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हिन्दू संस्कृति और अध्यात्म की जानकारियाँ
#होली
होली - वृंदावन में इस दिन खेली जाएगी की फूलों  होली, खास है यह उत्सव ब्रज क्षेत्र में होली की शुरुआत हो ೯I 28 चुकी फरवरी दिन शनिवार को यहां की होली खेली గeit ' यह पारंपरिक होली केवल रंगों का पर्व नहीं जाएगी। है, बल्कि भक्त और भगवान के बीच के दिव्य प्रेम का प्रतीक है। वृंदावन में फूलों की होली का उत्सव द्वापर चलता आ रहा है, जब भगवान कृष्ण राधा युग से रानी और प्रिय गोपियों के साथ का इस्तेमाल ক্ুলী करके होली खेला करते थे। इसे पवित्र और पुण्यकारी माना जाता है। वृंदावन में इस दिन खेली जाएगी की फूलों  होली, खास है यह उत्सव ब्रज क्षेत्र में होली की शुरुआत हो ೯I 28 चुकी फरवरी दिन शनिवार को यहां की होली खेली గeit ' यह पारंपरिक होली केवल रंगों का पर्व नहीं जाएगी। है, बल्कि भक्त और भगवान के बीच के दिव्य प्रेम का प्रतीक है। वृंदावन में फूलों की होली का उत्सव द्वापर चलता आ रहा है, जब भगवान कृष्ण राधा युग से रानी और प्रिय गोपियों के साथ का इस्तेमाल ক্ুলী करके होली खेला करते थे। इसे पवित्र और पुण्यकारी माना जाता है। - ShareChat
#शुभ मुहूर्त #पूजन विधि
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#मंत्र एवं मंत्र जप
मंत्र एवं मंत्र जप - Eude {  ا  भगवान नृसिंह मन्त्र सामान्य मन्त्र ऊँ नृम नृम नृम नरसिंहाय नमः| उग्र नृसिंह मन्त्र - ऊँ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्।  नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्।। नृसिंह गायत्री मन्त्र - वज्रनखाय विद्महे तीक्ष्णदंष्ट्राय धीमहि। तन्नो नृसिंहः प्रचोदयात्।। Eude {  ا  भगवान नृसिंह मन्त्र सामान्य मन्त्र ऊँ नृम नृम नृम नरसिंहाय नमः| उग्र नृसिंह मन्त्र - ऊँ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्।  नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्।। नृसिंह गायत्री मन्त्र - वज्रनखाय विद्महे तीक्ष्णदंष्ट्राय धीमहि। तन्नो नृसिंहः प्रचोदयात्।। - ShareChat
#मंदिर दर्शन
मंदिर दर्शन - La೦o  (ce भगवान नृसिंह के प्रमुख एवं प्रसिद्ध मन्दिर नृसिंह बद्री मन्दिर, जोशीमठ, उत्तराखण्ड प्राचीन नृसिंह मन्दिर अटखम्बा, वृन्दावन, उत्तर प्रदेश नृसिंह मन्दिर, इटावा, उत्तर प्रदेश नृसिंह मन्दिर, रायपुर, छत्तीसगढ़ नृसिंह मन्दिर, हिण्डौन, राजस्थान नरसिम्हा स्वामी मन्दिर, मल्लूर, तेलंगाना aRrడ नरसिम्हा मन्दिर, মংস স৫থা La೦o  (ce भगवान नृसिंह के प्रमुख एवं प्रसिद्ध मन्दिर नृसिंह बद्री मन्दिर, जोशीमठ, उत्तराखण्ड प्राचीन नृसिंह मन्दिर अटखम्बा, वृन्दावन, उत्तर प्रदेश नृसिंह मन्दिर, इटावा, उत्तर प्रदेश नृसिंह मन्दिर, रायपुर, छत्तीसगढ़ नृसिंह मन्दिर, हिण्डौन, राजस्थान नरसिम्हा स्वामी मन्दिर, मल्लूर, तेलंगाना aRrడ नरसिम्हा मन्दिर, মংস স৫থা - ShareChat
#शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त - नृसिंह द्वादशी २८वाँ फरवरी २०२६ Saturday शनिवार भगवान नृसिंह [ नृसिंह द्वादशी समय  द्वादशी शनिवार, फरवरी २८, २०२६ को नासह १वाँ मार्च को, 08:41 पारण समय - ०६:२१ द्वादशी पारण के दिन द्वादशी सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाएगी। तिथि प्रारम्भ - फरवरी २७ , २०२६ को २२३२ बजे द्वादशी तिथि समाप्त - फरवरी २८, २०२६ को २०:४३ बजे द्वादशी नृसिंह द्वादशी २८वाँ फरवरी २०२६ Saturday शनिवार भगवान नृसिंह [ नृसिंह द्वादशी समय  द्वादशी शनिवार, फरवरी २८, २०२६ को नासह १वाँ मार्च को, 08:41 पारण समय - ०६:२१ द्वादशी पारण के दिन द्वादशी सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाएगी। तिथि प्रारम्भ - फरवरी २७ , २०२६ को २२३२ बजे द्वादशी तिथि समाप्त - फरवरी २८, २०२६ को २०:४३ बजे द्वादशी - ShareChat
#शुभ मुहूर्त
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#शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त - २७ , फाल्गुन पञ्चाङ्ग द्वादशी पक्ष शुक्ल 28 विक्रम २०८२ कालयुक्त सम्चत 2026 शनिवार वाराणसी, भारत आमलकी एकादशी पारण नृसिंह द्वादशी, त्रिपुष्कर योग रहित मुहूर्त एवं उदय लग्न पञ्चक आज के दिन के लिए उदय लग्न मुहूर्त के दिन के लिए पञ्चक रहित मुहूर्त आज कुम्भ - फरवरी २७ को २९:३८+ बजे से ०७ः०९ मृत्यु पञ्चक - ०६:२२ से ०७:०९ ) 47-07:09 708:37 अग्नि पञ्चक - ०७:०९ से 08:३७ ೧   Tq - 08.37 : 10.15  शुभ मुहूर्त - ०८ ३७ से ०९:३५ ४  वृषभ - १०:१५ से १२१२ 64$ - 09:35#10:15 I fొ7-12.12714.26  10:15 ম 12:12 आग्न पञ्चक शुभ मुहूर्त - १२:१२ से १४:२६ % ಫ೯ - 14.26 ? 1644 0 8|6-16:44718:58 रज पञ्चक - १४:२६ से १६:४४ থুল্স মুচুন - 16:44 ম 18:58  TI) 18:58 21:11 कन्या चोर पञ्चक - १८:५८  20:43 2 বুলা - 21:11 23:27 থুণ্স মুনুন - 20:43  m ஏ2க - 23:27 21:11 25:44+ रोग पञ्चक - २१:११ 23:27 7 25:44+ 27:49+ থুল্স মুচুন - 23:27 25:44+ 1p 29:34+ मकर - २७:४९+ मृत्यु पञ्चक - २५:४४+ 27:49+ 27:49+ 29:34+ पञ्चक থুল মুচুন - 29:34+  30:21+ २७ , फाल्गुन पञ्चाङ्ग द्वादशी पक्ष शुक्ल 28 विक्रम २०८२ कालयुक्त सम्चत 2026 शनिवार वाराणसी, भारत आमलकी एकादशी पारण नृसिंह द्वादशी, त्रिपुष्कर योग रहित मुहूर्त एवं उदय लग्न पञ्चक आज के दिन के लिए उदय लग्न मुहूर्त के दिन के लिए पञ्चक रहित मुहूर्त आज कुम्भ - फरवरी २७ को २९:३८+ बजे से ०७ः०९ मृत्यु पञ्चक - ०६:२२ से ०७:०९ ) 47-07:09 708:37 अग्नि पञ्चक - ०७:०९ से 08:३७ ೧   Tq - 08.37 : 10.15  शुभ मुहूर्त - ०८ ३७ से ०९:३५ ४  वृषभ - १०:१५ से १२१२ 64$ - 09:35#10:15 I fొ7-12.12714.26  10:15 ম 12:12 आग्न पञ्चक शुभ मुहूर्त - १२:१२ से १४:२६ % ಫ೯ - 14.26 ? 1644 0 8|6-16:44718:58 रज पञ्चक - १४:२६ से १६:४४ থুল্স মুচুন - 16:44 ম 18:58  TI) 18:58 21:11 कन्या चोर पञ्चक - १८:५८  20:43 2 বুলা - 21:11 23:27 থুণ্স মুনুন - 20:43  m ஏ2க - 23:27 21:11 25:44+ रोग पञ्चक - २१:११ 23:27 7 25:44+ 27:49+ থুল্স মুচুন - 23:27 25:44+ 1p 29:34+ मकर - २७:४९+ मृत्यु पञ्चक - २५:४४+ 27:49+ 27:49+ 29:34+ पञ्चक থুল মুচুন - 29:34+  30:21+ - ShareChat
#शुभ मुहूर्त #पूजन विधि
शुभ मुहूर्त - हरि शरणं आमलकी एकादशी फरवरी  दिन शुक्रवार २७ फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी कहा जाता है, आमलकी का अर्थ है आंवला , जिस प्रकार आंवला अमृत के गुणकारी है उसी प्रकार यह एकादशी साधक के लिए आध्यात्मिक समान अमृत के समान मानी गई है इस दिन को 'रंगभरी एकादशी' के रूप में भी मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव बार काशी (वाराणसी) आए थे, माता पार्वती का गौना कराकर पहली इसलिए वहाँ इस दिन अबीर-गुलाल से होली खेलने की परंपरा है। आमलकी एकादशी की मंगलमय शुभकामनाएं हरि शरणं आमलकी एकादशी फरवरी  दिन शुक्रवार २७ फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी कहा जाता है, आमलकी का अर्थ है आंवला , जिस प्रकार आंवला अमृत के गुणकारी है उसी प्रकार यह एकादशी साधक के लिए आध्यात्मिक समान अमृत के समान मानी गई है इस दिन को 'रंगभरी एकादशी' के रूप में भी मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव बार काशी (वाराणसी) आए थे, माता पार्वती का गौना कराकर पहली इसलिए वहाँ इस दिन अबीर-गुलाल से होली खेलने की परंपरा है। आमलकी एकादशी की मंगलमय शुभकामनाएं - ShareChat
#शुभ मुहूर्त #पूजन विधि
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