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#satnam waheguru ji #satnam shri waheguru ji #Meetha Lage Tera bhana
satnam waheguru ji - हरिका नामु जन कड भौग { UTII faaiku] हरि नाम्नु जपत कछु नाहि राता हरि नाम की सेवा[] जनु नानक पूजै हरि हरि दैवाा] g प्रभु का नाम ही अर्थः परमात्मा के भक्त के मीठा प्रभु से मिलन का का भोग और ৯ নমাম 4 gqt जोग है। उसको अलग से किसी भौतिक सुख की &fg और न ही उसे प्रभु से लगे जुड़ने लालसा नहीं रहती कठिन योग साधनाओं की आवश्यकता पड़ती है।जो करता है, भी मनुष्य हृदय से हरि के नाम का सुमिरन तेरा परमात्मा से अलग   नहीं होता। नाम जपते कभी 46 रहने से दूरी खत्म हो जाती है और भक्त सदैव उस अकाल पुरख की उपस्थिति मह्सूस करता है। सच्चा भाणा सेवक वही है जो प्रभु के नाम के रंग में पूरी तरह रंगा fag हुआ है और उसकी सेवा में लीन रहता है, उसके नाम ही सबसे बड़ी सेवा है। बाबा नानक जी कहते हैं कि ऐसा भक्त केवल उस एक परमात्मा की ही पूजा और अराधना करता है, जो स्वयं प्रकाशमान है। हरिका नामु जन कड भौग { UTII faaiku] हरि नाम्नु जपत कछु नाहि राता हरि नाम की सेवा[] जनु नानक पूजै हरि हरि दैवाा] g प्रभु का नाम ही अर्थः परमात्मा के भक्त के मीठा प्रभु से मिलन का का भोग और ৯ নমাম 4 gqt जोग है। उसको अलग से किसी भौतिक सुख की &fg और न ही उसे प्रभु से लगे जुड़ने लालसा नहीं रहती कठिन योग साधनाओं की आवश्यकता पड़ती है।जो करता है, भी मनुष्य हृदय से हरि के नाम का सुमिरन तेरा परमात्मा से अलग   नहीं होता। नाम जपते कभी 46 रहने से दूरी खत्म हो जाती है और भक्त सदैव उस अकाल पुरख की उपस्थिति मह्सूस करता है। सच्चा भाणा सेवक वही है जो प्रभु के नाम के रंग में पूरी तरह रंगा fag हुआ है और उसकी सेवा में लीन रहता है, उसके नाम ही सबसे बड़ी सेवा है। बाबा नानक जी कहते हैं कि ऐसा भक्त केवल उस एक परमात्मा की ही पूजा और अराधना करता है, जो स्वयं प्रकाशमान है। - ShareChat