Abhilas Chauhan
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+91 81038 40601 अपनी जन्म पत्रिका का संपूर्ण विशे
#💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी - कुंडली के प्रकार लग्नकुण्डली को ही सभी लोग कुण्डली साधारणतया समझते हैं, लेकिन कुल मिलाकर १६ कुण्डलियाँ होती हैं जिन्हें षोडशवर्ग कहा जाता है। इन षोडशवर्गों के नाम और उनसे विचारणीय विषय निम्नलिखित हैंः १. *लग्न*ः शरीर एवं जीवन सम्बन्धी शुभ अशुभ का विचार २. *होरा*: धन संपति का विचार ३. *द्रेष्काण*: भाई-बहन का विचार *चतुर्थांश*ः भाग्य का विचार 4. पुत्र पौत्रादि का विचार ५. *सप्तमांश*ः ६. *्नवमांशरः स्त्री का विचार, ग्रहों के बलाबल का विचार ७. *दशमांश*ः बड़े कार्यों का विचार *द्वादशांश*ः माता पिता का विचार 8 ९. *षोडशांश*: वाहन के सुख दुःख का विचार १०. *विशांश*: उपासना का विचार *चतुर्विशांश*ः विद्या का विचार 11. १२. *सप्तविशांशर: बलाबल का विचार 13. *frer*: eRe &farrr] १४. *खवेदांश*ः शुभ अशुभ का विचार १५. *अक्षवेदांश*ः सब कुछ का विचार १६. *षष्ठ्यंश*ः सब कुछ का विचार इन कुण्डलियों च का अध्ययन करके आप अपने जीवन के पहलुओं को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। विभिन्न कुंडली के प्रकार लग्नकुण्डली को ही सभी लोग कुण्डली साधारणतया समझते हैं, लेकिन कुल मिलाकर १६ कुण्डलियाँ होती हैं जिन्हें षोडशवर्ग कहा जाता है। इन षोडशवर्गों के नाम और उनसे विचारणीय विषय निम्नलिखित हैंः १. *लग्न*ः शरीर एवं जीवन सम्बन्धी शुभ अशुभ का विचार २. *होरा*: धन संपति का विचार ३. *द्रेष्काण*: भाई-बहन का विचार *चतुर्थांश*ः भाग्य का विचार 4. पुत्र पौत्रादि का विचार ५. *सप्तमांश*ः ६. *्नवमांशरः स्त्री का विचार, ग्रहों के बलाबल का विचार ७. *दशमांश*ः बड़े कार्यों का विचार *द्वादशांश*ः माता पिता का विचार 8 ९. *षोडशांश*: वाहन के सुख दुःख का विचार १०. *विशांश*: उपासना का विचार *चतुर्विशांश*ः विद्या का विचार 11. १२. *सप्तविशांशर: बलाबल का विचार 13. *frer*: eRe &farrr] १४. *खवेदांश*ः शुभ अशुभ का विचार १५. *अक्षवेदांश*ः सब कुछ का विचार १६. *षष्ठ्यंश*ः सब कुछ का विचार इन कुण्डलियों च का अध्ययन करके आप अपने जीवन के पहलुओं को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। विभिन्न - ShareChat
राहु ग्रह के विशेष सूत्र 🌸 राहु ग्रह के कुछ विशेष सूत्र जो आपकी जन्म कुंडली में भाग्य और जीवन को प्रभावित कर सकते हैं: 1. *राहु नवम में हो और नवमेश बलवान हो*: अगर राहु नवम भाव में है और नवमेश बलवान है, खासकर बुध हो, तो जातक का अचानक भाग्य चमक सकता है। 2. *राहु धन भाव, पंचम या लाभ भाव में हो*: अगर राहु धन भाव, पंचम या लाभ भाव में है, तो लॉटरी, सट्टा, शेयर बाजार में शुभ फल दे सकता है, अगर बुध से युत हो या भावेश बलवान हो। 3. *राहु शनि की युति*: राहु और शनि की युति धन हानि कर सकती है, जिन भावों को राहु देखेगा, उसकी हानि होगी। 4. *सूर्य मंगल केतु की युति*: सूर्य, मंगल, और केतु की युति आग लगने की संभावना को बढ़ाती है। 5. *केतु और शुभ ग्रह की युति*: केतु और शुभ ग्रह की युति लाभदायक होती है, जैसे शुक्र और केतु की युति। 6. *केतु और योगकारक ग्रह*: केतु अगर योगकारक ग्रह के साथ है, तो अचानक लॉटरी से धन लाभ हो सकता है। 7. *षष्ठेश और राहु का प्रभाव*: जिन भावों पर षष्ठेश और राहु का प्रभाव साथ में पड़ता है, वह वस्तु मलेच्छ हो जाती है। इन सूत्रों को समझकर आप अपनी जन्म कुंडली में राहु ग्रह के प्रभाव को बेहतर बना सकते हैं। 😊 #✡️सितारों की चाल🌠 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी
✡️सितारों की चाल🌠 - eta eta - ShareChat
#✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️सितारों की चाल🌠
✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - भाग्य का खेल किसी का अच्छा या खराब नहीं होता , यह हमारी भाग्य सोच और कार्यो पर निर्भर करता है। अगर भाग्य खराब होता, तो हमारे कुंडली में भाग्य भाव अर्थात नवम भाव नहीं होता। हमारे भाग्य , धर्म , और अध्यात्म का प्रतिनिधित्व नवम भाव करता है। अगर आपका नवम भाव खराब दिख रहा है, तो आपको उसे मजबूत करने के लिए कुछ उपाय करने होँगे।  को मजबूत करने के कुछ उपायः* *नवम भाव १. *्धर्म और अध्यात्म की ओर बढ़ें*: अपने धर्म और को मजबूत करने के लिए पूजा पाठ, जप, और अध्यात्म ध्यान करें। २. *गुरु का सम्मान करें*: अपने गुरु और बर्ड़ों का सम्मान कर्रें, उनकी सलाह लें और उनके बताए मार्ग पर चर्ले। ३. *सकारात्मक सोच र्खे*: सकारात्मक सोच र्खें और अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित कर्रे। #ಹಗ' कररे*ः अपने काम में मेहनत और लगन से जुटे रहें, कभी हार न मार्ने। ५. *सेवा करे*: अपने परिवार और समाज की सेवा कर्रे, इससे आपका नवम भाव मजबूत होगा। *नवम भाव के स्वामी की स्थिति को समर्झें*ः अगर नवम भाव का स्वामी मजबूत है, तो आपका भाग्य अच्छा होगा| अगर नवम भाव का स्वामी कमजोर है॰ तो आपको उसे मजबूत करने के लिए उपाय करने होँगे। याद र्खें, भाग्य हमारे हाथ में नहीं है, लेकिन हम अपने कार्यो से अपने भाग्य को बदल सकते हैं! भाग्य का खेल किसी का अच्छा या खराब नहीं होता , यह हमारी भाग्य सोच और कार्यो पर निर्भर करता है। अगर भाग्य खराब होता, तो हमारे कुंडली में भाग्य भाव अर्थात नवम भाव नहीं होता। हमारे भाग्य , धर्म , और अध्यात्म का प्रतिनिधित्व नवम भाव करता है। अगर आपका नवम भाव खराब दिख रहा है, तो आपको उसे मजबूत करने के लिए कुछ उपाय करने होँगे।  को मजबूत करने के कुछ उपायः* *नवम भाव १. *्धर्म और अध्यात्म की ओर बढ़ें*: अपने धर्म और को मजबूत करने के लिए पूजा पाठ, जप, और अध्यात्म ध्यान करें। २. *गुरु का सम्मान करें*: अपने गुरु और बर्ड़ों का सम्मान कर्रें, उनकी सलाह लें और उनके बताए मार्ग पर चर्ले। ३. *सकारात्मक सोच र्खे*: सकारात्मक सोच र्खें और अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित कर्रे। #ಹಗ' कररे*ः अपने काम में मेहनत और लगन से जुटे रहें, कभी हार न मार्ने। ५. *सेवा करे*: अपने परिवार और समाज की सेवा कर्रे, इससे आपका नवम भाव मजबूत होगा। *नवम भाव के स्वामी की स्थिति को समर्झें*ः अगर नवम भाव का स्वामी मजबूत है, तो आपका भाग्य अच्छा होगा| अगर नवम भाव का स्वामी कमजोर है॰ तो आपको उसे मजबूत करने के लिए उपाय करने होँगे। याद र्खें, भाग्य हमारे हाथ में नहीं है, लेकिन हम अपने कार्यो से अपने भाग्य को बदल सकते हैं! - ShareChat
#✡️सितारों की चाल🌠 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
✡️सितारों की चाल🌠 - भाग्य का खेल भाग्य किसी का अच्छा या खराब नहीं होता, यह हमारी सोच और कार्यों पर निर्भर करता है। अगर भाग्य खराब होता , तो हमारे कुंडली में भाग्य भाव अर्थात नवम भाव नहीं होता। लिए कुछ *ैभाग्य को अच्छा करने के टिप्स:* को मजबूत करने के लिए धर्म और अपने नवम भाव अध्यात्म की ओर बढ़ें अपने गुरु और बड़ों का सम्मान करें अपने काम में मेहनत और लगन से जुटे रहें सोच रखें और अपने ल्क्ष्यों पर ध्यान केंद्रित HARIA ಫ अपने परिवार और समाज की सेवा करें करने के कुछ उपायः* *्नवम भाव को मजबूत गुरुवार के दिन पीले वस्त्र पहर्नें और गुरु की पूजा करें नवम भाव के स्वामी की स्थिति को समझें और उसके अनुसार उपाय करें अपने जीवन में धर्म और अध्यात्म को शामिल करें अपने ल्क्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मेहनत कररें और कभी हार न मार्नें याद रखें, भाग्य हमारे हाथ में नहीं है, लेकिन हम अपने कार्यों से अपने भाग्य को बदल सकते हैं! भाग्य का खेल भाग्य किसी का अच्छा या खराब नहीं होता, यह हमारी सोच और कार्यों पर निर्भर करता है। अगर भाग्य खराब होता , तो हमारे कुंडली में भाग्य भाव अर्थात नवम भाव नहीं होता। लिए कुछ *ैभाग्य को अच्छा करने के टिप्स:* को मजबूत करने के लिए धर्म और अपने नवम भाव अध्यात्म की ओर बढ़ें अपने गुरु और बड़ों का सम्मान करें अपने काम में मेहनत और लगन से जुटे रहें सोच रखें और अपने ल्क्ष्यों पर ध्यान केंद्रित HARIA ಫ अपने परिवार और समाज की सेवा करें करने के कुछ उपायः* *्नवम भाव को मजबूत गुरुवार के दिन पीले वस्त्र पहर्नें और गुरु की पूजा करें नवम भाव के स्वामी की स्थिति को समझें और उसके अनुसार उपाय करें अपने जीवन में धर्म और अध्यात्म को शामिल करें अपने ल्क्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मेहनत कररें और कभी हार न मार्नें याद रखें, भाग्य हमारे हाथ में नहीं है, लेकिन हम अपने कार्यों से अपने भाग्य को बदल सकते हैं! - ShareChat
#✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️सितारों की चाल🌠
✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - भाग्य का खेल भाग्य का खेल बड़ा दिलचस्प है! ज्योतिष में भाग्य भाव के स्वामी की स्थिति को बहुत महत्व दिया जाता है। अगर किसी के भाग्य भाव के स्वामी छठे भाव में बैठे हैं, तो यह नहीं है कि आपका भाग्य खराब हो गया इसका मतलब छठा भाव सेवा भाव, स्वास्थ्य, और का भाव है। থান্তুঞজী  भाव को चुन लेते हैं, तो आपका भाग्य अगर आप सेवा आपका साथ देना शुरू कर देगा | यह इस बात का उदाहरण है कि कैसे हम अपने भाग्य को अपने कार्यों से सकते हैं। बदल बदलने के लिए कुछ टिप्सः* *944} अपने भाग्य भाव के स्वामी की स्थिति को समझें छठे भाव को जागृत करने के लिए सेवा भाव को अपनाएं में मेहनत और लगन से जुटे रहें अपने काम सोच र्खें और अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित सकारात्मक करे याद रखें, भाग्य हमारे हाथ में नहीं है, लेकिन हम अपने कार्यों से अपने भाग्य को बदल सकते हैं! भाग्य का खेल भाग्य का खेल बड़ा दिलचस्प है! ज्योतिष में भाग्य भाव के स्वामी की स्थिति को बहुत महत्व दिया जाता है। अगर किसी के भाग्य भाव के स्वामी छठे भाव में बैठे हैं, तो यह नहीं है कि आपका भाग्य खराब हो गया इसका मतलब छठा भाव सेवा भाव, स्वास्थ्य, और का भाव है। থান্তুঞজী  भाव को चुन लेते हैं, तो आपका भाग्य अगर आप सेवा आपका साथ देना शुरू कर देगा | यह इस बात का उदाहरण है कि कैसे हम अपने भाग्य को अपने कार्यों से सकते हैं। बदल बदलने के लिए कुछ टिप्सः* *944} अपने भाग्य भाव के स्वामी की स्थिति को समझें छठे भाव को जागृत करने के लिए सेवा भाव को अपनाएं में मेहनत और लगन से जुटे रहें अपने काम सोच र्खें और अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित सकारात्मक करे याद रखें, भाग्य हमारे हाथ में नहीं है, लेकिन हम अपने कार्यों से अपने भाग्य को बदल सकते हैं! - ShareChat
#🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️सितारों की चाल🌠 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 - अपनी नाम राशि जानिए नाम के पहले अक्षर के अनुसार अपनी राशि जानिएः *मेष*ः चु, चे, चो, ला, ली॰ लू, ले, लो, आ *वृष*ः ई, ऊ, ए॰ ओ, वा, वी, वू, वे, वो *[94*: 41, 41, چ, 4, 3, 9,4,41,چ *कर्क*ः ही॰ हे, हू॰ हो, डा, डी, डू, डे, डो *सिंह*: मा, मी॰ मु, मे, मो, टा, टी, टू, टे *कन्या*ः ढो, पा, पी॰ पू, ष, ण, ठ, पे, पो *तुला*ः रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू॰ ते *्वृश्चिक*ः तो, ना, नी, नू॰ ने, नो, या,  यी, यू *धनु*ः ये, यो, भा, भी॰ भू, धा, फा, ढा, भे *मकर*: भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी *कुंभर*ः गू, गे, गो, सा, सी, सु, से, सो, दा *मीन*ः दी, टू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची अपनी नाम राशि जानिए नाम के पहले अक्षर के अनुसार अपनी राशि जानिएः *मेष*ः चु, चे, चो, ला, ली॰ लू, ले, लो, आ *वृष*ः ई, ऊ, ए॰ ओ, वा, वी, वू, वे, वो *[94*: 41, 41, چ, 4, 3, 9,4,41,چ *कर्क*ः ही॰ हे, हू॰ हो, डा, डी, डू, डे, डो *सिंह*: मा, मी॰ मु, मे, मो, टा, टी, टू, टे *कन्या*ः ढो, पा, पी॰ पू, ष, ण, ठ, पे, पो *तुला*ः रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू॰ ते *्वृश्चिक*ः तो, ना, नी, नू॰ ने, नो, या,  यी, यू *धनु*ः ये, यो, भा, भी॰ भू, धा, फा, ढा, भे *मकर*: भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी *कुंभर*ः गू, गे, गो, सा, सी, सु, से, सो, दा *मीन*ः दी, टू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची - ShareChat
#✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️सितारों की चाल🌠 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔
✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - चैत्र नवरात्रि की जानकारी दिनः माँ कात्यायनी 0| तिथिः २४ मार्च २०२६ भोगः शहद माँ कात्यायनी साहस और धर्म की देवी हैं। विवाह में आ रही बाधाओं লিৎ को दूर करने के इनकी पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। चैत्र नवरात्रि की जानकारी दिनः माँ कात्यायनी 0| तिथिः २४ मार्च २०२६ भोगः शहद माँ कात्यायनी साहस और धर्म की देवी हैं। विवाह में आ रही बाधाओं লিৎ को दूर करने के इनकी पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। - ShareChat
#🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️सितारों की चाल🌠 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 - चैत्र नवरात्रि की जानकारी चौथा दिनः माँ कूष्मांडा तिथिः २२ मार्च २०२६ भोगः मालपुआ माँ कूष्मांडा ने अपनी मुस्कान से सृष्टि की रचना की। इनकी कृपा स्वास्थ्य, ऊर्जा और समृद्धि प्राप्त होती है। चैत्र नवरात्रि की जानकारी चौथा दिनः माँ कूष्मांडा तिथिः २२ मार्च २०२६ भोगः मालपुआ माँ कूष्मांडा ने अपनी मुस्कान से सृष्टि की रचना की। इनकी कृपा स्वास्थ्य, ऊर्जा और समृद्धि प्राप्त होती है। - ShareChat
#✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️सितारों की चाल🌠 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔
✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - चैत्र नवरात्रि की जानकारी तीसरा दिनः माँ चंद्रघंटा तिथिः २१ मार्च २०२६ या दूध से बनी मिठाई भोगः दूध चंद्रघंटा साहस और निर्भयता का प्रतीक हैं। इनकी आराधना से भय और नकारात्मकता दूर होती है। चैत्र नवरात्रि की जानकारी तीसरा दिनः माँ चंद्रघंटा तिथिः २१ मार्च २०२६ या दूध से बनी मिठाई भोगः दूध चंद्रघंटा साहस और निर्भयता का प्रतीक हैं। इनकी आराधना से भय और नकारात्मकता दूर होती है। - ShareChat
#🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️सितारों की चाल🌠 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 - चैत्र नवरात्रि की जानकारी दूसरा दिनः माँ ब्रह्मचारिणी तिथिः २० मार्च २०२६ भोगः शक्कर और पंचामृत ब्रह्मचारिणी तप, त्याग और मा संयम का स्वरूप हैं। इनकी कृपा आत्मबल और धैर्य की प्राप्ति होती है। चैत्र नवरात्रि की जानकारी दूसरा दिनः माँ ब्रह्मचारिणी तिथिः २० मार्च २०२६ भोगः शक्कर और पंचामृत ब्रह्मचारिणी तप, त्याग और मा संयम का स्वरूप हैं। इनकी कृपा आत्मबल और धैर्य की प्राप्ति होती है। - ShareChat