Abhilas Chauhan
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"हेलो दोस्तों! 🙏 मैं आप सभी का समर्थन और प्यार के लिए धन्यवाद देना चाहता हूँ। आपके समर्थन से मैं अपने काम को आगे बढ़ा पा रहा हूँ। अब, मैं आपसे एक मदद मांगना चाहता हूँ। मेरे पास एक नया प्रोजेक्ट है, जिसके लिए मुझे आपकी मदद की जरूरत है। यह प्रोजेक्ट समाज के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, और मैं इसे पूरा करने के लिए आपके समर्थन की अपेक्षा करता हूँ। यदि आप इस प्रोजेक्ट में मेरी मदद करना चाहते हैं, तो कृपया नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और दान करें। आपकी छोटी सी मदद भी मेरे लिए बहुत बड़ी होगी। 🙏 [दान करने के लिए लिंक 8103840601@ibl] धन्यवाद! 🙏" #✡️सितारों की चाल🌠 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
✡️सितारों की चाल🌠 - PhonePel ACCEPTED HERE App Pay Scan & Using PhonePe 0 Abhilash Tandi 2026, AIl rights reserved PhonePe Ltd (Formerly known as 'PhonePe Private Ltd') PhonePel ACCEPTED HERE App Pay Scan & Using PhonePe 0 Abhilash Tandi 2026, AIl rights reserved PhonePe Ltd (Formerly known as 'PhonePe Private Ltd') - ShareChat
ग्रहों की स्थिति और उनका प्रभाव 🤩 हर ग्रह का प्रभाव उसकी स्थिति पर निर्भर करता है। आइए जानते हैं कि ग्रहों की स्थिति कैसे उनके प्रभाव को बदलती है: 1. *उच्च राशि*: जब कोई ग्रह उच्च राशि में होता है, तो वह असाधारण सफलता और उन्नति देता है। यह ग्रह की सबसे मजबूत स्थिति होती है, जिसमें वह अपने पूर्ण प्रभाव को दिखाता है। 2. *स्वराशि*: ग्रह स्वराशि में हो तो स्थिर और भरोसेमंद परिणाम देता है। यह स्थिति ग्रह को स्थिरता और मजबूती प्रदान करती है, जिससे व्यक्ति को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलती है। 3. *मित्र राशि*: जब ग्रह मित्र राशि में होता है, तो वह सहयोग और प्रगति देता है। यह स्थिति ग्रह को सकारात्मक प्रभाव डालने में मदद करती है, जिससे व्यक्ति को अपने जीवन में आगे बढ़ने में सहायता मिलती है। 4. *सम राशि*: ग्रह सम राशि में हो तो सामान्य फल देता है। यह स्थिति ग्रह को न तो बहुत मजबूत बनाती है और न ही बहुत कमजोर, जिससे व्यक्ति को सामान्य परिणाम मिलते हैं। 5. *शत्रु राशि*: जब ग्रह शत्रु राशि में होता है, तो वह रुकावट और संघर्ष देता है। यह स्थिति ग्रह को नकारात्मक प्रभाव डालने में मदद करती है, जिससे व्यक्ति को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। 6. *नीच राशि*: ग्रह नीच राशि में हो तो कमजोरी, देरी, और मानसिक दबाव देता है। यह स्थिति ग्रह को सबसे कमजोर बनाती है, जिससे व्यक्ति को अपने जीवन में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। कुछ विशेष योग: - *मेष में सूर्य*: आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाता है। - *वृषभ में चंद्र*: भावनात्मक मजबूती और स्थिरता प्रदान करता है। - *मकर में मंगल*: कर्म और पराक्रम को बढ़ावा देता है। - *कर्क में गुरु*: ज्ञान और भाग्य वृद्धि में मदद करता है। - *मीन में शुक्र*: प्रेम और कला में उन्नति प्रदान करता है। - *तुला में शनि*: न्याय और संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है। #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✡️सितारों की चाल🌠
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लव मैरिज के योग #✡️सितारों की चाल🌠 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
✡️सितारों की चाल🌠 - मैरिज के योग q लव मैरिज के लिए कुंडली में कुछ विशेष योग होते हैं जो इसकी संभावना को बढ़ाते हैंः १. *पंचम और सप्तम भाव का संबंध*ः यदि आपकी कुंडली में पंचम भाव (प्रेम ) और सप्तम भाव (विवाह) के बीच कोई संबंध बनता है॰ तो लव मैरिज की संभावना बढ़ जाती है। यह संबंध ग्रहों की स्थिति, युति, दृष्टि, या विनिमय द्वारा बन सकता है। २. *शुक्र ग्रह*ः शुक्र प्रेम , आकर्षण और विवाह का ग्रह है। आपकी कुंडली में शुक्र शुभ स्थिति र्में है और सप्तम अगर भाव से जुड़ा है, तो लव मैरिज की संभावना मजबूत होती  6 ३. *राहु का प्रभाव*ः कई बार राहु का पंचम या सप्तम भाव में होना या उनका संबंध लव मैरिज की ओर इशारा करता है, खासकर जब यह कुछ असामान्य या समाज से हटकर विवाह का संकेत हो। और शुक्र का संयोजन*ः कुंडली में चंद्रमा और 4.*aT शुक्र का संयोजन या परस्पर दृष्टि प्रेम संबंधों और लव मैरिज की संभावना को बढ़ाता है। ५. *सप्तमेश (सप्तम भाव का स्वामी)*: अगर सप्तम भाव का स्वामी पंचम भाव र्में है या प्रेम से जुड़े ग्रहों से संबंध  बना रहा है, तो भी यह लव मैरिज की संभावना को दर्शाता मैरिज के योग q लव मैरिज के लिए कुंडली में कुछ विशेष योग होते हैं जो इसकी संभावना को बढ़ाते हैंः १. *पंचम और सप्तम भाव का संबंध*ः यदि आपकी कुंडली में पंचम भाव (प्रेम ) और सप्तम भाव (विवाह) के बीच कोई संबंध बनता है॰ तो लव मैरिज की संभावना बढ़ जाती है। यह संबंध ग्रहों की स्थिति, युति, दृष्टि, या विनिमय द्वारा बन सकता है। २. *शुक्र ग्रह*ः शुक्र प्रेम , आकर्षण और विवाह का ग्रह है। आपकी कुंडली में शुक्र शुभ स्थिति र्में है और सप्तम अगर भाव से जुड़ा है, तो लव मैरिज की संभावना मजबूत होती  6 ३. *राहु का प्रभाव*ः कई बार राहु का पंचम या सप्तम भाव में होना या उनका संबंध लव मैरिज की ओर इशारा करता है, खासकर जब यह कुछ असामान्य या समाज से हटकर विवाह का संकेत हो। और शुक्र का संयोजन*ः कुंडली में चंद्रमा और 4.*aT शुक्र का संयोजन या परस्पर दृष्टि प्रेम संबंधों और लव मैरिज की संभावना को बढ़ाता है। ५. *सप्तमेश (सप्तम भाव का स्वामी)*: अगर सप्तम भाव का स्वामी पंचम भाव र्में है या प्रेम से जुड़े ग्रहों से संबंध  बना रहा है, तो भी यह लव मैरिज की संभावना को दर्शाता - ShareChat
#🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✡️सितारों की चाल🌠
🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 - यह योग ५. *्शनि + चंद्रमा*: नकारात्मकता का भाव व्यक्ति को नकारात्मक और उदासीन बनाता है॰ जिससे वह जीवन में असफलता का सामना करता है। ६. *चंद्रमा + गुरु*ः संपन्नता और सफलता - यह योग व्यक्ति को सफल और संपन्न बनाता है, जिससे वह अपने क्षेत्र में ऊंचाइयों को प्राप्त करता है। + ৯নু*: आध्यात्मिक मार्ग - यह योग व्यक्ति को 7.*35 आध्यात्मिक और परमार्थी बनाता है, जिससे वह जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझता है। 8. *बुध + राहु*ः बा्तों में अधिकता , बड़बोलापन - यह योग और बड़बोला बनाता है, जिससे वह व्यक्ति को নানুনী अपने विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त नहीं कर पाता है। ఓగ: ' गहरी एकाग्रता  यह योग व्यक्ति को 9. *অঁসসা + एकाग्र और ध्यानमग्न बनाता है, जिससे वह अपने लक्ष्य करने के लिए पूरी तरह से समर्पित होता है। का प्राप्त यह योग ५. *्शनि + चंद्रमा*: नकारात्मकता का भाव व्यक्ति को नकारात्मक और उदासीन बनाता है॰ जिससे वह जीवन में असफलता का सामना करता है। ६. *चंद्रमा + गुरु*ः संपन्नता और सफलता - यह योग व्यक्ति को सफल और संपन्न बनाता है, जिससे वह अपने क्षेत्र में ऊंचाइयों को प्राप्त करता है। + ৯নু*: आध्यात्मिक मार्ग - यह योग व्यक्ति को 7.*35 आध्यात्मिक और परमार्थी बनाता है, जिससे वह जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझता है। 8. *बुध + राहु*ः बा्तों में अधिकता , बड़बोलापन - यह योग और बड़बोला बनाता है, जिससे वह व्यक्ति को নানুনী अपने विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त नहीं कर पाता है। ఓగ: ' गहरी एकाग्रता  यह योग व्यक्ति को 9. *অঁসসা + एकाग्र और ध्यानमग्न बनाता है, जिससे वह अपने लक्ष्य करने के लिए पूरी तरह से समर्पित होता है। का प्राप्त - ShareChat
#✡️सितारों की चाल🌠 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔
✡️सितारों की चाल🌠 - ग्रहों के योग और उनके असर ग्रहों के संयोजन से व्यक्ति के जीवन पर विभिन्न प्रभाव पड़ते हैं। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण ग्रह योग और उनके प्रभाव दिए गए हैंः १. *गुरु + सूर्य*ः सृजन की ऊर्जा - यह योग व्यक्ति को रचनात्मक और नवाचारी बनाता है, जिससे वह अपने क्षेत्र में सफलता प्राप्त करता है। यह योग व्यक्ति २. *शुक्र + चंद्रमा*: कलात्मक प्रतिभा को कलात्मक और सौंदर्यपूर्ण बनाता है, जिससे वह कला, संगीत, नृत्य आदि में रुचि लेता है। *शनि + केतु*ः समाप्ति और समापन - यह योग व्यक्ति 3. को जीवन में परिवर्तन और समापन की ओर ले जाता है, छोड़कर 7 चीजों को जिससे वह नई शुरुआत करता पुरानी  ४. *मंगल + राहु*ः विध्वंसकारी प्रभाव - यह योग व्यक्ति को आक्रामक और विध्वंसकारी बनाता है, जिससे वह अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। ग्रहों के योग और उनके असर ग्रहों के संयोजन से व्यक्ति के जीवन पर विभिन्न प्रभाव पड़ते हैं। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण ग्रह योग और उनके प्रभाव दिए गए हैंः १. *गुरु + सूर्य*ः सृजन की ऊर्जा - यह योग व्यक्ति को रचनात्मक और नवाचारी बनाता है, जिससे वह अपने क्षेत्र में सफलता प्राप्त करता है। यह योग व्यक्ति २. *शुक्र + चंद्रमा*: कलात्मक प्रतिभा को कलात्मक और सौंदर्यपूर्ण बनाता है, जिससे वह कला, संगीत, नृत्य आदि में रुचि लेता है। *शनि + केतु*ः समाप्ति और समापन - यह योग व्यक्ति 3. को जीवन में परिवर्तन और समापन की ओर ले जाता है, छोड़कर 7 चीजों को जिससे वह नई शुरुआत करता पुरानी  ४. *मंगल + राहु*ः विध्वंसकारी प्रभाव - यह योग व्यक्ति को आक्रामक और विध्वंसकारी बनाता है, जिससे वह अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। - ShareChat
कब दान नहीं करना चाहिए? 🤔 दान करना एक अच्छा कर्म है, लेकिन कुछ स्थितियों में दान नहीं करना चाहिए, क्योंकि ऐसा दान निष्फल होता है: 1. *परिवार को दुखी करके दान*: घर परिवार के सदस्यों को दुखी करके जो दान दिया जाता है, उसका कोई फल नहीं मिलता है। दान करने से पहले परिवार की जरूरतों का ध्यान रखना आवश्यक है। 2. *दरिद्रता में दान*: जब स्वयं दरिद्र हों, तो दान नहीं करना चाहिए, वरना कंगाली की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के बाद ही दान करना चाहिए। 3. *दिखावे के लिए दान*: दिखावे के लिए कभी भी दान नहीं करना चाहिए, सामर्थ्य के अनुसार ही दान करना चाहिए। दान करने का उद्देश्य दूसरों की मदद करना होना चाहिए, न कि दिखावा करना। 4. *शास्त्रों के अनुसार दान*: शास्त्रों के अनुसार, अपनी कमाई का दस प्रतिशत या फिर अपनी श्रद्धा अनुसार दान करना चाहिए। इससे पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। 5. *जरूरतमंद को दान*: दान हमेशा किसी जरूरतमंद व्यक्ति को ही करना चाहिए, इससे पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। दान करने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दान लेने वाला व्यक्ति वास्तव में जरूरतमंद है। इन बातों का ध्यान रखकर दान करने से आप अपने पुण्य फलों को बढ़ा सकते हैं और समाज में भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✡️सितारों की चाल🌠
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कुंडली में अपना घर बनने के संकेत #✡️सितारों की चाल🌠 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
✡️सितारों की चाल🌠 - कुंडली में अपना घर बनने के संकेत  ज्योतिष में चतुर्थ भाव घर, जमीन ्जायदाद, वाहन और गृह सुख का मुख्य भाव माना जाता है। द्वितीय भाव (थन) (खर्च) भी घर बनने या किराये पर रहने में और द्वादश भाव महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हें। किराये के घर में रहने के संकेतः द्वितीय , चतुर्थ या द्वादश भाव का स्वामी पीड़ित हो - व्यक्ति स्थायी घर नहीं बना पाता १२्वें भाव में पीड़ित हो - किराये के घर में रहने चतुर्थेश কী মপাননা भाव पर दो या अथिक पाप ग्रहों की दृष्टि और चतुर्थ कमजोर हो चतुर्थेश  २nd, ४th और १२th भाव के स्वामी 3 ६ 8 या १२ भाव #48=1 अथिक हो - गृह चंद्रमा या सुख भाव पर पाप प्रभाव स्थिरता नहीं बनती बनने के संकेतः अपना घर मजबूत हो - गृह सुख मिलता हे चतुर्थ चतुर्थेश H7 चतुर्थेश उच्च का हो और चतुर्थ भाव पर शुभ ग्रहों की বৃহি ষ্ী चतुर्थेश केंद्र (१ ,४,७ १०) या त्रिकोण (१,५,९) में बैठा हो সীৎ যুক ক্ী মৃহি মিল गुरु की शुभ दृष्टि चतुर्थ भाव पर पडे़ - अच्छा घर बनता है चतुर्थ भाव और उसका स्वामी शुभ ग्रहों से प्रभावित हो luxury home का योग ग्रहों के अनुसार विशेष योगः होकर वृषभ, तुला या मीन राशि में केंद्र में चतुर्थेश  gIF हो - सुंदर व आरामदायक घर होकर कर्क, थनु या मीन राशि में केंद्र में हो चतुर्थेश गुरु बड़ा ओर शुभ घर शनि चतुर्थेश होकर मकर, तुला या कुंभ राशि में केंद्र में हाे - स्थायी संपत्ति ओर जमीन कुंडली में अपना घर बनने के संकेत  ज्योतिष में चतुर्थ भाव घर, जमीन ्जायदाद, वाहन और गृह सुख का मुख्य भाव माना जाता है। द्वितीय भाव (थन) (खर्च) भी घर बनने या किराये पर रहने में और द्वादश भाव महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हें। किराये के घर में रहने के संकेतः द्वितीय , चतुर्थ या द्वादश भाव का स्वामी पीड़ित हो - व्यक्ति स्थायी घर नहीं बना पाता १२्वें भाव में पीड़ित हो - किराये के घर में रहने चतुर्थेश কী মপাননা भाव पर दो या अथिक पाप ग्रहों की दृष्टि और चतुर्थ कमजोर हो चतुर्थेश  २nd, ४th और १२th भाव के स्वामी 3 ६ 8 या १२ भाव #48=1 अथिक हो - गृह चंद्रमा या सुख भाव पर पाप प्रभाव स्थिरता नहीं बनती बनने के संकेतः अपना घर मजबूत हो - गृह सुख मिलता हे चतुर्थ चतुर्थेश H7 चतुर्थेश उच्च का हो और चतुर्थ भाव पर शुभ ग्रहों की বৃহি ষ্ী चतुर्थेश केंद्र (१ ,४,७ १०) या त्रिकोण (१,५,९) में बैठा हो সীৎ যুক ক্ী মৃহি মিল गुरु की शुभ दृष्टि चतुर्थ भाव पर पडे़ - अच्छा घर बनता है चतुर्थ भाव और उसका स्वामी शुभ ग्रहों से प्रभावित हो luxury home का योग ग्रहों के अनुसार विशेष योगः होकर वृषभ, तुला या मीन राशि में केंद्र में चतुर्थेश  gIF हो - सुंदर व आरामदायक घर होकर कर्क, थनु या मीन राशि में केंद्र में हो चतुर्थेश गुरु बड़ा ओर शुभ घर शनि चतुर्थेश होकर मकर, तुला या कुंभ राशि में केंद्र में हाे - स्थायी संपत्ति ओर जमीन - ShareChat
राहु देव देंगे आपको संपूर्ण जीवन का सुख #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️सितारों की चाल🌠
✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - राहु देव देंगे आपको संपूर्ण जीवन का सुख यदि आपकी जन्मकुंडली में राहु वृषभ, मिथुन, सिंह, कन्या, तुला , धनु, कुंभ इन सात राशियों में हो, तो आपको राहु का विशेष लाभ मिलेगा।  जन्म कुंडली के इन भावों में होः यदि राहु 7 মাথ ৪ী, तीसरा भाव पांचवा भाव छठा भाव নীনা সান दसवां भाव ११वां भाव तो ऐसे व्यक्ति को राहु संपूर्ण सुख प्रदान करता है। राहु की डिग्री मजबूत हो , शुभ ग्रहों से युति हो, या शुभ ग्रहों की दृष्टि हो, तो मित्र ग्रह के साथ हो तो और भी अच्छा है। आपकी जन्म कुंडली में राहु किस राशि में और किस भाव में बैठा है, कर्मेंट ्में बताएं! राहु देव देंगे आपको संपूर्ण जीवन का सुख यदि आपकी जन्मकुंडली में राहु वृषभ, मिथुन, सिंह, कन्या, तुला , धनु, कुंभ इन सात राशियों में हो, तो आपको राहु का विशेष लाभ मिलेगा।  जन्म कुंडली के इन भावों में होः यदि राहु 7 মাথ ৪ী, तीसरा भाव पांचवा भाव छठा भाव নীনা সান दसवां भाव ११वां भाव तो ऐसे व्यक्ति को राहु संपूर्ण सुख प्रदान करता है। राहु की डिग्री मजबूत हो , शुभ ग्रहों से युति हो, या शुभ ग्रहों की दृष्टि हो, तो मित्र ग्रह के साथ हो तो और भी अच्छा है। आपकी जन्म कुंडली में राहु किस राशि में और किस भाव में बैठा है, कर्मेंट ्में बताएं! - ShareChat
होलिका दहन में राशि अनुसार ये चीजें डालने से होते हैं अचूक लाभ: #✡️सितारों की चाल🌠 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
✡️सितारों की चाल🌠 - होलिका दहन में राशि अनुसार ये चीजें डालने से होते हैं अचूक लाभः १. *्मेष (Aries)*: लाल फूल, कर्पूर - साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है २. *्वृषभ (Taurus)*: सफेद फूल, चंदन - धन और समृद्धि बढ़ती है *মিথুন  (Gemini)*: हरी सब्जियां, पान - बुद्धि और 3. बढ़ता है ज्ञान وR4R # ४. *कर्क (Cancer)*: नारियल , चावल सुखनशांति बढ़ती है ५. *सिंह (Leo)*: लाल फूल, केसर - आत्मविश्वास और बढ़ता है साहस (Virgo)*: हरी सब्जियां, तिल - स्वास्थ्य और *4~I 6. बढ़ता है ज्ञान में मधुरता  7. *নুলা (Libra)*: মক্ন্ কুল, ঘুলান  संबंधों बढ़ती है 8. *्वृश्चिक (Scorpio)*: लाल फूल , गूगल - साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है 9. *धनु (Sagittarius)*: पीले फूल, हल्दी - ज्ञान और समृद्धि बढ़ती है १०. *मकर (Capricorn)*: काले तिल, उड़द नकारात्मकता दूर होती है और समृद्धि ११. *्कुंभ (Aquarius)*: गूगल, चंदन  ज्ञान बढ़ती है १२. *मीन (Pisces)*: नारियल , चावल qRar # सुख शांति बढ़ती है होलिका दहन में राशि अनुसार ये चीजें डालने से होते हैं अचूक लाभः १. *्मेष (Aries)*: लाल फूल, कर्पूर - साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है २. *्वृषभ (Taurus)*: सफेद फूल, चंदन - धन और समृद्धि बढ़ती है *মিথুন  (Gemini)*: हरी सब्जियां, पान - बुद्धि और 3. बढ़ता है ज्ञान وR4R # ४. *कर्क (Cancer)*: नारियल , चावल सुखनशांति बढ़ती है ५. *सिंह (Leo)*: लाल फूल, केसर - आत्मविश्वास और बढ़ता है साहस (Virgo)*: हरी सब्जियां, तिल - स्वास्थ्य और *4~I 6. बढ़ता है ज्ञान में मधुरता  7. *নুলা (Libra)*: মক্ন্ কুল, ঘুলান  संबंधों बढ़ती है 8. *्वृश्चिक (Scorpio)*: लाल फूल , गूगल - साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है 9. *धनु (Sagittarius)*: पीले फूल, हल्दी - ज्ञान और समृद्धि बढ़ती है १०. *मकर (Capricorn)*: काले तिल, उड़द नकारात्मकता दूर होती है और समृद्धि ११. *्कुंभ (Aquarius)*: गूगल, चंदन  ज्ञान बढ़ती है १२. *मीन (Pisces)*: नारियल , चावल qRar # सुख शांति बढ़ती है - ShareChat
मंगल ग्रह के नीच या अशुभ होने के प्रभाव #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️सितारों की चाल🌠
✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - मंगल ग्रह के नीच या अशुभ होने के प्रभाव *आलसीपन*ः काम करने में रुचि न होना, आलस्य की 1. वजह से काम टलना २. *अति भावुकता*ः भावनाओं के कारण अपने आप को व्यक्त न कर पाना  *ंखून की कमी या रक्तस्राव*ः बार॰बार चोट लगना , 3. मासिक धर्म दौरान ज्यादा रक्तस्राव होना *जलने की समस्या*ः बार-बार छोटी मोटी जलने की समस्या होना ५. *गुस्सा*ः हद से ज्यादा गुस्सा आना, नियंत्रण न कर पाना ६. *कॉन्फ्रंटेशन से बचाव*ः किसी को भी कॉन्फ्रंट न कर पाना, पैसिव लाइफ जीना *डिस्ट्रैक्शन*ः काम करते वक्त डिस्ट्रैक्ट हो जाना, काम 7 पेंडिंग रहना 8. *्तनाव*ः काम के प्रेशर में ज्यादा तनाव महसूस करना ९. *्काम टालना*ः काम को टालने की गंदी आदत होना १०. *बाहरी लोगों से बात न कर पाना*: बाहरी लोगों को कुछ न कह पाना, घर में ज्यादा हाइपर हो जाना ११. *मैरिज लाइफ र्में तनाव*ः मैरिज लाइफ में तनाव रहना १२. *रक्त स्राव, रक्त चाप*: रक्त स्राव, रक्त चाप की समस्या होना १३. *बोन मैरो की बीमारी*ः अस्थि मज्जा की बीमारी होना १४. *शरीर का गर्म रहना*: शरीर का ज्यादा और हमेशा गर्म रहना मंगल ग्रह के नीच या अशुभ होने के प्रभाव *आलसीपन*ः काम करने में रुचि न होना, आलस्य की 1. वजह से काम टलना २. *अति भावुकता*ः भावनाओं के कारण अपने आप को व्यक्त न कर पाना  *ंखून की कमी या रक्तस्राव*ः बार॰बार चोट लगना , 3. मासिक धर्म दौरान ज्यादा रक्तस्राव होना *जलने की समस्या*ः बार-बार छोटी मोटी जलने की समस्या होना ५. *गुस्सा*ः हद से ज्यादा गुस्सा आना, नियंत्रण न कर पाना ६. *कॉन्फ्रंटेशन से बचाव*ः किसी को भी कॉन्फ्रंट न कर पाना, पैसिव लाइफ जीना *डिस्ट्रैक्शन*ः काम करते वक्त डिस्ट्रैक्ट हो जाना, काम 7 पेंडिंग रहना 8. *्तनाव*ः काम के प्रेशर में ज्यादा तनाव महसूस करना ९. *्काम टालना*ः काम को टालने की गंदी आदत होना १०. *बाहरी लोगों से बात न कर पाना*: बाहरी लोगों को कुछ न कह पाना, घर में ज्यादा हाइपर हो जाना ११. *मैरिज लाइफ र्में तनाव*ः मैरिज लाइफ में तनाव रहना १२. *रक्त स्राव, रक्त चाप*: रक्त स्राव, रक्त चाप की समस्या होना १३. *बोन मैरो की बीमारी*ः अस्थि मज्जा की बीमारी होना १४. *शरीर का गर्म रहना*: शरीर का ज्यादा और हमेशा गर्म रहना - ShareChat