Abhilas Chauhan
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जन्म कुंडली में तृतीय भाव में देवगुरु बृहस्पति का प्रभाव ।। #✡️सितारों की चाल🌠 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔
✡️सितारों की चाल🌠 - में देवगुरु 7 बृहस्पति का प्रभाव जन्म कुंडली में तृतीय भाव जातक बुरे स्वभाव का या नीच प्रवृत्ति का हो सकता है। 1 २. समझदारी और धन धान्य से पूर्णता , सरकारी क्षेर्त्रों से I ३. बहन, बुआ, बेटी के संस्कार खराब हो सकते हैं, समाज में सम्मान की कमी। दांतों में विकार, बहन, बुआ, बेटी से समस्याएँ। 4. गुरु तीसरे, शनि नर्वें भाव में हो तो लंबी उम्र का योग।  5. 6. যুক নীবই, থানি বুলই সান ম #্ী নী কতুম ব্পাব; पत्नी खर्चीली। ७. घर में क्लेश, पत्नी की पसंदीदा चीजें। ८. गुरु तीसरे, शनि चौथे भाव में हो तो पैसा दोस्तों / रिश्तेदारों में फंस सकता है। ९. लेनदेन में कागजी करवाई जरूरी। १०. धोखा मिलने की संभावना , किसी पर जल्दी विश्वास न करे। ११. पैसे के मामले में सावधानी जरूरी, कर्जे में लिप्त हो सकते हैं। में देवगुरु 7 बृहस्पति का प्रभाव जन्म कुंडली में तृतीय भाव जातक बुरे स्वभाव का या नीच प्रवृत्ति का हो सकता है। 1 २. समझदारी और धन धान्य से पूर्णता , सरकारी क्षेर्त्रों से I ३. बहन, बुआ, बेटी के संस्कार खराब हो सकते हैं, समाज में सम्मान की कमी। दांतों में विकार, बहन, बुआ, बेटी से समस्याएँ। 4. गुरु तीसरे, शनि नर्वें भाव में हो तो लंबी उम्र का योग।  5. 6. যুক নীবই, থানি বুলই সান ম #্ী নী কতুম ব্পাব; पत्नी खर्चीली। ७. घर में क्लेश, पत्नी की पसंदीदा चीजें। ८. गुरु तीसरे, शनि चौथे भाव में हो तो पैसा दोस्तों / रिश्तेदारों में फंस सकता है। ९. लेनदेन में कागजी करवाई जरूरी। १०. धोखा मिलने की संभावना , किसी पर जल्दी विश्वास न करे। ११. पैसे के मामले में सावधानी जरूरी, कर्जे में लिप्त हो सकते हैं। - ShareChat
जन्मकुंडली विश्लेषण 🌸 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✡️सितारों की चाल🌠
🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 - जन्मकुंडली विश्लेषण जन्म कुंडली में दशमेश दशम में होने से जातक कर्मशील और आत्मविश्वास से भरपूर होता है पिता की विरासत को आगे ले जाने वाला होता है प्रशासनिक, राजनीतिक या प्रबंधन में सफल हो सकता है उच्च अधिकारियों से समन्वय या सहयोग प्राप्त करता है जन्मकुंडली विश्लेषण जन्म कुंडली में दशमेश दशम में होने से जातक कर्मशील और आत्मविश्वास से भरपूर होता है पिता की विरासत को आगे ले जाने वाला होता है प्रशासनिक, राजनीतिक या प्रबंधन में सफल हो सकता है उच्च अधिकारियों से समन्वय या सहयोग प्राप्त करता है - ShareChat
शुभ अशुभ योग 🌸 #✡️सितारों की चाल🌠 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔
✡️सितारों की चाल🌠 - - शुभ अशुभ योग 1. सूर्य + बुध ( बुधादित्य योग ) - प्रभाव : तेज बुद्धि , प्रशासनिक क्षमता , नेतृत्व शक्ति - • राजनीति या सरकारी क्षेत्र में उन्नति 2. चंद्र + शुक्र - प्रभाव : सुंदरता , रचनात्मकता , विलासिता की ओर झुकाव : - प्रेम संबंधों में आकर्षण बढ़ता है , भावनात्मक अस्थिरता भी संभव 3. मंगल + शनि - प्रभाव : संघर्षपूर्ण योग , कठिन परिश्रम , तनाव , क्रोध और दुर्घटनाओं की संभावना 4. गुरु + चंद्र ( गजकेसरी योग ) - प्रभाव : अत्यंत शुभ योग , बुद्धिमत्ता , प्रसिद्धि और भाग्य - में वृद्धि धर्म - कर्म में रुचि 5. राहु + चंद्र ( ग्रहण योग ) - प्रभाव : मानसिक अशांति , भ्रम , चिंता , नींद से जुड़ी समस्याएँ - निर्णय लेने की शक्ति प्रभावित 6. शुक्र + मंगल - प्रभाव : आकर्षण , रोमांटिक ऊर्जा , रचनात्मक क्षेत्रों में - सफलता • संबंधों में अस्थिरता भी संभव 7. शनि + राहु ( शापित योग ) - प्रभाव : जीवन में बाधाएँ , संघर्ष और मानसिक दबाव कर्मों की सख्त परीक्षा - ShareChat
ज्योतिषीय तथ्य 🌸 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️सितारों की चाल🌠
🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 - ज्योतिषीय तथ्य १. आलस्य महत्वाकांक्षा को ख़त्म कर देता है। आलस्य (शनि) और महत्वाकांक्षा ( सूर्य ) शत्रु हैं। २. क्रोथ बुद्धि को नष्ट कर देता है। क्रोथ (मंगल ) और बुद्धि (बुध) एक दूसरे के दुश्मन हैं। डर ख़्वाबों की मृत्यु कर देता है।  3. : (राहु) और ख्वाब (लग्नेश) एक दूसरे के दुश्मन है।  37 ४. अहंकार विकास को नष्ट कर देता है। : (सूर्य) और विकास (शनि) शत्रु हैं। अहंकार ५. ईर्ष्या शांति को ख़त्म कर देती है। और शांति (बृहस्पति ) एक दूसरे के दुश्मन हैं।  (9) fof ६. संदेह आत्मविश्वास को खत्म कर देता है। संदेह ( राहु) और आत्मविश्वास ( सूर्य) शत्रु हैें। ७. नकारात्मकता सोच में अंधकार भर देती है। (शनि) और सोच (चंद्रमा ) एक दूसरे के নকধাযামকনা दुश्मन हैं। ८. भय से भा्गों नहीं उसका सामना करो। r (राहु) और साहस (मंगल) एक के दुश्मन हे। दूसरे  भय ९. थेर्यहीन को कहीं शांति नहीं मिल सकती। के दुश्मन  थैर्य (शनि ) और उतावलापन (मंगल) एक दूसरे  १०. शिष्य बनकर ही सीखा जा सकता हे, गुरु नहीं।  3 6  (बृहस्पति) की नहीं बनती।  शिष्य (बुथ) ज्योतिषीय तथ्य १. आलस्य महत्वाकांक्षा को ख़त्म कर देता है। आलस्य (शनि) और महत्वाकांक्षा ( सूर्य ) शत्रु हैं। २. क्रोथ बुद्धि को नष्ट कर देता है। क्रोथ (मंगल ) और बुद्धि (बुध) एक दूसरे के दुश्मन हैं। डर ख़्वाबों की मृत्यु कर देता है।  3. : (राहु) और ख्वाब (लग्नेश) एक दूसरे के दुश्मन है।  37 ४. अहंकार विकास को नष्ट कर देता है। : (सूर्य) और विकास (शनि) शत्रु हैं। अहंकार ५. ईर्ष्या शांति को ख़त्म कर देती है। और शांति (बृहस्पति ) एक दूसरे के दुश्मन हैं।  (9) fof ६. संदेह आत्मविश्वास को खत्म कर देता है। संदेह ( राहु) और आत्मविश्वास ( सूर्य) शत्रु हैें। ७. नकारात्मकता सोच में अंधकार भर देती है। (शनि) और सोच (चंद्रमा ) एक दूसरे के নকধাযামকনা दुश्मन हैं। ८. भय से भा्गों नहीं उसका सामना करो। r (राहु) और साहस (मंगल) एक के दुश्मन हे। दूसरे  भय ९. थेर्यहीन को कहीं शांति नहीं मिल सकती। के दुश्मन  थैर्य (शनि ) और उतावलापन (मंगल) एक दूसरे  १०. शिष्य बनकर ही सीखा जा सकता हे, गुरु नहीं।  3 6  (बृहस्पति) की नहीं बनती।  शिष्य (बुथ) - ShareChat
#✡️सितारों की चाल🌠 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔
✡️सितारों की चाल🌠 - अंक ज्योतिषः 1 से 9 तक के नंबर का रहस्य (?) लीडरशिप , आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की ताकत नेतृत्व क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक २ (चंद्र) भावुक, शांत स्वभाव और रिश्तों को महत्व देने वाले संवेदनशीलता और भावनात्मक संतुलन का प्रतीक 3 (T) बुद्धिमान, ज्ञान पसंद और सम्मान पाने वाले ज्ञान , बुद्धिमत्ता और अध्यात्म का प्रतीक  (राहु) मेहनती और अचानक बदलाव लाने वाले अलग सोच, मेहनत  ஈளிக परिवर्तन, अनिश्चितता और का 5 (34) तेज दिमाग , बोलने में माहिर और भाग्यशाली बुद्धिमत्ता, संचार और अनुकूलता का प्रतीक (शुक्र) प्रेम , सुंदरता, सुख सुविधा और धन का योग प्रेम , सौंदर्य और ऐश्वर्य का प्रतीक 7 (3) आध्यात्मिक , रहस्यमयी और गहरी सोच वाले आध्यात्मिकता , रहस्य और गहरी सोच का प्रतीक (शनि) 8 মচননী, মঘণ ৯' बड़ी सफलता पाने वाले बाद मेहनत, संघर्ष और जिम्मेदारी का प्रतीक 9 (4<) साहसी, ऊर्जा से भरे और की मदद करने वाले दूसर्रों  साहस, ऊर्जा और नेतृत्व का प्रतीक अंक ज्योतिषः 1 से 9 तक के नंबर का रहस्य (?) लीडरशिप , आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की ताकत नेतृत्व क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक २ (चंद्र) भावुक, शांत स्वभाव और रिश्तों को महत्व देने वाले संवेदनशीलता और भावनात्मक संतुलन का प्रतीक 3 (T) बुद्धिमान, ज्ञान पसंद और सम्मान पाने वाले ज्ञान , बुद्धिमत्ता और अध्यात्म का प्रतीक  (राहु) मेहनती और अचानक बदलाव लाने वाले अलग सोच, मेहनत  ஈளிக परिवर्तन, अनिश्चितता और का 5 (34) तेज दिमाग , बोलने में माहिर और भाग्यशाली बुद्धिमत्ता, संचार और अनुकूलता का प्रतीक (शुक्र) प्रेम , सुंदरता, सुख सुविधा और धन का योग प्रेम , सौंदर्य और ऐश्वर्य का प्रतीक 7 (3) आध्यात्मिक , रहस्यमयी और गहरी सोच वाले आध्यात्मिकता , रहस्य और गहरी सोच का प्रतीक (शनि) 8 মচননী, মঘণ ৯' बड़ी सफलता पाने वाले बाद मेहनत, संघर्ष और जिम्मेदारी का प्रतीक 9 (4<) साहसी, ऊर्जा से भरे और की मदद करने वाले दूसर्रों  साहस, ऊर्जा और नेतृत्व का प्रतीक - ShareChat
#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️सितारों की चाल🌠
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - ज्योतिषीय सूत्र க்ளிக में सूर्य और गुरु के होने परः 1. लग्न भाव मनुष्य गुणवान, सचिव, बलवानों का नायक अथवा साधु विद्यावान धनवान भोगवान् और विख्यात होता है। कुंडली के चतुर्थ भाव में सूर्य और गुरु के होने परः 2. मनुष्य वेद और नीति का पालन करने वाला, काव्य का आनन्द लेने वाला, सुन्दर, ईमानदार, नौकरों व सेवकों वाला, मधुर वाणी बोलने वाला, गुप्त आचरण करने वाला होता है। कुंडली के सप्तम भाव में सूर्य और गुरु, एक साथ हो, 3. तोः मनुष्य कामवश स्त्रि्यों द्वारा परास्त होने वाला, पिता से द्वेष करने वाला; सोना, मणि, चाँदी, मोती आदि से सम्पन्न; शोभन शरीर शक्ति वाला होता है। ४. कुंडली के दशम भाव में सूर्य और गुरु का योग हो, तोः मनुष्य नीच कुलोत्पन्न होकर भी कीर्तिमान सुखी, सम्मानित राजा होता है। ज्योतिषीय सूत्र க்ளிக में सूर्य और गुरु के होने परः 1. लग्न भाव मनुष्य गुणवान, सचिव, बलवानों का नायक अथवा साधु विद्यावान धनवान भोगवान् और विख्यात होता है। कुंडली के चतुर्थ भाव में सूर्य और गुरु के होने परः 2. मनुष्य वेद और नीति का पालन करने वाला, काव्य का आनन्द लेने वाला, सुन्दर, ईमानदार, नौकरों व सेवकों वाला, मधुर वाणी बोलने वाला, गुप्त आचरण करने वाला होता है। कुंडली के सप्तम भाव में सूर्य और गुरु, एक साथ हो, 3. तोः मनुष्य कामवश स्त्रि्यों द्वारा परास्त होने वाला, पिता से द्वेष करने वाला; सोना, मणि, चाँदी, मोती आदि से सम्पन्न; शोभन शरीर शक्ति वाला होता है। ४. कुंडली के दशम भाव में सूर्य और गुरु का योग हो, तोः मनुष्य नीच कुलोत्पन्न होकर भी कीर्तिमान सुखी, सम्मानित राजा होता है। - ShareChat
जन्म कुंडली में लग्न (1) भाव में शुक्र ग्रह का प्रभाव 🌸 लग्न में शुक्र ग्रह के प्रभाव से व्यक्ति: - गणितशास्त्र में रुचि रखता है - दीर्घायु होता है - स्त्री से प्रेम करने वाला होता है - वस्त्र और आभूषण का शौकीन होता है - सुंदर स्वरूप वाला होता है - अच्छे गुणों वाला होता है - धनवान और पंडित होता है शुक्र के साथ शुभ ग्रह युक्त हो तो: - अनेकों आभूषण वाला होता है - सुवर्ण के तुल्य सुंदर शरीर वाला होता है शुक्र को पापग्रह देखते हों या युक्त हों, नीचराशि में हो और अस्त हो गया हो तो: - चोर और ठगी करने वाला होता है - वात श्लेष्म आदि रोगों से पीड़ित होता है अन्य प्रभाव: - लग्न के स्वामी के साथ राहु बैठा हो तो बड़ा अण्डकोश वाला होता है - चतुर्थ स्थान में शुभ ग्रह युक्त हो तो हाथी और उत्कृष्ट प्रताप वाला होता है - शुक्र अपने स्थान में हो तो बड़ा राजयोग वाला होता है - शुक्र अष्टम द्वादश स्थान का स्वामी हो और बलहीन हो तो दो स्त्री वाला होता है, अंचल भाग्य वाला होता है और नीचबुद्धि वाला होता है। 😊 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️सितारों की चाल🌠 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
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#💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️सितारों की चाल🌠 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔
💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी - मेष राशि के जातकों के भाग्यशाली दिन और रत्न भाग्यशाली दिनः मंगलवार गुरुवार रविवार अशुभ दिनः शुक्रवार भाग्यशाली रत्नः तांबे की धातु में लगाकर पहनना मंगलवार के दिन अनामिका अंगुली में धारण करना 3434/4: मंगलवार को उपवास रखना माणिक्य व हीरा भी भाग्यशाली रत्न हो सकते हैं मेष राशि के जातर्कों को अपने भाग्यशाली दिन और रत्न का उपयोग करके अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देना चाहिए। मेष राशि के जातकों के भाग्यशाली दिन और रत्न भाग्यशाली दिनः मंगलवार गुरुवार रविवार अशुभ दिनः शुक्रवार भाग्यशाली रत्नः तांबे की धातु में लगाकर पहनना मंगलवार के दिन अनामिका अंगुली में धारण करना 3434/4: मंगलवार को उपवास रखना माणिक्य व हीरा भी भाग्यशाली रत्न हो सकते हैं मेष राशि के जातर्कों को अपने भाग्यशाली दिन और रत्न का उपयोग करके अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देना चाहिए। - ShareChat
#🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️सितारों की चाल🌠 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी
🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 - मेष राशि के जातकों के भाग्यशाली अंक और रंग भाग्यशाली अंकः 9 গঁব্ধ ক্রী পূঁতলা: 9, 18, 27, 36, 45, 54, 63, 72... भाग्यशाली रंगः लाल सफद 344: जेब में हमेशा लाल रूमाल रखना लाल और सफेद रंग के वस्त्र पहनना मानसिक शांति के लिए इन रंगों का उपयोग करना मेष राशि के जातकों को अपने भाग्यशाली अंक और रंग का उपयोग करके अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देना चाहिए। मेष राशि के जातकों के भाग्यशाली अंक और रंग भाग्यशाली अंकः 9 গঁব্ধ ক্রী পূঁতলা: 9, 18, 27, 36, 45, 54, 63, 72... भाग्यशाली रंगः लाल सफद 344: जेब में हमेशा लाल रूमाल रखना लाल और सफेद रंग के वस्त्र पहनना मानसिक शांति के लिए इन रंगों का उपयोग करना मेष राशि के जातकों को अपने भाग्यशाली अंक और रंग का उपयोग करके अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देना चाहिए। - ShareChat
#💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️सितारों की चाल🌠 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔
💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी - मेष राशि के जातरकों का स्वास्थ्य मेष राशि के जातक स्वस्थ शरीर के स्वामी होते हैं, लेकिन 5ச` स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता स्वास्थ्य समस्याएंः फोड़े-फुंसी , जलना कटना आदि मानसिक अशांति नेत्र से जुड़ी समस्या सिरदर्द ऑपरेशन का योग रक्त की अशुद्धि स्वास्थ्य के लिए उपायः प्रातःकाल भ्रमण करना चीजों का सेवन नहीं करना गरम शुद्धि के लिए प्रातःकाल उठते ही पानी , दोपहर में रक्त रात्रि में दूध पीना  316 7 आराम की काफ़ी जरूरत रहती है লিৎ तनाव और मानसिक अशांति से बचने के योग और मेडिटेशन करना मेष राशि के जातरकों को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए और नियमित जांच करवाते रहना चाहिए। मेष राशि के जातरकों का स्वास्थ्य मेष राशि के जातक स्वस्थ शरीर के स्वामी होते हैं, लेकिन 5ச` स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता स्वास्थ्य समस्याएंः फोड़े-फुंसी , जलना कटना आदि मानसिक अशांति नेत्र से जुड़ी समस्या सिरदर्द ऑपरेशन का योग रक्त की अशुद्धि स्वास्थ्य के लिए उपायः प्रातःकाल भ्रमण करना चीजों का सेवन नहीं करना गरम शुद्धि के लिए प्रातःकाल उठते ही पानी , दोपहर में रक्त रात्रि में दूध पीना  316 7 आराम की काफ़ी जरूरत रहती है লিৎ तनाव और मानसिक अशांति से बचने के योग और मेडिटेशन करना मेष राशि के जातरकों को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए और नियमित जांच करवाते रहना चाहिए। - ShareChat