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हिन्दू संस्कृति और अध्यात्म की जानकारियाँ
#व्रत एवं त्योहार
व्रत एवं त्योहार - हिन्दुओं के व्रत,पर्व 3 dl-<ZR २५, फाल्गुन शुक्ल पक्ष दशमी 26 २०८२ कालयुक्त, विक्रम सम्वत फरवरी २०२६ बृहस्पतिवार वाराणसी, भारत रवि योग, आडल योग, विडाल योग इस दिन कोई महत्वपूर्ण 8 त्यौहार  নমী ;| हिन्दुओं के व्रत,पर्व 3 dl-<ZR २५, फाल्गुन शुक्ल पक्ष दशमी 26 २०८२ कालयुक्त, विक्रम सम्वत फरवरी २०२६ बृहस्पतिवार वाराणसी, भारत रवि योग, आडल योग, विडाल योग इस दिन कोई महत्वपूर्ण 8 त्यौहार  নমী ;| - ShareChat
#शुभ मुहूर्त
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#शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त - २५, फाल्गुन पञ्चाङ्स থুনল এ8য নংসী 26 २०८२ कालयुक्त, विक्रम सम्वत फरवरी २०२६ बृहस्पतिवार वाराणसी, भारत रवि योग, आडल योग, विडाल योग रहित मुहूर्त एवं उदय लग्न पञ्चक १ के दिन के लिए पञ्चक रहित मुहूर्ट १के दिन के लिए उदय लग्न मुहूर्त आज आज कुम्भ - फरवरी २५ को २९ ४६+ बजे से ०७:१६ रज पञ्चक - ०६ २४ से 0७:१6 ) #7-07;16 708;45 3%55#-07:16#08:45 00 77-08:45 710:23 शुभ मुहूर्त - ०८ ४५ से १०:२३ ४ वृषभ - १०:२३  रज पञ्चक - १०:२३ 12:11 12:20 शुभ मुहूर्त - १२११ से १२२० 1 #97-12:20  14.34 चोर पञ्चक - १२२० से १४ ३४ ட க$-14:34716:52 शुभ मुहूर्त - १४ ३४ से १६ ५२ 0 86-16:527719;06 रोग पञ्चक - १६५२ 19:06 Il)   ব্রন্সা -19;06  21:19 शुभ मुहूर्त - १९०६ से २१:१९ 9 বুলা - 21:19 স 23:35 मृत्यु पञ्चक - २१:१९ 23:35 {%$-23:35  25:52+ आग्ने पञ्चक - २३:३५ 24:33+ > धनु - 25:52+ 27:57+ शुभ मुहूर्त - २४ ३३+ 25:52+ %  "7 - 27.57+ 29:42+ रज पञ्चक - २५:५२+ 27:57+ शुभ मुहूर्त - २७:५७+ 29:42+ चोर पञ्चक - २९ ४२+ 30:23+ २५, फाल्गुन पञ्चाङ्स থুনল এ8য নংসী 26 २०८२ कालयुक्त, विक्रम सम्वत फरवरी २०२६ बृहस्पतिवार वाराणसी, भारत रवि योग, आडल योग, विडाल योग रहित मुहूर्त एवं उदय लग्न पञ्चक १ के दिन के लिए पञ्चक रहित मुहूर्ट १के दिन के लिए उदय लग्न मुहूर्त आज आज कुम्भ - फरवरी २५ को २९ ४६+ बजे से ०७:१६ रज पञ्चक - ०६ २४ से 0७:१6 ) #7-07;16 708;45 3%55#-07:16#08:45 00 77-08:45 710:23 शुभ मुहूर्त - ०८ ४५ से १०:२३ ४ वृषभ - १०:२३  रज पञ्चक - १०:२३ 12:11 12:20 शुभ मुहूर्त - १२११ से १२२० 1 #97-12:20  14.34 चोर पञ्चक - १२२० से १४ ३४ ட க$-14:34716:52 शुभ मुहूर्त - १४ ३४ से १६ ५२ 0 86-16:527719;06 रोग पञ्चक - १६५२ 19:06 Il)   ব্রন্সা -19;06  21:19 शुभ मुहूर्त - १९०६ से २१:१९ 9 বুলা - 21:19 স 23:35 मृत्यु पञ्चक - २१:१९ 23:35 {%$-23:35  25:52+ आग्ने पञ्चक - २३:३५ 24:33+ > धनु - 25:52+ 27:57+ शुभ मुहूर्त - २४ ३३+ 25:52+ %  "7 - 27.57+ 29:42+ रज पञ्चक - २५:५२+ 27:57+ शुभ मुहूर्त - २७:५७+ 29:42+ चोर पञ्चक - २९ ४२+ 30:23+ - ShareChat
#मंत्र एवं मंत्र जप
मंत्र एवं मंत्र जप - हरि शरणं अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं, दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम् सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं, रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि मैं पवनपुत्र श्री हनुमान को प्रणाम करता हूँ॰ जो अतुलित बल के धाम हैं, जिनका शरीर स्वर्ण पर्वत (सुमेरु) के समान कांतिवान है। जो दुष्टों (दानवरूपी वन) को नष्ट करने के लिए अग्नि के समान हैं और ज्ञानियों में अग्रगण्य ।सबसे आगे। हैं। वे समस्त गुणों के भंडार हैं और श्री राम के सबसे प्रिय हैं। यह दोहा हमें सिखाता है कि 917h अपार शक्ति होने के बावजूद हनुमान जी में अहंकार नहीं, बल्कि ज्ञान और विनम्रता का वास है। हरि शरणं अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं, दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम् सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं, रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि मैं पवनपुत्र श्री हनुमान को प्रणाम करता हूँ॰ जो अतुलित बल के धाम हैं, जिनका शरीर स्वर्ण पर्वत (सुमेरु) के समान कांतिवान है। जो दुष्टों (दानवरूपी वन) को नष्ट करने के लिए अग्नि के समान हैं और ज्ञानियों में अग्रगण्य ।सबसे आगे। हैं। वे समस्त गुणों के भंडार हैं और श्री राम के सबसे प्रिय हैं। यह दोहा हमें सिखाता है कि 917h अपार शक्ति होने के बावजूद हनुमान जी में अहंकार नहीं, बल्कि ज्ञान और विनम्रता का वास है। - ShareChat
#व्रत एवं त्योहार
व्रत एवं त्योहार - हिन्दुओं के व्रत,पर्व 3 dl-<ZR २४, फाल्गुन शुक्ल पक्ष नवमी 25 २०८२ कालयुक्त, विक्रम सम्वत फरवरी २०२६ बुधवार वाराणसी भारत ज्वालामुखी योग  रोहिणी व्रत सर्वार्थ सिद्धि योग रवि योग आडल योग इस दिन कोई महत्वपूर्ण 8 त्यौहार  नहीं हैं| हिन्दुओं के व्रत,पर्व 3 dl-<ZR २४, फाल्गुन शुक्ल पक्ष नवमी 25 २०८२ कालयुक्त, विक्रम सम्वत फरवरी २०२६ बुधवार वाराणसी भारत ज्वालामुखी योग  रोहिणी व्रत सर्वार्थ सिद्धि योग रवि योग आडल योग इस दिन कोई महत्वपूर्ण 8 त्यौहार  नहीं हैं| - ShareChat
#शुभ मुहूर्त
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#शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त - २४, फाल्गुन पञ्चाङ्म शुक्ल पक्ष नवमी 25 २०८२ कालयुक्त, विक्रम सम्वत फरवरी २०२६ बुधवार वाराणसी, भारत रोहिणी ब्रत, सर्वार्थ सिद्धियोग रवि योग, आडल योग, ज्वालामुखी योग रहित मुहूर्त एवं उदय लग्न पञ्चक के दिन के लिए उदय लग्न मुहूर्त आज के दिन के लिए पञ्चक रहित मुहूर्तृ आज 707:20 कुम्भ - फरवरी २४ को २९ ५०+ बजे से ०७:२० मृत्यु पञ्चक - ०६:२५ ) #7-07:20708:49 अग्नि पञ्चक - ०७:२० से ०8:४९ ஸ #4-08:49=10:27 থুল্স মুচুন - 08:49  10:27 8 497%-10:27#12:24  10:27712:24 पञ्चक I fొ7-12.24714.38 १२:२४ से १३:३८ पञ्चक থুল মুচুন - 13:38  14:38 %  कर्क - १४:३८ से १६ ५६ 0 86-16:56 719:10 14:38 716:56 रज पञ्चक शुभ मुहूर्त T) 16:56 19:10 বন্সা - 19:10  21:23 चोर पञ्चक 19.10 21:23 ? तुला - २१:२३ 23:39 থুল মুচুন - 21:23  23:39 वृश्चिक - २३:३९ 25:56+ रोग पञ्चक - २३:३९ 25:56+ धनु - २५:५६+ 28:01+ 9೫ g೯r - 25.56+ 26:40+ ام 28:01+ 29:46+ मकर मृत्यु पञ्चक - २६:४०+ 28:01+ 29:46+ आग्ने पञ्चक 28:01+ शुभ मुहूर्त - २९:४६+  30:24+ २४, फाल्गुन पञ्चाङ्म शुक्ल पक्ष नवमी 25 २०८२ कालयुक्त, विक्रम सम्वत फरवरी २०२६ बुधवार वाराणसी, भारत रोहिणी ब्रत, सर्वार्थ सिद्धियोग रवि योग, आडल योग, ज्वालामुखी योग रहित मुहूर्त एवं उदय लग्न पञ्चक के दिन के लिए उदय लग्न मुहूर्त आज के दिन के लिए पञ्चक रहित मुहूर्तृ आज 707:20 कुम्भ - फरवरी २४ को २९ ५०+ बजे से ०७:२० मृत्यु पञ्चक - ०६:२५ ) #7-07:20708:49 अग्नि पञ्चक - ०७:२० से ०8:४९ ஸ #4-08:49=10:27 থুল্স মুচুন - 08:49  10:27 8 497%-10:27#12:24  10:27712:24 पञ्चक I fొ7-12.24714.38 १२:२४ से १३:३८ पञ्चक থুল মুচুন - 13:38  14:38 %  कर्क - १४:३८ से १६ ५६ 0 86-16:56 719:10 14:38 716:56 रज पञ्चक शुभ मुहूर्त T) 16:56 19:10 বন্সা - 19:10  21:23 चोर पञ्चक 19.10 21:23 ? तुला - २१:२३ 23:39 থুল মুচুন - 21:23  23:39 वृश्चिक - २३:३९ 25:56+ रोग पञ्चक - २३:३९ 25:56+ धनु - २५:५६+ 28:01+ 9೫ g೯r - 25.56+ 26:40+ ام 28:01+ 29:46+ मकर मृत्यु पञ्चक - २६:४०+ 28:01+ 29:46+ आग्ने पञ्चक 28:01+ शुभ मुहूर्त - २९:४६+  30:24+ - ShareChat
#उपाय
उपाय - मालाकाजाप तुलसी करते समय किन बातों का ध्यान रखें १शुद्धताका ध्यानः जप से पहले हाथ मुँह साफ करें। संभव हों तो स्नान के बाद जप करें। साफ और शांत स्थान चुनें | २माला पकड़ने का सही तरीकाः माला को दाहिने हाथ से पकड़ें। अनामिका ऊँगली और अंगूठे से जप करें। तर्जनी ऊँगली का प्रयोग न करें। ३मंत्रका उच्चारणः स्पष्ट ओर धीमी गति से जप करें। मन और शब्द दोनों से ध्यान रखें। पुरी करें ।जेसे १०८ बार)। सख्या 4क्यानकरेंः 0 माला को जमीन पर न रखें। जप करते समय बात न करें। क्रोध या नकारात्मक मन से जप न करें। ५आस्था औरभावनाः विष्णु  और कृष्ण की माला भगवान বুলমী जी की भक्ति से जुड़ी मानी जाती है। मालाकाजाप तुलसी करते समय किन बातों का ध्यान रखें १शुद्धताका ध्यानः जप से पहले हाथ मुँह साफ करें। संभव हों तो स्नान के बाद जप करें। साफ और शांत स्थान चुनें | २माला पकड़ने का सही तरीकाः माला को दाहिने हाथ से पकड़ें। अनामिका ऊँगली और अंगूठे से जप करें। तर्जनी ऊँगली का प्रयोग न करें। ३मंत्रका उच्चारणः स्पष्ट ओर धीमी गति से जप करें। मन और शब्द दोनों से ध्यान रखें। पुरी करें ।जेसे १०८ बार)। सख्या 4क्यानकरेंः 0 माला को जमीन पर न रखें। जप करते समय बात न करें। क्रोध या नकारात्मक मन से जप न करें। ५आस्था औरभावनाः विष्णु  और कृष्ण की माला भगवान বুলমী जी की भक्ति से जुड़ी मानी जाती है। - ShareChat
#उपाय
उपाय - अटैच बाथरूम हैं तो इन बातों का रखें ध्यान बाथरूम में भूलकर भी मटमैले , काले, बैंगनी और कत्थई रंग के बाल्टी या मग नहीं रखना चाहिए। बाथरूम में कांच के कटोरे में नमक भरकर रखें इसे हर सप्ताह बदल दें। सोते समय दोनों पैर बाथरूम की तरफ न हों। इससे घर में अशांति बनी रहती है,अटैच बाथरूम के गंदा होने पर पतिनपत्नी में अनबन रहती है। बाथरूम में कभी भी कोई खाली बोतल (शैम्पू की भी नहीं) न रखें। अटैच बाथरूम हैं तो इन बातों का रखें ध्यान बाथरूम में भूलकर भी मटमैले , काले, बैंगनी और कत्थई रंग के बाल्टी या मग नहीं रखना चाहिए। बाथरूम में कांच के कटोरे में नमक भरकर रखें इसे हर सप्ताह बदल दें। सोते समय दोनों पैर बाथरूम की तरफ न हों। इससे घर में अशांति बनी रहती है,अटैच बाथरूम के गंदा होने पर पतिनपत्नी में अनबन रहती है। बाथरूम में कभी भी कोई खाली बोतल (शैम्पू की भी नहीं) न रखें। - ShareChat
#उपाय
उपाय - ೧0 मुख्य द्वार पर से घर में सुख समृद्धि आती है क्या बांधने मुख्य दरवाजे पर आम या फिर अशोक के पत्तों का बंदनवार बांधना शुभ माना गया है इससे समृद्धि आती है बुरी शक्तियां आसपास नहीं भटकती बंदनवार में लगे पत्ते सूख जाएं तो दोबारा ताजे पत्तों की माला बनाकर लगा लें और चावल के आटे या फिर आलता से द्वार पर लक्ष्मी जी के पैर बनाएं पैर दाईं तरफ अंदर की ओर होने चाहिए ऐसा करने से घर में लक्ष्मी जी का वास होता है। ೧0 मुख्य द्वार पर से घर में सुख समृद्धि आती है क्या बांधने मुख्य दरवाजे पर आम या फिर अशोक के पत्तों का बंदनवार बांधना शुभ माना गया है इससे समृद्धि आती है बुरी शक्तियां आसपास नहीं भटकती बंदनवार में लगे पत्ते सूख जाएं तो दोबारा ताजे पत्तों की माला बनाकर लगा लें और चावल के आटे या फिर आलता से द्वार पर लक्ष्मी जी के पैर बनाएं पैर दाईं तरफ अंदर की ओर होने चाहिए ऐसा करने से घर में लक्ष्मी जी का वास होता है। - ShareChat