Abhilas Chauhan
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#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️सितारों की चाल🌠
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✡️सितारों की चाल🌠 - Meta Al Meta Al - ShareChat
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ग्रहों के पीड़ित भाव और उनके प्रभाव: #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️सितारों की चाल🌠
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - ग्रहों के पीड़ित भाव १. *चंद्रमा - ६ भाव ्मे*ः सबसे ज्यादा तनाव देता है  में होना व्यक्ति को मानसिक तनाव, चंद्रमा का 6 भाव যিনা और स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। १२ वे भाव मे*ः सबसे ज्यादा समस्याएं देता है २. *मंगल  मंगल का १२ वे भाव रमें होना व्यक्ति को आर्थिक नुकसान, संबंर्धों र्मे समस्याएं और स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। चतुर्थ भाव मे*ः सबसे ज्यादा भ्रमित करता है *राहु  3 राहु का चतुर्थ भाव र्में होना व्यक्ति को मानसिक भ्रम, अनिश्चितता और घरेलू समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। *्केतु - प्रथम भाव मे*ः सबसे ज्यादा बाधाऐं देता है होना व्यक्ति को आत्मविश्वास की केतु का प्रथम भाव र्मे 1 कमी , स्वास्थ्य समस्याएं और संबंधों र्में बाधाओं का सामना पड़ सकता है। करना ५. *गुरु - आठवें भाव मे*ः सबसे ज्यादा दुख देता है गुरु का आठर्वे भाव र्मे होना व्यक्ति को आर्थिक नुकसान , स्वास्थ्य समस्याएं और संबर्धों र्में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ६. *सूर्य - सप्तम भाव मे*ः सबसे ज्यादा विवाद देता है सूर्य का सप्तम भाव में होना व्यक्ति को संबंर्धों में विवाद पारिवारिक समस्याएं और स्वास्थ्य समस्यारओं का सामना  करना पड़ सकता है। ७. *बुध - १२ वे मे*: सबसे ज्यादा कमजोर होता है बुध का १२ वे भाव में होना व्यक्ति को मानसिक कमजोरी , संचार समस्याएं और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। ग्रहों के पीड़ित भाव १. *चंद्रमा - ६ भाव ्मे*ः सबसे ज्यादा तनाव देता है  में होना व्यक्ति को मानसिक तनाव, चंद्रमा का 6 भाव যিনা और स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। १२ वे भाव मे*ः सबसे ज्यादा समस्याएं देता है २. *मंगल  मंगल का १२ वे भाव रमें होना व्यक्ति को आर्थिक नुकसान, संबंर्धों र्मे समस्याएं और स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। चतुर्थ भाव मे*ः सबसे ज्यादा भ्रमित करता है *राहु  3 राहु का चतुर्थ भाव र्में होना व्यक्ति को मानसिक भ्रम, अनिश्चितता और घरेलू समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। *्केतु - प्रथम भाव मे*ः सबसे ज्यादा बाधाऐं देता है होना व्यक्ति को आत्मविश्वास की केतु का प्रथम भाव र्मे 1 कमी , स्वास्थ्य समस्याएं और संबंधों र्में बाधाओं का सामना पड़ सकता है। करना ५. *गुरु - आठवें भाव मे*ः सबसे ज्यादा दुख देता है गुरु का आठर्वे भाव र्मे होना व्यक्ति को आर्थिक नुकसान , स्वास्थ्य समस्याएं और संबर्धों र्में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ६. *सूर्य - सप्तम भाव मे*ः सबसे ज्यादा विवाद देता है सूर्य का सप्तम भाव में होना व्यक्ति को संबंर्धों में विवाद पारिवारिक समस्याएं और स्वास्थ्य समस्यारओं का सामना  करना पड़ सकता है। ७. *बुध - १२ वे मे*: सबसे ज्यादा कमजोर होता है बुध का १२ वे भाव में होना व्यक्ति को मानसिक कमजोरी , संचार समस्याएं और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। - ShareChat
राहु ग्रह का लग्न (1) भाव में प्रभाव: 1. *व्यक्तित्व और स्वभाव*: - राहु का लग्न में होना व्यक्ति को रहस्यमय, जिज्ञासु और अनिश्चित स्वभाव का बना सकता है। - ऐसा व्यक्ति अक्सर अपनी पहचान और प्रतिष्ठा को लेकर चिंतित रहता है और समाज में अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश करता है। - राहु के प्रभाव से व्यक्ति में अद्वितीय और असामान्य गुण हो सकते हैं, जिससे वह समाज में दूसरों से अलग दिखाई देता है। 2. *मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य*: - राहु का लग्न में होना मानसिक अशांति और भ्रम की स्थिति उत्पन्न कर सकता है। व्यक्ति को मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद का सामना करना पड़ सकता है। - शारीरिक रूप से राहु का प्रभाव व्यक्ति के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, विशेषकर सिर और मस्तिष्क से संबंधित समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। 3. *आर्थिक और पेशेवर जीवन*: - राहु का प्रभाव व्यक्ति को अचानक और अप्रत्याशित वित्तीय लाभ और हानि का सामना करा सकता है। - पेशेवर जीवन में राहु का प्रभाव व्यक्ति को नई और असामान्य तकनीकों, क्षेत्रों और कार्यों की ओर आकर्षित कर सकता है। व्यक्ति उच्च तकनीक, आईटी, अनुसंधान, और रहस्यमय क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर सकता है। 4. *संबंध और सामाजिक जीवन*: - राहु का लग्न में होना व्यक्ति के संबंधों में उतार-चढ़ाव ला सकता है। पारिवारिक और व्यक्तिगत संबंधों में समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। - सामाजिक जीवन में राहु का प्रभाव व्यक्ति को कुछ खास और रहस्यमय मित्रों और संगठनों की ओर आकर्षित कर सकता है। #✡️सितारों की चाल🌠 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️सितारों की चाल🌠
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - शनि की युति और उसके फलः १. *्शनि + सूर्य*ः संघर्ष और जिम्मेदारी - जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन जिम्मेदारी को समझने की क्षमता बढ़ती है। २. *्शनि + चंद्र*: मानसिक तनाव और अकेलापन - मन में तनाव और अकेलापन महसूस हो सकता है। ३. *्शनि + मंगल*ः कठोर संघर्ष और संकल्प - जीवन में कठिन संघर्ष करना पड़ सकता है, लेकिन संकल्प और दृढ़ता बढ़ती है। ४. *्शनि + बुध*ः गंभीरता और व्यावहारिकता जीवन में गंभीरता और व्यावहारिकता बढ़ती है। ५. *्शनि + गुरु*ः धैर्य और न्यायप्रियता जीवन में धैर्य और न्यायप्रियता बढ़ती है। और सुख - ६. *्शनि + शुक्र*ः स्थायी संबंध जीवन में स्थायी संबंध और सुख की प्राप्ति होती है। ७. *्शनि + राहू*ः जिम्मेदारी और संघर्ष - जीवन में जिम्मेदारी और संघर्ष का सामना करना पड़ सकता है। *्शनि + केतु*ः तपस्वी स्वभाव जीवन र्में तपस्वी 8 और आत्म-संयम बढ़ता है। स्वभाव शनि की युति और उसके फलः १. *्शनि + सूर्य*ः संघर्ष और जिम्मेदारी - जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन जिम्मेदारी को समझने की क्षमता बढ़ती है। २. *्शनि + चंद्र*: मानसिक तनाव और अकेलापन - मन में तनाव और अकेलापन महसूस हो सकता है। ३. *्शनि + मंगल*ः कठोर संघर्ष और संकल्प - जीवन में कठिन संघर्ष करना पड़ सकता है, लेकिन संकल्प और दृढ़ता बढ़ती है। ४. *्शनि + बुध*ः गंभीरता और व्यावहारिकता जीवन में गंभीरता और व्यावहारिकता बढ़ती है। ५. *्शनि + गुरु*ः धैर्य और न्यायप्रियता जीवन में धैर्य और न्यायप्रियता बढ़ती है। और सुख - ६. *्शनि + शुक्र*ः स्थायी संबंध जीवन में स्थायी संबंध और सुख की प्राप्ति होती है। ७. *्शनि + राहू*ः जिम्मेदारी और संघर्ष - जीवन में जिम्मेदारी और संघर्ष का सामना करना पड़ सकता है। *्शनि + केतु*ः तपस्वी स्वभाव जीवन र्में तपस्वी 8 और आत्म-संयम बढ़ता है। स्वभाव - ShareChat
#✡️सितारों की चाल🌠 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
✡️सितारों की चाल🌠 - चंद्रमा की युति और उसके फलः शनि = दुःख, विषाद, कमी, १. *्शनि के साथ*ः चंद्रमा + -##5:< निराशा और नकारात्मक सोच आ सकती है। २. *मंगल के साथ*ः चंद्रमा + मंगल = साहस, धैर्य, तेज, क्रोध - विचारों में ओज और क्रांतिकारी विचार आ सकते 81 ३. *बुध के साथ*ः चंद्रमा + बुध = वाणी, चातुर्य, हास्य हास्य-व्यंग्य पूर्ण विचार और नए विचार आ सकते हैं। *गुरु के साथ*ः चंद्रमा + गुरु = ज्ञान, गंभीरता, न्याय, 41 सत्य और ज्ञान की कसौटी पर कसे हुए सत्य - न्याय, गंभीर विचार आ सकते हैं। ५. *शुक्र के साथ*ः चंद्रमा + शुक्र = स्त्री , माया, संसाधन , में जकड़े विचार और सुंदरता से जुड़े मिठास, सौंदर्य  HI विचार आ सकते हैं। *सूर्य के साथ*ः चंद्रमा + सूर्य = आत्म-्तेज, आदर 6. आदर के विचार और स्वाभिमान का विचार आ सकता है। *राहू के साथ*ः चंद्रमा + राहू मतिभ्रम, लालच 7. विचारों का द्वंद्व और सही गलत के बीच झूलते विचार आ सकते हैं। केतु = *केतु के साथ*ः चंद्रमा + 8. cI&, 36, 3%46 झूठ, अफवाह और सही बार्तों को काटने का विचार आ ೯I सकता चंद्रमा की युति और उसके फलः शनि = दुःख, विषाद, कमी, १. *्शनि के साथ*ः चंद्रमा + -##5:< निराशा और नकारात्मक सोच आ सकती है। २. *मंगल के साथ*ः चंद्रमा + मंगल = साहस, धैर्य, तेज, क्रोध - विचारों में ओज और क्रांतिकारी विचार आ सकते 81 ३. *बुध के साथ*ः चंद्रमा + बुध = वाणी, चातुर्य, हास्य हास्य-व्यंग्य पूर्ण विचार और नए विचार आ सकते हैं। *गुरु के साथ*ः चंद्रमा + गुरु = ज्ञान, गंभीरता, न्याय, 41 सत्य और ज्ञान की कसौटी पर कसे हुए सत्य - न्याय, गंभीर विचार आ सकते हैं। ५. *शुक्र के साथ*ः चंद्रमा + शुक्र = स्त्री , माया, संसाधन , में जकड़े विचार और सुंदरता से जुड़े मिठास, सौंदर्य  HI विचार आ सकते हैं। *सूर्य के साथ*ः चंद्रमा + सूर्य = आत्म-्तेज, आदर 6. आदर के विचार और स्वाभिमान का विचार आ सकता है। *राहू के साथ*ः चंद्रमा + राहू मतिभ्रम, लालच 7. विचारों का द्वंद्व और सही गलत के बीच झूलते विचार आ सकते हैं। केतु = *केतु के साथ*ः चंद्रमा + 8. cI&, 36, 3%46 झूठ, अफवाह और सही बार्तों को काटने का विचार आ ೯I सकता - ShareChat
#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️सितारों की चाल🌠
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - के लिए न सोचनाः अगर आप १०. कल कल के लिए नहीं सोचते हैं और आज ही सब कुछ खर्च कर देते हैं, तो यह आपकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है। यह तब होता है जब धन भाव खराब होता है। ११. लायक न बनकर फ्री में पानाः अगर आप लायक न बनकर फ्री में चीर्जें पाना चाहते हैं, तो यह आपकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है। यह तब होता है जब चंद्रमा और मंगल खराब होते हैं। के लिए न सोचनाः अगर आप १०. कल कल के लिए नहीं सोचते हैं और आज ही सब कुछ खर्च कर देते हैं, तो यह आपकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है। यह तब होता है जब धन भाव खराब होता है। ११. लायक न बनकर फ्री में पानाः अगर आप लायक न बनकर फ्री में चीर्जें पाना चाहते हैं, तो यह आपकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है। यह तब होता है जब चंद्रमा और मंगल खराब होते हैं। - ShareChat
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✡️सितारों की चाल🌠 - ६. पैसा कमाना गलत है ऐसा सोचनाः अगर आप पैसा कमाने को स्वार्थी या लालची लोगों का काम मानते हैं, तो यह आपकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है। यह तब होता है जब पंचम भाव खराब होता है। ७. पैसा निवेश न करनाः अगर आप अपने पैसे को निवेश नहीं करते हैं, तो यह आपकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित है। यह तब होता है जब बुध खराब होता है। कर सकता ८. धनी लो्गों की आलोचना करनाः अगर आप धनी लो्गों की आलोचना करते हैं और मन ही मन धन की कामना करते हैं, तो यह आपकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है। यह तब होता है जब राहु व्यक्तित्व में प्रभाव छोड़ता है। ९. शो ऑफ करनाः अगर आप दिखावे में पैसा खर्च करते हैं, तो यह आपकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है। यह तब होता है जब शुक्र और राहु खराब होते हैं। ६. पैसा कमाना गलत है ऐसा सोचनाः अगर आप पैसा कमाने को स्वार्थी या लालची लोगों का काम मानते हैं, तो यह आपकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है। यह तब होता है जब पंचम भाव खराब होता है। ७. पैसा निवेश न करनाः अगर आप अपने पैसे को निवेश नहीं करते हैं, तो यह आपकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित है। यह तब होता है जब बुध खराब होता है। कर सकता ८. धनी लो्गों की आलोचना करनाः अगर आप धनी लो्गों की आलोचना करते हैं और मन ही मन धन की कामना करते हैं, तो यह आपकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है। यह तब होता है जब राहु व्यक्तित्व में प्रभाव छोड़ता है। ९. शो ऑफ करनाः अगर आप दिखावे में पैसा खर्च करते हैं, तो यह आपकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है। यह तब होता है जब शुक्र और राहु खराब होते हैं। - ShareChat