Abhilas Chauhan
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पॉजिटिव केतु वाले लोगों की विशेषताएं 😊 पॉजिटिव केतु वाले लोगों में कुछ विशेष गुण होते हैं जो उन्हें दूसरों से अलग बनाते हैं: - *अकेले रहना*: ये लोग लोगों के बीच रहते हुए भी अकेले रहना पसंद करते हैं। उन्हें अपने विचारों और भावनाओं को समझने के लिए समय चाहिए होता है। - *ओब्जर्वेशन स्किल*: पॉजिटिव केतु वाले लोगों की ओब्जर्वेशन स्किल बहुत तेज़ होती है। वे छोटी-छोटी बातें जल्दी समझ जाते हैं और लोगों की भावनाओं को पढ़ सकते हैं। - *इंट्यूशन*: इन लोगों का इंट्यूशन बहुत मज़बूत होता है। वे बिना कहे ही हालात का अंदाज़ा लगा लेते हैं और सही निर्णय लेते हैं। - *मिनिमलिज्म*: पॉजिटिव केतु वाले लोग मिनिमलिज्म में विश्वास करते हैं। वे ज़्यादा चीजें जमा करने की चाह नहीं रखते और सादगी से जीवन जीना पसंद करते हैं। - *गुप्त रखना*: ये लोग अपने जीवन के बारे में ज्यादा बातें नहीं करते हैं। वे अपने विचारों और भावनाओं को अपने तक ही रखते हैं और दूसरों के साथ शेयर नहीं करते हैं। क्या आप जानना चाहते हैं कि पॉजिटिव केतु वाले लोगों के लिए क्या फायदेमंद है? #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✡️सितारों की चाल🌠 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
#✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️सितारों की चाल🌠 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - प्रॉब्लम के लिए पाठ आपने बहुत ही विस्तृत जानकारी दी है ! यहाँ कुछ मुख्य पाठ और उनके लाभ हैं : 1. * दुर्गा सप्तशती * : बीमारियों और भय से मुक्ति । 2. * विष्णुसहस्रनाम * : जीवन में भटकाव से मुक्ति । 3. * कनकधारा * : धन की समस्या से मुक्ति । 4. * संदरकांड * : कोर्ट - कचहरी , झगड़े - झंझट से मुक्ति । 5. * गोपाल सहस्रनाम * : संतान से जुड़ी समस्याओं से मुक्ति 6. * गणेश अथर्वशीर्ष * : पारिवारिक क्लेश से मुक्ति । 7. * आदित्य हृदय स्त्रोत : समाज में पहचान और मान - सम्मान | 8. * शिवाष्टकम * : मानसिक प्रसन्नता । 9. * हनुमान चालीसा * : भय और दोष से मुक्ति । क्या आप जानना चाहते हैं कि इन पाठों को कैसे करें और कब करें ? - ShareChat
#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✡️सितारों की चाल🌠 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - बुध ग्रह अस्त होने पर जीवन में प्रभाव आपने बहुत 7 जानकारी दी है! बुध ग्रह अस्त होने fara ٤ पर जीवन में कई प्रभाव पड़ सकते हैंः १. *्मानसिक समस्या*ः मानसिक अस्थिरता, तनाव, और चिंता। की समस्या , एकाग्रता २. *स्मरण शक्ति कमजोर*ः পুলন: की कमी। ३. *बोलने में समस्या*: बिना सोचे बोलना, पछतावा होना।  338 भूल जाना*ः किसी  बताते वक्त बात भूल *নান 4 ডানা] ५. *एकाग्रता खराब*ः ध्यान केंद्रित नर्ही कर पाना। ६. *दिमाग की अस्थिरता*: इधर उधर कूदते रहना।  ७. *सिर की खुजली*ः सिर में खुजली की समस्या। 8. *ज्ञान का उपयोग नर्ही कर पाना*: ज्ञान इकट्ठा करना लेकिन अमल में नर्ही ला पाना। ९. *पढ़ाई में समस्या*: पढ़ाई में ठीक होना लेकिन नर्हीं मिलना। सफलता १०. *सोचने की समस्या*ः बहुत ज्यादा सोचना , एंजाइटी , ষ্টমI ११. *्शरीर की स्फूर्ति कम*ः शरीर में तेज तर्रार नहीं होना।  *ंड्राइविंग में समस्या*: ड्राइविंग में रिफ्लेक्स तेज़ नर्हीं 12. होना। १३. *काम टालना*: कोई भी काम या समस्या देखकर टाल देना। १४. *जुबान , सुनने , और त्वचा संबंधी समस्या*ः जुबान, और त्वचा संबंधी समस्याएं। सुनने , १५. *अस्त बुध का प्रभाव*ः अस्त बुध दिमाग को डिस्टर्ब कर देता है। चाहते हैं कि बुध ग्रह अस्त होने पर क्या क्या आप जानना ತ0ಫ? बुध ग्रह अस्त होने पर जीवन में प्रभाव आपने बहुत 7 जानकारी दी है! बुध ग्रह अस्त होने fara ٤ पर जीवन में कई प्रभाव पड़ सकते हैंः १. *्मानसिक समस्या*ः मानसिक अस्थिरता, तनाव, और चिंता। की समस्या , एकाग्रता २. *स्मरण शक्ति कमजोर*ः পুলন: की कमी। ३. *बोलने में समस्या*: बिना सोचे बोलना, पछतावा होना।  338 भूल जाना*ः किसी  बताते वक्त बात भूल *নান 4 ডানা] ५. *एकाग्रता खराब*ः ध्यान केंद्रित नर्ही कर पाना। ६. *दिमाग की अस्थिरता*: इधर उधर कूदते रहना।  ७. *सिर की खुजली*ः सिर में खुजली की समस्या। 8. *ज्ञान का उपयोग नर्ही कर पाना*: ज्ञान इकट्ठा करना लेकिन अमल में नर्ही ला पाना। ९. *पढ़ाई में समस्या*: पढ़ाई में ठीक होना लेकिन नर्हीं मिलना। सफलता १०. *सोचने की समस्या*ः बहुत ज्यादा सोचना , एंजाइटी , ষ্টমI ११. *्शरीर की स्फूर्ति कम*ः शरीर में तेज तर्रार नहीं होना।  *ंड्राइविंग में समस्या*: ड्राइविंग में रिफ्लेक्स तेज़ नर्हीं 12. होना। १३. *काम टालना*: कोई भी काम या समस्या देखकर टाल देना। १४. *जुबान , सुनने , और त्वचा संबंधी समस्या*ः जुबान, और त्वचा संबंधी समस्याएं। सुनने , १५. *अस्त बुध का प्रभाव*ः अस्त बुध दिमाग को डिस्टर्ब कर देता है। चाहते हैं कि बुध ग्रह अस्त होने पर क्या क्या आप जानना ತ0ಫ? - ShareChat
#✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️सितारों की चाल🌠 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - ग्रहों के उपाय खराब fsa जानकारी दी है! यहाँ कुछ मुख्य आपने बहुत ही గే: उपाय *सूर्य*ः सूर्य को जल दें, प्रतिदिन सुबह धूप में बैठें। *चंद्रमा*: माता का आशीर्वाद र्लें। *मंगल*ः गुड़ खाएँ और हनुमान चालीसा का पाठ करें। *बुध*ः गार्यों को हरा चारा खिलाएँ। *गुरु*ः पीले रंग का कपडा अपने पास रखें। *शुक्र*ः अपने जीवनसाथी का सम्मान करें। *ैशनि*: गरीब और ज़रूरतमंद लोगों की मदद करें। *राहु*ः पक्षि्यों को हरी दाल खिलाएँ। *केतु*: कुत्तों को खाना खिलाएँ। चाहते हैं कि इन उपार्यों को कैसे करें क्या आप जानना और कब करें? ग्रहों के उपाय खराब fsa जानकारी दी है! यहाँ कुछ मुख्य आपने बहुत ही గే: उपाय *सूर्य*ः सूर्य को जल दें, प्रतिदिन सुबह धूप में बैठें। *चंद्रमा*: माता का आशीर्वाद र्लें। *मंगल*ः गुड़ खाएँ और हनुमान चालीसा का पाठ करें। *बुध*ः गार्यों को हरा चारा खिलाएँ। *गुरु*ः पीले रंग का कपडा अपने पास रखें। *शुक्र*ः अपने जीवनसाथी का सम्मान करें। *ैशनि*: गरीब और ज़रूरतमंद लोगों की मदद करें। *राहु*ः पक्षि्यों को हरी दाल खिलाएँ। *केतु*: कुत्तों को खाना खिलाएँ। चाहते हैं कि इन उपार्यों को कैसे करें क्या आप जानना और कब करें? - ShareChat
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✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - राहु का रहस्य राहु के विभिन्न विस्तृत - आपने बहुत ही " जानकारी दी है!  महत्वपूर्ण है। यहाँ ग्रहों के साथ संयोजन का प्रभाव वाकई  कुछ मुख्य बार्तें हैंः राहु*ः अहंकार बढ़ाता है, पहचान का भ्रम देता है; * + पिता, अधिकार, प्रतिष्ठा में उतार चढ़ाव। *चंद्रमा + राहु*ः मानसिक अस्थिरता, भय, भ्रम, निर्णय क्षमता कमजोर। *मंगल + राहु*ः क्रोध , जल्दबाजी , दुर्घटना , साहस में वृद्धि किन्तु नियंत्रण में कमी। *बुध + राहु*ः चालाक बुद्धि. झूठी योजना, भ्रमपूर्ण सोच, संचार में छल या गलत निर्णय। + राहु*ः गलत मार्गदर्शन, झूठा ज्ञान, धर्म और नैतिकता में भ्रम। *शुक्र + राहु*ः भोग, आकर्षण, संबंर्धों में अतिः लालसा, असंतोष, भ्रमित प्रेम| *ै्शनि + राहु*ः जीवन में संघर्ष , देरी, कार्मिक दबाव; लेकिन लंबी सफलता की संभावना भी। चाहते हैं कि राहु के प्रभाव को कैसे क्या आप जानना समझें और उसका सामना कैसे करें? राहु का रहस्य राहु के विभिन्न विस्तृत - आपने बहुत ही " जानकारी दी है!  महत्वपूर्ण है। यहाँ ग्रहों के साथ संयोजन का प्रभाव वाकई  कुछ मुख्य बार्तें हैंः राहु*ः अहंकार बढ़ाता है, पहचान का भ्रम देता है; * + पिता, अधिकार, प्रतिष्ठा में उतार चढ़ाव। *चंद्रमा + राहु*ः मानसिक अस्थिरता, भय, भ्रम, निर्णय क्षमता कमजोर। *मंगल + राहु*ः क्रोध , जल्दबाजी , दुर्घटना , साहस में वृद्धि किन्तु नियंत्रण में कमी। *बुध + राहु*ः चालाक बुद्धि. झूठी योजना, भ्रमपूर्ण सोच, संचार में छल या गलत निर्णय। + राहु*ः गलत मार्गदर्शन, झूठा ज्ञान, धर्म और नैतिकता में भ्रम। *शुक्र + राहु*ः भोग, आकर्षण, संबंर्धों में अतिः लालसा, असंतोष, भ्रमित प्रेम| *ै्शनि + राहु*ः जीवन में संघर्ष , देरी, कार्मिक दबाव; लेकिन लंबी सफलता की संभावना भी। चाहते हैं कि राहु के प्रभाव को कैसे क्या आप जानना समझें और उसका सामना कैसे करें? - ShareChat
#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✡️सितारों की चाल🌠 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - Mangal in 12 Houses आपने बहुत ही विस्तृत जानकारी दी है ! मंगल ग्रह के विभिन्न भावों में प्रभाव को समझना वाकई महत्वपूर्ण है । यहाँ कुछ मुख्य बातें हैं : - * 1st House * : जोशीला स्वभाव , धन तेज़ी से आता है और खर्च भी होता है । - * 2nd House * : साहसी और तर्कशील । - * 3rd House * : घर में तनाव । - - - - * 4th House * : प्रेम में गुस्सा । - * 5th House * : शत्रु पर भारी । - - * 6th House * : धर्म में ऊर्जा । - * 7th House * : रिश्तों में टकराव । - * 8th House * : अचानक संकट | - * 9th House * : लालसा भरा करियर । - - * 10th House * : दोस्तों से मतभेद | - * 11th House * : क्रोध से अकेलापन । - * 12th House * : धर्म में ऊर्जा । क्या आप जानना चाहते हैं कि मंगल ग्रह के प्रभाव को कैसे समझें और उसका सामना कैसे करें ? - ShareChat
#✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️सितारों की चाल🌠 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - आयु अनुसार ग्रह प्रभाव आपने बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी दी है ! आयु के अनुसार ग्रहों का प्रभाव हमारे जीवन पर पड़ता है । यहाँ कुछ मुख्य बातें हैं : - * सूर्य * : 22 वर्ष की आयु में सूर्य का विशेष प्रभाव देखा जा सकता है । • * चंद्रमा * : 24 वर्ष की आयु में चंद्रमा का प्रभाव देखने को मिलता है । • * मंगल * : 28 वर्ष की आयु में मंगल ग्रह का विशेष प्रभाव देखा जा सकता है । - * बुध * : 34 वर्ष की आयु में बुध ग्रह का प्रभाव देखा जा सकता है । - * बृहस्पति ( गुरु ) * : 16 वर्ष की आयु में बृहस्पति का प्रभाव दिखाई पड़ता है । - * शुक्र * : 25 वर्ष की आयु में शुक्र का प्रभाव देखने को मिलता है । - * शनि * : 36 वर्ष की आयु में शनि के प्रभाव को देख सकते हैं । - * राहु * : 42 वर्ष की आयु में राहु का प्रभाव होता है । - * केतु * : 48 वर्ष की आयु में केतु का प्रभाव होता है । क्या आप जानना चाहते हैं कि आपकी आयु में कौन सा ग्रह प्रभावी है ? - ShareChat
#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✡️सितारों की चाल🌠 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - पतिनपत्नी के रिश्ते में राशि का प्रभाव आपने बहुत 7 ही दिलचस्प जानकारी दी है! पति की राशि के अनुसार पत्नी के साथ उनके व्यवहार को समझने की कोशिश करते हैंः *कुंभ राशि*ः संभाल कर रखता है *तुला राशि*ः डरा कर रखता है *सिंह राशि*ः होशियारो से रखता है *्वृशिक राशि*ः सजा कर रखता है *मीन राशि*: हंसा कर रखता है *कन्या राशि*ः सता कर रखता है *मेष राशि*ः बहुत अच्छे से रखता है राशि*ः रुला कर रखता है HA *्धनु राशि*ः बहुत संभाल कर रखता है *्वृषभ राशि*ः ठिक-ठाक रखता है चाहते हैं कि आपकी राशि या आपके क्या आप जानना पति की राशि क्या कहती है? पतिनपत्नी के रिश्ते में राशि का प्रभाव आपने बहुत 7 ही दिलचस्प जानकारी दी है! पति की राशि के अनुसार पत्नी के साथ उनके व्यवहार को समझने की कोशिश करते हैंः *कुंभ राशि*ः संभाल कर रखता है *तुला राशि*ः डरा कर रखता है *सिंह राशि*ः होशियारो से रखता है *्वृशिक राशि*ः सजा कर रखता है *मीन राशि*: हंसा कर रखता है *कन्या राशि*ः सता कर रखता है *मेष राशि*ः बहुत अच्छे से रखता है राशि*ः रुला कर रखता है HA *्धनु राशि*ः बहुत संभाल कर रखता है *्वृषभ राशि*ः ठिक-ठाक रखता है चाहते हैं कि आपकी राशि या आपके क्या आप जानना पति की राशि क्या कहती है? - ShareChat
#✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️सितारों की चाल🌠 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - 8th Lord Placement in AII Houses विस्तृत 7 जानकारी दी है! 8th Lord के आपने बहुत ही विभिन्न भावों में प्रभाव को समझना वाकई महत्वपूर्ण है। यहाँ कुछ मुख्य बार्तें हैः *lst भाव*: आत्मन्त्याग और निस्वार्थ काम करने की प्रवृत्ति। *2nd भाव*ः परिवार से अलगाव या दूरी। *3rd भाव*ः काम का श्रेय न मिलना। *४th भाव*ः घर छोड़ने की स्थिति। *5th भाव*ः ज्योतिष , स्टॉक मार्केट में सफलता। *6th भाव*: डॉक्टर, चिकित्सा क्षेत्र में सफलता। ম নভা  *7th भाव*ः शादी के बाद जीवन परिवर्तन। *8th भाव*ः समस्या समाधान करने की क्षमता| *9th भाव*ः भाग्य में कमी। *1Oth भाव*ः करियर में स्थिरता की समस्या। *11th भाव*ः विरासत, अचानक लाभ। *12th भाव*ः लंबे समय तक परेशानी| क्या आप जानना चाहते हैं कि 8th Lord के प्रभाव को कैसे समझें और उसका सामना कैसे करें? 8th Lord Placement in AII Houses विस्तृत 7 जानकारी दी है! 8th Lord के आपने बहुत ही विभिन्न भावों में प्रभाव को समझना वाकई महत्वपूर्ण है। यहाँ कुछ मुख्य बार्तें हैः *lst भाव*: आत्मन्त्याग और निस्वार्थ काम करने की प्रवृत्ति। *2nd भाव*ः परिवार से अलगाव या दूरी। *3rd भाव*ः काम का श्रेय न मिलना। *४th भाव*ः घर छोड़ने की स्थिति। *5th भाव*ः ज्योतिष , स्टॉक मार्केट में सफलता। *6th भाव*: डॉक्टर, चिकित्सा क्षेत्र में सफलता। ম নভা  *7th भाव*ः शादी के बाद जीवन परिवर्तन। *8th भाव*ः समस्या समाधान करने की क्षमता| *9th भाव*ः भाग्य में कमी। *1Oth भाव*ः करियर में स्थिरता की समस्या। *11th भाव*ः विरासत, अचानक लाभ। *12th भाव*ः लंबे समय तक परेशानी| क्या आप जानना चाहते हैं कि 8th Lord के प्रभाव को कैसे समझें और उसका सामना कैसे करें? - ShareChat
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✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - आयु अनुसार ग्रह प्रभाव आपने बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी दी है ! आयु के अनुसार ग्रहों का प्रभाव हमारे जीवन पर पड़ता है । यहाँ कुछ मुख्य बातें हैं : - * सूर्य * : 22 वर्ष की आयु में सूर्य का विशेष प्रभाव देखा जा सकता है । • * चंद्रमा * : 24 वर्ष की आयु में चंद्रमा का प्रभाव देखने को मिलता है । • * मंगल * : 28 वर्ष की आयु में मंगल ग्रह का विशेष प्रभाव देखा जा सकता है । - * बुध * : 34 वर्ष की आयु में बुध ग्रह का प्रभाव देखा जा सकता है । - * बृहस्पति ( गुरु ) * : 16 वर्ष की आयु में बृहस्पति का प्रभाव दिखाई पड़ता है । - * शुक्र * : 25 वर्ष की आयु में शुक्र का प्रभाव देखने को मिलता है । - * शनि * : 36 वर्ष की आयु में शनि के प्रभाव को देख सकते हैं । - * राहु * : 42 वर्ष की आयु में राहु का प्रभाव होता है । - * केतु * : 48 वर्ष की आयु में केतु का प्रभाव होता है । क्या आप जानना चाहते हैं कि आपकी आयु में कौन सा ग्रह प्रभावी है ? - ShareChat