Abhilas Chauhan
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+91 81038 40601 अपनी जन्म पत्रिका का संपूर्ण विशे
चंद्र ग्रहण के दौरान कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी हैं: - *ग्रहण के समय भोजन न करें*: ग्रहण के दौरान भोजन करना अशुभ माना जाता है, खासकर गर्भवती महिलाओं को तो बिल्कुल नहीं करना चाहिए। - *नुकीली चीजों से बचें*: गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान नुकीली चीजों जैसे कि सुई, कैंची, चाकू आदि का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। - *शांत रहें*: ग्रहण के दौरान शांत रहना और नकारात्मक विचारों से बचना चाहिए। - *पूजा-पाठ करें*: ग्रहण के दौरान भगवान का स्मरण, मंत्र जाप और ध्यान करना शुभ माना जाता है। - *ग्रहण के बाद स्नान करें*: ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करके पूजा करें और घर में गंगाजल छिड़कें। - *दान करें*: ग्रहण के बाद दान करना शुभ माना जाता है, जैसे कि दूध, चावल, सफेद वस्त्र, फल या धन ¹ ² ³। *सूतक काल में क्या करें?* - सूतक काल में शुभ कार्य, पूजा-पाठ और भोजन बनाने से परहेज करें। - सूतक काल में खाने-पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते डाल दें। - गर्भवती महिलाओं को सूतक काल में घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए ² ⁴। #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️सितारों की चाल🌠
#✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - 2026 #37 होने वाले वित्तीय वर्ष में आयकर एवं जीएसटी संबंधी जानकारी हेतु संपर्क करें DM for consultation 2026 #37 होने वाले वित्तीय वर्ष में आयकर एवं जीएसटी संबंधी जानकारी हेतु संपर्क करें DM for consultation - ShareChat
#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - ता. १ को ८ बजकर १२ मि. दिन से, ता. ३ को ७ बजकर १३ मि॰ प्रातः तक। ता. १० को ५ बजकर ५२ मि. शाम से, ता. १२ को १० बजकर ५६ मि. रात तक | ता. १९ को ४ बजकर ४३ मि. रात से, ता. २१ को २ बजकर ३४ मि. रात तक। ता. २८ को ४ बजकर १४ मि. दिन से, ता. ३० को ३ बजकर ०५ मि. दिन तक। ता. १ को ८ बजकर १२ मि. दिन से, ता. ३ को ७ बजकर १३ मि॰ प्रातः तक। ता. १० को ५ बजकर ५२ मि. शाम से, ता. १२ को १० बजकर ५६ मि. रात तक | ता. १९ को ४ बजकर ४३ मि. रात से, ता. २१ को २ बजकर ३४ मि. रात तक। ता. २८ को ४ बजकर १४ मि. दिन से, ता. ३० को ३ बजकर ०५ मि. दिन तक। - ShareChat
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✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - मार्च महीने की जयंती और दिवस २ मार्चः सरोजिनी नायडू पुण्य तिथि - 3 मार्चः चैतन्य महाप्रभु जयंती - 4 मार्चः राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस ७ मार्चः पं. गोविंद बल्लभ पंत पुण्य तिथि - 8 मार्चः अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस faa उपभोक्ता दिवस १५ मार्चः १६ मार्चः राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस १८ मार्चः पं. कुंजीलाल दुबे जयंती नम्बूदरीपाद पुण्य तिथि १९ मार्चः २० मार्चः रानी अवन्ती बाई लोधी दिवस, दिन-रात बराबर, झूलेलाल जयंती fg २१ मार्चः ओशो सम्बोधी दिवस, 1 वानिकी दिवस faa २२ मार्चः Jஎfa २३ मार्चः श्री गुहराज निषाद जयंती , गुरु हर गोविंद पुण्य तिथि, सरदार भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव सिंह शहीद Raa विश्व २४ मार्चः क्षय रोग दिवस २५ मार्चः गणेश शंकर विद्यार्थी पुण्य तिथि २६ मार्चः सम्राट अशोक मौर्य जयंती ३१ मार्चः वित्तीय वर्ष समाप्त मुस्लिम पर्वः शहादते हज़रत अलीः १ १ मार्च शबे कद्रः १७ मार्च अल वदा जुमाः २० मार्च ईद उल फित्तरः २१ मार्च आपके लिए कौन सा दिवस महत्वपूर्ण है? #जयंती #दिवस #मार्चमहीना मार्च महीने की जयंती और दिवस २ मार्चः सरोजिनी नायडू पुण्य तिथि - 3 मार्चः चैतन्य महाप्रभु जयंती - 4 मार्चः राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस ७ मार्चः पं. गोविंद बल्लभ पंत पुण्य तिथि - 8 मार्चः अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस faa उपभोक्ता दिवस १५ मार्चः १६ मार्चः राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस १८ मार्चः पं. कुंजीलाल दुबे जयंती नम्बूदरीपाद पुण्य तिथि १९ मार्चः २० मार्चः रानी अवन्ती बाई लोधी दिवस, दिन-रात बराबर, झूलेलाल जयंती fg २१ मार्चः ओशो सम्बोधी दिवस, 1 वानिकी दिवस faa २२ मार्चः Jஎfa २३ मार्चः श्री गुहराज निषाद जयंती , गुरु हर गोविंद पुण्य तिथि, सरदार भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव सिंह शहीद Raa विश्व २४ मार्चः क्षय रोग दिवस २५ मार्चः गणेश शंकर विद्यार्थी पुण्य तिथि २६ मार्चः सम्राट अशोक मौर्य जयंती ३१ मार्चः वित्तीय वर्ष समाप्त मुस्लिम पर्वः शहादते हज़रत अलीः १ १ मार्च शबे कद्रः १७ मार्च अल वदा जुमाः २० मार्च ईद उल फित्तरः २१ मार्च आपके लिए कौन सा दिवस महत्वपूर्ण है? #जयंती #दिवस #मार्चमहीना - ShareChat
#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - मार्च महीने के शुभ मुहूर्त  *विवाह 3&f*: 2, 4, 5,7, 8, 9, 10, १२, १३ मार्च 11, *থ্রান্সন্বন ম্তভুন*: 1, 2, 4, 5, 12, 13, 15, 16, 19, ३० मार्च 27, 29, 22, 23, 25, *संपदा क्रय मुहूर्त*: २, ४, ९, ११, १२, १३, १८, १९, २५, 30 সারন 27, *गृहारंभ मुहूर्त*ः 5 मार्च *्व्यापारंभ मुहूर्त*ः ४, ५, १३, १९, २०, २३, २७ मार्च 986*: 4,5, 9, 13, 16, 20, 23, 25, 26 *जात. नाम. मार्च *सीम. पुंस. मुहूर्त*ः १, ५, १५, २४ मार्च *कर्णवेध मुहूर्त*ः 9, १६, २०, २५, २६ मार्च *নামন ক্রত্র মুতুচুন*: 1, 15, 16, 20, 25, 27 मार्च *পুঁতী নিনংা য 1,8,9, 10,15,16, 19,20,24, मुहूर्त*ः मार्च 25, 27, 28 *बीज बोवनी मुहूर्त*ः 9, १०, २९, ३० मार्च স্তচুনশ: 1, 9, 10, 15, 16, 20, 24, 25, 27, 28  *4 मार्च आपके लिए कौन सा मुहूर्त महत्वपूर्ण है? #शुभमुहूर्त #मार्चमुहूर्त मार्च महीने के शुभ मुहूर्त  *विवाह 3&f*: 2, 4, 5,7, 8, 9, 10, १२, १३ मार्च 11, *থ্রান্সন্বন ম্তভুন*: 1, 2, 4, 5, 12, 13, 15, 16, 19, ३० मार्च 27, 29, 22, 23, 25, *संपदा क्रय मुहूर्त*: २, ४, ९, ११, १२, १३, १८, १९, २५, 30 সারন 27, *गृहारंभ मुहूर्त*ः 5 मार्च *्व्यापारंभ मुहूर्त*ः ४, ५, १३, १९, २०, २३, २७ मार्च 986*: 4,5, 9, 13, 16, 20, 23, 25, 26 *जात. नाम. मार्च *सीम. पुंस. मुहूर्त*ः १, ५, १५, २४ मार्च *कर्णवेध मुहूर्त*ः 9, १६, २०, २५, २६ मार्च *নামন ক্রত্র মুতুচুন*: 1, 15, 16, 20, 25, 27 मार्च *পুঁতী নিনংা য 1,8,9, 10,15,16, 19,20,24, मुहूर्त*ः मार्च 25, 27, 28 *बीज बोवनी मुहूर्त*ः 9, १०, २९, ३० मार्च স্তচুনশ: 1, 9, 10, 15, 16, 20, 24, 25, 27, 28  *4 मार्च आपके लिए कौन सा मुहूर्त महत्वपूर्ण है? #शुभमुहूर्त #मार्चमुहूर्त - ShareChat
#✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - मार्च महीने के त्यौहार व्रत १ मार्चः नन्द त्रयोदशी २ मार्चः होलिका दहन, व्रत पूर्णिमा ३ मार्चः होलाष्टक समाप्त, स्नान दान पूर्णिमा ४ मार्चः धुरेड़ी , होलिकोत्सव, बसंतोत्सव ५ मार्चः भाई दोज 8 मार्चः रंगपंचमी ११ मार्चः शीतलाष्टमी व्रत १४ मार्चः खरमास प्रारंभ १९ मार्चः चान्द्र नव संवत्सर, चैत्र नवरात्र २० मार्चः मत्स्य जयंती, चेटी चंद २१ मार्चः सौभाग्य सुंदरी , डोलोत्सव २३ मार्चः श्रीपंचमी , श्री रामराज्य महोत्सव २६ मार्चः श्री दुर्गाष्टमी व्रत , अशोकाष्टमी २७ मार्चः श्री राम नवमी ३० मार्चः मदन द्वादशी आपके साथ ये त्यौहार कैसे मनाए जाते हैं? #मार्चत्यौहार #हिंदूत्यौहार मार्च महीने के त्यौहार व्रत १ मार्चः नन्द त्रयोदशी २ मार्चः होलिका दहन, व्रत पूर्णिमा ३ मार्चः होलाष्टक समाप्त, स्नान दान पूर्णिमा ४ मार्चः धुरेड़ी , होलिकोत्सव, बसंतोत्सव ५ मार्चः भाई दोज 8 मार्चः रंगपंचमी ११ मार्चः शीतलाष्टमी व्रत १४ मार्चः खरमास प्रारंभ १९ मार्चः चान्द्र नव संवत्सर, चैत्र नवरात्र २० मार्चः मत्स्य जयंती, चेटी चंद २१ मार्चः सौभाग्य सुंदरी , डोलोत्सव २३ मार्चः श्रीपंचमी , श्री रामराज्य महोत्सव २६ मार्चः श्री दुर्गाष्टमी व्रत , अशोकाष्टमी २७ मार्चः श्री राम नवमी ३० मार्चः मदन द्वादशी आपके साथ ये त्यौहार कैसे मनाए जाते हैं? #मार्चत्यौहार #हिंदूत्यौहार - ShareChat
"हेलो दोस्तों! 🙏 मैं आप सभी का समर्थन और प्यार के लिए धन्यवाद देना चाहता हूँ। आपके समर्थन से मैं अपने काम को आगे बढ़ा पा रहा हूँ। अब, मैं आपसे एक मदद मांगना चाहता हूँ। मेरे पास एक नया प्रोजेक्ट है, जिसके लिए मुझे आपकी मदद की जरूरत है। यह प्रोजेक्ट समाज के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, और मैं इसे पूरा करने के लिए आपके समर्थन की अपेक्षा करता हूँ। यदि आप इस प्रोजेक्ट में मेरी मदद करना चाहते हैं, तो कृपया नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और दान करें। आपकी छोटी सी मदद भी मेरे लिए बहुत बड़ी होगी। 🙏 [दान करने के लिए लिंक 8103840601@ibl] धन्यवाद! 🙏" #✡️सितारों की चाल🌠 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
✡️सितारों की चाल🌠 - PhonePel ACCEPTED HERE App Pay Scan & Using PhonePe 0 Abhilash Tandi 2026, AIl rights reserved PhonePe Ltd (Formerly known as 'PhonePe Private Ltd') PhonePel ACCEPTED HERE App Pay Scan & Using PhonePe 0 Abhilash Tandi 2026, AIl rights reserved PhonePe Ltd (Formerly known as 'PhonePe Private Ltd') - ShareChat
ग्रहों की स्थिति और उनका प्रभाव 🤩 हर ग्रह का प्रभाव उसकी स्थिति पर निर्भर करता है। आइए जानते हैं कि ग्रहों की स्थिति कैसे उनके प्रभाव को बदलती है: 1. *उच्च राशि*: जब कोई ग्रह उच्च राशि में होता है, तो वह असाधारण सफलता और उन्नति देता है। यह ग्रह की सबसे मजबूत स्थिति होती है, जिसमें वह अपने पूर्ण प्रभाव को दिखाता है। 2. *स्वराशि*: ग्रह स्वराशि में हो तो स्थिर और भरोसेमंद परिणाम देता है। यह स्थिति ग्रह को स्थिरता और मजबूती प्रदान करती है, जिससे व्यक्ति को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलती है। 3. *मित्र राशि*: जब ग्रह मित्र राशि में होता है, तो वह सहयोग और प्रगति देता है। यह स्थिति ग्रह को सकारात्मक प्रभाव डालने में मदद करती है, जिससे व्यक्ति को अपने जीवन में आगे बढ़ने में सहायता मिलती है। 4. *सम राशि*: ग्रह सम राशि में हो तो सामान्य फल देता है। यह स्थिति ग्रह को न तो बहुत मजबूत बनाती है और न ही बहुत कमजोर, जिससे व्यक्ति को सामान्य परिणाम मिलते हैं। 5. *शत्रु राशि*: जब ग्रह शत्रु राशि में होता है, तो वह रुकावट और संघर्ष देता है। यह स्थिति ग्रह को नकारात्मक प्रभाव डालने में मदद करती है, जिससे व्यक्ति को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। 6. *नीच राशि*: ग्रह नीच राशि में हो तो कमजोरी, देरी, और मानसिक दबाव देता है। यह स्थिति ग्रह को सबसे कमजोर बनाती है, जिससे व्यक्ति को अपने जीवन में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। कुछ विशेष योग: - *मेष में सूर्य*: आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाता है। - *वृषभ में चंद्र*: भावनात्मक मजबूती और स्थिरता प्रदान करता है। - *मकर में मंगल*: कर्म और पराक्रम को बढ़ावा देता है। - *कर्क में गुरु*: ज्ञान और भाग्य वृद्धि में मदद करता है। - *मीन में शुक्र*: प्रेम और कला में उन्नति प्रदान करता है। - *तुला में शनि*: न्याय और संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है। #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✡️सितारों की चाल🌠
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लव मैरिज के योग #✡️सितारों की चाल🌠 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
✡️सितारों की चाल🌠 - मैरिज के योग q लव मैरिज के लिए कुंडली में कुछ विशेष योग होते हैं जो इसकी संभावना को बढ़ाते हैंः १. *पंचम और सप्तम भाव का संबंध*ः यदि आपकी कुंडली में पंचम भाव (प्रेम ) और सप्तम भाव (विवाह) के बीच कोई संबंध बनता है॰ तो लव मैरिज की संभावना बढ़ जाती है। यह संबंध ग्रहों की स्थिति, युति, दृष्टि, या विनिमय द्वारा बन सकता है। २. *शुक्र ग्रह*ः शुक्र प्रेम , आकर्षण और विवाह का ग्रह है। आपकी कुंडली में शुक्र शुभ स्थिति र्में है और सप्तम अगर भाव से जुड़ा है, तो लव मैरिज की संभावना मजबूत होती  6 ३. *राहु का प्रभाव*ः कई बार राहु का पंचम या सप्तम भाव में होना या उनका संबंध लव मैरिज की ओर इशारा करता है, खासकर जब यह कुछ असामान्य या समाज से हटकर विवाह का संकेत हो। और शुक्र का संयोजन*ः कुंडली में चंद्रमा और 4.*aT शुक्र का संयोजन या परस्पर दृष्टि प्रेम संबंधों और लव मैरिज की संभावना को बढ़ाता है। ५. *सप्तमेश (सप्तम भाव का स्वामी)*: अगर सप्तम भाव का स्वामी पंचम भाव र्में है या प्रेम से जुड़े ग्रहों से संबंध  बना रहा है, तो भी यह लव मैरिज की संभावना को दर्शाता मैरिज के योग q लव मैरिज के लिए कुंडली में कुछ विशेष योग होते हैं जो इसकी संभावना को बढ़ाते हैंः १. *पंचम और सप्तम भाव का संबंध*ः यदि आपकी कुंडली में पंचम भाव (प्रेम ) और सप्तम भाव (विवाह) के बीच कोई संबंध बनता है॰ तो लव मैरिज की संभावना बढ़ जाती है। यह संबंध ग्रहों की स्थिति, युति, दृष्टि, या विनिमय द्वारा बन सकता है। २. *शुक्र ग्रह*ः शुक्र प्रेम , आकर्षण और विवाह का ग्रह है। आपकी कुंडली में शुक्र शुभ स्थिति र्में है और सप्तम अगर भाव से जुड़ा है, तो लव मैरिज की संभावना मजबूत होती  6 ३. *राहु का प्रभाव*ः कई बार राहु का पंचम या सप्तम भाव में होना या उनका संबंध लव मैरिज की ओर इशारा करता है, खासकर जब यह कुछ असामान्य या समाज से हटकर विवाह का संकेत हो। और शुक्र का संयोजन*ः कुंडली में चंद्रमा और 4.*aT शुक्र का संयोजन या परस्पर दृष्टि प्रेम संबंधों और लव मैरिज की संभावना को बढ़ाता है। ५. *सप्तमेश (सप्तम भाव का स्वामी)*: अगर सप्तम भाव का स्वामी पंचम भाव र्में है या प्रेम से जुड़े ग्रहों से संबंध  बना रहा है, तो भी यह लव मैरिज की संभावना को दर्शाता - ShareChat
#🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✡️सितारों की चाल🌠
🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 - यह योग ५. *्शनि + चंद्रमा*: नकारात्मकता का भाव व्यक्ति को नकारात्मक और उदासीन बनाता है॰ जिससे वह जीवन में असफलता का सामना करता है। ६. *चंद्रमा + गुरु*ः संपन्नता और सफलता - यह योग व्यक्ति को सफल और संपन्न बनाता है, जिससे वह अपने क्षेत्र में ऊंचाइयों को प्राप्त करता है। + ৯নু*: आध्यात्मिक मार्ग - यह योग व्यक्ति को 7.*35 आध्यात्मिक और परमार्थी बनाता है, जिससे वह जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझता है। 8. *बुध + राहु*ः बा्तों में अधिकता , बड़बोलापन - यह योग और बड़बोला बनाता है, जिससे वह व्यक्ति को নানুনী अपने विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त नहीं कर पाता है। ఓగ: ' गहरी एकाग्रता  यह योग व्यक्ति को 9. *অঁসসা + एकाग्र और ध्यानमग्न बनाता है, जिससे वह अपने लक्ष्य करने के लिए पूरी तरह से समर्पित होता है। का प्राप्त यह योग ५. *्शनि + चंद्रमा*: नकारात्मकता का भाव व्यक्ति को नकारात्मक और उदासीन बनाता है॰ जिससे वह जीवन में असफलता का सामना करता है। ६. *चंद्रमा + गुरु*ः संपन्नता और सफलता - यह योग व्यक्ति को सफल और संपन्न बनाता है, जिससे वह अपने क्षेत्र में ऊंचाइयों को प्राप्त करता है। + ৯নু*: आध्यात्मिक मार्ग - यह योग व्यक्ति को 7.*35 आध्यात्मिक और परमार्थी बनाता है, जिससे वह जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझता है। 8. *बुध + राहु*ः बा्तों में अधिकता , बड़बोलापन - यह योग और बड़बोला बनाता है, जिससे वह व्यक्ति को নানুনী अपने विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त नहीं कर पाता है। ఓగ: ' गहरी एकाग्रता  यह योग व्यक्ति को 9. *অঁসসা + एकाग्र और ध्यानमग्न बनाता है, जिससे वह अपने लक्ष्य करने के लिए पूरी तरह से समर्पित होता है। का प्राप्त - ShareChat