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#शुभ मुहूर्त #पूजन विधि शीतला अष्टमी
शुभ मुहूर्त - 11-03-26 शीतला अष्टमी बुधवार { में कृष्ण " होली के आठवें दिन यानि चैत्र मास " पक्ष की 44` अष्टमी तिथि को शीतला अष्टमी मनाई जाती है। शीतला अष्टमी को बसोड़ा भी कहा जाता है भगवती शीतला माता को उत्तर भारत में रोगों को दूर करने वाली माँ कहा जाता है। হীনলা जिसे बसौड़ा भी कहते हैं॰ चैत्र मास में होली के आठवें दिन मनाया जाता है। भगवती 3{٤٠, शीतला माता को उत्तर भारत में रोगों को दूर करने वाली माँ कहा जाता है।  है कि इस पूजा से शरीर के रोग दूर होते हैं, इस वर्ष शीतला अष्टमी ११ मार्च २०२६ को है। मान्यता इस दिन श्वेत पाषाण रूपी माता शीतला की बासी भोजन का भोग लगा कर पूजा की जाती है। शुभ मुहूर्तः  ११ मार्च को O६ः३६ AM से O६ः२७ PM तक। भोगः मिठाई , मालपुआ, दाल-्भात व फल अर्पित करें। 11-03-26 शीतला अष्टमी बुधवार { में कृष्ण " होली के आठवें दिन यानि चैत्र मास " पक्ष की 44` अष्टमी तिथि को शीतला अष्टमी मनाई जाती है। शीतला अष्टमी को बसोड़ा भी कहा जाता है भगवती शीतला माता को उत्तर भारत में रोगों को दूर करने वाली माँ कहा जाता है। হীনলা जिसे बसौड़ा भी कहते हैं॰ चैत्र मास में होली के आठवें दिन मनाया जाता है। भगवती 3{٤٠, शीतला माता को उत्तर भारत में रोगों को दूर करने वाली माँ कहा जाता है।  है कि इस पूजा से शरीर के रोग दूर होते हैं, इस वर्ष शीतला अष्टमी ११ मार्च २०२६ को है। मान्यता इस दिन श्वेत पाषाण रूपी माता शीतला की बासी भोजन का भोग लगा कर पूजा की जाती है। शुभ मुहूर्तः  ११ मार्च को O६ः३६ AM से O६ः२७ PM तक। भोगः मिठाई , मालपुआ, दाल-्भात व फल अर्पित करें। - ShareChat