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हिन्दू संस्कृति और अध्यात्म की जानकारियाँ
#पूजन विधि
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#शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त - रवि प्रदोष व्रत १ वाँ T  2026 रविवार Sunday कैलाश पर्वत पर विराजमान भगवान शिव प्रदोष য शुक्ल प्रदोष व्रत रविवार, मार्च १, २०२६ को प्रदोष पूजा मुहूर्त 18:00 7 19:09 मिनट्स अवाधे 01 qUCT 09 दिन का प्रदोष समय 18:00 20.28 त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ फरवरी २८, २०२६ 20:43 45 त्रयोदशी तिथि समाप्त সার্ঘ 01, 2026 ক্ূী 19:09 ব্রতী रवि प्रदोष व्रत १ वाँ T  2026 रविवार Sunday कैलाश पर्वत पर विराजमान भगवान शिव प्रदोष য शुक्ल प्रदोष व्रत रविवार, मार्च १, २०२६ को प्रदोष पूजा मुहूर्त 18:00 7 19:09 मिनट्स अवाधे 01 qUCT 09 दिन का प्रदोष समय 18:00 20.28 त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ फरवरी २८, २०२६ 20:43 45 त्रयोदशी तिथि समाप्त সার্ঘ 01, 2026 ক্ূী 19:09 ব্রতী - ShareChat
#शुभ मुहूर्त
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#शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त - २८, फाल्गुन पञ्चाङ्ग शुक्ल पक्ष, त्रयोदशी  01 २०८२ कालयुक्त, विक्रम सम्चवत मार्च २०२६ रविवार নতমী; মানে प्रदोष व्रत, गण्ड मूल, रवि पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग रवि योग, विडाल योग  रहित मुहूर्त एवं उदय लग्न पञ्चक I के दिन के लिए उदय लग्न मुहूर्त आज के दिन के लिए पञ्चक रहित मुहूर्त आज  कुम्भ - फरवरी २८ को २९ ३४+ बजे से ०७:०५ ব্রীয বত্সব্ধ - 06:21 ম 07:05  ^ Y( মীন- 07:05 # 08:33  शुभ मुहूर्त - ०७:०५ से ०8:३३ 00 77-08:33 710:11 থুল্স মুচুন - 08:33 স 08:34 ४  वृषभ - १०:११ से १२:०९ चोर पञ्चक 08.34 10:11 I থুল্ মুমুন - 10:11 मिथुन - 12:09 12:09 14:22 रोग पञ्चक % कर्क 12:09 14:22 14.22 16:40 g97 శగ్గగ - 14.227 16.40  0 86-16:40 18:54 T) पञ्चक - १६:४० से १८:५४ कन्या - १८:५४ 21:07 2 বুলা - 21:07 18:54 19:09 पञ्चक 23:23 शुभ मुहूर्त - १९:०९ 21:07 7 वृश्चिक - २३:२३ 25:40+ 21:07 23:23 रज पञ्चक धनु - २५:४०+ 27:45+ থুল্ মুমুন - 23:23 25:40+ ام मकर - २७:४५+ 29:30+ चोर पञ्चक - २५:४०+ 27:45+ शुभ मुहूर्त - २७:४५+ 29:30+ रोग पञ्चक - २९:३०+ 30:20+ २८, फाल्गुन पञ्चाङ्ग शुक्ल पक्ष, त्रयोदशी  01 २०८२ कालयुक्त, विक्रम सम्चवत मार्च २०२६ रविवार নতমী; মানে प्रदोष व्रत, गण्ड मूल, रवि पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग रवि योग, विडाल योग  रहित मुहूर्त एवं उदय लग्न पञ्चक I के दिन के लिए उदय लग्न मुहूर्त आज के दिन के लिए पञ्चक रहित मुहूर्त आज  कुम्भ - फरवरी २८ को २९ ३४+ बजे से ०७:०५ ব্রীয বত্সব্ধ - 06:21 ম 07:05  ^ Y( মীন- 07:05 # 08:33  शुभ मुहूर्त - ०७:०५ से ०8:३३ 00 77-08:33 710:11 থুল্স মুচুন - 08:33 স 08:34 ४  वृषभ - १०:११ से १२:०९ चोर पञ्चक 08.34 10:11 I থুল্ মুমুন - 10:11 मिथुन - 12:09 12:09 14:22 रोग पञ्चक % कर्क 12:09 14:22 14.22 16:40 g97 శగ్గగ - 14.227 16.40  0 86-16:40 18:54 T) पञ्चक - १६:४० से १८:५४ कन्या - १८:५४ 21:07 2 বুলা - 21:07 18:54 19:09 पञ्चक 23:23 शुभ मुहूर्त - १९:०९ 21:07 7 वृश्चिक - २३:२३ 25:40+ 21:07 23:23 रज पञ्चक धनु - २५:४०+ 27:45+ থুল্ মুমুন - 23:23 25:40+ ام मकर - २७:४५+ 29:30+ चोर पञ्चक - २५:४०+ 27:45+ शुभ मुहूर्त - २७:४५+ 29:30+ रोग पञ्चक - २९:३०+ 30:20+ - ShareChat
#उपाय
उपाय - होलिका दहन २०२६ गेहूं की बालीः यदि आप गेहं की बाली अनि में समर्पित करते हें॰ तो आपके घर में कभी भी अन ( भोजन) की कमी नहीं होगी।  सूखा नारियलः सूखा नारियल अर्पित करने से घर में धन और सुख समृद्धि बनी रहती हें। कपूरः कपूर तलाने या अर्नि में डालने से आपके बच्चों के भाग्य और तरक्की ৯ যম हें। खुलते  কূাল নিল: काले तिल समर्पित करने से घर को लडाई झगड़े , कलेश, वास्तु दोष लिए और पितृ दोष हमेशा के समाप्त हो जाते हें। লীযা: यदि आप पर कर्ज़ बढ़ता जा रहा हें या आप मानसिक दबाव ओर डिप्रेशन से जूझ रहे हैं, तो लौंग अर्पित करने से इन समस्याओं से मुक्ति मिलती हें। होलिका दहन २०२६ गेहूं की बालीः यदि आप गेहं की बाली अनि में समर्पित करते हें॰ तो आपके घर में कभी भी अन ( भोजन) की कमी नहीं होगी।  सूखा नारियलः सूखा नारियल अर्पित करने से घर में धन और सुख समृद्धि बनी रहती हें। कपूरः कपूर तलाने या अर्नि में डालने से आपके बच्चों के भाग्य और तरक्की ৯ যম हें। खुलते  কূাল নিল: काले तिल समर्पित करने से घर को लडाई झगड़े , कलेश, वास्तु दोष लिए और पितृ दोष हमेशा के समाप्त हो जाते हें। লীযা: यदि आप पर कर्ज़ बढ़ता जा रहा हें या आप मानसिक दबाव ओर डिप्रेशन से जूझ रहे हैं, तो लौंग अर्पित करने से इन समस्याओं से मुक्ति मिलती हें। - ShareChat
#उपाय
उपाय - शनिवार के दिन भूल से भी ये सामान न खरीदें १. सरसों का तेल - गलती से भी न खरीदें 4 २. लोहे या लोहे की चीजें - अशुभ मानी जाती हैं रंग के जूते - शनिवार को न 3, ক্ধাল खरीदें में दरिद्रता बढ़ने का संकेत ४. नमक घर ५. उडद की दाल शनिवार को न खरीदें;दान करना शुभ शनिवार के दिन भूल से भी ये सामान न खरीदें १. सरसों का तेल - गलती से भी न खरीदें 4 २. लोहे या लोहे की चीजें - अशुभ मानी जाती हैं रंग के जूते - शनिवार को न 3, ক্ধাল खरीदें में दरिद्रता बढ़ने का संकेत ४. नमक घर ५. उडद की दाल शनिवार को न खरीदें;दान करना शुभ - ShareChat
#चंद्र ग्रहण
चंद्र ग्रहण - साल का पहला चंद्र ग्रहण गर्भवती महिलाएं रखें सावधानी ३ मार्च २०२६ |मंगलवार) को वर्ष का पहला चंद्रग्रहण दोपहर ३:२० बजे से शुरू होकर शाम ६३४७ बजे तक रहेगा। यह ग्रहण पूरे भारत में दिखाई देगा , इसलिए इसके सूतक नियम मान्य रहेंगे। सूतक काल : सुबह ६:२० बजे से आरंभ होगा। गर्भवती माताएं विशेष ध्यान रखें : गर्भवती माताएं यदि चाहती हैं कि गर्भ में पल रहे उनके बच्चे के ऊपर चंद्रग्रहण का बुरा असर ना हो और उनका बच्चा स्वस्थ और बुद्धिमान पैदा हो, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें। १. ग्रहण काल में काटना छीलना, सुई-्धागा उपयोग न करें। २. भोजन बनाना, खाना और सोना ग्रहण के समय टालें। ३. भगवान का स्मरण और मंत्र जाप अवश्य करें। वासुदेवाय ऊँ नमो भगवते 3ঁ নসী সযানন मंत्र रुद्राय नमः। ऊँ मृत्युंजय नमः विशेष उपाय बिल्व पत्र की जड़ की मिट्टी से अपने गर्भ के ऊपर तिलक लगाने से भगवान शिव की कृपा से गर्भस्थ शिशु की रक्षा होती है। यदि बहुत ज्यादा आवश्यक है तो ।बुजुर्ग , बच्चे, बीमार, गर्भवती माताएं) पत्र डालकर भोजन किया जा सकता है, लेकिन ग्रहण गंगाजल और ரி काल में भोजन न करें। साल का पहला चंद्र ग्रहण गर्भवती महिलाएं रखें सावधानी ३ मार्च २०२६ |मंगलवार) को वर्ष का पहला चंद्रग्रहण दोपहर ३:२० बजे से शुरू होकर शाम ६३४७ बजे तक रहेगा। यह ग्रहण पूरे भारत में दिखाई देगा , इसलिए इसके सूतक नियम मान्य रहेंगे। सूतक काल : सुबह ६:२० बजे से आरंभ होगा। गर्भवती माताएं विशेष ध्यान रखें : गर्भवती माताएं यदि चाहती हैं कि गर्भ में पल रहे उनके बच्चे के ऊपर चंद्रग्रहण का बुरा असर ना हो और उनका बच्चा स्वस्थ और बुद्धिमान पैदा हो, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें। १. ग्रहण काल में काटना छीलना, सुई-्धागा उपयोग न करें। २. भोजन बनाना, खाना और सोना ग्रहण के समय टालें। ३. भगवान का स्मरण और मंत्र जाप अवश्य करें। वासुदेवाय ऊँ नमो भगवते 3ঁ নসী সযানন मंत्र रुद्राय नमः। ऊँ मृत्युंजय नमः विशेष उपाय बिल्व पत्र की जड़ की मिट्टी से अपने गर्भ के ऊपर तिलक लगाने से भगवान शिव की कृपा से गर्भस्थ शिशु की रक्षा होती है। यदि बहुत ज्यादा आवश्यक है तो ।बुजुर्ग , बच्चे, बीमार, गर्भवती माताएं) पत्र डालकर भोजन किया जा सकता है, लेकिन ग्रहण गंगाजल और ரி काल में भोजन न करें। - ShareChat
#उपाय #पूजन विधि
उपाय - सत्य नारायण कथा कब और क्यों कराई जाती है के दिन सत्य नारायण कथा का १. प्रत्येक पूर्णिमा में सुखन्शांति आती है। पाठ करने से घर २. बच्चों के जन्मदिन पर सत्य नारायण व्रत कथा कराने से बच्चों को लंबी उम्र मिलती है, ३. दुकान या ऑफिस में सत्य नारायण कथा करने से तरक्की के रास्ते खुलते हैं। विवाह के बाद घर में सत्यनारायण कथा कराने से 4 दांपत्य जीवन सुखमय रहता है। ५. अगर कोई काम काफी समय से नहीं हो रहा है तो संकल्प लेें और काम पूरा होने के बाद कथा करें। ६. शादी की सालगिरह पर कथा का पाठ करने से वैवाहिक जीवन में परेशानियां नहीं आती हैं। ७. सूतक या पातक लगने पर घर में कथा करने से घर पुनः शुद्ध हो जाता है। सत्य नारायण कथा कब और क्यों कराई जाती है के दिन सत्य नारायण कथा का १. प्रत्येक पूर्णिमा में सुखन्शांति आती है। पाठ करने से घर २. बच्चों के जन्मदिन पर सत्य नारायण व्रत कथा कराने से बच्चों को लंबी उम्र मिलती है, ३. दुकान या ऑफिस में सत्य नारायण कथा करने से तरक्की के रास्ते खुलते हैं। विवाह के बाद घर में सत्यनारायण कथा कराने से 4 दांपत्य जीवन सुखमय रहता है। ५. अगर कोई काम काफी समय से नहीं हो रहा है तो संकल्प लेें और काम पूरा होने के बाद कथा करें। ६. शादी की सालगिरह पर कथा का पाठ करने से वैवाहिक जीवन में परेशानियां नहीं आती हैं। ७. सूतक या पातक लगने पर घर में कथा करने से घर पुनः शुद्ध हो जाता है। - ShareChat
#उपाय
उपाय - रामा और श्यामा घर के लिए कौन सी तुलसी सही है तुलसी का महत्व : का बहुत ही पवित्र माना जाता है, आपको प्रत्येक हिंदू घर पर हिंदू धर्म में ி मिलेगा, के पोधे में मां लक्ष्मी का वास होता हे। का पोधा जरूर तुलसी  तुलसी  तुलसी) (हरी तुलसी रामा विशेषताएंः इसके पत्ते चमकीले हरे होते हें ओर स्वाद हल्का मीठा होता है।  महत्वः इसे पूजा और घर के लिए सबसे शुभ माना जाता है। घर में सुख  -समृद्धि लाती हे। फायदेः यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है और (बैंगनी तुलसी) श्यामा নুলমী विशेषताएँ इसके पत्ते गहरे बैंगनी या हरे-बैंगनी रंग के होते हें ओर स्वाद तीखा होता 64 महत्वः इसे भगवान कृष्ण के नाम पर कृष्ण  भी कहा जाता हे। तुलसी  फायदेः इसके औषधीय गुण अधिक होते हें और इसका उपयोग त्वचा और सांस  संबंधी समस्याओं के लिए किया जाता हे। निष्कर्ष  लिए यदि आप पूजा और सामान्य घर के लगाना चाहते हैं॰ तो रामा तुलसी तुलसी  सबसे अच्छी हे॰ यदि आप औषधीय को अधिक महत्व देते हें॰ तो आप श्यामा ঘুণী भी लगा सकते हें, आप दोनों तरह की भी घर में लगा सकते हें। तुलसी तुलसी  रामा और श्यामा घर के लिए कौन सी तुलसी सही है तुलसी का महत्व : का बहुत ही पवित्र माना जाता है, आपको प्रत्येक हिंदू घर पर हिंदू धर्म में ி मिलेगा, के पोधे में मां लक्ष्मी का वास होता हे। का पोधा जरूर तुलसी  तुलसी  तुलसी) (हरी तुलसी रामा विशेषताएंः इसके पत्ते चमकीले हरे होते हें ओर स्वाद हल्का मीठा होता है।  महत्वः इसे पूजा और घर के लिए सबसे शुभ माना जाता है। घर में सुख  -समृद्धि लाती हे। फायदेः यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है और (बैंगनी तुलसी) श्यामा নুলমী विशेषताएँ इसके पत्ते गहरे बैंगनी या हरे-बैंगनी रंग के होते हें ओर स्वाद तीखा होता 64 महत्वः इसे भगवान कृष्ण के नाम पर कृष्ण  भी कहा जाता हे। तुलसी  फायदेः इसके औषधीय गुण अधिक होते हें और इसका उपयोग त्वचा और सांस  संबंधी समस्याओं के लिए किया जाता हे। निष्कर्ष  लिए यदि आप पूजा और सामान्य घर के लगाना चाहते हैं॰ तो रामा तुलसी तुलसी  सबसे अच्छी हे॰ यदि आप औषधीय को अधिक महत्व देते हें॰ तो आप श्यामा ঘুণী भी लगा सकते हें, आप दोनों तरह की भी घर में लगा सकते हें। तुलसी तुलसी - ShareChat
#होली
होली - ३ मार्च को होली खेलने की I HH वरना सब बर्बाद हो जाएगा २०२६ में 3 मार्च को होली (रंगोत्सव) न मनाने का मुख्य कारण शाम के समय लगने वाला चंद्र पूर्ण ग्रहण है, जिसके कारण 3 मार्च की सुबह से ही যরলনা सूतक लग जाएगा , जिससे रंग अनुचित माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, सूतक में मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं, इसलिए होली का रंगोत्सव 4 मार्च को मनाना अधिक उत्तम होगा। ३ मार्च को होली खेलने की I HH वरना सब बर्बाद हो जाएगा २०२६ में 3 मार्च को होली (रंगोत्सव) न मनाने का मुख्य कारण शाम के समय लगने वाला चंद्र पूर्ण ग्रहण है, जिसके कारण 3 मार्च की सुबह से ही যরলনা सूतक लग जाएगा , जिससे रंग अनुचित माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, सूतक में मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं, इसलिए होली का रंगोत्सव 4 मार्च को मनाना अधिक उत्तम होगा। - ShareChat