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#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️सितारों की चाल🌠
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - ज्योतिषीय सूत्र க்ளிக में सूर्य और गुरु के होने परः 1. लग्न भाव मनुष्य गुणवान, सचिव, बलवानों का नायक अथवा साधु विद्यावान धनवान भोगवान् और विख्यात होता है। कुंडली के चतुर्थ भाव में सूर्य और गुरु के होने परः 2. मनुष्य वेद और नीति का पालन करने वाला, काव्य का आनन्द लेने वाला, सुन्दर, ईमानदार, नौकरों व सेवकों वाला, मधुर वाणी बोलने वाला, गुप्त आचरण करने वाला होता है। कुंडली के सप्तम भाव में सूर्य और गुरु, एक साथ हो, 3. तोः मनुष्य कामवश स्त्रि्यों द्वारा परास्त होने वाला, पिता से द्वेष करने वाला; सोना, मणि, चाँदी, मोती आदि से सम्पन्न; शोभन शरीर शक्ति वाला होता है। ४. कुंडली के दशम भाव में सूर्य और गुरु का योग हो, तोः मनुष्य नीच कुलोत्पन्न होकर भी कीर्तिमान सुखी, सम्मानित राजा होता है। ज्योतिषीय सूत्र க்ளிக में सूर्य और गुरु के होने परः 1. लग्न भाव मनुष्य गुणवान, सचिव, बलवानों का नायक अथवा साधु विद्यावान धनवान भोगवान् और विख्यात होता है। कुंडली के चतुर्थ भाव में सूर्य और गुरु के होने परः 2. मनुष्य वेद और नीति का पालन करने वाला, काव्य का आनन्द लेने वाला, सुन्दर, ईमानदार, नौकरों व सेवकों वाला, मधुर वाणी बोलने वाला, गुप्त आचरण करने वाला होता है। कुंडली के सप्तम भाव में सूर्य और गुरु, एक साथ हो, 3. तोः मनुष्य कामवश स्त्रि्यों द्वारा परास्त होने वाला, पिता से द्वेष करने वाला; सोना, मणि, चाँदी, मोती आदि से सम्पन्न; शोभन शरीर शक्ति वाला होता है। ४. कुंडली के दशम भाव में सूर्य और गुरु का योग हो, तोः मनुष्य नीच कुलोत्पन्न होकर भी कीर्तिमान सुखी, सम्मानित राजा होता है। - ShareChat