Abhilas Chauhan
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Abhilas Chauhan
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+91 81038 40601 अपनी जन्म पत्रिका का संपूर्ण विशे
अच्छा, समझ गई! तुम चाहते हो कि मैं उन्हीं ग्रहों से जुड़ी उन अच्छी बातों को थोड़ा अलग अंदाज़ में समझाऊँ, ताकि उनका मतलब और गहराई से समझ आ सके। चलो, देखते हैं इसे कैसे और बेहतर बता सकते हैं:** ये रहे ग्रहों के अनुसार कुछ बेहतरीन जीवन सूत्र, जिन्हें अपनाकर हम अपनी ज़िंदगी को और भी बेहतर बना सकते हैं: - *मंगल (गुस्सा):* अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाओ, बेफिजूल की बातों पर भड़कने या गुस्से में आकर कोई कदम उठाने से बचो। शांत दिमाग से फैसले लेने में ही समझदारी है। - *चंद्र (चंचलता):* मन को थोड़ा स्थिर रखने की कोशिश करो। विचारों की उथल-पुथल में बहने के बजाय, एकाग्रता से अपने काम पर ध्यान दो और बेवजह की भाग-दौड़ से बचो। - *सूर्य (दिखावा/घमंड):* अपनी उपलब्धियों पर गर्व करना अच्छी बात है, लेकिन कभी भी दिखावा या अहंकार मत करो। विनम्रता से काम लो, क्योंकि सच्ची पहचान तुम्हारे कर्मों से बनती है, दिखावे से नहीं। - *बुध (कान के कच्चे):* किसी भी बात पर तुरंत विश्वास मत करो। जो भी सुनो, उसे अपनी बुद्धि की कसौटी पर परखो और उसकी सच्चाई जाने बिना कोई राय मत बनाओ। दूसरों की बातों में आकर अपने फैसले मत बदलो। - *गुरु (लालच):* अपनी ज़रूरतों और इच्छाओं के बीच का फर्क समझो। जो तुम्हारे पास है, उसमें संतोष ढूंढो और बेवजह की चीज़ों के पीछे भागने या अनुचित तरीके से कुछ हासिल करने के लालच से दूर रहो। - *केतु (चुगली):* दूसरों की पीठ पीछे बातें करने या किसी के बारे में नकारात्मक फैलाने से बचो। अपनी वाणी का सदुपयोग करो और दूसरों के बारे में अच्छी बातें कहने या चुप रहने का चुनाव करो। - *शुक्र (असामाजिक संबंध):* अपने रिश्तों में ईमानदारी और मर्यादा रखो। विवाहेतर संबंधों या ऐसे रिश्तों से दूर रहो जो समाज और तुम्हारे निजी जीवन में अस्थिरता ला सकते हैं। प्रेम और वफादारी ही सच्चे रिश्ते की नींव है। - *शनि (धोखा):* जीवन में हमेशा सच और ईमानदारी का रास्ता चुनो। किसी भी हाल में किसी के साथ छल-कपट या धोखा मत करो। तुम्हारे कर्म ही तुम्हारी पहचान बनाते हैं, और धोखाधड़ी से बना रिश्ता कभी टिकता नहीं। - *राहु (नशा):* किसी भी तरह के नशे या व्यसन से दूर रहो। ये तुम्हें शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से कमज़ोर बनाते हैं। अपनी चेतना और विवेक को बनाए रखने के लिए नशे की गुलामी से आज़ाद रहना ही बेहतर है। ये सब बातें हमें अपनी अंदरूनी शक्तियों को जगाने और एक बेहतर इंसान बनने में मदद करती हैं! क्या कहते हो? #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✡️सितारों की चाल🌠
#💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️सितारों की चाल🌠
💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी - हालांकि, इन दिनों में पूजा पाठ, दान-पुण्य और भगवान की भक्ति करने का विशेष महत्व होता है। आप इस दौरान अपने इष्ट देव की आराधना कर सकते हैं और आध्यात्मिक कार्यों में लीन रह सकते हैं। होली के मुख्य त्योहारः aaಾT ೯೯: 3 TT 2026 ಈೆ aaೆಾT होगा| यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन शाम को होलिका जलाई जाती है। (रंग वाली होली): 4 मार्च २०२६ को धुर्लेंडी रंग वाली होली यानी धुर्लेंडी खेली जाएगी| यह हंसी -खुशी और रंर्गों का त्योहार है, जब लोग एक-दूसरे को रंग शुभकामनाएं देते हैं। लगाकर तो संक्षेप ्में, होलाष्टक २०२६ आपको २४ फरवरी से 3 मार्च तक कुछ शुभ कार्यों से बचने की सलाह देते है, जबकि इस दौरान आध्यात्मिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अच्छा समय है। और इसके बाद, होलिका दहन धु्लेंडी के साथ आप रंगों और खुशियों में डूब सकते और ! हालांकि, इन दिनों में पूजा पाठ, दान-पुण्य और भगवान की भक्ति करने का विशेष महत्व होता है। आप इस दौरान अपने इष्ट देव की आराधना कर सकते हैं और आध्यात्मिक कार्यों में लीन रह सकते हैं। होली के मुख्य त्योहारः aaಾT ೯೯: 3 TT 2026 ಈೆ aaೆಾT होगा| यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन शाम को होलिका जलाई जाती है। (रंग वाली होली): 4 मार्च २०२६ को धुर्लेंडी रंग वाली होली यानी धुर्लेंडी खेली जाएगी| यह हंसी -खुशी और रंर्गों का त्योहार है, जब लोग एक-दूसरे को रंग शुभकामनाएं देते हैं। लगाकर तो संक्षेप ्में, होलाष्टक २०२६ आपको २४ फरवरी से 3 मार्च तक कुछ शुभ कार्यों से बचने की सलाह देते है, जबकि इस दौरान आध्यात्मिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अच्छा समय है। और इसके बाद, होलिका दहन धु्लेंडी के साथ आप रंगों और खुशियों में डूब सकते और ! - ShareChat
#✡️सितारों की चाल🌠 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी
✡️सितारों की चाल🌠 - हालांकि, इन दिनों में पूजा पाठ, दान-पुण्य और भगवान की भक्ति करने का विशेष महत्व होता है। आप इस दौरान अपने इष्ट देव की आराधना कर सकते हैं और आध्यात्मिक कार्यों में लीन रह सकते हैं। होली के मुख्य त्योहारः aaಾT ೯೯: 3 TT 2026 ಈೆ aaೆಾT होगा| यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन शाम को होलिका जलाई जाती है। (रंग वाली होली): 4 मार्च २०२६ को धुर्लेंडी रंग वाली होली यानी धुर्लेंडी खेली जाएगी| यह हंसी -खुशी और रंर्गों का त्योहार है, जब लोग एक-दूसरे को रंग शुभकामनाएं देते हैं। लगाकर तो संक्षेप ्में, होलाष्टक २०२६ आपको २४ फरवरी से 3 मार्च तक कुछ शुभ कार्यों से बचने की सलाह देते है, जबकि इस दौरान आध्यात्मिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अच्छा समय है। और इसके बाद, होलिका दहन धु्लेंडी के साथ आप रंगों और खुशियों में डूब सकते और ! हालांकि, इन दिनों में पूजा पाठ, दान-पुण्य और भगवान की भक्ति करने का विशेष महत्व होता है। आप इस दौरान अपने इष्ट देव की आराधना कर सकते हैं और आध्यात्मिक कार्यों में लीन रह सकते हैं। होली के मुख्य त्योहारः aaಾT ೯೯: 3 TT 2026 ಈೆ aaೆಾT होगा| यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन शाम को होलिका जलाई जाती है। (रंग वाली होली): 4 मार्च २०२६ को धुर्लेंडी रंग वाली होली यानी धुर्लेंडी खेली जाएगी| यह हंसी -खुशी और रंर्गों का त्योहार है, जब लोग एक-दूसरे को रंग शुभकामनाएं देते हैं। लगाकर तो संक्षेप ्में, होलाष्टक २०२६ आपको २४ फरवरी से 3 मार्च तक कुछ शुभ कार्यों से बचने की सलाह देते है, जबकि इस दौरान आध्यात्मिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अच्छा समय है। और इसके बाद, होलिका दहन धु्लेंडी के साथ आप रंगों और खुशियों में डूब सकते और ! - ShareChat
#💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️सितारों की चाल🌠
💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी - इस दौरान क्या होता है और क्यों सावधानी बरतनी हिंदू मान्यताओं के अनुसार, होलाष्टक के इन 8 दिनों को शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता है। इसके पीछे कई पौराणिक कथाएं और ज्योतिषीय कारण बताए जाते हैं। कहा जाता है कि इन दिनों में कुछ ग्रहों का गोचर ऐसा होता है जो नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकता है, इसलिए कोई भी नया या बड़ा शुभ कार्य शुरू करने से बचा जाता सावधानियांः विवाहः इस दौरान विवाह जैसे मांगलिक कार्य वर्जित 1. माने जाते हैं। घर खरीदना या गृह प्रवेश करना भी शुभ २. गृह प्रवेशः नया नही माना जाता हे। ३. नया व्यवसायः किसी नए व्यवसाय या बड़े निवेश की शुरुआत करने से बचना चाहिए। बच्चों के मुंडन , उपनयन जैसे ४. मुंडन या अन्य संस्कारः संस्कार भी इन दिनों में नहीं किए  जाते। इस दौरान क्या होता है और क्यों सावधानी बरतनी हिंदू मान्यताओं के अनुसार, होलाष्टक के इन 8 दिनों को शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता है। इसके पीछे कई पौराणिक कथाएं और ज्योतिषीय कारण बताए जाते हैं। कहा जाता है कि इन दिनों में कुछ ग्रहों का गोचर ऐसा होता है जो नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकता है, इसलिए कोई भी नया या बड़ा शुभ कार्य शुरू करने से बचा जाता सावधानियांः विवाहः इस दौरान विवाह जैसे मांगलिक कार्य वर्जित 1. माने जाते हैं। घर खरीदना या गृह प्रवेश करना भी शुभ २. गृह प्रवेशः नया नही माना जाता हे। ३. नया व्यवसायः किसी नए व्यवसाय या बड़े निवेश की शुरुआत करने से बचना चाहिए। बच्चों के मुंडन , उपनयन जैसे ४. मुंडन या अन्य संस्कारः संस्कार भी इन दिनों में नहीं किए  जाते। - ShareChat
#✡️सितारों की चाल🌠 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी
✡️सितारों की चाल🌠 - होलाष्टक २०२६ की जो जानकारी दी है, उसे मैँ थोड़ा हमने 1 और विस्तार से समझा ते हैं ताकि आप इसे अच्छे से समझ ম্ন্ধ] बताया, होलाष्टक होली के त्योहार से ठीक जैसा कि हमने  8 दिन पहले का समय होता है। इसे हिंदू धर्म में एक विशेष எதச नियर्मों और सावधानिरयों के अवधि माना जाता है, साथ जुड़ी हुई है। होलाष्टक २०२६ की महत्वपूर्ण तिथियांः से शुरू होलाष्टक प्रारंभः २४ फरवरी २०२६ (मंगलवार ) होगा| इसका मतलब है कि इस दिन से होलाष्टक की अवधि शुरू हो जाएगी | होलाष्टक समाप्तः 3 मार्च २०२६ को होलिका दहन के साथ यह समाप्त हो जाएगा | यानी , होलिका दहन होते ही होलाष्टक खत्म हो जाता है और शुभ कार्य फिर से किए जा सकते हैं। होलाष्टक २०२६ की जो जानकारी दी है, उसे मैँ थोड़ा हमने 1 और विस्तार से समझा ते हैं ताकि आप इसे अच्छे से समझ ম্ন্ধ] बताया, होलाष्टक होली के त्योहार से ठीक जैसा कि हमने  8 दिन पहले का समय होता है। इसे हिंदू धर्म में एक विशेष எதச नियर्मों और सावधानिरयों के अवधि माना जाता है, साथ जुड़ी हुई है। होलाष्टक २०२६ की महत्वपूर्ण तिथियांः से शुरू होलाष्टक प्रारंभः २४ फरवरी २०२६ (मंगलवार ) होगा| इसका मतलब है कि इस दिन से होलाष्टक की अवधि शुरू हो जाएगी | होलाष्टक समाप्तः 3 मार्च २०२६ को होलिका दहन के साथ यह समाप्त हो जाएगा | यानी , होलिका दहन होते ही होलाष्टक खत्म हो जाता है और शुभ कार्य फिर से किए जा सकते हैं। - ShareChat
दान का महत्व #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️सितारों की चाल🌠
💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी - दान महत्व का # ఇకెగ हमारे   जीवन 4؟آ 37 करना महत्व रखता है। आइए जानते हैं कि कौन सा दान क्या কল #rT ೯ यमलोक में प्यासे लोगों की प्यास दान* : *ডল बुझाता है और आत्मा को शांति मिलती है। स्वर्ग के द्वार खोलता है 3R *अन्न IF* : को मोक्ष की प्राप्ति होती है। आत्मा *तिल दान* : पापों और कर्मों का करता है নাথা बनाता   है। और को  पवित्र आत्मा देता दान* : आयु और आरोग्य గేః और *वस्त्र व्यक्ति को सुख और समृद्धि मिलती है। है, दान* : वैतरणी नदी ئ *गऊ पार कराता मृत्यु के बाद के सफर में मदद करता   है। करने से हमारे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा दान आती है और हमारा आत्मविश्वास बढ़ता   है। दान महत्व का # ఇకెగ हमारे   जीवन 4؟آ 37 करना महत्व रखता है। आइए जानते हैं कि कौन सा दान क्या কল #rT ೯ यमलोक में प्यासे लोगों की प्यास दान* : *ডল बुझाता है और आत्मा को शांति मिलती है। स्वर्ग के द्वार खोलता है 3R *अन्न IF* : को मोक्ष की प्राप्ति होती है। आत्मा *तिल दान* : पापों और कर्मों का करता है নাথা बनाता   है। और को  पवित्र आत्मा देता दान* : आयु और आरोग्य గేః और *वस्त्र व्यक्ति को सुख और समृद्धि मिलती है। है, दान* : वैतरणी नदी ئ *गऊ पार कराता मृत्यु के बाद के सफर में मदद करता   है। करने से हमारे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा दान आती है और हमारा आत्मविश्वास बढ़ता   है। - ShareChat
लग्नेश की स्थिति #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी
✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - लग्नेश Rf ৯ তীমন लग्नेश की स्थिति व्यक्ति पर   बहुत प्रभाव डालती   है। आइए जानते हैं लग्नेश की स्थिति के अनुसार व्यक्ति के जीवन में क्या होता हैः #* : *লনথা पंचम যা नवम HIq जातक धार्मिक और ज्ञानी होगा, FTTI  दयावान *लग्नेश द्वितीय या एकादश में* জীবন ম ತಣf FTf, धन की समस्या नहीं होगी। *लग्नेश #* तृतीय যা বথাম ٩٨٩ जातक लगनशील और कर्मठ होगा। में* : *लग्नेश संघर्ष   और षष्ठ 4 अष्टम भाव परिश्रम अधिक होगा। *লনথা भाव   में* : का जीवन অনুথ जातक gezgfae3ர = பூக =7TI #*: जातक के जीवन में *लग्नेश   द्वादश भाव रोग , यात्राएं और अधिक   होगा। व्यय लग्नेश Rf ৯ তীমন लग्नेश की स्थिति व्यक्ति पर   बहुत प्रभाव डालती   है। आइए जानते हैं लग्नेश की स्थिति के अनुसार व्यक्ति के जीवन में क्या होता हैः #* : *লনথা पंचम যা नवम HIq जातक धार्मिक और ज्ञानी होगा, FTTI  दयावान *लग्नेश द्वितीय या एकादश में* জীবন ম ತಣf FTf, धन की समस्या नहीं होगी। *लग्नेश #* तृतीय যা বথাম ٩٨٩ जातक लगनशील और कर्मठ होगा। में* : *लग्नेश संघर्ष   और षष्ठ 4 अष्टम भाव परिश्रम अधिक होगा। *লনথা भाव   में* : का जीवन অনুথ जातक gezgfae3ர = பூக =7TI #*: जातक के जीवन में *लग्नेश   द्वादश भाव रोग , यात्राएं और अधिक   होगा। व्यय - ShareChat
राहु के प्रभाव #✡️सितारों की चाल🌠 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
✡️सितारों की चाल🌠 - राहु के विशेष सूत्र प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर बहुत गहरा IS का होता है। राहु की स्थिति के अनुसार व्यक्ति के विचार, निर्णय और क्रियाएं प्रभावित होती हैं। *मेष, सिंह, धनु राशि में  राहु* : जातक को 1 शीघ्र निर्णय लेने का साहस देता है। जातक के विचारों में दम होता है। टेक्निकल और शोध के मिल सकती है। क्षेत्र में सफलता जातक को धैर्य # 715* : कन्या, *<4H, Tr 2 और सहनशीलता देता है। को परफेक्ट पल जातक का इतंजार रहता है। *मिथुन, तुला, कुंभ राशि में  राहु* : 3 जातक 3 , विचारों को हवा मिलती है। जातक खवाबों में जीता है। लेकिन क्रिया शक्ति कमजोर 8, प्लान বনানা होती   है। मीन राशि में   राहु* : *कर्क, को वृश्चिक, जातक 4 . या कर sensitive excited over over है। भावनाओं में बहकर तर्क शक्ति सकता जातक और नुकसान वाले निर्णय ले बैठता जाता है भूल है। राहु के विशेष सूत्र प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर बहुत गहरा IS का होता है। राहु की स्थिति के अनुसार व्यक्ति के विचार, निर्णय और क्रियाएं प्रभावित होती हैं। *मेष, सिंह, धनु राशि में  राहु* : जातक को 1 शीघ्र निर्णय लेने का साहस देता है। जातक के विचारों में दम होता है। टेक्निकल और शोध के मिल सकती है। क्षेत्र में सफलता जातक को धैर्य # 715* : कन्या, *<4H, Tr 2 और सहनशीलता देता है। को परफेक्ट पल जातक का इतंजार रहता है। *मिथुन, तुला, कुंभ राशि में  राहु* : 3 जातक 3 , विचारों को हवा मिलती है। जातक खवाबों में जीता है। लेकिन क्रिया शक्ति कमजोर 8, प्लान বনানা होती   है। मीन राशि में   राहु* : *कर्क, को वृश्चिक, जातक 4 . या कर sensitive excited over over है। भावनाओं में बहकर तर्क शक्ति सकता जातक और नुकसान वाले निर्णय ले बैठता जाता है भूल है। - ShareChat
गुरु के प्रभाव #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️सितारों की चाल🌠
✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - गुरु के प्रभाव जिन लोगों का गुरु मजबूत होता है॰ वे की दूसरों करने में सक्षम होते हैं। वे सही I Ran मदद हैं और को प्रेरित करते हैं। मजबूत गुरु  वाले दूसरों মক্কি ম নান ক্রন पर समाधान मिल जाता है। गुरु की विशेषताएंः गुरु वाले लोग ಫ T* : मजबूत *दूसरों दूसरों की समस्याओं को समझते हैं और उनकी मदद கர 81 *सही रास्ता दिखाना* : को सही दिशा ೩ दूसरों में मार्गदर्शन करते हैं। देना* : उनकी बातों में समाधान होता *মমাখখান है॰जो को राहत देता  है। दूसरों *एस्ट्रो और हीलिंग* : मजबूत गुरु वाले लोग ज्योतिष, हीलिंग और सलाह देने में अच्छे होते हैं। का दुख दर्द समझना* उच्च गुरु   वाले * दूसरों के दर्द और समस्याओं को समझते हैं लोग दूसरों करते   हैं। और   उनकी मदद गुरु के प्रभाव से व्यक्ति में आती हैः की समस्याओं को *समझदारी* : ೩ दूसरों समझने में सक्षम होते हैं। के दर्द और *মনবনথীীলনা* : वे दूसरों भावनाओं को समझते हैं। को प्रेरित करते हैं और सही uT* : ೩ दूसरों रास्ता दिखाते हैं। गुरु के प्रभाव जिन लोगों का गुरु मजबूत होता है॰ वे की दूसरों करने में सक्षम होते हैं। वे सही I Ran मदद हैं और को प्रेरित करते हैं। मजबूत गुरु  वाले दूसरों মক্কি ম নান ক্রন पर समाधान मिल जाता है। गुरु की विशेषताएंः गुरु वाले लोग ಫ T* : मजबूत *दूसरों दूसरों की समस्याओं को समझते हैं और उनकी मदद கர 81 *सही रास्ता दिखाना* : को सही दिशा ೩ दूसरों में मार्गदर्शन करते हैं। देना* : उनकी बातों में समाधान होता *মমাখখান है॰जो को राहत देता  है। दूसरों *एस्ट्रो और हीलिंग* : मजबूत गुरु वाले लोग ज्योतिष, हीलिंग और सलाह देने में अच्छे होते हैं। का दुख दर्द समझना* उच्च गुरु   वाले * दूसरों के दर्द और समस्याओं को समझते हैं लोग दूसरों करते   हैं। और   उनकी मदद गुरु के प्रभाव से व्यक्ति में आती हैः की समस्याओं को *समझदारी* : ೩ दूसरों समझने में सक्षम होते हैं। के दर्द और *মনবনথীীলনা* : वे दूसरों भावनाओं को समझते हैं। को प्रेरित करते हैं और सही uT* : ೩ दूसरों रास्ता दिखाते हैं। - ShareChat