ગોવિંદજી ઠાકોર
ShareChat
click to see wallet page
@88102720
88102720
ગોવિંદજી ઠાકોર
@88102720
सत् कैवल परमात्मा
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ પરમાત્મા. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - &<[47&134 (c' अद्वैता द्वैत नर्र्वेद चिंतामणी ग्रंथ दिव्य परमगुरु प्रति लाग लगावन नितिको अंगः१२ कल्पतरुसे कल्पित पावत , जेही जिनके उर धरही। पण जिनमे जन कोहु न होवत , कल्पतरु सरभरहीI१६ :थनुवा६: 4ीतlनl feथभi%ठ धर्थु खोय तेवी scuनानु goseudpalwaraతి; uag dtIel . slseGaseud? 241- u8esd -el,/ =सारः जो मनुष्य कल्पतरु वृक्षकी छाया में बैठकर अपने मनर्में अपनी इच्छित वस्तुका चिंतन करता है, उसे अपने चिंतन काफल प्राप्त होता है। परन्तु केवल चिंतन करने से कोईमनुष्य कल्पतरु वृक्ष के समान नर्हीं बन सकता | सतू कैवल परमात्मा Govindit &<[47&134 (c' अद्वैता द्वैत नर्र्वेद चिंतामणी ग्रंथ दिव्य परमगुरु प्रति लाग लगावन नितिको अंगः१२ कल्पतरुसे कल्पित पावत , जेही जिनके उर धरही। पण जिनमे जन कोहु न होवत , कल्पतरु सरभरहीI१६ :थनुवा६: 4ीतlनl feथभi%ठ धर्थु खोय तेवी scuनानु goseudpalwaraతి; uag dtIel . slseGaseud? 241- u8esd -el,/ =सारः जो मनुष्य कल्पतरु वृक्षकी छाया में बैठकर अपने मनर्में अपनी इच्छित वस्तुका चिंतन करता है, उसे अपने चिंतन काफल प्राप्त होता है। परन्तु केवल चिंतन करने से कोईमनुष्य कल्पतरु वृक्ष के समान नर्हीं बन सकता | सतू कैवल परमात्मा Govindit - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ સાહેબ . #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - L[ ಊಔಟಷೂಟuಹದರಔದಿರರಣನೆಗಿ] [[ श्रीमत् कृपानिधि उवाचः अजागनके तीनकुम श्ृतम कूरेहुः जब अवतार धरे 39r4 ೪r भरहुः एही भवभर सबहुते IaI भावार्थ GRa iவieia:au uglgunshnishupldaRlajuen तेभशे धर्भनो थधर्भ डर्थोखने %गतना : ಅ೩[ ख%P्याडतातेभनाभi डे२डीथ %तनी@्राति@श. ५२भगु३ श्रीभंत $२आसाग२ सतू कैवल साहेब থুঞ্জ ভঙ্ आपका दिन मंगलमय रहे। Govindji L[ ಊಔಟಷೂಟuಹದರಔದಿರರಣನೆಗಿ] [[ श्रीमत् कृपानिधि उवाचः अजागनके तीनकुम श्ृतम कूरेहुः जब अवतार धरे 39r4 ೪r भरहुः एही भवभर सबहुते IaI भावार्थ GRa iவieia:au uglgunshnishupldaRlajuen तेभशे धर्भनो थधर्भ डर्थोखने %गतना : ಅ೩[ ख%P्याडतातेभनाभi डे२डीथ %तनी@्राति@श. ५२भगु३ श्रीभंत $२आसाग२ सतू कैवल साहेब থুঞ্জ ভঙ্ आपका दिन मंगलमय रहे। Govindji - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ પરમાત્મા. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - सन केवल स्घाहेब ?{C[ अद्वेनाा द्वेत दर्खेद चिंन्रासणी छ्रीथ दिव्य परयणुल ग्रति ल्वाया लगावनको दितिको अग४१२ बहनोरहु हम तो कल्पवृक्ष तरु, अविगूत अकण उदासी। जीमकी छाय चरण चि्तॅ वरतत , तेही तिनका फल पासीlI५ :अनुवादः इसके अतिरिक्त, मैं अविभेदित औरत्यागी होकर कल्पवृक्ष वृक्ष के समान हूँ। यदिकोई अपने चरर्णों ्मेंस्थित इस स्वरूपकी छाया र्में चलकर ध्यान करे, तौ उसै इसका फल प्राप्त हौता है[ II: इसके अलावा , कुबेरस्वामी, जो एक अज्ञेय औरपरम संन्यासी हैं, कल्पवृक्ष के समान हैं, जिसे संसारमें एकदिव्य वृक्ष माना जाता हैे। जोभी मनुष्य उनके वच्नों के अनुसारकार्य  करता है और अपना मन उनके चरण कमर्लों ्में लगाता है, वहजोभी करे, उसे अपने कर्मोंका फल अवश्य प्राप्त होगा | अर्थात् उनके चरण कमर्लों में जन्म ्मृत्यु के मानवीय जीवनका भय दूरहो जाता हे। फलस्वरूप, शाश्वत मोक्ष कीप्राप्तिकी मनोकामना पूर्णहो जाती है। सतू कैवल परमात्मा Govindji सन केवल स्घाहेब ?{C[ अद्वेनाा द्वेत दर्खेद चिंन्रासणी छ्रीथ दिव्य परयणुल ग्रति ल्वाया लगावनको दितिको अग४१२ बहनोरहु हम तो कल्पवृक्ष तरु, अविगूत अकण उदासी। जीमकी छाय चरण चि्तॅ वरतत , तेही तिनका फल पासीlI५ :अनुवादः इसके अतिरिक्त, मैं अविभेदित औरत्यागी होकर कल्पवृक्ष वृक्ष के समान हूँ। यदिकोई अपने चरर्णों ्मेंस्थित इस स्वरूपकी छाया र्में चलकर ध्यान करे, तौ उसै इसका फल प्राप्त हौता है[ II: इसके अलावा , कुबेरस्वामी, जो एक अज्ञेय औरपरम संन्यासी हैं, कल्पवृक्ष के समान हैं, जिसे संसारमें एकदिव्य वृक्ष माना जाता हैे। जोभी मनुष्य उनके वच्नों के अनुसारकार्य  करता है और अपना मन उनके चरण कमर्लों ्में लगाता है, वहजोभी करे, उसे अपने कर्मोंका फल अवश्य प्राप्त होगा | अर्थात् उनके चरण कमर्लों में जन्म ्मृत्यु के मानवीय जीवनका भय दूरहो जाता हे। फलस्वरूप, शाश्वत मोक्ष कीप्राप्तिकी मनोकामना पूर्णहो जाती है। सतू कैवल परमात्मा Govindji - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ સાહેબ. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - Il आध सक्रत स्वराज करूणेश कैवल क्ताँ र्व नमामि ]l [ంటక్రౌ ತ್ರಷ ಾಪಕ@ಹ5ರಾ೯ जतमतख्न ಊ೫)ತ್ಮೆತ [R[ ತರೀ एक clclleiz @anlsjaRieiagru  ؟ RRజSEfaso@aAeదiuses @ sa deleides%oauacuskeuiie8qa @dhstకsaనiCI uRwjRalడకsaguEIR टनू कैवल स्ाहैब शुभ प्रभात #్ల आपका दिनशुभ ह्रो। ೧ Govindjo Il आध सक्रत स्वराज करूणेश कैवल क्ताँ र्व नमामि ]l [ంటక్రౌ ತ್ರಷ ಾಪಕ@ಹ5ರಾ೯ जतमतख्न ಊ೫)ತ್ಮೆತ [R[ ತರೀ एक clclleiz @anlsjaRieiagru  ؟ RRజSEfaso@aAeదiuses @ sa deleides%oauacuskeuiie8qa @dhstకsaనiCI uRwjRalడకsaguEIR टनू कैवल स्ाहैब शुभ प्रभात #్ల आपका दिनशुभ ह्रो। ೧ Govindjo - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ પરમાત્મા. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - GஏScவேடுஏ 3ఠR@ अद्वेता द्वेत नर्खेद चिंतामणी र्ग्रथ दिव्य परमगुरु प्रति।लाग लगावनको अंगः१२ थयनके परीत काम कया, भवजल तौ तरहीनके। G जयो भेडासे लंगीत नदकु. फरी नाव सम कज कीनके।४ ६ अनुवादः एकबारनदी पारकरने केबाद रस्सी से बंधी नावकाक्या फायदा? अगरनदी ऐसे ही बहती जा रही हे,तो मेरेजेसा होनेकीक्या जरूरत हैे? ٦؛٠ एकबारनदी पारहो जाने पर, रस्सी से बंधी नाव औरलंगरकीकोई आवश्यकता नहीं रहती। उसी प्रकार, यदिकोई परम गुरुकी कृपा से संसार रूपी सागरपारकरसकता है, तो कुबेरस्वामी के समान बननेकीक्या आवश्यकता है? अर्थात् यदिकिसीको अपने कार्य में सफलता मिल जाती है,तो उसे सफलता काकारण बननेकीकोई आवश्यकता नहीं रहती। सत् कैवल परमात्मा Gouuudju GஏScவேடுஏ 3ఠR@ अद्वेता द्वेत नर्खेद चिंतामणी र्ग्रथ दिव्य परमगुरु प्रति।लाग लगावनको अंगः१२ थयनके परीत काम कया, भवजल तौ तरहीनके। G जयो भेडासे लंगीत नदकु. फरी नाव सम कज कीनके।४ ६ अनुवादः एकबारनदी पारकरने केबाद रस्सी से बंधी नावकाक्या फायदा? अगरनदी ऐसे ही बहती जा रही हे,तो मेरेजेसा होनेकीक्या जरूरत हैे? ٦؛٠ एकबारनदी पारहो जाने पर, रस्सी से बंधी नाव औरलंगरकीकोई आवश्यकता नहीं रहती। उसी प्रकार, यदिकोई परम गुरुकी कृपा से संसार रूपी सागरपारकरसकता है, तो कुबेरस्वामी के समान बननेकीक्या आवश्यकता है? अर्थात् यदिकिसीको अपने कार्य में सफलता मिल जाती है,तो उसे सफलता काकारण बननेकीकोई आवश्यकता नहीं रहती। सत् कैवल परमात्मा Gouuudju - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ સાહેબ. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - कैवल  कतॉ त्वं नमामि ]१ ][ शाध सक्रत स्वराज करूणेश @ಟ್ಲ धर्म श्थ थापनके कीयने &्वतर तीनुं E్ట్డ EడEECEIE ೫ತತ & [ತರಪ Eg II %வசeeedse வeid:eu = CeauRai थवद्ाा२र থুচণীয়] थवता२ धाशरघ डरेटो & छती टादर्थना भार्था धर्भ थर्थः 24080 244 21-48d 44 8s142} "7؟?83.!3[?_~43315958 स्थापवानु भृड 12 स्थाप्या छ पश्भगरु३ श्रीभतछकशशाग२ कैवल साहेव सत gTRI@T आपका दिन र्सयलमय रहेए Gouindjt कैवल  कतॉ त्वं नमामि ]१ ][ शाध सक्रत स्वराज करूणेश @ಟ್ಲ धर्म श्थ थापनके कीयने &्वतर तीनुं E్ట్డ EడEECEIE ೫ತತ & [ತರಪ Eg II %வசeeedse வeid:eu = CeauRai थवद्ाा२र থুচণীয়] थवता२ धाशरघ डरेटो & छती टादर्थना भार्था धर्भ थर्थः 24080 244 21-48d 44 8s142} "7؟?83.!3[?_~43315958 स्थापवानु भृड 12 स्थाप्या छ पश्भगरु३ श्रीभतछकशशाग२ कैवल साहेव सत gTRI@T आपका दिन र्सयलमय रहेए Gouindjt - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ પરમાત્મા. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - ೩೯ಠತಞಐೊತ अद्वेता द्वेत नर्खेद चिंतामणी घ्रथ दिव्य परमगुरु प्रति लाग लगावनको अंगः१२ तेसेही हम धूरणी जून तरर, पोखेहु प्रेम अमुला अंश कोउ होय न मोई सम, ज्यो तरु नही जमी तुलाा३ तदपी मैपृथ्वीकृस्मान तूँ औरमनुष्य इसीप्रकार, पौर्धोंके समान हैं। मैंप्रेमपूर्वक उरन्हे अमूल्य पोषण प्रदान करता हूँ। परन्तुजिस प्रकारवृक्ष पृथ्वी के समान नहीं होता , उसी प्रकार पृथ्वी का कोईभीभाग मेरे समान नहींहो सकता। सार इसी प्रकार, कुबेरस्वामी पृथ्वी के रूप में और मनुष्य पौधों के रूप में विद्यमान हैं। कुबेरस्वामी अपने अमूल्य कैवल्य ज्ञान से सभी का प्रेमपूर्वक पोषण करते हैं। परन्तु जिस प्रकार कोई वृक्ष पृथ्वी के समान नहीं हो सकता , उसी प्रकार साधारण , विशेष भीवस्तु या अत्यंत विशेष कोई कुबेरस्वामी के समान नहीं हो सकती। सत् कैवल परमात्मा Govindji] ೩೯ಠತಞಐೊತ अद्वेता द्वेत नर्खेद चिंतामणी घ्रथ दिव्य परमगुरु प्रति लाग लगावनको अंगः१२ तेसेही हम धूरणी जून तरर, पोखेहु प्रेम अमुला अंश कोउ होय न मोई सम, ज्यो तरु नही जमी तुलाा३ तदपी मैपृथ्वीकृस्मान तूँ औरमनुष्य इसीप्रकार, पौर्धोंके समान हैं। मैंप्रेमपूर्वक उरन्हे अमूल्य पोषण प्रदान करता हूँ। परन्तुजिस प्रकारवृक्ष पृथ्वी के समान नहीं होता , उसी प्रकार पृथ्वी का कोईभीभाग मेरे समान नहींहो सकता। सार इसी प्रकार, कुबेरस्वामी पृथ्वी के रूप में और मनुष्य पौधों के रूप में विद्यमान हैं। कुबेरस्वामी अपने अमूल्य कैवल्य ज्ञान से सभी का प्रेमपूर्वक पोषण करते हैं। परन्तु जिस प्रकार कोई वृक्ष पृथ्वी के समान नहीं हो सकता , उसी प्रकार साधारण , विशेष भीवस्तु या अत्यंत विशेष कोई कुबेरस्वामी के समान नहीं हो सकती। सत् कैवल परमात्मा Govindji] - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ સાહેબ. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - आध सक्रृत स्वराज कळ्ेश कैवल कर्ता त्व दमामि ]] कड्ी मतलबधवनासगुननकी, आगेकडीहुनजेडीः মনক্কতীবভভজবীৎভভনতীন্ীতভ্ভভ্রলঘনরী; [৪OII] %ಪೌ# @@Raబనdtas 81 42usej sageiiis8uccreleel- lede,d-] [aEకaICంEIFSESIEIPRJgaclaaల 9u22 ज्रुढााशो : atRERREIEESSIEIుR eia8galsaeSacerr3al} Ukalsssgl: guR@: agfesiegஇaRQeaeீப3ம1 सत् कैवल स्ाहेब शुभष प्रभात ತuತ[ mriಕr-au Govindji आध सक्रृत स्वराज कळ्ेश कैवल कर्ता त्व दमामि ]] कड्ी मतलबधवनासगुननकी, आगेकडीहुनजेडीः মনক্কতীবভভজবীৎভভনতীন্ীতভ্ভভ্রলঘনরী; [৪OII] %ಪೌ# @@Raబనdtas 81 42usej sageiiis8uccreleel- lede,d-] [aEకaICంEIFSESIEIPRJgaclaaల 9u22 ज्रुढााशो : atRERREIEESSIEIుR eia8galsaeSacerr3al} Ukalsssgl: guR@: agfesiegஇaRQeaeீப3ம1 सत् कैवल स्ाहेब शुभष प्रभात ತuತ[ mriಕr-au Govindji - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ પરમાત્મા. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - कैवल साहेब सतू अमृत Jk कैवल साहेब सत अद्वेता ्द्वेत नरर्वेद चिंतामणी ग्रंथ दिव्य परमगुरुके प्रती लाग लगावनको अंगः१२ अवनी समोवड हवित न कोउ कीत, भार अढार वरखमे। तरण आध तरु मांही विलोकीत , जमी जम कुन दरखमे।।२ ?ঔনুবাত্র: अठारह पौधे पृथ्वी केसमान नर्ही हैं। धाराके आरंभ से वृक्षका अवलोकन करते हुए, कोन सा पौधा रूप में पृथ्वी के समानॅ है? :I: कुल अठारह प्रकारकी वनस्पतिर्यों ्मेंसे, चार प्रकारकेफलदार औरचारप्रकारके फलरहित वृक्ष, चार प्रकारके कांटेदारवृक्ष ओर छह प्रकारकी लताऐँहें, लेकिनकोई भी वृक्ष, चाहे वहकितना भी लंबा , चौड़ा और विशाल क्योंनहो, पृथ्वी केबराबरनर्हीं है। अर्थात जलकी सतहसे प्रत्यक्ष अवलोकन भीवृक्ष : अपने आकाररूपके करने पर, कोई मामले में पृथ्वी से तुलना नहीं करसकता | सतू कैवल परमात्मा Govindt कैवल साहेब सतू अमृत Jk कैवल साहेब सत अद्वेता ्द्वेत नरर्वेद चिंतामणी ग्रंथ दिव्य परमगुरुके प्रती लाग लगावनको अंगः१२ अवनी समोवड हवित न कोउ कीत, भार अढार वरखमे। तरण आध तरु मांही विलोकीत , जमी जम कुन दरखमे।।२ ?ঔনুবাত্র: अठारह पौधे पृथ्वी केसमान नर्ही हैं। धाराके आरंभ से वृक्षका अवलोकन करते हुए, कोन सा पौधा रूप में पृथ्वी के समानॅ है? :I: कुल अठारह प्रकारकी वनस्पतिर्यों ्मेंसे, चार प्रकारकेफलदार औरचारप्रकारके फलरहित वृक्ष, चार प्रकारके कांटेदारवृक्ष ओर छह प्रकारकी लताऐँहें, लेकिनकोई भी वृक्ष, चाहे वहकितना भी लंबा , चौड़ा और विशाल क्योंनहो, पृथ्वी केबराबरनर्हीं है। अर्थात जलकी सतहसे प्रत्यक्ष अवलोकन भीवृक्ष : अपने आकाररूपके करने पर, कोई मामले में पृथ्वी से तुलना नहीं करसकता | सतू कैवल परमात्मा Govindt - ShareChat
શુભ સવાર ના સત્ કૈવલ સાહેબ. #📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ પરમગુરૂ શ્રીમંત કરુણાસાગર.
📝આધ્યાત્મિક ગુરૂ - आध सक्त स्वराज करूपेश केवल कर्ता र्त्व नमामि ]l तबनैगुनकैगुनमहीउखूना जगूजीवर्जूनबचारे ಔರ್ಹಪಸತುರತ್ತಷಗಿತತ ತರಕ  ಪತುಹಗಿಟಾಗಿತೊಟನ್ತಿ [[3ೀ /I ienவச QQQaeeeia:?s 81 @ಾಃಣಬಂಕಿಂದಿರ8 1 @ಐR@ತಗಿಳ 8[ 1[ . ajep2iareldelleunfcro-iszelaelelurj அபுழபிசிaு erjsulugeiele4 tersw-le} 4ul22eJoede-uieil-Jeieiiie  oold-/ @ವಗಿಖವಡಳ [ೊsuiೊmouslama[ಅ. पशभग्रु३श्रीभत $२एIसग२ 0 सनू कैवल स्ाहेब शुभ प्रभात आपका दिनर्धयलमयरहे। Govindji आध सक्त स्वराज करूपेश केवल कर्ता र्त्व नमामि ]l तबनैगुनकैगुनमहीउखूना जगूजीवर्जूनबचारे ಔರ್ಹಪಸತುರತ್ತಷಗಿತತ ತರಕ  ಪತುಹಗಿಟಾಗಿತೊಟನ್ತಿ [[3ೀ /I ienவச QQQaeeeia:?s 81 @ಾಃಣಬಂಕಿಂದಿರ8 1 @ಐR@ತಗಿಳ 8[ 1[ . ajep2iareldelleunfcro-iszelaelelurj அபுழபிசிaு erjsulugeiele4 tersw-le} 4ul22eJoede-uieil-Jeieiiie  oold-/ @ವಗಿಖವಡಳ [ೊsuiೊmouslama[ಅ. पशभग्रु३श्रीभत $२एIसग२ 0 सनू कैवल स्ाहेब शुभ प्रभात आपका दिनर्धयलमयरहे। Govindji - ShareChat