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શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ પરમાત્મા. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - GஏScவேடுஏ 3ఠR@ अद्वेता द्वेत नर्खेद चिंतामणी र्ग्रथ दिव्य परमगुरु प्रति।लाग लगावनको अंगः१२ थयनके परीत काम कया, भवजल तौ तरहीनके। G जयो भेडासे लंगीत नदकु. फरी नाव सम कज कीनके।४ ६ अनुवादः एकबारनदी पारकरने केबाद रस्सी से बंधी नावकाक्या फायदा? अगरनदी ऐसे ही बहती जा रही हे,तो मेरेजेसा होनेकीक्या जरूरत हैे? ٦؛٠ एकबारनदी पारहो जाने पर, रस्सी से बंधी नाव औरलंगरकीकोई आवश्यकता नहीं रहती। उसी प्रकार, यदिकोई परम गुरुकी कृपा से संसार रूपी सागरपारकरसकता है, तो कुबेरस्वामी के समान बननेकीक्या आवश्यकता है? अर्थात् यदिकिसीको अपने कार्य में सफलता मिल जाती है,तो उसे सफलता काकारण बननेकीकोई आवश्यकता नहीं रहती। सत् कैवल परमात्मा Gouuudju GஏScவேடுஏ 3ఠR@ अद्वेता द्वेत नर्खेद चिंतामणी र्ग्रथ दिव्य परमगुरु प्रति।लाग लगावनको अंगः१२ थयनके परीत काम कया, भवजल तौ तरहीनके। G जयो भेडासे लंगीत नदकु. फरी नाव सम कज कीनके।४ ६ अनुवादः एकबारनदी पारकरने केबाद रस्सी से बंधी नावकाक्या फायदा? अगरनदी ऐसे ही बहती जा रही हे,तो मेरेजेसा होनेकीक्या जरूरत हैे? ٦؛٠ एकबारनदी पारहो जाने पर, रस्सी से बंधी नाव औरलंगरकीकोई आवश्यकता नहीं रहती। उसी प्रकार, यदिकोई परम गुरुकी कृपा से संसार रूपी सागरपारकरसकता है, तो कुबेरस्वामी के समान बननेकीक्या आवश्यकता है? अर्थात् यदिकिसीको अपने कार्य में सफलता मिल जाती है,तो उसे सफलता काकारण बननेकीकोई आवश्यकता नहीं रहती। सत् कैवल परमात्मा Gouuudju - ShareChat