Abhilas Chauhan
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6वां भाव अर्थात रोग भाव 😊 #✡️सितारों की चाल🌠 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
✡️सितारों की चाल🌠 - अर्थात   रोग 6 না HIq ६वें भाव में ग्रहों की स्थिति व्यक्ति के जीवन 0 তানন ; ক্রি 6ঐ बहुत प्रभाव डालती है। आइए Hqு # = = 76  8: I ক্ল त्वचा  रोग, ननिहाल का सुख, बहिन *बुध* : যা बुआ के सुख में कमी। व्यक्ति को मानसिक तनाव भी हो सकता है। संबंध,  बाद में स्त्री से पहले #೩೯* : अच्छा वैचारिक मतभेद, क्षमता में সম ভুঙসা নী সতনন कमजोरी। 7 4 साथ आर्थिक ক্ী समस्याएं आ सकती   हैं। अपच, एसिडिटी की समस्या। व्यक्ति को *T* : पाचन तंत्र से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। मामा सुख में कमी॰ हड्डी से संबंधित *؟٩* : आत्मविश्वास की कमी भी हो व्यक्ति को समस्या। सकती   है। भाई बंधु के सुख में रक्त एलर्जी, +#G* शत्रु को जीतने वाला बनाता है। व्यक्ति कमी, को भी बढ सकती है। आक्रामकता आपको किसी विशिष्ट ग्रह के बारे में और क्या जानकारी   चाहिए? अर्थात   रोग 6 না HIq ६वें भाव में ग्रहों की स्थिति व्यक्ति के जीवन 0 তানন ; ক্রি 6ঐ बहुत प्रभाव डालती है। आइए Hqு # = = 76  8: I ক্ল त्वचा  रोग, ननिहाल का सुख, बहिन *बुध* : যা बुआ के सुख में कमी। व्यक्ति को मानसिक तनाव भी हो सकता है। संबंध,  बाद में स्त्री से पहले #೩೯* : अच्छा वैचारिक मतभेद, क्षमता में সম ভুঙসা নী সতনন कमजोरी। 7 4 साथ आर्थिक ক্ী समस्याएं आ सकती   हैं। अपच, एसिडिटी की समस्या। व्यक्ति को *T* : पाचन तंत्र से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। मामा सुख में कमी॰ हड्डी से संबंधित *؟٩* : आत्मविश्वास की कमी भी हो व्यक्ति को समस्या। सकती   है। भाई बंधु के सुख में रक्त एलर्जी, +#G* शत्रु को जीतने वाला बनाता है। व्यक्ति कमी, को भी बढ सकती है। आक्रामकता आपको किसी विशिष्ट ग्रह के बारे में और क्या जानकारी   चाहिए? - ShareChat
#💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️सितारों की चाल🌠
💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी - a & प्रभाव केतु  व्यक्ति के जीवन पर बहुत ग्रह 6 प्रभाव गहरा होता है। आइए जानते हैं कि केतु का 4 प्रभाव பsஎ 8: *केतु केतु  # qHIq* : f <f?t 4| का होता   है, उसी के अनुरूप फल देता है। अगर लग्न में वृश्चिक राशि हो तो सकारात्मक परिणाम मिलते గేI ফনু* :  *शुभ भावों में तृतीय,   पंचम, षष्टम, नवम भाव में केतु अच्छे परिणाम देता है। और   द्वादश *गुरु के साथ युति* : केतु और गुरु की युति से राजयोग बनता   है। केतु* : पैरों को मजबूत *4< aT ?, ಕ # संबंधित रोग नहीं होते। g* : *ர4 எ कई समस्याएं आती हैं॰ बाधाएं आती हैं। अचानक Fur F ೫ मिलती *असफलता* असफलता ೯ a & प्रभाव केतु  व्यक्ति के जीवन पर बहुत ग्रह 6 प्रभाव गहरा होता है। आइए जानते हैं कि केतु का 4 प्रभाव பsஎ 8: *केतु केतु  # qHIq* : f <f?t 4| का होता   है, उसी के अनुरूप फल देता है। अगर लग्न में वृश्चिक राशि हो तो सकारात्मक परिणाम मिलते గేI ফনু* :  *शुभ भावों में तृतीय,   पंचम, षष्टम, नवम भाव में केतु अच्छे परिणाम देता है। और   द्वादश *गुरु के साथ युति* : केतु और गुरु की युति से राजयोग बनता   है। केतु* : पैरों को मजबूत *4< aT ?, ಕ # संबंधित रोग नहीं होते। g* : *ர4 எ कई समस्याएं आती हैं॰ बाधाएं आती हैं। अचानक Fur F ೫ मिलती *असफलता* असफलता ೯ - ShareChat
#✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी
✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - मंगल बुध गुरु ग्रह युतिः इस युति से व्यक्ति कवि, 8. सद् प्रकृति पत्नी वाला होता है।  धनवान और मंगल बुध शुक्र ग्रह युतिः इस युति से व्यक्ति बेडौल 9. शारीरिक संरचना , कठोर हृदय और उत्साही होता है। १०. मंगल बुध शनि ग्रह युतिः इस युति से व्यक्ति विनम्र, यात्रा करने वाला और चेहरे के रोग से ग्रस्त होता है। मंगल गुरु शुक्र ग्रह युतिः इस युति से व्यक्ति राज्य द्वारा 11. सम्मानित, सुशिक्षित सन्तति, घरेलू सुख और जनता को सुखी रखने वाला होता है। १२. मंगल गुरु शनि ग्रह युतिः इस युति से व्यक्ति हृदयहीन, नीच, क्षुद्र और जनता द्वारा घृणित होता है। १३. मंगल+्शुक्र शनि ग्रह युतिः इस युति से व्यक्ति भाग्यहीन और प्रवासी होता है। १४. बुध गुरु शुक्र ग्रह युतिः इस युति से व्यक्ति भाग्यशाली और सुयशवान होता है। मंगल बुध गुरु ग्रह युतिः इस युति से व्यक्ति कवि, 8. सद् प्रकृति पत्नी वाला होता है।  धनवान और मंगल बुध शुक्र ग्रह युतिः इस युति से व्यक्ति बेडौल 9. शारीरिक संरचना , कठोर हृदय और उत्साही होता है। १०. मंगल बुध शनि ग्रह युतिः इस युति से व्यक्ति विनम्र, यात्रा करने वाला और चेहरे के रोग से ग्रस्त होता है। मंगल गुरु शुक्र ग्रह युतिः इस युति से व्यक्ति राज्य द्वारा 11. सम्मानित, सुशिक्षित सन्तति, घरेलू सुख और जनता को सुखी रखने वाला होता है। १२. मंगल गुरु शनि ग्रह युतिः इस युति से व्यक्ति हृदयहीन, नीच, क्षुद्र और जनता द्वारा घृणित होता है। १३. मंगल+्शुक्र शनि ग्रह युतिः इस युति से व्यक्ति भाग्यहीन और प्रवासी होता है। १४. बुध गुरु शुक्र ग्रह युतिः इस युति से व्यक्ति भाग्यशाली और सुयशवान होता है। - ShareChat
#✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी
✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - तीन (३) ग्रहों की युति प्रभाव कुंडली विश्लेषण ডান্ 11 चन्द्र मंगल शनि ग्रह युतिः इस युति से माता का शीघ्र 1. स्वर्गवास हो सकता है, व्यक्ति स्वच्छन्द, अप्रिय और हो सकता है। सन्तप्त चन्द्र + बुध गुरु ग्रह युतिः इस युति से व्यक्ति समृद्ध 2. सुविख्यात और सुखी होता है। शुक्र ग्रह युतिः इस युति से व्यक्ति सुशिक्षित, ३. चन्द्र+्बुध कमीना , विनम्र और लोभी होता है। शनि ग्रह युतिः इस युति से व्यक्ति बूद्धिमान , ४. चन्द्र + बुध सम्मानित, स्वतन्त्र विचारवान और अशान्त होता है। चन्द्र गुरु शुक्र ग्रह युतिः इस युति से व्यक्ति बुद्धिमान, 5 सुविज्ञ, सुशिष्ट और अच्छी प्रकृतिवाली  4Agu; कलाओं माता से उत्पन्न होता है। ६. चन्द्र+्गुरु शनि ग्रह युतिः इस युति से व्यक्ति वैज्ञानिक, स्वस्थ और समुदाय का नेता होता है। चन्द्रश्शुक्रश्शनि ग्रह युतिः इस युति से व्यक्ति लेखक 7 और भाग्यवान होता है। तीन (३) ग्रहों की युति प्रभाव कुंडली विश्लेषण ডান্ 11 चन्द्र मंगल शनि ग्रह युतिः इस युति से माता का शीघ्र 1. स्वर्गवास हो सकता है, व्यक्ति स्वच्छन्द, अप्रिय और हो सकता है। सन्तप्त चन्द्र + बुध गुरु ग्रह युतिः इस युति से व्यक्ति समृद्ध 2. सुविख्यात और सुखी होता है। शुक्र ग्रह युतिः इस युति से व्यक्ति सुशिक्षित, ३. चन्द्र+्बुध कमीना , विनम्र और लोभी होता है। शनि ग्रह युतिः इस युति से व्यक्ति बूद्धिमान , ४. चन्द्र + बुध सम्मानित, स्वतन्त्र विचारवान और अशान्त होता है। चन्द्र गुरु शुक्र ग्रह युतिः इस युति से व्यक्ति बुद्धिमान, 5 सुविज्ञ, सुशिष्ट और अच्छी प्रकृतिवाली  4Agu; कलाओं माता से उत्पन्न होता है। ६. चन्द्र+्गुरु शनि ग्रह युतिः इस युति से व्यक्ति वैज्ञानिक, स्वस्थ और समुदाय का नेता होता है। चन्द्रश्शुक्रश्शनि ग्रह युतिः इस युति से व्यक्ति लेखक 7 और भाग्यवान होता है। - ShareChat
#✡️सितारों की चाल🌠 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
✡️सितारों की चाल🌠 - ज्योतिषीय सूर्त्रों को की कोशिश करते हैः समझने *द्वितीय या एकादश भाव र्मे शुक्रागुरु*ः ये दोर्नों ग्रह थन और समृद्धि के प्रतीक है। अगर ये दोर्नों ग्रह द्वितीय या एकादश भाव में होते हैं॰ तो धन का आगमन होता है और व्यक्ति की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। *लग्न में चंद्रमा*: चंद्रमा आकर्षण और सुख का प्रतीक है। अगर चंद्रमा लग्न में होता है, तो व्यक्ति आकर्षक होता है और उसे अचानक धन लाभ हो सकता है। *राहु शुक्र युति*ः राहु और शुक्र की युति विदेश या 3 अचानक अमीरी के संकेत देती है। यह युति व्यक्ति को अचानक थन और समृद्धि दिला सकती है। भाव में गुरु*ः गुरु नवम भाव में होने से जीवनभर *ননস की कृपा रहती है। व्यक्ति को धन, समृद्धि और सुख লঃসী की प्राप्ति होती है।  भाव में स्वयंस्थ सूर्य*ः सूर्य स्वयंस्थ होने ५. *्पंचम या नवम से राजयोग बनता है और व्यक्ति को ऐश्वर्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है। भाव में ग्रहों की युति*ः एकादश भाव में ग्रहों ६. *एकादश  की युति पैसा ही पैसा लाती है। व्यक्ति को धन और समृद्धि की प्राप्ति होती है।  *शुक्र वृष।तुला मे*ः शुक्र वृष या तुला में होने से व्यक्ति का जीवन ऐश्वर्यपूर्ण होता हे। वह सुख और समृद्धि का आनंद लेता है। ८. *शुभ ग्रहों की महादशा*ः शुभ ग्रहों की महादशा सौभाग्य का द्वार खोलती है। व्यक्ति को धन, समृद्धि और सुख की प्राप्ति होती है। इन ज्योतिषीय सूर्त्रों को समझकर , आप अपने जीवन ्में समृद्धि और सुख की प्राप्ति के लिए > काम कर सकते थन, ज्योतिषीय सूर्त्रों को की कोशिश करते हैः समझने *द्वितीय या एकादश भाव र्मे शुक्रागुरु*ः ये दोर्नों ग्रह थन और समृद्धि के प्रतीक है। अगर ये दोर्नों ग्रह द्वितीय या एकादश भाव में होते हैं॰ तो धन का आगमन होता है और व्यक्ति की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। *लग्न में चंद्रमा*: चंद्रमा आकर्षण और सुख का प्रतीक है। अगर चंद्रमा लग्न में होता है, तो व्यक्ति आकर्षक होता है और उसे अचानक धन लाभ हो सकता है। *राहु शुक्र युति*ः राहु और शुक्र की युति विदेश या 3 अचानक अमीरी के संकेत देती है। यह युति व्यक्ति को अचानक थन और समृद्धि दिला सकती है। भाव में गुरु*ः गुरु नवम भाव में होने से जीवनभर *ননস की कृपा रहती है। व्यक्ति को धन, समृद्धि और सुख লঃসী की प्राप्ति होती है।  भाव में स्वयंस्थ सूर्य*ः सूर्य स्वयंस्थ होने ५. *्पंचम या नवम से राजयोग बनता है और व्यक्ति को ऐश्वर्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है। भाव में ग्रहों की युति*ः एकादश भाव में ग्रहों ६. *एकादश  की युति पैसा ही पैसा लाती है। व्यक्ति को धन और समृद्धि की प्राप्ति होती है।  *शुक्र वृष।तुला मे*ः शुक्र वृष या तुला में होने से व्यक्ति का जीवन ऐश्वर्यपूर्ण होता हे। वह सुख और समृद्धि का आनंद लेता है। ८. *शुभ ग्रहों की महादशा*ः शुभ ग्रहों की महादशा सौभाग्य का द्वार खोलती है। व्यक्ति को धन, समृद्धि और सुख की प्राप्ति होती है। इन ज्योतिषीय सूर्त्रों को समझकर , आप अपने जीवन ्में समृद्धि और सुख की प्राप्ति के लिए > काम कर सकते थन, - ShareChat
#✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️सितारों की चाल🌠
✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - होलाष्टक २४ फरवरी से शुरू हो रहे हैं और 3 मार्च २०२६ तक चर्लेंगे। इन दिनों में कोई भी शुभ काम करना वर्जित है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इन दिनों में किए गए कार्मों से परेशानियां और कष्ट हो सकते हैं। इन दिनों में गर्भवती महिलाओं को नदी या तालाब में जाने से बचना चाहिए। इसके अलावा, इन दिनों में विवाह, गृह प्रवेश, निर्माण, पुंसवन , नामकरण, मुण्डन , विद्यारम्भ, गृह शान्ति, हवन , यज्ञ , स्नान , तेल मर्दन जैसे काम नहीं करने चाहिए। इन दिनों में किए गए कार्मों से कष्ट और परेशानियां हो सकती हैं, इसलिए इन दिनों में सावधानी से काम करना चाहिए। होलाष्टक २४ फरवरी से शुरू हो रहे हैं और 3 मार्च २०२६ तक चर्लेंगे। इन दिनों में कोई भी शुभ काम करना वर्जित है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इन दिनों में किए गए कार्मों से परेशानियां और कष्ट हो सकते हैं। इन दिनों में गर्भवती महिलाओं को नदी या तालाब में जाने से बचना चाहिए। इसके अलावा, इन दिनों में विवाह, गृह प्रवेश, निर्माण, पुंसवन , नामकरण, मुण्डन , विद्यारम्भ, गृह शान्ति, हवन , यज्ञ , स्नान , तेल मर्दन जैसे काम नहीं करने चाहिए। इन दिनों में किए गए कार्मों से कष्ट और परेशानियां हो सकती हैं, इसलिए इन दिनों में सावधानी से काम करना चाहिए। - ShareChat
#💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी - मंगल प्रधान लोगों की विशेषताएं और उनकी লিৎ; ताकत को समझने के आइए इसे थोड़ा विस्तार से &: मंगल प्रधान लोगों की विशेषताएं और उनकी লিৎ; ताकत को समझने के आइए इसे थोड़ा विस्तार से &: - ShareChat
#✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी
✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - इसलिए, मंगल प्रधान लोगों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। वे अपनी ऊर्जा, साहस, और लड़ने की क्षमता से किसी भी मुश्किल को पार कर सकते हैं और सफलता हासिल कर सकते हैं। इसलिए, मंगल प्रधान लोगों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। वे अपनी ऊर्जा, साहस, और लड़ने की क्षमता से किसी भी मुश्किल को पार कर सकते हैं और सफलता हासिल कर सकते हैं। - ShareChat
#💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी - मंगल प्रधान लोगों को हल्के में नहीं लेना चाहिएः आत्मविश्वासः मंगल प्रधान लोगों का आत्मविश्वास उन्हें किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार करता है। २. ऊर्जा और साहसः ये लोग अपनी ऊर्जा और साहस से किसी भी मुश्किल को पार कर सकते हैं। ३. लड़ने की क्षमताः मंगल प्रधान लोगों में एक जो उन्हें मुश्किल मजबूत लड़ने की क्षमता होती है, परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने में मदद करती है। ४. निर्णय लेने की क्षमताः ये लोग जल्दी और सही निर्णय ले सकते हैं॰ जो उन्हें सफलता की ओर ले जाता है। मंगल प्रधान लोगों को हल्के में नहीं लेना चाहिएः आत्मविश्वासः मंगल प्रधान लोगों का आत्मविश्वास उन्हें किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार करता है। २. ऊर्जा और साहसः ये लोग अपनी ऊर्जा और साहस से किसी भी मुश्किल को पार कर सकते हैं। ३. लड़ने की क्षमताः मंगल प्रधान लोगों में एक जो उन्हें मुश्किल मजबूत लड़ने की क्षमता होती है, परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने में मदद करती है। ४. निर्णय लेने की क्षमताः ये लोग जल्दी और सही निर्णय ले सकते हैं॰ जो उन्हें सफलता की ओर ले जाता है। - ShareChat
#✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी
✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - मंगल प्रधान लोगों की ताकतः १. लंबी छलांगः मंगल की पॉवर इन लोगों को लंबी छलांग लगाने में मदद करती है, जिससे वे अपने लक्ष्यों को जल्दी हासिल कर सकते हैं। २. भीड़ से आगे निकलनाः ये लोग अपनी ऊर्जा और भीड़ से आगे निकल जाते हैं और अपने साहस से लोगों की लक्ष्यों को हासिल करते हैं। 3. मुश्किल परिस्थितियों में भी आगे बढ़नाः मंगल प्रधान लोगों में एक मजबूत लड़ने की क्षमता होती है, जो उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने में मदद करती है। हासिल करनाः ये लोग अपने लक्ष्यों को 4. सफलता हासिल करने के लिए कडी मेहनत करते हैं और सफलता हासिल करते हैं। मंगल प्रधान लोगों की ताकतः १. लंबी छलांगः मंगल की पॉवर इन लोगों को लंबी छलांग लगाने में मदद करती है, जिससे वे अपने लक्ष्यों को जल्दी हासिल कर सकते हैं। २. भीड़ से आगे निकलनाः ये लोग अपनी ऊर्जा और भीड़ से आगे निकल जाते हैं और अपने साहस से लोगों की लक्ष्यों को हासिल करते हैं। 3. मुश्किल परिस्थितियों में भी आगे बढ़नाः मंगल प्रधान लोगों में एक मजबूत लड़ने की क्षमता होती है, जो उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने में मदद करती है। हासिल करनाः ये लोग अपने लक्ष्यों को 4. सफलता हासिल करने के लिए कडी मेहनत करते हैं और सफलता हासिल करते हैं। - ShareChat