इस पूर्णिमा को गौरव पूर्णिमा के रूप में मनाते हैं और यह चैतन्य महाप्रभु की जयंती के रूप में मनाया जाता है।  श्री चैतन्य महाप्रभु का जन्मदिवस फाल्गुन पूर्णिमा को मनाया जाता है, इसे गौरा पूर्णिमा भी कहा जाता है। चैतन्य महाप्रभु, जिन्हें गौरांग के नाम से भी जाना जाता है, सोलहवीं शताब्दी में पूर्वी भारत के महान समाज सुधारक और भक्तिकाल के प्रमुख संत रहे। उनका जन्म विक्रम संवत १४८६ में बंगाल के नवद्वीप में हुआ था। उन्होंने वैष्णव धर्म के भक्ति योग का प्रचार किया और अपनी स्वर्णिम आभा के कारण गौर हरि के रूप में विख्यात हुए। चैतन्य महाप्रभु ने अपने समय के समाज को गहन रूप से प्रभावित किया। उनके अनुयायी इस दिन को गौरव पूर्णिमा के रूप में मनाते हैं। 03-03-26 चैतन्य महाप्रभु जयन्ती मंगलवार चैतन्य महाप्रभु वैष्णव धर्म के भक्ति योग के परम प्रचारक एवं भक्तिकाल के प्रमुख कवियों में से एक हैं। चैतन्य महाप्रभु के গনুযাযী; इस पूर्णिमा को गौरव पूर्णिमा के रूप में मनाते हैं और यह चैतन्य महाप्रभु की जयंती के रूप में मनाया जाता है।  श्री चैतन्य महाप्रभु का जन्मदिवस फाल्गुन पूर्णिमा को मनाया जाता है, इसे गौरा पूर्णिमा भी कहा जाता है। चैतन्य महाप्रभु, जिन्हें गौरांग के नाम से भी जाना जाता है, सोलहवीं शताब्दी में पूर्वी भारत के महान समाज सुधारक और भक्तिकाल के प्रमुख संत रहे। उनका जन्म विक्रम संवत १४८६ में बंगाल के नवद्वीप में हुआ था। उन्होंने वैष्णव धर्म के भक्ति योग का प्रचार किया और अपनी स्वर्णिम आभा के कारण गौर हरि के रूप में विख्यात हुए। चैतन्य महाप्रभु ने अपने समय के समाज को गहन रूप से प्रभावित किया। उनके अनुयायी इस दिन को गौरव पूर्णिमा के रूप में मनाते हैं। - ShareChat