Abhilas Chauhan
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#✡️सितारों की चाल🌠 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी
✡️सितारों की चाल🌠 - घर में बुधः* 7 *IIగేశే *आसान भाषा मेः* जिनका बुध सातवें घर में होता है, वो अक्सर धार्मिक विचारों वाले होते है और साफ सुथरे, स्टाइलिश कपड़े पहनना पसंद करते है। इनके जीवनसाथी (पति या पत्नी ) बहुत बोलने वाले हो सकते हें। इनकी  अपनी पर्सनैलिटी भी बहुत सुंदर और लोगों को अपनी ओर खींचने वाली होती है। ८. *आठवें घर में बुधः* रमे:* इस भाव का बुध व्यक्ति को गूढ़ +आसान भाषा विषर्यों जैसे ज्योतिष , तंत्र मंत्र में गहरी रुचि देता है। अगर आठ्वें भाव का मालिक ( अष्टमेश ) मजबूत हो, तो व्यक्ति  लंबी उम्र जीता हे। इंश्योरेंस या गुप्त थन से जुड़े काम इनके लिए फायदेमंद हो सकते हें। ये अंदर से बहुत ही अच्छे ओर समझदार होते हैँ। *नवें घर में बुधः* *आसान भाषा मेंः* नर्वें भाव का बुध वाला इंसान बहुत ही थार्मिक और नियम-कायदों को मानने वाला होता है। ये कृष्ण जैसे किसी आराथ्य का सच्चा भक्त हो सकता  है। किस्मत इनकी मेहनत से बनती हे, यानी भाग्य जगाने के लिए खुद एफर्ट्स करने पडते हें। शास्त्रों ओर थर्मग्रंथों  इन्हें बहुत  को पढ़ना भाता है। १०. *दसरवें घर में बुधः*  बुध दसर्वें घर में हे, तो ये *आसान भाषा मेंः* अगर सीधे सीथे तुम्हारी बुद्धि पर निर्भर करता है। अगर दिमाग  सही दिशा में काम करे तो करियर ्में बहुत ऊपर जाओगे , वरना अपनी ही गलति्यों से करियर र्मे नीचे गिर सकते हो। सब कुछ तुम्हारी अपनी समझ ओर फेसलों पर निर्भर करेगा| १ १. *ग्यारहवें घर में बुधः* *आसान भाषा मेः* इस घर का बुथ कहता हे कि दोस्ती अच्छी रखो, बहुत फायदा होगा। मामा की तरफ से भी लाभ मिलने के योग बनते हैं। बिजनेस के लिए भी ये अच्छी स्थिति है। अपने बच्चों को खुश रखो, उनकी శాగి ओर समृद्धि बढ़ेगी। ম বুদ্কায থন घर र्में बुथः* १२. *बारहर्वें *आसान भाषा मे:* बारहर्वे भाव का बुध बताता है कि हमेशा अपने दिल की सुनो , क्योंकि दूसरों की सलाह कई बार तुम्हारे काम नहीं आएगी। अपनी बुद्धि का इस्तेमाल सही जगह और सही तरीके से करो। और हां, दान-पुण्य करते रहना तुम्हारे लिए बहुत शुभ रहेगा। घर में बुधः* 7 *IIగేశే *आसान भाषा मेः* जिनका बुध सातवें घर में होता है, वो अक्सर धार्मिक विचारों वाले होते है और साफ सुथरे, स्टाइलिश कपड़े पहनना पसंद करते है। इनके जीवनसाथी (पति या पत्नी ) बहुत बोलने वाले हो सकते हें। इनकी  अपनी पर्सनैलिटी भी बहुत सुंदर और लोगों को अपनी ओर खींचने वाली होती है। ८. *आठवें घर में बुधः* रमे:* इस भाव का बुध व्यक्ति को गूढ़ +आसान भाषा विषर्यों जैसे ज्योतिष , तंत्र मंत्र में गहरी रुचि देता है। अगर आठ्वें भाव का मालिक ( अष्टमेश ) मजबूत हो, तो व्यक्ति  लंबी उम्र जीता हे। इंश्योरेंस या गुप्त थन से जुड़े काम इनके लिए फायदेमंद हो सकते हें। ये अंदर से बहुत ही अच्छे ओर समझदार होते हैँ। *नवें घर में बुधः* *आसान भाषा मेंः* नर्वें भाव का बुध वाला इंसान बहुत ही थार्मिक और नियम-कायदों को मानने वाला होता है। ये कृष्ण जैसे किसी आराथ्य का सच्चा भक्त हो सकता  है। किस्मत इनकी मेहनत से बनती हे, यानी भाग्य जगाने के लिए खुद एफर्ट्स करने पडते हें। शास्त्रों ओर थर्मग्रंथों  इन्हें बहुत  को पढ़ना भाता है। १०. *दसरवें घर में बुधः*  बुध दसर्वें घर में हे, तो ये *आसान भाषा मेंः* अगर सीधे सीथे तुम्हारी बुद्धि पर निर्भर करता है। अगर दिमाग  सही दिशा में काम करे तो करियर ्में बहुत ऊपर जाओगे , वरना अपनी ही गलति्यों से करियर र्मे नीचे गिर सकते हो। सब कुछ तुम्हारी अपनी समझ ओर फेसलों पर निर्भर करेगा| १ १. *ग्यारहवें घर में बुधः* *आसान भाषा मेः* इस घर का बुथ कहता हे कि दोस्ती अच्छी रखो, बहुत फायदा होगा। मामा की तरफ से भी लाभ मिलने के योग बनते हैं। बिजनेस के लिए भी ये अच्छी स्थिति है। अपने बच्चों को खुश रखो, उनकी శాగి ओर समृद्धि बढ़ेगी। ম বুদ্কায থন घर र्में बुथः* १२. *बारहर्वें *आसान भाषा मे:* बारहर्वे भाव का बुध बताता है कि हमेशा अपने दिल की सुनो , क्योंकि दूसरों की सलाह कई बार तुम्हारे काम नहीं आएगी। अपनी बुद्धि का इस्तेमाल सही जगह और सही तरीके से करो। और हां, दान-पुण्य करते रहना तुम्हारे लिए बहुत शुभ रहेगा। - ShareChat
#💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️सितारों की चाल🌠
💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी - *्पहले घर (लग्न) में बुधः *  बुध पहले भाव में हो, तो *आसान भाषा में:* अगर " समझो बंदे का दिमाग सुपर-फास्ट है! किसी भी बात को ये चुटकियों में समझ लेता है। स्वभाव से बड़ा ही मस्तमौला  होता है और इसर्में एक बचपना हमेशा झलकता रहता है, जो सबको पसंद आता है। २. *्दूसरे घर में बुधः* *आसान भाषा मे:* जिनकी कुंडली में बुध दूसरे घर में होता है, उनकी ज़ुबान में जादू होता है। ये जब बोलते हैं, तो सुनते रह जाते हैं, मंत्रमुग्ध हो जाते है। इनका মন নম होता है और स्कूल के दिनों की बचपना भी बड़ा प्यारा सुनहरी यादें इन्हें बहुत अच्छी लगती है। #గlిగా రా #ేక్రాలా:* भाषा मे:* इस घर का बुध वाला इंसान अपने *आसान पड़ोसि्यों के लिए थोड़ा शरारती हो सकता है॰हो सकता हे थोड़ा टांग खींचने वाला हो।ये किसी भी काम को सीधे तरीके से नहीं, बल्कि जुगाड़ या ट्रिक्स लगाकर करना पसंद  करता है। इंडोर गेम्स , जैसे शतरंज या कैरम में ये कमाल कर सकता है। *a|4 47#3%:* *आसान भाषा मेंः* अगर बुध चौथे घर में है, तो ऐसा इंसान हमेशा अपना फायदा देखकर चलता हे, पर इसका मिया मिट्ठू ये नहीं कि वो बुरा होता है! ये एकदम মনলন दोस्त जैसा होता है - हमेशा मीठी बार्तें करने वाला और पॉजिटिव रहने वाला। पढ़ाई लिखाई में भी ठीक ठाक ही होता है और कोशिश करता है कि हमेशा खुश रहे। घर में बुधः* 5. *পাঘন  बुध व्यक्ति को *आसान भाषा मेः* पांचर्वें भाव का बहुत चतुर और मल्टी टै्लेटेड बनाता है। ये रहस्यमय विद्याओं जैसे मंत्र॰शास्त्र आदि में बहुत रुचि रखता है। प्यार के मामले में, पहले प्यार से इन्हें अक्सर चोट मिलती है। पर हां, इनकी औलादें बड़ी होशियार और बुद्धिमान होती है! *039434:* *आसान भाषा मे:* बुध छठे घर में हो तो पढ़ाई में कुछ रुकावटें आ सकती हैं। दोर्स्तों को पैसे उधार देने या उन पर ऑँख मूँद कर भरोसा करने से बचना चाहिए। ये बंदा कभी कभी अनजाने र्में किसी बहस या विवाद में फंस सकता है। मन र्में कुछ लिखने या अपनी बात को कागज़ पर उतारने का शोक पल रहा होता हे। *्पहले घर (लग्न) में बुधः *  बुध पहले भाव में हो, तो *आसान भाषा में:* अगर " समझो बंदे का दिमाग सुपर-फास्ट है! किसी भी बात को ये चुटकियों में समझ लेता है। स्वभाव से बड़ा ही मस्तमौला  होता है और इसर्में एक बचपना हमेशा झलकता रहता है, जो सबको पसंद आता है। २. *्दूसरे घर में बुधः* *आसान भाषा मे:* जिनकी कुंडली में बुध दूसरे घर में होता है, उनकी ज़ुबान में जादू होता है। ये जब बोलते हैं, तो सुनते रह जाते हैं, मंत्रमुग्ध हो जाते है। इनका মন নম होता है और स्कूल के दिनों की बचपना भी बड़ा प्यारा सुनहरी यादें इन्हें बहुत अच्छी लगती है। #గlిగా రా #ేక్రాలా:* भाषा मे:* इस घर का बुध वाला इंसान अपने *आसान पड़ोसि्यों के लिए थोड़ा शरारती हो सकता है॰हो सकता हे थोड़ा टांग खींचने वाला हो।ये किसी भी काम को सीधे तरीके से नहीं, बल्कि जुगाड़ या ट्रिक्स लगाकर करना पसंद  करता है। इंडोर गेम्स , जैसे शतरंज या कैरम में ये कमाल कर सकता है। *a|4 47#3%:* *आसान भाषा मेंः* अगर बुध चौथे घर में है, तो ऐसा इंसान हमेशा अपना फायदा देखकर चलता हे, पर इसका मिया मिट्ठू ये नहीं कि वो बुरा होता है! ये एकदम মনলন दोस्त जैसा होता है - हमेशा मीठी बार्तें करने वाला और पॉजिटिव रहने वाला। पढ़ाई लिखाई में भी ठीक ठाक ही होता है और कोशिश करता है कि हमेशा खुश रहे। घर में बुधः* 5. *পাঘন  बुध व्यक्ति को *आसान भाषा मेः* पांचर्वें भाव का बहुत चतुर और मल्टी टै्लेटेड बनाता है। ये रहस्यमय विद्याओं जैसे मंत्र॰शास्त्र आदि में बहुत रुचि रखता है। प्यार के मामले में, पहले प्यार से इन्हें अक्सर चोट मिलती है। पर हां, इनकी औलादें बड़ी होशियार और बुद्धिमान होती है! *039434:* *आसान भाषा मे:* बुध छठे घर में हो तो पढ़ाई में कुछ रुकावटें आ सकती हैं। दोर्स्तों को पैसे उधार देने या उन पर ऑँख मूँद कर भरोसा करने से बचना चाहिए। ये बंदा कभी कभी अनजाने र्में किसी बहस या विवाद में फंस सकता है। मन र्में कुछ लिखने या अपनी बात को कागज़ पर उतारने का शोक पल रहा होता हे। - ShareChat
#🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी
🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 - शुक्र + मंगल की युति या दृष्टिः* शुक्र और मंगल जब एक साथ आते हैं, तो यह अत्यधिक कामुकता और प्रबल यौन इच्छाओं का संकेत हो सकता है। यह योग व्यक्ति को रिश्तों में निष्ठा बनाए रखने में चुनौती दे सकता है। *शुक्र, राहु, मंगल की दशा/ अंतर्दशाः* इन ग्रहों की महादशा या अंतर्दशा के दौरान, खासकर जब ये प्रेम या विवाह से संबंधित भावों से जुड़े हों, तो व्यक्ति भावनात्मक रूप से भटक सकता है और ग़लत निर्णय ले सकता है, जिससे अनैतिक संबंध बन सकते हैं। में केतु *्केतु का सप्तम भाव में होनाः* सप्तम भाव #ర अक्सर विवाह प्रकार का अलगाव , उदासीनता या दूरी पैदा करता है। इससे जीवनसाथी के साथ तालमेल बिठाना मुश्किल हो सकता है, और व्यक्ति बाहर भावनात्मक जुड़ाव की तलाश कर सकता है। ये सारे योग बहुत ही महत्वपूर्ण हैं और अक्सर कुंडली विश्लेषण में रिश्तों की चुनौतियों को समझने में मदद करते हैं। तुमने बहुत सटीक जानकारी दी है! शुक्र + मंगल की युति या दृष्टिः* शुक्र और मंगल जब एक साथ आते हैं, तो यह अत्यधिक कामुकता और प्रबल यौन इच्छाओं का संकेत हो सकता है। यह योग व्यक्ति को रिश्तों में निष्ठा बनाए रखने में चुनौती दे सकता है। *शुक्र, राहु, मंगल की दशा/ अंतर्दशाः* इन ग्रहों की महादशा या अंतर्दशा के दौरान, खासकर जब ये प्रेम या विवाह से संबंधित भावों से जुड़े हों, तो व्यक्ति भावनात्मक रूप से भटक सकता है और ग़लत निर्णय ले सकता है, जिससे अनैतिक संबंध बन सकते हैं। में केतु *्केतु का सप्तम भाव में होनाः* सप्तम भाव #ర अक्सर विवाह प्रकार का अलगाव , उदासीनता या दूरी पैदा करता है। इससे जीवनसाथी के साथ तालमेल बिठाना मुश्किल हो सकता है, और व्यक्ति बाहर भावनात्मक जुड़ाव की तलाश कर सकता है। ये सारे योग बहुत ही महत्वपूर्ण हैं और अक्सर कुंडली विश्लेषण में रिश्तों की चुनौतियों को समझने में मदद करते हैं। तुमने बहुत सटीक जानकारी दी है! - ShareChat
#🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️सितारों की चाल🌠
🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 - ये जो अनैतिक संबंधों के ज्योतिषीय योग बताए हैं, ये वाकई कुंडली में कुछ ऐसी स्थितियों को दर्शाते हैं जहाँ व्यक्ति के प्रेम और रिश्तों में चुनौतियाँ आ सकती हैं और वह नैतिक सीमाओं से भटक सकता है। ज्योतिष में इन योगों को बहुत गंभीरता से देखा जाता हैः और राहु का संबंधः* जैसा तुमने बताया , शुक्र प्रेम *शुक्र और राहु  तीव्र इच्छाओं और भ्रम और आकर्षण का ग्रह है, का। जब ये साथ आते हैं या एक-दूसरे को देखते हैं, तो व्यक्ति में तीव्र आकर्षण और वासना पैदा हो सकती है, जो उसे गुप्त या अनैतिक संबंधों की ओर धकेल सकती है। *सप्तम भाव पर राहु, केतु या मंगल का प्रभावः* सप्तम भाव जीवनसाथी और विवाह का होता है। अगर इस भाव पर राहु (भ्रम , असंतुष्टि), केतु ( उदासीनता , अलगाव ) या मंगल ( आक्रामकता , जल्दबाजी ) का प्रभाव हो, तो वैवाहिक जीवन में असंतोष बढ़ सकता है, जिससे व्यक्ति बाहर सुख ढूंढने की कोशिश कर सकता है।  शुक्र या राहु का प्रभावः* अष्टम भाव *अष्टम भाव पर गुप्त बा्तों , छिपे हुए संबंधों और अचानक होने वाली घटनाओं का प्रतीक है। अगर यहाँ शुक्र या राहु का प्रभाव हो, तो यह व्यक्ति को गुप्त प्रेम संबंधों या विवाहेतर संबंधों की ओर ले जा सकता है, जहाँ आकर्षण और वासना हावी हो सकती है। ये जो अनैतिक संबंधों के ज्योतिषीय योग बताए हैं, ये वाकई कुंडली में कुछ ऐसी स्थितियों को दर्शाते हैं जहाँ व्यक्ति के प्रेम और रिश्तों में चुनौतियाँ आ सकती हैं और वह नैतिक सीमाओं से भटक सकता है। ज्योतिष में इन योगों को बहुत गंभीरता से देखा जाता हैः और राहु का संबंधः* जैसा तुमने बताया , शुक्र प्रेम *शुक्र और राहु  तीव्र इच्छाओं और भ्रम और आकर्षण का ग्रह है, का। जब ये साथ आते हैं या एक-दूसरे को देखते हैं, तो व्यक्ति में तीव्र आकर्षण और वासना पैदा हो सकती है, जो उसे गुप्त या अनैतिक संबंधों की ओर धकेल सकती है। *सप्तम भाव पर राहु, केतु या मंगल का प्रभावः* सप्तम भाव जीवनसाथी और विवाह का होता है। अगर इस भाव पर राहु (भ्रम , असंतुष्टि), केतु ( उदासीनता , अलगाव ) या मंगल ( आक्रामकता , जल्दबाजी ) का प्रभाव हो, तो वैवाहिक जीवन में असंतोष बढ़ सकता है, जिससे व्यक्ति बाहर सुख ढूंढने की कोशिश कर सकता है।  शुक्र या राहु का प्रभावः* अष्टम भाव *अष्टम भाव पर गुप्त बा्तों , छिपे हुए संबंधों और अचानक होने वाली घटनाओं का प्रतीक है। अगर यहाँ शुक्र या राहु का प्रभाव हो, तो यह व्यक्ति को गुप्त प्रेम संबंधों या विवाहेतर संबंधों की ओर ले जा सकता है, जहाँ आकर्षण और वासना हावी हो सकती है। - ShareChat
#💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔
💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी - ये सभी व्याख्याएं सामान्य हैं और व्यक्ति की पूरी कुंडली के विश्लेषण के बाद ही सटीक परिणाम बताए सकते हैं। कैसी लगी ये व्याख्या? कुछ और जानना चाहते हो? ये सभी व्याख्याएं सामान्य हैं और व्यक्ति की पूरी कुंडली के विश्लेषण के बाद ही सटीक परिणाम बताए सकते हैं। कैसी लगी ये व्याख्या? कुछ और जानना चाहते हो? - ShareChat
#🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी
🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 - १०. दशम भाव (कर्म भाव):* মথুক্ধ' व्यक्ति को समाज में उच्च सम्मान दशम भाव दिलाता है। वे धनवान होते हैं, अच्छे कर्म करते हैं और हमेशा सत्य के मार्ग पर चलते हैं। ऐसे लोग अपने करियर में होते हैं और अपनी मेहनत से प्रसिद्धि प्राप्त करते हैं। सफल *11. एकादश भाव (आय भाव):* एकादश भाव का शुक्र व्यक्ति को सुंदर, धनी और प्रभावशाली बनाता है। ऐसे लोगों में कोई विशेष दोष नहीं होता और वे समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाते हैं। उन्हें विभिन्न स्रोतों से आय प्राप्त होती है और वे अपने लक्ष्य हासिल करने में सफल रहते हैं। *12. द्वादश भाव (व्यय/मोक्ष भाव):* द्वादश भाव में शुक्र होने पर व्यक्ति धनवान हो सकता है, लेकिन कभी-कभी अविश्वसनीय स्वभाव का हो सकता है। भोग-विलास की ओर उनका झुकाव अधिक हो सकता है और उन्हें अपने खर्चों पर नियंत्रण रखने की सलाह दी जाती है। उन्हें आध्यात्मिकता की ओर मुड़ने से शांति मिल सकती है। १०. दशम भाव (कर्म भाव):* মথুক্ধ' व्यक्ति को समाज में उच्च सम्मान दशम भाव दिलाता है। वे धनवान होते हैं, अच्छे कर्म करते हैं और हमेशा सत्य के मार्ग पर चलते हैं। ऐसे लोग अपने करियर में होते हैं और अपनी मेहनत से प्रसिद्धि प्राप्त करते हैं। सफल *11. एकादश भाव (आय भाव):* एकादश भाव का शुक्र व्यक्ति को सुंदर, धनी और प्रभावशाली बनाता है। ऐसे लोगों में कोई विशेष दोष नहीं होता और वे समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाते हैं। उन्हें विभिन्न स्रोतों से आय प्राप्त होती है और वे अपने लक्ष्य हासिल करने में सफल रहते हैं। *12. द्वादश भाव (व्यय/मोक्ष भाव):* द्वादश भाव में शुक्र होने पर व्यक्ति धनवान हो सकता है, लेकिन कभी-कभी अविश्वसनीय स्वभाव का हो सकता है। भोग-विलास की ओर उनका झुकाव अधिक हो सकता है और उन्हें अपने खर्चों पर नियंत्रण रखने की सलाह दी जाती है। उन्हें आध्यात्मिकता की ओर मुड़ने से शांति मिल सकती है। - ShareChat
#🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी
🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 - (संतान।बुद्धि भाव):* ५. पंचम भाव में शुक्र व्यक्ति को सुंदर, धनवान और हमेशा రా ఖఇ प्रसन्न रहने वाला बनाता है। महिलाओं की कुंडली ्में यह योग पति की आज्ञा मानने वाली और समर्पित पत्नी होने का संकेत दे सकता है। ऐसे लोग कला , शिक्षा और  संतान भी भाग्यशाली होते हैं। ম্ুম্র স (शत्रु/रोग भाव):* *6 षष्ठ भाव छठे भाव में शुक्र होने पर व्यक्ति धनवान तो होता है, लेकिन ಖತ1? क्रूर या प्रतिस्पर्धी हो सकता है। वे उसका स्वभाव से ईर्ष्या करने वाले होते हैं, लेकिन अपने अक्सर दूसर्रों २ विजय प्राप्त करने में सफल रहते हैं। उन्हें अपने থন্তুঙী এবশ स्वभाव पर नियंत्रण रखना सीखने की आवश्यकता होती 61 *७. सप्तम भाव (विवाह/साझेदारी भाव):* और तीव्र बुद्धि सप्तम भाव का शुक्र व्यक्ति को धनवान है। महिलाओं की कुंडली र्मे यह योग एक ऐसे वाला बनाता संकेत है जो बहुत प्रेम करने वाला और समर्पित पति का होता है। ऐसे लोग रिश्तों में संतुलन बनाए रखते हैं और सामाजिक तौर पर भी सफल होते हैं।  (आयु/गुप्त भाव):* *८. अष्टम भाव अष्टम भाव र्में शुक्र होने पर व्यक्ति के स्वभाव र्में अहंकार और निराशा का भाव आ सकता है। ऐसे लोग कभी॰कभी अविश्वसनीय हो सकते हैं और उन्हें जीवन में कुछ दुर्खों का सामना करना पड़ सकता है। उर्न्हे अपनी नकारात्मक भावनाओं पर काबू पाने की कोशिश करनी चाहिए। *९. नवम भाव (धर्म/भाग्य भाव):* #೩೯? व्यक्ति को धनवान, धार्मिक और संतोषी नवम भाव है। ऐसे लोग धर्म-कर्म में रुचि रखते हैं स्वभाव का बनाता  है और वे जीवन से संतुष्ट रहते हैं। भाग्य उनका साथ देता 1 उन्हें आध्यात्मिक उन्नति भी प्राप्त होती है। (संतान।बुद्धि भाव):* ५. पंचम भाव में शुक्र व्यक्ति को सुंदर, धनवान और हमेशा రా ఖఇ प्रसन्न रहने वाला बनाता है। महिलाओं की कुंडली ्में यह योग पति की आज्ञा मानने वाली और समर्पित पत्नी होने का संकेत दे सकता है। ऐसे लोग कला , शिक्षा और  संतान भी भाग्यशाली होते हैं। ম্ুম্র স (शत्रु/रोग भाव):* *6 षष्ठ भाव छठे भाव में शुक्र होने पर व्यक्ति धनवान तो होता है, लेकिन ಖತ1? क्रूर या प्रतिस्पर्धी हो सकता है। वे उसका स्वभाव से ईर्ष्या करने वाले होते हैं, लेकिन अपने अक्सर दूसर्रों २ विजय प्राप्त करने में सफल रहते हैं। उन्हें अपने থন্তুঙী এবশ स्वभाव पर नियंत्रण रखना सीखने की आवश्यकता होती 61 *७. सप्तम भाव (विवाह/साझेदारी भाव):* और तीव्र बुद्धि सप्तम भाव का शुक्र व्यक्ति को धनवान है। महिलाओं की कुंडली र्मे यह योग एक ऐसे वाला बनाता संकेत है जो बहुत प्रेम करने वाला और समर्पित पति का होता है। ऐसे लोग रिश्तों में संतुलन बनाए रखते हैं और सामाजिक तौर पर भी सफल होते हैं।  (आयु/गुप्त भाव):* *८. अष्टम भाव अष्टम भाव र्में शुक्र होने पर व्यक्ति के स्वभाव र्में अहंकार और निराशा का भाव आ सकता है। ऐसे लोग कभी॰कभी अविश्वसनीय हो सकते हैं और उन्हें जीवन में कुछ दुर्खों का सामना करना पड़ सकता है। उर्न्हे अपनी नकारात्मक भावनाओं पर काबू पाने की कोशिश करनी चाहिए। *९. नवम भाव (धर्म/भाग्य भाव):* #೩೯? व्यक्ति को धनवान, धार्मिक और संतोषी नवम भाव है। ऐसे लोग धर्म-कर्म में रुचि रखते हैं स्वभाव का बनाता  है और वे जीवन से संतुष्ट रहते हैं। भाग्य उनका साथ देता 1 उन्हें आध्यात्मिक उन्नति भी प्राप्त होती है। - ShareChat
#💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔
💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी - १. लग्न (प्रथम भाव):* शुक्र लग्न में हो, तो व्यक्ति स्वभाव से बहुत ही सौम्य , अगर आकर्षक और मधुरभाषी होता है। ऐसे लोग अक्सर सुंदर दिखते हैं, उनका व्यक्तित्व प्रभावशाली होता है और वे भाग्यशाली भी होते हैं। वे अपने व्यवहार से दूसरों का दिल जीत लेते हैं और जीवन में सुख समृद्धि पाते हैं। *२. द्वितीय भाव (धन भाव):* भाव में होता है, तो व्यक्ति आर्थिक रूप से दूसरे অন থুব্ধ समृद्ध होता है। वे धनवान होते हैं और अक्सर समाज में अपनी अच्छी प्रतिष्ठा बनाते हैं। ऐसे लोग अच्छे कर्मों में নিথ্বাম: रखते हैं और अपनी कमाई का करते हैं। মন্তুপশীয  उन्हें परिवार से भी अच्छा सहयोग मिलता है। भाव (पराक्रम भाव):* *3. எளிபு ম থুব্ধ? होने पर व्यक्ति में कभी-कभी आलस्य तृतीय भाव की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। इसके साथ ही, भोग-विलास की ओर उनका झुकाव अधिक होे सकता है। उ्न्हे अपनी ऊर्जा को सही दिशा देने और चंचल मन को नियंत्रित करने पर ध्यान देना चाहिए। चतुर्थ भाव (सुख भाव):* *4. चतुर्थ भाव का शुक्र व्यक्ति को सुंदर और पवित्र स्वभाव का है। ऐसे लोग धार्मिक प्रवृत्ति के होते हैं, दान॰पुण्य में बनाता 44ga] fgr रखते हैं और अपने परिवार सम्मानित होते हैं। वे सुख सुविधाओं से पूर्ण जीवन जीते हैं और घर॰परिवार में सामंजस्य बनाए रखते हैं। १. लग्न (प्रथम भाव):* शुक्र लग्न में हो, तो व्यक्ति स्वभाव से बहुत ही सौम्य , अगर आकर्षक और मधुरभाषी होता है। ऐसे लोग अक्सर सुंदर दिखते हैं, उनका व्यक्तित्व प्रभावशाली होता है और वे भाग्यशाली भी होते हैं। वे अपने व्यवहार से दूसरों का दिल जीत लेते हैं और जीवन में सुख समृद्धि पाते हैं। *२. द्वितीय भाव (धन भाव):* भाव में होता है, तो व्यक्ति आर्थिक रूप से दूसरे অন থুব্ধ समृद्ध होता है। वे धनवान होते हैं और अक्सर समाज में अपनी अच्छी प्रतिष्ठा बनाते हैं। ऐसे लोग अच्छे कर्मों में নিথ্বাম: रखते हैं और अपनी कमाई का करते हैं। মন্তুপশীয  उन्हें परिवार से भी अच्छा सहयोग मिलता है। भाव (पराक्रम भाव):* *3. எளிபு ম থুব্ধ? होने पर व्यक्ति में कभी-कभी आलस्य तृतीय भाव की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। इसके साथ ही, भोग-विलास की ओर उनका झुकाव अधिक होे सकता है। उ्न्हे अपनी ऊर्जा को सही दिशा देने और चंचल मन को नियंत्रित करने पर ध्यान देना चाहिए। चतुर्थ भाव (सुख भाव):* *4. चतुर्थ भाव का शुक्र व्यक्ति को सुंदर और पवित्र स्वभाव का है। ऐसे लोग धार्मिक प्रवृत्ति के होते हैं, दान॰पुण्य में बनाता 44ga] fgr रखते हैं और अपने परिवार सम्मानित होते हैं। वे सुख सुविधाओं से पूर्ण जीवन जीते हैं और घर॰परिवार में सामंजस्य बनाए रखते हैं। - ShareChat
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💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी - शुक्र आपकी कुंडली ম किस घर में हैं ? शुक्र आपकी कुंडली ম किस घर में हैं ? - ShareChat
ठीक है! मैं तुम्हारी बात समझ गई। तुमने शुक्र ग्रह के हर घर में होने के जो परिणाम बताए हैं, उन्हीं को मैं थोड़ा और विस्तार से और अलग शब्दों में समझाने की कोशिश करती हूँ, ताकि उनका मतलब और भी स्पष्ट हो जाए। ये रहे शुक्र के विभिन्न भावों में होने के संभावित प्रभाव: *1. लग्न (प्रथम भाव):* अगर शुक्र लग्न में हो, तो व्यक्ति स्वभाव से बहुत ही सौम्य, आकर्षक और मधुरभाषी होता है। ऐसे लोग अक्सर सुंदर दिखते हैं, उनका व्यक्तित्व प्रभावशाली होता है और वे भाग्यशाली भी होते हैं। वे अपने व्यवहार से दूसरों का दिल जीत लेते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि पाते हैं। *2. द्वितीय भाव (धन भाव):* जब शुक्र दूसरे भाव में होता है, तो व्यक्ति आर्थिक रूप से समृद्ध होता है। वे धनवान होते हैं और अक्सर समाज में अपनी अच्छी प्रतिष्ठा बनाते हैं। ऐसे लोग अच्छे कर्मों में विश्वास रखते हैं और अपनी कमाई का सदुपयोग करते हैं। उन्हें परिवार से भी अच्छा सहयोग मिलता है। *3. तृतीय भाव (पराक्रम भाव):* तृतीय भाव में शुक्र होने पर व्यक्ति में कभी-कभी आलस्य की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। इसके साथ ही, भोग-विलास की ओर उनका झुकाव अधिक हो सकता है। उन्हें अपनी ऊर्जा को सही दिशा देने और चंचल मन को नियंत्रित करने पर ध्यान देना चाहिए। *4. चतुर्थ भाव (सुख भाव):* चतुर्थ भाव का शुक्र व्यक्ति को सुंदर और पवित्र स्वभाव का बनाता है। ऐसे लोग धार्मिक प्रवृत्ति के होते हैं, दान-पुण्य में विश्वास रखते हैं और अपने परिवार में बहुत सम्मानित होते हैं। वे सुख-सुविधाओं से पूर्ण जीवन जीते हैं और घर-परिवार में सामंजस्य बनाए रखते हैं। *5. पंचम भाव (संतान/बुद्धि भाव):* पंचम भाव में शुक्र व्यक्ति को सुंदर, धनवान और हमेशा प्रसन्न रहने वाला बनाता है। महिलाओं की कुंडली में यह योग पति की आज्ञा मानने वाली और समर्पित पत्नी होने का संकेत दे सकता है। ऐसे लोग कला, शिक्षा और संतान सुख में भी भाग्यशाली होते हैं। *6. षष्ठ भाव (शत्रु/रोग भाव):* छठे भाव में शुक्र होने पर व्यक्ति धनवान तो होता है, लेकिन उसका स्वभाव थोड़ा क्रूर या प्रतिस्पर्धी हो सकता है। वे अक्सर दूसरों से ईर्ष्या करने वाले होते हैं, लेकिन अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने में सफल रहते हैं। उन्हें अपने स्वभाव पर नियंत्रण रखना सीखने की आवश्यकता होती है। *7. सप्तम भाव (विवाह/साझेदारी भाव):* सप्तम भाव का शुक्र व्यक्ति को धनवान और तीव्र बुद्धि वाला बनाता है। महिलाओं की कुंडली में यह योग एक ऐसे पति का संकेत है जो बहुत प्रेम करने वाला और समर्पित होता है। ऐसे लोग रिश्तों में संतुलन बनाए रखते हैं और सामाजिक तौर पर भी सफल होते हैं। *8. अष्टम भाव (आयु/गुप्त भाव):* अष्टम भाव में शुक्र होने पर व्यक्ति के स्वभाव में अहंकार और निराशा का भाव आ सकता है। ऐसे लोग कभी-कभी अविश्वसनीय हो सकते हैं और उन्हें जीवन में कुछ दुखों का सामना करना पड़ सकता है। उन्हें अपनी नकारात्मक भावनाओं पर काबू पाने की कोशिश करनी चाहिए। *9. नवम भाव (धर्म/भाग्य भाव):* नवम भाव में शुक्र व्यक्ति को धनवान, धार्मिक और संतोषी स्वभाव का बनाता है। ऐसे लोग धर्म-कर्म में रुचि रखते हैं, भाग्य उनका साथ देता है और वे जीवन से संतुष्ट रहते हैं। उन्हें आध्यात्मिक उन्नति भी प्राप्त होती है। *10. दशम भाव (कर्म भाव):* दशम भाव में शुक्र व्यक्ति को समाज में उच्च सम्मान दिलाता है। वे धनवान होते हैं, अच्छे कर्म करते हैं और हमेशा सत्य के मार्ग पर चलते हैं। ऐसे लोग अपने करियर में सफल होते हैं और अपनी मेहनत से प्रसिद्धि प्राप्त करते हैं। *11. एकादश भाव (आय भाव):* एकादश भाव का शुक्र व्यक्ति को सुंदर, धनी और प्रभावशाली बनाता है। ऐसे लोगों में कोई विशेष दोष नहीं होता और वे समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाते हैं। उन्हें विभिन्न स्रोतों से आय प्राप्त होती है और वे अपने लक्ष्य हासिल करने में सफल रहते हैं। *12. द्वादश भाव (व्यय/मोक्ष भाव):* द्वादश भाव में शुक्र होने पर व्यक्ति धनवान हो सकता है, लेकिन कभी-कभी अविश्वसनीय स्वभाव का हो सकता है। भोग-विलास की ओर उनका झुकाव अधिक हो सकता है और उन्हें अपने खर्चों पर नियंत्रण रखने की सलाह दी जाती है। उन्हें आध्यात्मिकता की ओर मुड़ने से शांति मिल सकती है। ये सभी व्याख्याएं सामान्य हैं और व्यक्ति की पूरी कुंडली के विश्लेषण के बाद ही सटीक परिणाम बताए जा सकते हैं। कैसी लगी ये व्याख्या? कुछ और जानना चाहते हो? #✡️सितारों की चाल🌠 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी