*गुमशुदा शंख की कहानी*
*भगवान विष्णु अपने शंख को अत्यंत प्रिय मानते थे और उसे कभी अपनी दृष्टि से दूर नहीं होने देते थे। एक दिन, वह रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। क्रोधित होकर विष्णु ने हर जगह खोजबीन की, अंततः कैलाश पर्वत पर उन्हें वही परिचित ध्वनि सुनाई दी।*
*वहाँ नन्हे गणेश बड़ी प्रसन्नता से शंख बजा रहे थे। विष्णु ने उनसे शंख वापस मांगा, लेकिन गणेश ने मना कर दिया। यहाँ तक कि शिव ने भी कहा कि वे अपने पुत्र को विवश नहीं कर सकते। इसके बजाय, उन्होंने विष्णु को गणेश की पूजा करने की सलाह दी।*
*अतः विष्णु ने पूर्ण श्रद्धा से पूजा की। पूजा से प्रसन्न होकर गणेश ने मुस्कुराते हुए शंख लौटा दिया।*
*नैतिक शिक्षा: विनम्रता में बहुत शक्ति होती है। विष्णु ने भी आदर दिखाया, जिससे हमें याद दिलाया जाता है कि सच्चे मन से सिर झुकाने से कोई भी ऊपर नहीं है।*
*-रामकृपा-* #किस्से-कहानी

