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#Eek Tu Hi Guru Ji
Eek Tu Hi Guru Ji - @ पुत्तर आज दी मेरी व्याख्या मनुष्य के मन की सोच दे Tu मन के जीते जीत है, मन के हारे हार" प्रती है.. ज्यादातर लोग संघर्ष के समय घबरा जाते हैं क्योंकि उन्होंने मानसिक रूप Hi से उस स्थिति का सामना करने की तैयारी नहीं की होती। यदि मन ने मान लिया कि जीत निश्चित है, तो शरीर और परिस्थितियाँ अपने आप उसी Tu दिशा में काम करने लगती हैं। तैयारी दुनिया के शोर-शराबे के बीच नहीं, शांत मन से की हुई मनुष्य की तैयारी   में असली शक्ति छिपी होती बाल्क Gu है। जब आप अकेले होते हैं, तब आप अपने विचारों को कैसे व्यवस्थित करते हैं, वही आपकी असली ताकत बनती है। निश्चयः यदि मन ने मान लिया कि जीत निश्चित है, तो शरीर और Ji ٤6 परिस्थितियाँ अपने आप उसी दिशा में काम करने लगती గేIరR ' एक शांत| मन एक गहरे समुद्र की तरह होता है; ऊपर चाहे कितने ही तूफान आएँ, गहराई में शांति बनी रहती है। यही शांति मनुष्य को संघर्ष के समय घबराने से बचाती है।ऊँ नमःशिवाय शिवा शिव जी सदा सहाय। | @ पुत्तर आज दी मेरी व्याख्या मनुष्य के मन की सोच दे Tu मन के जीते जीत है, मन के हारे हार" प्रती है.. ज्यादातर लोग संघर्ष के समय घबरा जाते हैं क्योंकि उन्होंने मानसिक रूप Hi से उस स्थिति का सामना करने की तैयारी नहीं की होती। यदि मन ने मान लिया कि जीत निश्चित है, तो शरीर और परिस्थितियाँ अपने आप उसी Tu दिशा में काम करने लगती हैं। तैयारी दुनिया के शोर-शराबे के बीच नहीं, शांत मन से की हुई मनुष्य की तैयारी   में असली शक्ति छिपी होती बाल्क Gu है। जब आप अकेले होते हैं, तब आप अपने विचारों को कैसे व्यवस्थित करते हैं, वही आपकी असली ताकत बनती है। निश्चयः यदि मन ने मान लिया कि जीत निश्चित है, तो शरीर और Ji ٤6 परिस्थितियाँ अपने आप उसी दिशा में काम करने लगती గేIరR ' एक शांत| मन एक गहरे समुद्र की तरह होता है; ऊपर चाहे कितने ही तूफान आएँ, गहराई में शांति बनी रहती है। यही शांति मनुष्य को संघर्ष के समय घबराने से बचाती है।ऊँ नमःशिवाय शिवा शिव जी सदा सहाय। | - ShareChat