ગોવિંદજી ઠાકોર
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ગોવિંદજી ઠાકોર
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सत् कैवल परमात्मा
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ પરમાત્મા. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - टना कैवल ५९६L@३J उन्मसव अद्वैना द्वैत दर्खेद चिंतामणि घ्रीथ दिच्य पर्यप्रुच् ध्रीती लवाग लगावद नितिको धीपष३२ लूूग लगनकी कहत रहैणी ख्न जूत मत जोगा जमाकी] मैरे वचन औलगी काजको , करही न तरक तमाकीll८ ejale ~' भार साथे २५iध कँधवानी ढागएओ थ्ने కలక్ష్ holtldu 3961-8391 $కరీ २तु थजगी slछ u९t %भlqवो, भ२ s12[ sral- (er-0 82991 srd da| ؟٢؟؟ इसर्मैं बढाया गयाा हैकिकुबैरस्यायी कैसााथ प्रैमापूर्ण संबंधबनाकर एक स्थायी भक्तकौ कैसै जीवन यापन करना चाहिए। सभी भरक्तों कौ सांसारिक संबर्धौंका पूर्णतःत्यागकर वैराग्य बनाए रखना चाहिए। उन्हें धार्मिक ग्रंथौमैंवर्णितसभषी व्रतों का पूर्णतयापालन  चाहिए। उन्हेंकिसी भी ऐसे कार्यकै करना बारे्में सौचना भी नर्हीं चाहिएजो किसी व्रत काउल्लंघनकरता ह्ो[ सत् कैवल परमात्मा Gouundju टना कैवल ५९६L@३J उन्मसव अद्वैना द्वैत दर्खेद चिंतामणि घ्रीथ दिच्य पर्यप्रुच् ध्रीती लवाग लगावद नितिको धीपष३२ लूूग लगनकी कहत रहैणी ख्न जूत मत जोगा जमाकी] मैरे वचन औलगी काजको , करही न तरक तमाकीll८ ejale ~' भार साथे २५iध कँधवानी ढागएओ थ्ने కలక్ష్ holtldu 3961-8391 $కరీ २तु थजगी slछ u९t %भlqवो, भ२ s12[ sral- (er-0 82991 srd da| ؟٢؟؟ इसर्मैं बढाया गयाा हैकिकुबैरस्यायी कैसााथ प्रैमापूर्ण संबंधबनाकर एक स्थायी भक्तकौ कैसै जीवन यापन करना चाहिए। सभी भरक्तों कौ सांसारिक संबर्धौंका पूर्णतःत्यागकर वैराग्य बनाए रखना चाहिए। उन्हें धार्मिक ग्रंथौमैंवर्णितसभषी व्रतों का पूर्णतयापालन  चाहिए। उन्हेंकिसी भी ऐसे कार्यकै करना बारे्में सौचना भी नर्हीं चाहिएजो किसी व्रत काउल्लंघनकरता ह्ो[ सत् कैवल परमात्मा Gouundju - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ સાહેબ. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - [[ CICCIMTGRIECRakTEEఖCN"CడRulf] [[ 'ಕಾಖಗಿೊಿತಾತ% வீப்வ तेही जीवनकु करीत करामल , गुण अवतार धरीने; एही अनहुत कर रहे दुनीमे , तेतो गये मरीने. II५II भावार्थ वि.वि.किधि.ग्रंथ.शिद्ांतः २५ ా -~ गुएना थथेदा थवताशेथे थुष्त $शने % ते छवोने प्रपंथ %ा५भi नIज्था. थे " थ{नछूत " भरेदुं थाथ२ए दुनिथाभा २डी गथुं, थर्थात %४गते ते usडी दीधुं थने %ेखो ५ोg AतावनI२ eता तेथ्ो तो भशी ५९८ गथा. ५२भगु३ श्रीभंत $२एI२Iग२ कैवल स्ाहेब <;|6[ 99T [ಹu್ आपका दिनर्मंगलमय रहेे Govindji [[ CICCIMTGRIECRakTEEఖCN"CడRulf] [[ 'ಕಾಖಗಿೊಿತಾತ% வீப்வ तेही जीवनकु करीत करामल , गुण अवतार धरीने; एही अनहुत कर रहे दुनीमे , तेतो गये मरीने. II५II भावार्थ वि.वि.किधि.ग्रंथ.शिद्ांतः २५ ా -~ गुएना थथेदा थवताशेथे थुष्त $शने % ते छवोने प्रपंथ %ा५भi नIज्था. थे " थ{नछूत " भरेदुं थाथ२ए दुनिथाभा २डी गथुं, थर्थात %४गते ते usडी दीधुं थने %ेखो ५ोg AतावनI२ eता तेथ्ो तो भशी ५९८ गथा. ५२भगु३ श्रीभंत $२एI२Iग२ कैवल स्ाहेब <;|6[ 99T [ಹu್ आपका दिनर्मंगलमय रहेे Govindji - ShareChat
શુભ સવાર ના પરમાત્મા. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - सनू कैबल स्चाहेब ತಕರ ೊರರ अद्वेना द्वेत दर्खेद चिंतामणि छ्थ दिव्य परमगुरु प्रति लाग लगावन नितिको अंग :१२ त्यौ मैरै जन चरण हमनकै , जैही जिनु जम र्त पूगे त्यौे तिनके फल पाय तैहुनसे , हम सम लाग न लागे $l ७ ২৫]৫০৪: तेभ भा२ थ२राभा २८५ा] थनुथाथीथोने %ेनेळेशते %ेवी खIा२त %ागे तेने तgुं ६० uuurత uRg uaalIualds 4483. ्सारः यदि सकर्तासिद्धांतका पालन करने वाले स्थायी भक्त सदा केलिए परम गुरुके चरण कमर्लों से जुड़े रहें, तोजोभी अपने हृदय र्में यह इच्छा जागृत करता है, उसे इसका फल प्राप्त होता हे। परन्तुकिसी भी स्थायी भक्त को कुबेरस्वामी बनने का अहसास नर्हीं होता, क्योंकियह संभव नहीं है। सत् कैवल परमात्मा Govindji सनू कैबल स्चाहेब ತಕರ ೊರರ अद्वेना द्वेत दर्खेद चिंतामणि छ्थ दिव्य परमगुरु प्रति लाग लगावन नितिको अंग :१२ त्यौ मैरै जन चरण हमनकै , जैही जिनु जम र्त पूगे त्यौे तिनके फल पाय तैहुनसे , हम सम लाग न लागे $l ७ ২৫]৫০৪: तेभ भा२ थ२राभा २८५ा] थनुथाथीथोने %ेनेळेशते %ेवी खIा२त %ागे तेने तgुं ६० uuurత uRg uaalIualds 4483. ्सारः यदि सकर्तासिद्धांतका पालन करने वाले स्थायी भक्त सदा केलिए परम गुरुके चरण कमर्लों से जुड़े रहें, तोजोभी अपने हृदय र्में यह इच्छा जागृत करता है, उसे इसका फल प्राप्त होता हे। परन्तुकिसी भी स्थायी भक्त को कुबेरस्वामी बनने का अहसास नर्हीं होता, क्योंकियह संभव नहीं है। सत् कैवल परमात्मा Govindji - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ સાહેબ. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - CgGGNIuaruKErGaruణడu TT I ி ಟೊಹ್ಾ; ಈ ಹರ್ಾೊ; करे केहुनसे॰ एक पतिनकी मांही॰ L८ड़ ७kू@ Cఅలః? (RRERER ద లకsulkజuntcడadల్లనల 8 teilcr) 8ug1 (Gai % 485 ug e1 ஸீ ஆeஸலஆo 03423 eleia s3gu3111] सनू केवल स्ाहेब 82 qeual क्वपका दिन धवर्नदिन चहेए Govind CgGGNIuaruKErGaruణడu TT I ி ಟೊಹ್ಾ; ಈ ಹರ್ಾೊ; करे केहुनसे॰ एक पतिनकी मांही॰ L८ड़ ७kू@ Cఅలః? (RRERER ద లకsulkజuntcడadల్లనల 8 teilcr) 8ug1 (Gai % 485 ug e1 ஸீ ஆeஸலஆo 03423 eleia s3gu3111] सनू केवल स्ाहेब 82 qeual क्वपका दिन धवर्नदिन चहेए Govind - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ પરમાત્મા. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - &<[47&134 (c' अद्वैता द्वैत नर्र्वेद चिंतामणी ग्रंथ दिव्य परमगुरु प्रति लाग लगावन नितिको अंगः१२ कल्पतरुसे कल्पित पावत , जेही जिनके उर धरही। पण जिनमे जन कोहु न होवत , कल्पतरु सरभरहीI१६ :थनुवा६: 4ीतlनl feथभi%ठ धर्थु खोय तेवी scuनानु goseudpalwaraతి; uag dtIel . slseGaseud? 241- u8esd -el,/ =सारः जो मनुष्य कल्पतरु वृक्षकी छाया में बैठकर अपने मनर्में अपनी इच्छित वस्तुका चिंतन करता है, उसे अपने चिंतन काफल प्राप्त होता है। परन्तु केवल चिंतन करने से कोईमनुष्य कल्पतरु वृक्ष के समान नर्हीं बन सकता | सतू कैवल परमात्मा Govindit &<[47&134 (c' अद्वैता द्वैत नर्र्वेद चिंतामणी ग्रंथ दिव्य परमगुरु प्रति लाग लगावन नितिको अंगः१२ कल्पतरुसे कल्पित पावत , जेही जिनके उर धरही। पण जिनमे जन कोहु न होवत , कल्पतरु सरभरहीI१६ :थनुवा६: 4ीतlनl feथभi%ठ धर्थु खोय तेवी scuनानु goseudpalwaraతి; uag dtIel . slseGaseud? 241- u8esd -el,/ =सारः जो मनुष्य कल्पतरु वृक्षकी छाया में बैठकर अपने मनर्में अपनी इच्छित वस्तुका चिंतन करता है, उसे अपने चिंतन काफल प्राप्त होता है। परन्तु केवल चिंतन करने से कोईमनुष्य कल्पतरु वृक्ष के समान नर्हीं बन सकता | सतू कैवल परमात्मा Govindit - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ સાહેબ . #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - L[ ಊಔಟಷೂಟuಹದರಔದಿರರಣನೆಗಿ] [[ श्रीमत् कृपानिधि उवाचः अजागनके तीनकुम श्ृतम कूरेहुः जब अवतार धरे 39r4 ೪r भरहुः एही भवभर सबहुते IaI भावार्थ GRa iவieia:au uglgunshnishupldaRlajuen तेभशे धर्भनो थधर्भ डर्थोखने %गतना : ಅ೩[ ख%P्याडतातेभनाभi डे२डीथ %तनी@्राति@श. ५२भगु३ श्रीभंत $२आसाग२ सतू कैवल साहेब থুঞ্জ ভঙ্ आपका दिन मंगलमय रहे। Govindji L[ ಊಔಟಷೂಟuಹದರಔದಿರರಣನೆಗಿ] [[ श्रीमत् कृपानिधि उवाचः अजागनके तीनकुम श्ृतम कूरेहुः जब अवतार धरे 39r4 ೪r भरहुः एही भवभर सबहुते IaI भावार्थ GRa iவieia:au uglgunshnishupldaRlajuen तेभशे धर्भनो थधर्भ डर्थोखने %गतना : ಅ೩[ ख%P्याडतातेभनाभi डे२डीथ %तनी@्राति@श. ५२भगु३ श्रीभंत $२आसाग२ सतू कैवल साहेब থুঞ্জ ভঙ্ आपका दिन मंगलमय रहे। Govindji - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ પરમાત્મા. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - सन केवल स्घाहेब ?{C[ अद्वेनाा द्वेत दर्खेद चिंन्रासणी छ्रीथ दिव्य परयणुल ग्रति ल्वाया लगावनको दितिको अग४१२ बहनोरहु हम तो कल्पवृक्ष तरु, अविगूत अकण उदासी। जीमकी छाय चरण चि्तॅ वरतत , तेही तिनका फल पासीlI५ :अनुवादः इसके अतिरिक्त, मैं अविभेदित औरत्यागी होकर कल्पवृक्ष वृक्ष के समान हूँ। यदिकोई अपने चरर्णों ्मेंस्थित इस स्वरूपकी छाया र्में चलकर ध्यान करे, तौ उसै इसका फल प्राप्त हौता है[ II: इसके अलावा , कुबेरस्वामी, जो एक अज्ञेय औरपरम संन्यासी हैं, कल्पवृक्ष के समान हैं, जिसे संसारमें एकदिव्य वृक्ष माना जाता हैे। जोभी मनुष्य उनके वच्नों के अनुसारकार्य  करता है और अपना मन उनके चरण कमर्लों ्में लगाता है, वहजोभी करे, उसे अपने कर्मोंका फल अवश्य प्राप्त होगा | अर्थात् उनके चरण कमर्लों में जन्म ्मृत्यु के मानवीय जीवनका भय दूरहो जाता हे। फलस्वरूप, शाश्वत मोक्ष कीप्राप्तिकी मनोकामना पूर्णहो जाती है। सतू कैवल परमात्मा Govindji सन केवल स्घाहेब ?{C[ अद्वेनाा द्वेत दर्खेद चिंन्रासणी छ्रीथ दिव्य परयणुल ग्रति ल्वाया लगावनको दितिको अग४१२ बहनोरहु हम तो कल्पवृक्ष तरु, अविगूत अकण उदासी। जीमकी छाय चरण चि्तॅ वरतत , तेही तिनका फल पासीlI५ :अनुवादः इसके अतिरिक्त, मैं अविभेदित औरत्यागी होकर कल्पवृक्ष वृक्ष के समान हूँ। यदिकोई अपने चरर्णों ्मेंस्थित इस स्वरूपकी छाया र्में चलकर ध्यान करे, तौ उसै इसका फल प्राप्त हौता है[ II: इसके अलावा , कुबेरस्वामी, जो एक अज्ञेय औरपरम संन्यासी हैं, कल्पवृक्ष के समान हैं, जिसे संसारमें एकदिव्य वृक्ष माना जाता हैे। जोभी मनुष्य उनके वच्नों के अनुसारकार्य  करता है और अपना मन उनके चरण कमर्लों ्में लगाता है, वहजोभी करे, उसे अपने कर्मोंका फल अवश्य प्राप्त होगा | अर्थात् उनके चरण कमर्लों में जन्म ्मृत्यु के मानवीय जीवनका भय दूरहो जाता हे। फलस्वरूप, शाश्वत मोक्ष कीप्राप्तिकी मनोकामना पूर्णहो जाती है। सतू कैवल परमात्मा Govindji - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ સાહેબ. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - Il आध सक्रत स्वराज करूणेश कैवल क्ताँ र्व नमामि ]l [ంటక్రౌ ತ್ರಷ ಾಪಕ@ಹ5ರಾ೯ जतमतख्न ಊ೫)ತ್ಮೆತ [R[ ತರೀ एक clclleiz @anlsjaRieiagru  ؟ RRజSEfaso@aAeదiuses @ sa deleides%oauacuskeuiie8qa @dhstకsaనiCI uRwjRalడకsaguEIR टनू कैवल स्ाहैब शुभ प्रभात #్ల आपका दिनशुभ ह्रो। ೧ Govindjo Il आध सक्रत स्वराज करूणेश कैवल क्ताँ र्व नमामि ]l [ంటక్రౌ ತ್ರಷ ಾಪಕ@ಹ5ರಾ೯ जतमतख्न ಊ೫)ತ್ಮೆತ [R[ ತರೀ एक clclleiz @anlsjaRieiagru  ؟ RRజSEfaso@aAeదiuses @ sa deleides%oauacuskeuiie8qa @dhstకsaనiCI uRwjRalడకsaguEIR टनू कैवल स्ाहैब शुभ प्रभात #్ల आपका दिनशुभ ह्रो। ೧ Govindjo - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ પરમાત્મા. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - GஏScவேடுஏ 3ఠR@ अद्वेता द्वेत नर्खेद चिंतामणी र्ग्रथ दिव्य परमगुरु प्रति।लाग लगावनको अंगः१२ थयनके परीत काम कया, भवजल तौ तरहीनके। G जयो भेडासे लंगीत नदकु. फरी नाव सम कज कीनके।४ ६ अनुवादः एकबारनदी पारकरने केबाद रस्सी से बंधी नावकाक्या फायदा? अगरनदी ऐसे ही बहती जा रही हे,तो मेरेजेसा होनेकीक्या जरूरत हैे? ٦؛٠ एकबारनदी पारहो जाने पर, रस्सी से बंधी नाव औरलंगरकीकोई आवश्यकता नहीं रहती। उसी प्रकार, यदिकोई परम गुरुकी कृपा से संसार रूपी सागरपारकरसकता है, तो कुबेरस्वामी के समान बननेकीक्या आवश्यकता है? अर्थात् यदिकिसीको अपने कार्य में सफलता मिल जाती है,तो उसे सफलता काकारण बननेकीकोई आवश्यकता नहीं रहती। सत् कैवल परमात्मा Gouuudju GஏScவேடுஏ 3ఠR@ अद्वेता द्वेत नर्खेद चिंतामणी र्ग्रथ दिव्य परमगुरु प्रति।लाग लगावनको अंगः१२ थयनके परीत काम कया, भवजल तौ तरहीनके। G जयो भेडासे लंगीत नदकु. फरी नाव सम कज कीनके।४ ६ अनुवादः एकबारनदी पारकरने केबाद रस्सी से बंधी नावकाक्या फायदा? अगरनदी ऐसे ही बहती जा रही हे,तो मेरेजेसा होनेकीक्या जरूरत हैे? ٦؛٠ एकबारनदी पारहो जाने पर, रस्सी से बंधी नाव औरलंगरकीकोई आवश्यकता नहीं रहती। उसी प्रकार, यदिकोई परम गुरुकी कृपा से संसार रूपी सागरपारकरसकता है, तो कुबेरस्वामी के समान बननेकीक्या आवश्यकता है? अर्थात् यदिकिसीको अपने कार्य में सफलता मिल जाती है,तो उसे सफलता काकारण बननेकीकोई आवश्यकता नहीं रहती। सत् कैवल परमात्मा Gouuudju - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ સાહેબ. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - कैवल  कतॉ त्वं नमामि ]१ ][ शाध सक्रत स्वराज करूणेश @ಟ್ಲ धर्म श्थ थापनके कीयने &्वतर तीनुं E్ట్డ EడEECEIE ೫ತತ & [ತರಪ Eg II %வசeeedse வeid:eu = CeauRai थवद्ाा२र থুচণীয়] थवता२ धाशरघ डरेटो & छती टादर्थना भार्था धर्भ थर्थः 24080 244 21-48d 44 8s142} "7؟?83.!3[?_~43315958 स्थापवानु भृड 12 स्थाप्या छ पश्भगरु३ श्रीभतछकशशाग२ कैवल साहेव सत gTRI@T आपका दिन र्सयलमय रहेए Gouindjt कैवल  कतॉ त्वं नमामि ]१ ][ शाध सक्रत स्वराज करूणेश @ಟ್ಲ धर्म श्थ थापनके कीयने &्वतर तीनुं E్ట్డ EడEECEIE ೫ತತ & [ತರಪ Eg II %வசeeedse வeid:eu = CeauRai थवद्ाा२र থুচণীয়] थवता२ धाशरघ डरेटो & छती टादर्थना भार्था धर्भ थर्थः 24080 244 21-48d 44 8s142} "7؟?83.!3[?_~43315958 स्थापवानु भृड 12 स्थाप्या छ पश्भगरु३ श्रीभतछकशशाग२ कैवल साहेव सत gTRI@T आपका दिन र्सयलमय रहेए Gouindjt - ShareChat