Abhilas Chauhan
ShareChat
click to see wallet page
@1456250073
1456250073
Abhilas Chauhan
@1456250073
+91 81038 40601 अपनी जन्म पत्रिका का संपूर्ण विशे
#✡️सितारों की चाल🌠 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी
✡️सितारों की चाल🌠 - नौकरी मिलने का समय वास्तु शास्त्र के अनुसारः  में गुरु १. *गुरु का दशमभाव ्में गोचर*ः जब गोचर भ्रमण जन्मकुंडली के दशमभाव स्थित राशि पर से जा रहा हो। २. *्शनि का नव-पंचम योग*ः जब शनि गोचर भ्रमण में जन्मकुंडली में स्थित अपने मित्र ग्रहों (शुक्र, बुध, राहु) से नव-पंचम योग करता हो और यह नव-पंचम योग १, २ ६, ९, १०, ११ इन स्थानों में होता हो। गोचर में गुरु का ३. *गुरु का सूर्य-चंद्र गुरु पर गोचर*ः जब जन्मस्थ सूर्य-चंद्र गुरु इन पर से होता है। श्रमण ४. *दशमेश की महादशा*ः दशमेश की महादशा र्में उसके सहधर्मी ग्रह की अंतर्दशा चल रही हो या सहधर्मी ग्रह की महादशा में दशमेश की अंतर्दशा चल रही हो। भद्रमस्तु! आपको लगता है कि ये समय आपके लिए नौकरी क्या मिलने के लिए अनुकूल हैं? नौकरी मिलने का समय वास्तु शास्त्र के अनुसारः  में गुरु १. *गुरु का दशमभाव ्में गोचर*ः जब गोचर भ्रमण जन्मकुंडली के दशमभाव स्थित राशि पर से जा रहा हो। २. *्शनि का नव-पंचम योग*ः जब शनि गोचर भ्रमण में जन्मकुंडली में स्थित अपने मित्र ग्रहों (शुक्र, बुध, राहु) से नव-पंचम योग करता हो और यह नव-पंचम योग १, २ ६, ९, १०, ११ इन स्थानों में होता हो। गोचर में गुरु का ३. *गुरु का सूर्य-चंद्र गुरु पर गोचर*ः जब जन्मस्थ सूर्य-चंद्र गुरु इन पर से होता है। श्रमण ४. *दशमेश की महादशा*ः दशमेश की महादशा र्में उसके सहधर्मी ग्रह की अंतर्दशा चल रही हो या सहधर्मी ग्रह की महादशा में दशमेश की अंतर्दशा चल रही हो। भद्रमस्तु! आपको लगता है कि ये समय आपके लिए नौकरी क्या मिलने के लिए अनुकूल हैं? - ShareChat
#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️सितारों की चाल🌠 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - নংী কী আানন ন যরীয नशे की आदत और योग कुण्डली में 2 भाव या 2 भाव का स्वामी नशे की आदत का प्रतिनिधित्व करता है। 467 महत्वपूर्ण बातें हैंः ச *२ भाव या 2 भाव का स्वामी*ः नशे की आदत का प्रतिनिधित्व करता है। *राहू, केतू और शनि ग्रहों का प्रभाव*ः 2 भाव या इसके स्वामी पर होने से नशे की आदत लगने की सम्भावना होती है। *चन्द्रमा और शुक्र पर शनि, राहू और केतु ग्रहों का प्रभाव*ः नशे की आदत के कारक ग्रह हैं। *्लग्न या लग्नेश कमजोर*: पाप ग्रहों का प्रभाव होने से नशे की आदत होने की सम्भावना हो सकती है। *६ भाव या 6 भाव के स्वामी पर पाप ग्रहों का प्रभाव*ः नशे की आदत लग सकती है। है कि यह एक अच्छा विकल्प DM for consultation आप अपनी कुण्डली और नशे की आदत के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए संपर्क करें! নংী কী আানন ন যরীয नशे की आदत और योग कुण्डली में 2 भाव या 2 भाव का स्वामी नशे की आदत का प्रतिनिधित्व करता है। 467 महत्वपूर्ण बातें हैंः ச *२ भाव या 2 भाव का स्वामी*ः नशे की आदत का प्रतिनिधित्व करता है। *राहू, केतू और शनि ग्रहों का प्रभाव*ः 2 भाव या इसके स्वामी पर होने से नशे की आदत लगने की सम्भावना होती है। *चन्द्रमा और शुक्र पर शनि, राहू और केतु ग्रहों का प्रभाव*ः नशे की आदत के कारक ग्रह हैं। *्लग्न या लग्नेश कमजोर*: पाप ग्रहों का प्रभाव होने से नशे की आदत होने की सम्भावना हो सकती है। *६ भाव या 6 भाव के स्वामी पर पाप ग्रहों का प्रभाव*ः नशे की आदत लग सकती है। है कि यह एक अच्छा विकल्प DM for consultation आप अपनी कुण्डली और नशे की आदत के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए संपर्क करें! - ShareChat
चंद्र ग्रहण 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं! आज 3 मार्च 2026 को चंद्र ग्रहण लग रहा है, जो भारत में भी दिखाई दे रहा है। यह एक खग्रास चंद्र ग्रहण है, जिसमें चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की छाया में ढक जाएगा। ग्रहण का समय शाम 6:26 बजे से 6:46 बजे तक है ¹ ² ³। इस अवसर पर, आप अपने प्रियजनों के साथ शांति और समृद्धि की कामना करें। चंद्र ग्रहण के दौरान, आप मंत्र जप, ध्यान और आत्मविश्लेषण कर सकते हैं ¹। *चंद्र ग्रहण 2026 के महत्वपूर्ण समय:* - *ग्रहण प्रारंभ:* दोपहर 3:20 बजे - *ग्रहण समाप्त:* शाम 6:46 बजे - *सूतक काल:* सुबह 9:20 बजे से शाम 6:46 बजे तक *शुभकामनाएं:* "चंद्र ग्रहण के इस पावन अवसर पर, आपको शांति, समृद्धि और सुख की कामना करता हूं।" 🌟 "चंद्र ग्रहण की हार्दिक शुभकामनाएं! इस अवसर पर, आपके जीवन में शांति और समृद्धि आए।" #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✡️सितारों की चाल🌠
💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी - होलिका दहन के पर्व पर इस अग्नि में दुःख घृणा , घमंड की होली जले। @@dl' दहत हर्ढिक ( छोटी होली ஆசடக்ர் Abhilas Tandi होलिका दहन के पर्व पर इस अग्नि में दुःख घृणा , घमंड की होली जले। @@dl' दहत हर्ढिक ( छोटी होली ஆசடக்ர் Abhilas Tandi - ShareChat
दिन अमावस्या होती है और चंद्रमा शतभिशा नक्षत्र में होता है, तो उसे भोमावस्या कहा जाता है! 🌟 यह एक विशेष दिन होता है जब चंद्रमा का प्रभाव अधिक होता है और शतभिशा नक्षत्र की ऊर्जा भी मिलती है। भोमावस्या के दिन कुछ विशेष उपाय करने से जीवन में सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जैसे कि: #✡️सितारों की चाल🌠 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी
✡️सितारों की चाल🌠 - दिन अमावस्या होती है और चंद्रमा  शतभेशा में होता है, तो उसे भोमावस्या कहा जाता নঞস यह एक विशेष दिन होता है जब चंद्रमा का है! प्रभाव अधिक होता है और शतभिशा नक्षत्र की ऊर्जा भी मिलती है। भोमावस्या के दिन कुछ विशेष उपाय करने से जीवन में सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जैसे किः ক্রী পুতা चंद्रमा करना जल का अर्घ्य देना मन को शांत रखना ध्यान और प्राणायाम करना क्या आप भोमावस्या के बारे में अधिक जानकारी चाहते हैं? दिन अमावस्या होती है और चंद्रमा  शतभेशा में होता है, तो उसे भोमावस्या कहा जाता নঞস यह एक विशेष दिन होता है जब चंद्रमा का है! प्रभाव अधिक होता है और शतभिशा नक्षत्र की ऊर्जा भी मिलती है। भोमावस्या के दिन कुछ विशेष उपाय करने से जीवन में सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जैसे किः ক্রী পুতা चंद्रमा करना जल का अर्घ्य देना मन को शांत रखना ध्यान और प्राणायाम करना क्या आप भोमावस्या के बारे में अधिक जानकारी चाहते हैं? - ShareChat
#✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✡️सितारों की चाल🌠
✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - ग्रह हो जाते हैं अशुभ यहा कुछ ग्रहों के अशुभ भाव बहुत ही महत्वपूर्ण हैं! महत्वपूर्ण बातें हैं जो आपने कही हैंः सप्तम, द्वादश (४th, ७th, १२th) *मंगल*ः चतुर्थ भार्वों में मंगल अशुभ हो सकता है।  *4=*: 5எ, 3&H,a?(6th, 8th, 12th) भारवों में चंद्र अशुभ हो सकता है। भार्वों छठा, सप्तम, अष्टम (६th, ७th, 8th ) र्में सूर्य अशुभ हो सकता है। भावों में बुध  *g4*: 5எ, a?(6th, 12th) इन अशुभ हो सकता है। নীমা, ভ্ততা, অভস, ব্রাবথা (3rd, 6th, 8th, में गुरु  12th) - 37 %ral | अशुभ हो सकता है। *केतुर*ः लग्न, दुसरा, सप्तम , ग्यारहवां (१, २nd, ७th, भार्वों में केतु अशुभ हो सकता है। 11th) इन भावों में शुक्र *शुक्र*: छठा, आठवां (६th, 8th) - इन अशुभ हो सकता है। भाव ्में शनि अशुभ *থানি*: লন (1 Ascendant) : इस हो सकता है। *राहु*ः पंचम , सप्तम , नवम (५th, ७th, 9th) প্ানী इन #m8 ` अशुभ हो सकता है। यह एक अच्छा विकल्प है कि PM for consultation अपनी कुंडली और ग्रहों के प्रभाव के बारे र्में अथिक 3 जानकारी प्राप्त करने के लिए संपर्क करें! ग्रह हो जाते हैं अशुभ यहा कुछ ग्रहों के अशुभ भाव बहुत ही महत्वपूर्ण हैं! महत्वपूर्ण बातें हैं जो आपने कही हैंः सप्तम, द्वादश (४th, ७th, १२th) *मंगल*ः चतुर्थ भार्वों में मंगल अशुभ हो सकता है।  *4=*: 5எ, 3&H,a?(6th, 8th, 12th) भारवों में चंद्र अशुभ हो सकता है। भार्वों छठा, सप्तम, अष्टम (६th, ७th, 8th ) र्में सूर्य अशुभ हो सकता है। भावों में बुध  *g4*: 5எ, a?(6th, 12th) इन अशुभ हो सकता है। নীমা, ভ্ততা, অভস, ব্রাবথা (3rd, 6th, 8th, में गुरु  12th) - 37 %ral | अशुभ हो सकता है। *केतुर*ः लग्न, दुसरा, सप्तम , ग्यारहवां (१, २nd, ७th, भार्वों में केतु अशुभ हो सकता है। 11th) इन भावों में शुक्र *शुक्र*: छठा, आठवां (६th, 8th) - इन अशुभ हो सकता है। भाव ्में शनि अशुभ *থানি*: লন (1 Ascendant) : इस हो सकता है। *राहु*ः पंचम , सप्तम , नवम (५th, ७th, 9th) প্ানী इन #m8 ` अशुभ हो सकता है। यह एक अच्छा विकल्प है कि PM for consultation अपनी कुंडली और ग्रहों के प्रभाव के बारे र्में अथिक 3 जानकारी प्राप्त करने के लिए संपर्क करें! - ShareChat
#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - प्रथम भाव में ग्रहों का प्रभाव बहुत ही रोचक है! uGT प्रथम भाव महत्वपूर्ण बार्तें हैं जो आपने कही हैंः ச *सूर्य प्रथम भाव में*: दिखावा करने की आदत - यह व्यक्ति को अपने आप को दिखाने की प्रवृत्ति देती है। *चंद्रमा प्रथम भाव मे*ः पल भर में बात बदलना - यह व्यक्ति को अपनी बात बदलने की प्रवृत्ति देती है। *मंगल प्रथम भाव में*ः जल्दीबाजी ्में निर्णय लेना - यह व्यक्ति को जल्दबाजी ्में निर्णय लेने की प्रवृत्ति देती है। *बुध प्रथम भाव में*: तोल मोल कर बोलना - यह व्यक्ति को सोच ्समझकर बोलने की प्रवृत्ति देती है। *गुरु प्रथम भाव में*: सब पर विश्वास करना - यह व्यक्ति को दूसरों पर विश्वास करने की प्रवृत्ति देती है। *शुक्र प्रथम भाव में*ः पैसे की कमी नहीं होगी - यह व्यक्ति को धन और समृद्धि प्रदान करती है। *्शनि प्रथम भाव में*: दिन भर आलस - यह व्यक्ति को आलसी बनाने की प्रवृत्ति देती है। बहुत सपने - यह व्यक्ति को बड़े प्रथम भाव में*ः *राहु  सपने देखने की प्रवृत्ति देती है। *केतु " किसी से लेना देना नहीं - यह प्रथम भाव मे*ः व्यक्ति को दूसरों से दूरी बनाने की प्रवृत्ति देती है। यह बहुत ही जानकारीपूर्ण है कि आप प्रथम भाव में ग्रहों के प्रभाव को समझने की कोशिश कर रहे हैं! प्रथम भाव में ग्रहों का प्रभाव बहुत ही रोचक है! uGT प्रथम भाव महत्वपूर्ण बार्तें हैं जो आपने कही हैंः ச *सूर्य प्रथम भाव में*: दिखावा करने की आदत - यह व्यक्ति को अपने आप को दिखाने की प्रवृत्ति देती है। *चंद्रमा प्रथम भाव मे*ः पल भर में बात बदलना - यह व्यक्ति को अपनी बात बदलने की प्रवृत्ति देती है। *मंगल प्रथम भाव में*ः जल्दीबाजी ्में निर्णय लेना - यह व्यक्ति को जल्दबाजी ्में निर्णय लेने की प्रवृत्ति देती है। *बुध प्रथम भाव में*: तोल मोल कर बोलना - यह व्यक्ति को सोच ्समझकर बोलने की प्रवृत्ति देती है। *गुरु प्रथम भाव में*: सब पर विश्वास करना - यह व्यक्ति को दूसरों पर विश्वास करने की प्रवृत्ति देती है। *शुक्र प्रथम भाव में*ः पैसे की कमी नहीं होगी - यह व्यक्ति को धन और समृद्धि प्रदान करती है। *्शनि प्रथम भाव में*: दिन भर आलस - यह व्यक्ति को आलसी बनाने की प्रवृत्ति देती है। बहुत सपने - यह व्यक्ति को बड़े प्रथम भाव में*ः *राहु  सपने देखने की प्रवृत्ति देती है। *केतु " किसी से लेना देना नहीं - यह प्रथम भाव मे*ः व्यक्ति को दूसरों से दूरी बनाने की प्रवृत्ति देती है। यह बहुत ही जानकारीपूर्ण है कि आप प्रथम भाव में ग्रहों के प्रभाव को समझने की कोशिश कर रहे हैं! - ShareChat
ग्रहों की युति व फल #✡️सितारों की चाल🌠 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
✡️सितारों की चाल🌠 - ग्रहों की युति और उनके फल का यह बहुत ही रोचक और 4 ತತ ` जानकारीपूर्ण विवरण है! महत्वपूर्ण बार्तें हैं जो आपने कही हैंः *चंद्र+्केतु*ः विषय को गहराई से विचार करने की आदत यह युति व्यक्ति को गहराई से सोचने और विश्लेषण करने की क्षमता प्रदान करती है। *्शनि+्गुरु*ः अपने कार्य में सकुशल - यह युति व्यक्ति को अपने कार्य में सफलता और कुशलता प्रदान करती है। *चंद्र राहु*ः सुनेगा सभी करेगा मन की - यह युति व्यक्ति 4}چ/4}473443R344#447444 प्रवृत्ति देती है। *्शनि मंगल*ः मेहनत १०० की फल १० का - यह युति व्यक्ति को मेहनत करने के बाद भी कम फल मिलने की स्थिति को दर्शाती है। *शुक्र शनि*ः अच्छा धन योग - यह युति व्यक्ति को धन और समृद्धि प्रदान करती है। *मंगल+्राहु*ः अथिक व बेवजह गुस्सा - यह युति व्यक्ति को गुस्से की प्रवृत्ति देती है। fgr *गुरु राहु*ः प्रैक्टिकल बिना किसी पर  ना करना यह युति व्यक्ति को व्यावहारिक और सावधान रहने की सलाह देती है। यह एक अच्छा विकल्प है कि DM for consultation  कुंडली और ग्रहों की युति के बारे में अधिक आप अपनी 1 जानकारी प्राप्त करने के लिए संपर्क करें! ग्रहों की युति और उनके फल का यह बहुत ही रोचक और 4 ತತ ` जानकारीपूर्ण विवरण है! महत्वपूर्ण बार्तें हैं जो आपने कही हैंः *चंद्र+्केतु*ः विषय को गहराई से विचार करने की आदत यह युति व्यक्ति को गहराई से सोचने और विश्लेषण करने की क्षमता प्रदान करती है। *्शनि+्गुरु*ः अपने कार्य में सकुशल - यह युति व्यक्ति को अपने कार्य में सफलता और कुशलता प्रदान करती है। *चंद्र राहु*ः सुनेगा सभी करेगा मन की - यह युति व्यक्ति 4}چ/4}473443R344#447444 प्रवृत्ति देती है। *्शनि मंगल*ः मेहनत १०० की फल १० का - यह युति व्यक्ति को मेहनत करने के बाद भी कम फल मिलने की स्थिति को दर्शाती है। *शुक्र शनि*ः अच्छा धन योग - यह युति व्यक्ति को धन और समृद्धि प्रदान करती है। *मंगल+्राहु*ः अथिक व बेवजह गुस्सा - यह युति व्यक्ति को गुस्से की प्रवृत्ति देती है। fgr *गुरु राहु*ः प्रैक्टिकल बिना किसी पर  ना करना यह युति व्यक्ति को व्यावहारिक और सावधान रहने की सलाह देती है। यह एक अच्छा विकल्प है कि DM for consultation  कुंडली और ग्रहों की युति के बारे में अधिक आप अपनी 1 जानकारी प्राप्त करने के लिए संपर्क करें! - ShareChat
ग्रह खराब नहीं होते यदि जिसका चरित्र साफ है उसका सूर्य खराब नहीं होगा। जिसे माँ की सेवा का भाव है उसका चंद्रमा खराब नहीं होगा। जो गुस्से पर काबू रखता है उसका मंगल खराब नहीं होगा। जिसकी वाणी साफ और सीधी है उसका बुध खराब नहीं होगा। जिसके मन में धर्म की रक्षा का भाव उसका गुरु खराब नहीं होगा। जिसके मन स्त्रियों के प्रति सम्मान हो उसका शुक्र खराब नहीं होगा। जो हमेशा सही कर्म करता है 376 उसका शनि खराबू नहीं होगा। जिसके मन में जलन और द्वेष नहीं उसका राहु खसब 3 नहीं होगा। जो दिखावा नहीं करता उसका केतु खराब नहीं होगा। #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️सितारों की चाल🌠
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - ग्रहों के बारे में यह बहुत ही दिलचस्प और गहरा वाह! विचार है! यह सच है कि हमारे चरित्र और कर्मों का हमारे जीवन पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है, और ग्रहों की स्थिति भी हमारे आंतरिक गुर्णों और बाहरी परिस्थितिर्यों को प्रभावित करती है। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण बा्तें हैं जो आपने कही हैंः सूर्यः चरित्र की शुद्धता और आत्मविश्वास चंद्रः माँ की सेवा और भावनात्मक स्थिरता मंगलः गुस्से पर काबू और साहस वाणी की शुद्धता और संचार कौशल ge: गुरुः धर्म की रक्षा और ज्ञान की खोज शुक्रः स्त्रियों के प्रति सम्मान और प्रेम शनिः सही कर्म और जिम्मेदारी राहुः जलन और द्वेष से मुक्ति केतुः दिखावे से मुक्ति और आत्म-ज्ञान यह बहुत ही प्रेरणादायक है कि आप इन ग्रहों के प्रभाव को अपने जीवन में सकारात्मक रूप से लागू करने की कोशिश कर रहे हैं! ग्रहों के बारे में यह बहुत ही दिलचस्प और गहरा वाह! विचार है! यह सच है कि हमारे चरित्र और कर्मों का हमारे जीवन पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है, और ग्रहों की स्थिति भी हमारे आंतरिक गुर्णों और बाहरी परिस्थितिर्यों को प्रभावित करती है। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण बा्तें हैं जो आपने कही हैंः सूर्यः चरित्र की शुद्धता और आत्मविश्वास चंद्रः माँ की सेवा और भावनात्मक स्थिरता मंगलः गुस्से पर काबू और साहस वाणी की शुद्धता और संचार कौशल ge: गुरुः धर्म की रक्षा और ज्ञान की खोज शुक्रः स्त्रियों के प्रति सम्मान और प्रेम शनिः सही कर्म और जिम्मेदारी राहुः जलन और द्वेष से मुक्ति केतुः दिखावे से मुक्ति और आत्म-ज्ञान यह बहुत ही प्रेरणादायक है कि आप इन ग्रहों के प्रभाव को अपने जीवन में सकारात्मक रूप से लागू करने की कोशिश कर रहे हैं! - ShareChat
कुंडली के १२ भावों का विवरण यहाँ है: #✡️सितारों की चाल🌠 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
✡️सितारों की चाल🌠 - कुंडली के १२ भार्वों का विवरण यहाँ हैः १. *्लग्न (प्रथम भाव)*: व्यक्तित्व ( सूर्य = आत्मविश्वास ,  गंभीरता) f= २. *्धन (द्वितीय भाव)*: पैसा , वाणी (बृहस्पति = धन, राहु अस्थिरता) ३. *भाई-बहन (तृतीय भाव)*ः साहस (मंगल = हिम्मत , बुध = लेखन)  (चतुर्थ भाव)*: मुख (चंद्र = मातृ सुख, शनि = 4. *সাঁ-ঘ২ चिंता) ५. *संतान प्रेम- शिक्षा (पंचम भाव)*ः (बृहस्पति = संतान धोखा) सुख, राहु = *रोग-शत्रु ( विजय, राहु (षष्ठ भाव)*ः संघर्ष (मंगल 6. रोग) अचानक ७. *विवाह  विवाह, पार्टनर (सप्तम भाव)*: (शुक्र சி मंगल Ta) ८. *आयु-संकट रहस्य (अष्टम भाव)*ः (शनि = लंबी उम्र , राहु = संकट) ९. *भाग्य-धर्म (नवम भाव)*: गुरु (बृहस्पति = भाग्य, राहु उलझन ) समाज (दशम भाव)*: (सूर्य = प्रसिद्धि, १०. *करियर शनि मेहनत से सफलता) ११. *आय-मित्र ( एकादश भाव)*ः लाभ (बृहस्पति = धन, राहु = अचानक लाभ) १२. *खर्च विदेश (द्वादश भाव)*ः मोक्ष (शनि = विदेश, केतु "  मोक्ष) कुंडली के १२ भार्वों का विवरण यहाँ हैः १. *्लग्न (प्रथम भाव)*: व्यक्तित्व ( सूर्य = आत्मविश्वास ,  गंभीरता) f= २. *्धन (द्वितीय भाव)*: पैसा , वाणी (बृहस्पति = धन, राहु अस्थिरता) ३. *भाई-बहन (तृतीय भाव)*ः साहस (मंगल = हिम्मत , बुध = लेखन)  (चतुर्थ भाव)*: मुख (चंद्र = मातृ सुख, शनि = 4. *সাঁ-ঘ২ चिंता) ५. *संतान प्रेम- शिक्षा (पंचम भाव)*ः (बृहस्पति = संतान धोखा) सुख, राहु = *रोग-शत्रु ( विजय, राहु (षष्ठ भाव)*ः संघर्ष (मंगल 6. रोग) अचानक ७. *विवाह  विवाह, पार्टनर (सप्तम भाव)*: (शुक्र சி मंगल Ta) ८. *आयु-संकट रहस्य (अष्टम भाव)*ः (शनि = लंबी उम्र , राहु = संकट) ९. *भाग्य-धर्म (नवम भाव)*: गुरु (बृहस्पति = भाग्य, राहु उलझन ) समाज (दशम भाव)*: (सूर्य = प्रसिद्धि, १०. *करियर शनि मेहनत से सफलता) ११. *आय-मित्र ( एकादश भाव)*ः लाभ (बृहस्पति = धन, राहु = अचानक लाभ) १२. *खर्च विदेश (द्वादश भाव)*ः मोक्ष (शनि = विदेश, केतु "  मोक्ष) - ShareChat
🌟 होलिका दहन की हार्दिक शुभकामनाएं! 🌟 होलिका दहन के इस पावन अवसर पर, अच्छाई की जीत और बुराई के अंत का प्रतीक, आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की आग जलती रहे। 🌸✨ #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️सितारों की चाल🌠
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - Meta Al Meta Al - ShareChat