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#शहीद दिवस #बलिदान दिवस #आज जिनकी पुण्यतिथि है #आज का इतिहास #🇮🇳 देशभक्ति
शहीद दिवस - फरवरी १९२२* *०५ जनवरी १९२१ को मोहनदास गांधी द्वारा चौरी चौरा के 04 बाले   मैदान में सम्बोधित जनसभा ने स्थानीय कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार भर दिया | ०१ फरवरी १९२२ को चौरीचौरा थाने के बड़े दारोगा  सिंह ने वालन्टियरों गुप्तेश्वर की खुलेआम पिटाई प्रारंभ करवा दी | ०५ फरवरी को वालन्टियर्स की सभा में बुलाई गई डुमरी इस जुूलूस लिए पुलिस कर्मियों ने चौरी चौरा के সথোেন ক্িমা सत्याग्रहियों के साथ दुर्व्यवहार किँया गया _ 93 द्वारा पीछे लौट पड़ी और पुलिसजनों पर पथराव करने लगी | जिसके उत्तर में पुलिस ने गोलियां चलानी प्रारंभ कर दी मृत्यु हो गई घटनास्थल पर ही २६० व्यक्तियों की । पुलिस की गोलियां तब रुकीं जब उनके सभी कारतूस समाप्त हो पुलिसवाले  ঐাতু্লি 3তনলী  सत्याग्रहियों  को ललकारा गए भाग खड़े हुए एवं  के अन्दर घुसकर दरवाजा अंदर जुलूस ने थाने को आग लगा दी Tాf से बंद कर लिया २३ पुलिसकर्मी एवं ०१ सहायक पुलिस निरीक्षक जल कर ने चौरीचौरा व आसपास के क्षेत्र में राख हो गये । पुलिस लोगों के मकान जला दिये, खेतों में आग लगा दी चौरी विरूद्ध चौरा काण्ड में कुल २३२ व्यक्तियों के आरोप पत्र #9a ক্রী মথান ক্ধী किये गये | २२६ मामलों न्यायालय किया गया | दो सत्याग्रहियों की मुकदमें के समय ಕg್ಮಾ್ರಾ हो गई | मुकदमें के ऐतिहासिक फैसले में १७२ व्यक्तियों को मृत्यु की सजा सत्र न्यायालय के 5 सुनाई विरुद्ध হম কমল ৯ पंडित मदनमोहन मालवीय व पंडित मोती लाल   नेहरू ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपील सत्याग्रहियों के पक्ष में जोरदार तर्क किया " दायर कीव अपीलीय न्यायालय द्वारा ३८ व्यक्तियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया, १४ व्यक्तियों की सजा को आजीवन कारावास में परिवर्तित कर दिया गया, १९ व्यक्तियों मृत्यु  की सजा गई, शेष वालन्टियर्स को तीन वर्ष से लेकर सुनाई आठ वर्ष तक की सजायें दी गयीं | *!! वंदे मातरम !!* नमन अनाम शहीदों को फरवरी १९२२* *०५ जनवरी १९२१ को मोहनदास गांधी द्वारा चौरी चौरा के 04 बाले   मैदान में सम्बोधित जनसभा ने स्थानीय कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार भर दिया | ०१ फरवरी १९२२ को चौरीचौरा थाने के बड़े दारोगा  सिंह ने वालन्टियरों गुप्तेश्वर की खुलेआम पिटाई प्रारंभ करवा दी | ०५ फरवरी को वालन्टियर्स की सभा में बुलाई गई डुमरी इस जुूलूस लिए पुलिस कर्मियों ने चौरी चौरा के সথোেন ক্িমা सत्याग्रहियों के साथ दुर्व्यवहार किँया गया _ 93 द्वारा पीछे लौट पड़ी और पुलिसजनों पर पथराव करने लगी | जिसके उत्तर में पुलिस ने गोलियां चलानी प्रारंभ कर दी मृत्यु हो गई घटनास्थल पर ही २६० व्यक्तियों की । पुलिस की गोलियां तब रुकीं जब उनके सभी कारतूस समाप्त हो पुलिसवाले  ঐাতু্লি 3তনলী  सत्याग्रहियों  को ललकारा गए भाग खड़े हुए एवं  के अन्दर घुसकर दरवाजा अंदर जुलूस ने थाने को आग लगा दी Tాf से बंद कर लिया २३ पुलिसकर्मी एवं ०१ सहायक पुलिस निरीक्षक जल कर ने चौरीचौरा व आसपास के क्षेत्र में राख हो गये । पुलिस लोगों के मकान जला दिये, खेतों में आग लगा दी चौरी विरूद्ध चौरा काण्ड में कुल २३२ व्यक्तियों के आरोप पत्र #9a ক্রী মথান ক্ধী किये गये | २२६ मामलों न्यायालय किया गया | दो सत्याग्रहियों की मुकदमें के समय ಕg್ಮಾ್ರಾ हो गई | मुकदमें के ऐतिहासिक फैसले में १७२ व्यक्तियों को मृत्यु की सजा सत्र न्यायालय के 5 सुनाई विरुद्ध হম কমল ৯ पंडित मदनमोहन मालवीय व पंडित मोती लाल   नेहरू ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपील सत्याग्रहियों के पक्ष में जोरदार तर्क किया " दायर कीव अपीलीय न्यायालय द्वारा ३८ व्यक्तियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया, १४ व्यक्तियों की सजा को आजीवन कारावास में परिवर्तित कर दिया गया, १९ व्यक्तियों मृत्यु  की सजा गई, शेष वालन्टियर्स को तीन वर्ष से लेकर सुनाई आठ वर्ष तक की सजायें दी गयीं | *!! वंदे मातरम !!* नमन अनाम शहीदों को - ShareChat