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हिन्दू संस्कृति और अध्यात्म की जानकारियाँ
#व्रत एवं त्योहार
व्रत एवं त्योहार - हिन्दुओं के व्रत,पर्व 312 dl-<ZR १४, फाल्गुन चतुर्दशी कृष्ण पक्ष 16 २०८२ कालयुक्त, विक्रम सम्वत फरवरी २०२६ सोमवार वाराणसी भारत सर्वार्थ सिद्धि योग आडल योग इस दिन कोई महत्वपूर्ण 1 त्यौहार  7గ్గా గ్గే/ हिन्दुओं के व्रत,पर्व 312 dl-<ZR १४, फाल्गुन चतुर्दशी कृष्ण पक्ष 16 २०८२ कालयुक्त, विक्रम सम्वत फरवरी २०२६ सोमवार वाराणसी भारत सर्वार्थ सिद्धि योग आडल योग इस दिन कोई महत्वपूर्ण 1 त्यौहार  7గ్గా గ్గే/ - ShareChat
#शुभ मुहूर्त
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#शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त - १४, फाल्गुन चतुर्दशी  Panchang पक्ष कृष्ण 16 २०८२ कालयुक्त, विक्रम सम्वत फरवरी २०२६ सोमवार वाराणसी, भारत सर्वार्थ सिद्धि योग, आडल योग रहित मुहूर्त एवं उदय-लग्न पञ्चक आज के दिन के लिए पञ्चक रहित मुहूर्त आज के दिन के लिए उदय लग्न मुहूर्तृ कुम्भ - फरवरी १५ को ३०:२५+ बजे से 0७:५६ मृत्यु पञ्चक - ०६:३२ से ०७:५६ ) মীন - 07:56 # 09:24  গনি এত্সব্ধ - 07:56 স 09:24 00 77-09:24711:02 शुभ मुहूर्त - ०९:२४ 11:02 ४ 11:02713:00 ج99- 11:02 713:00 मृत्यु पञ्चक T 13:00 ম 15:14 मिथुन - 13:00 715:14 आग्न पञ्चक शुभ मुहूर्त - १५:१४ से १७:३१ %  कर्क - १५:१४ से १७:३१ 17:31 717:34 0 86-17:31 रज पञ्चक 19.45 शुभ मुहूर्त - १७:३४ से १९:४५ T) कन्या - १९:४५  21:58 चोर पञ्चक - १९:४५ 20:47 ? বুলা - 21:58 স 24:15+ शुभ मुहूर्त - २०:४७ 21:58 वृश्चिक - २४:१५+ 26:31+ रोग पञ्चक 24:15+ 21:58 ধনু - 26:31+  28:36+ 2%587-24:15+ 26:31+ 1 30:21+ $7- 28:36+ मृत्यु पञ्चक - २६:३१+ 28:36+ आग्ने पञ्चक 28:36+ 30:21+ शुभ मुहूर्त - ३0:२१+ 30:31+ १४, फाल्गुन चतुर्दशी  Panchang पक्ष कृष्ण 16 २०८२ कालयुक्त, विक्रम सम्वत फरवरी २०२६ सोमवार वाराणसी, भारत सर्वार्थ सिद्धि योग, आडल योग रहित मुहूर्त एवं उदय-लग्न पञ्चक आज के दिन के लिए पञ्चक रहित मुहूर्त आज के दिन के लिए उदय लग्न मुहूर्तृ कुम्भ - फरवरी १५ को ३०:२५+ बजे से 0७:५६ मृत्यु पञ्चक - ०६:३२ से ०७:५६ ) মীন - 07:56 # 09:24  গনি এত্সব্ধ - 07:56 স 09:24 00 77-09:24711:02 शुभ मुहूर्त - ०९:२४ 11:02 ४ 11:02713:00 ج99- 11:02 713:00 मृत्यु पञ्चक T 13:00 ম 15:14 मिथुन - 13:00 715:14 आग्न पञ्चक शुभ मुहूर्त - १५:१४ से १७:३१ %  कर्क - १५:१४ से १७:३१ 17:31 717:34 0 86-17:31 रज पञ्चक 19.45 शुभ मुहूर्त - १७:३४ से १९:४५ T) कन्या - १९:४५  21:58 चोर पञ्चक - १९:४५ 20:47 ? বুলা - 21:58 স 24:15+ शुभ मुहूर्त - २०:४७ 21:58 वृश्चिक - २४:१५+ 26:31+ रोग पञ्चक 24:15+ 21:58 ধনু - 26:31+  28:36+ 2%587-24:15+ 26:31+ 1 30:21+ $7- 28:36+ मृत्यु पञ्चक - २६:३१+ 28:36+ आग्ने पञ्चक 28:36+ 30:21+ शुभ मुहूर्त - ३0:२१+ 30:31+ - ShareChat
#महाशिवरात्रि
महाशिवरात्रि - दिनकरकोटिप्रभाकरलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्। Tcsalskrit.com मैं उस शिवलिंग को नमन करता हूँ, जिसमें कोटि के समान तेजस्वी कांति विराजमान है। মুযী  লিভাঙকম 63 Ibow to that eternal shivalinga which has the splendour of a million suns সহকূল" P সন্াথীনহান্সী दिनकरकोटिप्रभाकरलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्। Tcsalskrit.com मैं उस शिवलिंग को नमन करता हूँ, जिसमें कोटि के समान तेजस्वी कांति विराजमान है। মুযী  লিভাঙকম 63 Ibow to that eternal shivalinga which has the splendour of a million suns সহকূল" P সন্াথীনহান্সী - ShareChat
#महाशिवरात्रि
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#महाशिवरात्रि
महाशिवरात्रि - हरि शरणं ऊँ नमः शिवाय शान्ताय कारणत्रय हेतवे निवेदयामि चात्मानं त्वमेव गतिः परमेश्वर हे परमेश्वर शिव! आप तीनों लोकों के कारण और शांति स्वरूप हैं। मैं आप ही मेरी परम गति हैं। स्वयं को आपके चरणों में समर्पित करता हूँ, भोलेनाथ आपके जीवन से सभी विघ्न दूर करें और आपको आरोग्य, सुख और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करें, महाशिवरात्रि की मंगलमय शुभकामनाएं हरि शरणं ऊँ नमः शिवाय शान्ताय कारणत्रय हेतवे निवेदयामि चात्मानं त्वमेव गतिः परमेश्वर हे परमेश्वर शिव! आप तीनों लोकों के कारण और शांति स्वरूप हैं। मैं आप ही मेरी परम गति हैं। स्वयं को आपके चरणों में समर्पित करता हूँ, भोलेनाथ आपके जीवन से सभी विघ्न दूर करें और आपको आरोग्य, सुख और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करें, महाशिवरात्रि की मंगलमय शुभकामनाएं - ShareChat
#महाशिवरात्रि
महाशिवरात्रि - महाशिवरात्रि पूजा नियम ffq ga १. पूजा के नियम महाशिवरात्रि पर इन मंत्रों का उच्चारण करते हुए 1 शिवलिंग का अभिषेक करें। २. नकारात्मकता दूर करने के लिए ' ऊँ हीं नमः शिवाय का जाप कर सकते हैं। ३. भोलेनाथ को खुश करने के लिए ' ऊँठ साम्ब सदा शिवाय नमः का भी जाप किया जाता है, जिसमे माता की पूजा  पार्वती और भगवान शिव दोनों  शामिल २. महाशिवरात्रि पूजा सामग्री शिवलिंग, माता पार्वती गणेश, जल, दूध, दही, घी॰ शहद, शक्कर जनेऊ (पंचामृत ), बेलपत्र, धतूरा, भांग " फूल चंदन भस्म কলানা; वस्त्र, धूप, दीप, कर्पूर, फल, मिठाई, पान, सुपारी, लौंग, इलायची महाशिवरात्रि पूजा विधि 3. २. शिवलिंग की स्थापना १. स्नान और संकल्प गंनल और संकल्प, महालिंगा की शिवलिंग की ख्थपत्र धतूरा, भांग संकल्प में स्नान कर करग वाएं। फूल मवपन मत्र कर कने है। ३. अभिषेक ४. श्रृंगार महाशिवरात्रि पर म्पर शिवलिंग पंचामृत काकमम्मात पर चभिषेक  अनिक बेलपत्र, तात रिंत स्थापन, जिवलिं भी ओर भगवान शिव दोनों किया प्रताम करें हें। अभिषेक प्राता जाख। ५. दीप आरती ६. मंत्र जप ३० नमः दीप आरती के सक दीप, कांमफूर महाशिवरात्रि पर इन मंत्रों का उच्चार देनवास जाकर करें कंदसास्य ण करते हुए शिवलिंगा शाना ।ंरा अमाप कर सकते हें। TRd 64 ज्योतिर्विद अरुण कमार मिश्र महाशिवरात्रि पूजा नियम ffq ga १. पूजा के नियम महाशिवरात्रि पर इन मंत्रों का उच्चारण करते हुए 1 शिवलिंग का अभिषेक करें। २. नकारात्मकता दूर करने के लिए ' ऊँ हीं नमः शिवाय का जाप कर सकते हैं। ३. भोलेनाथ को खुश करने के लिए ' ऊँठ साम्ब सदा शिवाय नमः का भी जाप किया जाता है, जिसमे माता की पूजा  पार्वती और भगवान शिव दोनों  शामिल २. महाशिवरात्रि पूजा सामग्री शिवलिंग, माता पार्वती गणेश, जल, दूध, दही, घी॰ शहद, शक्कर जनेऊ (पंचामृत ), बेलपत्र, धतूरा, भांग " फूल चंदन भस्म কলানা; वस्त्र, धूप, दीप, कर्पूर, फल, मिठाई, पान, सुपारी, लौंग, इलायची महाशिवरात्रि पूजा विधि 3. २. शिवलिंग की स्थापना १. स्नान और संकल्प गंनल और संकल्प, महालिंगा की शिवलिंग की ख्थपत्र धतूरा, भांग संकल्प में स्नान कर करग वाएं। फूल मवपन मत्र कर कने है। ३. अभिषेक ४. श्रृंगार महाशिवरात्रि पर म्पर शिवलिंग पंचामृत काकमम्मात पर चभिषेक  अनिक बेलपत्र, तात रिंत स्थापन, जिवलिं भी ओर भगवान शिव दोनों किया प्रताम करें हें। अभिषेक प्राता जाख। ५. दीप आरती ६. मंत्र जप ३० नमः दीप आरती के सक दीप, कांमफूर महाशिवरात्रि पर इन मंत्रों का उच्चार देनवास जाकर करें कंदसास्य ण करते हुए शिवलिंगा शाना ।ंरा अमाप कर सकते हें। TRd 64 ज्योतिर्विद अरुण कमार मिश्र - ShareChat
#पूजन विधि
पूजन विधि - हरि शरणं महाशिवरात्रि - १५ फरवरी - दिन रविवार ) जीवन में अंधकार बढ़े, तब शिवनाम ही प्रकाश बनकर मार्ग दिखाता है। भगवान शिव त्याग , तप , करुणा और कल्याण के प्रतीक हैं। "ऊँ नमः शिवाय" का जप हमारे मन के विकारों को शांत करता है और अंतःकरण को पवित्र बनाता है। जैसे शिवजी ने विष को कंठ में धारण कर संसार की रक्षा की, वैसे ही हम भी अपने जीवन में धैर्य, संयम और क्षमा को अपनाएँ।  जीवन में सुख, शांति और भोलेनाथ आप सभी के समृद्धि प्रदान करें। महाशिवरात्रि के पावन पर्व की मंगलमय शुभकामनाएं छ हर हर महादेव ऊ हरि शरणं महाशिवरात्रि - १५ फरवरी - दिन रविवार ) जीवन में अंधकार बढ़े, तब शिवनाम ही प्रकाश बनकर मार्ग दिखाता है। भगवान शिव त्याग , तप , करुणा और कल्याण के प्रतीक हैं। "ऊँ नमः शिवाय" का जप हमारे मन के विकारों को शांत करता है और अंतःकरण को पवित्र बनाता है। जैसे शिवजी ने विष को कंठ में धारण कर संसार की रक्षा की, वैसे ही हम भी अपने जीवन में धैर्य, संयम और क्षमा को अपनाएँ।  जीवन में सुख, शांति और भोलेनाथ आप सभी के समृद्धि प्रदान करें। महाशिवरात्रि के पावन पर्व की मंगलमय शुभकामनाएं छ हर हर महादेव ऊ - ShareChat
#पूजन विधि
पूजन विधि - महाशिवरात्रि २०२६ ४ प्ररहर की पुजा विधि व सामग्री १ पहला प्रहर (पूजा समय): शुरूः O६:]I PM से 0९:२३ PM (५ फरवरी) क्या चढ़ाएंः शुद्ध जल, कच्चा दूध , बेलपत्र, सफेद फूल, आक, धूप-दीप मंत्र जाप - "ऊँ नमः शिवाय" 1 ৪ पापों का नाश, मन की शुद्धि। কল 4 २. दूसरा प्रहर (पूजा समय): [ থুক: 09:23 PM মী 12:35 AM (15-16 ক্রহনহী) क्या चढ़ाएंः दही , शहद, चंदन , सफेद तिल, फल [ मंत्र जाप - "ऊँ नमो भगवते रुद्राये" रोगनाश, मानसिक शांति। फल ३. तीसरा प्रहर (पूजा समय)ः शुरूः १२:३५ AM से O३:४७ AM (१६ फरवरी) क्या चढ़ाएंः घी , शक्कर, भस्म , बेलपत्र, रुद्राक्ष मंत्र जाप - "ऊँ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात" भयनाश, संकट मुक्ति, आध्यात्मिक उन्नति | फल ४. चौथा प्रहर (पूजा समय)ः থুজ: 03:47 AMম 06:0O AM (16 ক্নহী) क्या चढ़ाएंः पंचामृत , केसर, इत्र, सफेद पुष्प , नैवेद्य (खीर/ फल) मंत्र जाप - "ऊँ नमः शिवाय शान्ताय परमात्मने" 4 मोक्ष, शिव कृपा, मनोकामना पूर्ति। फल महाशिवरात्रि २०२६ ४ प्ररहर की पुजा विधि व सामग्री १ पहला प्रहर (पूजा समय): शुरूः O६:]I PM से 0९:२३ PM (५ फरवरी) क्या चढ़ाएंः शुद्ध जल, कच्चा दूध , बेलपत्र, सफेद फूल, आक, धूप-दीप मंत्र जाप - "ऊँ नमः शिवाय" 1 ৪ पापों का नाश, मन की शुद्धि। কল 4 २. दूसरा प्रहर (पूजा समय): [ থুক: 09:23 PM মী 12:35 AM (15-16 ক্রহনহী) क्या चढ़ाएंः दही , शहद, चंदन , सफेद तिल, फल [ मंत्र जाप - "ऊँ नमो भगवते रुद्राये" रोगनाश, मानसिक शांति। फल ३. तीसरा प्रहर (पूजा समय)ः शुरूः १२:३५ AM से O३:४७ AM (१६ फरवरी) क्या चढ़ाएंः घी , शक्कर, भस्म , बेलपत्र, रुद्राक्ष मंत्र जाप - "ऊँ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात" भयनाश, संकट मुक्ति, आध्यात्मिक उन्नति | फल ४. चौथा प्रहर (पूजा समय)ः থুজ: 03:47 AMম 06:0O AM (16 ক্নহী) क्या चढ़ाएंः पंचामृत , केसर, इत्र, सफेद पुष्प , नैवेद्य (खीर/ फल) मंत्र जाप - "ऊँ नमः शिवाय शान्ताय परमात्मने" 4 मोक्ष, शिव कृपा, मनोकामना पूर्ति। फल - ShareChat
#शुभ मुहूर्त #पूजन विधि
शुभ मुहूर्त - 15-02-26 महाशिवरात्रि रविवार महाशिवरात्रि भारत के पवित्र त्यौहारों में से एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण उत्सव है। वर्ष की इस सबसे अंधेरी रात को शिव कृपा का उत्सव मनाया जाता है शिव भक्त महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखते हैं और रात्रि जागरण करते हैं। १५ फरवरी के दिन महाशिवरात्रि मनाई जायेगी | क्या आप जानते हैं कि महाशिवरात्रि का पर्व हमारे जीवन में कितने आध्यात्मिक लाभ लेकर आता है? महाशिवरात्रि के दिन शिव जी की उपासना हमें अनेक आशीर्वाद देती हैः से मन में शांति का अनुभव होता है। और पूजा ' आध्यात्मिक शांतिः उपवास सकारात्मक ऊर्जाः शिव कृपा से जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है। आध्यात्मिक उन्नतिः इस दिन की साधना से आत्मिक विकास होता है। संकट दूर होते हैं। संकटों का नाशः महामृत्युंजय मंत्र जाप से सभी ` के घी में कपूर मिला कर महामृत्युंजय मंत्र की १०८ महाशिवरात्रि पर गाय देनी आहुतियां चाहिए॰  इस दिन रुद्राक्ष की माला धारण करना भी शुभ होता है। महाशिवरात्रि की प्रहर पूजा का समय इस प्रकार रहेगाः प्रथम प्रहर १५ फरवरी को शाम 6 बजकर ३७ मिनट से शुरू होगा. दूसरा प्रहर १५ फरवरी की रात 9 बजकर ४५ मिनट से आरंभ होगा. मिनट से शुरू होगा. तीसरा प्रहर १५ फरवरी की मध्यरात्रि के बाद १२ बजकर ५३ की सुबह चौथा प्रहर १५ फरवरी की रात के बाद, १६ फरवरी ४ बजे से प्रारंभ होगा यानी इसका समय सुबह 3 बजकर ४७ मिनट से शुरू होगा. 15-02-26 महाशिवरात्रि रविवार महाशिवरात्रि भारत के पवित्र त्यौहारों में से एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण उत्सव है। वर्ष की इस सबसे अंधेरी रात को शिव कृपा का उत्सव मनाया जाता है शिव भक्त महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखते हैं और रात्रि जागरण करते हैं। १५ फरवरी के दिन महाशिवरात्रि मनाई जायेगी | क्या आप जानते हैं कि महाशिवरात्रि का पर्व हमारे जीवन में कितने आध्यात्मिक लाभ लेकर आता है? महाशिवरात्रि के दिन शिव जी की उपासना हमें अनेक आशीर्वाद देती हैः से मन में शांति का अनुभव होता है। और पूजा ' आध्यात्मिक शांतिः उपवास सकारात्मक ऊर्जाः शिव कृपा से जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है। आध्यात्मिक उन्नतिः इस दिन की साधना से आत्मिक विकास होता है। संकट दूर होते हैं। संकटों का नाशः महामृत्युंजय मंत्र जाप से सभी ` के घी में कपूर मिला कर महामृत्युंजय मंत्र की १०८ महाशिवरात्रि पर गाय देनी आहुतियां चाहिए॰  इस दिन रुद्राक्ष की माला धारण करना भी शुभ होता है। महाशिवरात्रि की प्रहर पूजा का समय इस प्रकार रहेगाः प्रथम प्रहर १५ फरवरी को शाम 6 बजकर ३७ मिनट से शुरू होगा. दूसरा प्रहर १५ फरवरी की रात 9 बजकर ४५ मिनट से आरंभ होगा. मिनट से शुरू होगा. तीसरा प्रहर १५ फरवरी की मध्यरात्रि के बाद १२ बजकर ५३ की सुबह चौथा प्रहर १५ फरवरी की रात के बाद, १६ फरवरी ४ बजे से प्रारंभ होगा यानी इसका समय सुबह 3 बजकर ४७ मिनट से शुरू होगा. - ShareChat