Abhilas Chauhan
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+91 81038 40601 अपनी जन्म पत्रिका का संपूर्ण विशे
#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✡️सितारों की चाल🌠 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - ग्रहों का प्रभाव ग्रहों का प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर बहुत बड़ा होता है, आइए जानते हैं इसके बारे मेंः *गुरु तृतीय भाव मे*ः एक भाई जातक का फायदा है। ওঠানা २. *चंद्र अष्टम भाव में*ः जातक के नौकर उसकी नहीं सुरनेंगे। आसानी से मुसीबत में फंस ३. *्शनि अष्टम मे*ः व्यक्ति जाएगा। आसानी से मुसीबत से बच  ४. *गुरु नवम भाव मे*: जातक जाता है। ५. *चंद्र षष्ठ भाव ्मे*: नौकर धोखा दे सकते ्हैं। ६. *मंगल एकादश भाव मे*ः चाचा मतलबी होते हैं। *सूर्य लग्न में*: भाई संपत्ति का बंटवारा चाहता है। 7. 8. *्शनि द्वादश भाव मे*ः जातक कंजूस बनता है। जीवन में प्रगति निश्चित होती है। ९. *मंगल षष्ठ भाव ्मे*: पत्नी उसकी नहीं सुनेगी।  १०. *मंगल द्वितीय भाव में* ११. *सूर्य नवम भाव मे*ः जातक महात्माओं और सिर्द्धों का भक्त बन जाता है। पंचम भाव मे*: कठिन विषय आसानी से समझा *Iక 12. देता है। कमाने की बुद्धि देता है, पर १३. *तृतीय का शनि*ः धन किताबी नहीं। भाव मे*ः धन ज़िम्मेदारियों या खर्चों र्में 14 *T चतुर्थ - निकल जाता है। १५. *पंचम ्में चंद्र*ः प्रेम में धोखा मिलेगा या व्यक्ति खुद छोड़ देगा। १६. *केतु षष्ठ भाव में*ः परिवार में एक पुरुष या सबसे बड़ी स्त्री जो बोले , वही होता है। *केतु + शुक्र की युति*ः पैसा बैंक र्में टिकता नर्हीं, धन 17. ೩೯ नहीं लगता। 6 ग्रहों का प्रभाव ग्रहों का प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर बहुत बड़ा होता है, आइए जानते हैं इसके बारे मेंः *गुरु तृतीय भाव मे*ः एक भाई जातक का फायदा है। ওঠানা २. *चंद्र अष्टम भाव में*ः जातक के नौकर उसकी नहीं सुरनेंगे। आसानी से मुसीबत में फंस ३. *्शनि अष्टम मे*ः व्यक्ति जाएगा। आसानी से मुसीबत से बच  ४. *गुरु नवम भाव मे*: जातक जाता है। ५. *चंद्र षष्ठ भाव ्मे*: नौकर धोखा दे सकते ्हैं। ६. *मंगल एकादश भाव मे*ः चाचा मतलबी होते हैं। *सूर्य लग्न में*: भाई संपत्ति का बंटवारा चाहता है। 7. 8. *्शनि द्वादश भाव मे*ः जातक कंजूस बनता है। जीवन में प्रगति निश्चित होती है। ९. *मंगल षष्ठ भाव ्मे*: पत्नी उसकी नहीं सुनेगी।  १०. *मंगल द्वितीय भाव में* ११. *सूर्य नवम भाव मे*ः जातक महात्माओं और सिर्द्धों का भक्त बन जाता है। पंचम भाव मे*: कठिन विषय आसानी से समझा *Iక 12. देता है। कमाने की बुद्धि देता है, पर १३. *तृतीय का शनि*ः धन किताबी नहीं। भाव मे*ः धन ज़िम्मेदारियों या खर्चों र्में 14 *T चतुर्थ - निकल जाता है। १५. *पंचम ्में चंद्र*ः प्रेम में धोखा मिलेगा या व्यक्ति खुद छोड़ देगा। १६. *केतु षष्ठ भाव में*ः परिवार में एक पुरुष या सबसे बड़ी स्त्री जो बोले , वही होता है। *केतु + शुक्र की युति*ः पैसा बैंक र्में टिकता नर्हीं, धन 17. ೩೯ नहीं लगता। 6 - ShareChat
#💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️सितारों की चाल🌠 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
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शनि देव जन्म कुंडली 🌸 शनि देव का प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर बहुत बड़ा होता है, आइए जानते हैं इसके बारे में: *शनि -: 1,3,5,7,9,10 भाव में* - अपने द्वारा अपना उद्धार करें, अपना पतन न और आप ही करें। - आप ही अपने मित्र हैं और आप अपने शत्रु हैं। - इन भावों में शनि के प्रभाव से व्यक्ति को अपने जीवन में आगे बढ़ने के लिए मेहनत करनी पड़ती है। - वह अपने जीवन के निर्णय खुद लेता है और अपने भविष्य को खुद बनाता है। *शनि -: 2,4,6,8,11,12 भाव में* - अपने मन को सदैव शनि देव के चिंतन में लगाएं। - शनि देव को प्रणाम करें और उनकी पूजा करें। - शनि देव में पूर्णतया लीन होकर आप निश्चय ही उनके पास आएंगे। - इन भावों में शनि के प्रभाव से व्यक्ति को शनि देव की कृपा प्राप्त होती है। - वह शनि देव के भक्त होते हैं और उनके जीवन में शांति और सुख होता है। 😊 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️सितारों की चाल🌠 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी
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शनि देव जन्म कुंडली शनि -: 1,3,5,7,9,10 भाव में अपने द्वारा अपना उद्धार करे, अपना पतन न और आप ही करे; क्योंकि आप ही अपने मित्र है और आप अपने शत्रु है। शनि -: 2,4,6,8,11,12 भाव में अपने मन को सदैव मेरे चिंतन में लगाओ, मुझे प्रणाम करो और मेरी पूजा करो। मुझमें पूर्णतया लीन होकर तुम निश्चय ही मेरे पास आओगे। #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️सितारों की चाल🌠 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
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✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - तिथि अनुसार प्रभाव तिथि के अनुसार व्यक्ति के जीवन पर प्रभाव पड़ता है, आइए जानते हैं इसके बारे मेः *नन्दा तिथियों (१ , ६, ११)*: सम्मानित, देवताओं का 1 भक्त, ज्ञानी और सबका प्रिय होता है। व्यक्ति को समाज में सम्मान मिलता है। वह देवताओं का भक्त होता है। ज्ञानी और सबका प्रिय होता है। 2 *aTffuాi (2,7, 12)*. से सम्मानित. राजा बन्थुरओं - का आश्रित, थनी, भव-बन्थन (मृत्यु) से डरने वाला और परमार्थी होता है। व्यक्ति को बन्धुओं से सम्मान मिलता है।  वह राजा का आश्रित होता है। थनी और परमार्थी होता है।  ३. *्जया तिथिर्यों (३, 8, १३)*: राजा द्वारा सम्मानित, पुत्र पौत्रादि वाला, वीर, शान्त, दीर्घायु और मनस्वी होता है। व्यक्ति को राजा द्वारा सम्मान मिलता है। वह पुत्र पौत्रादि वाला होता है।  वीर, शान्त और दीर्घायु होता है। ४. *रिक्ता तिथिर्यो (४, 9, १४)*: तर्क करने वाला , प्रमादी, गुरु की निन्दा करने वाला, शास्त्रज्ञ, के घमण्ड को ೯ೌ: तोड़ने वाला और कामुक होता है। व्यक्ति तर्क करने वाला होता है। प्रमादी और गुरु की निन्दा करने वाला होता है।  शास्त्रज्ञ और कामुक होता है।  तिथियों (५, १०, १५)*ः थनी, वेद शार्स्त्रों के *पूर्णा 5 को जानने वाला, सत्यवादी, शुद्ध 1 होता हैे। हृदयी 1 गूढार्थ व व्यक्ति धनी होता है। वेद शास्त्रों के गूढार्थ को जानने वाला होता हैे। सत्यवादी और शुद्ध हृदयी होता है। तिथि अनुसार प्रभाव तिथि के अनुसार व्यक्ति के जीवन पर प्रभाव पड़ता है, आइए जानते हैं इसके बारे मेः *नन्दा तिथियों (१ , ६, ११)*: सम्मानित, देवताओं का 1 भक्त, ज्ञानी और सबका प्रिय होता है। व्यक्ति को समाज में सम्मान मिलता है। वह देवताओं का भक्त होता है। ज्ञानी और सबका प्रिय होता है। 2 *aTffuాi (2,7, 12)*. से सम्मानित. राजा बन्थुरओं - का आश्रित, थनी, भव-बन्थन (मृत्यु) से डरने वाला और परमार्थी होता है। व्यक्ति को बन्धुओं से सम्मान मिलता है।  वह राजा का आश्रित होता है। थनी और परमार्थी होता है।  ३. *्जया तिथिर्यों (३, 8, १३)*: राजा द्वारा सम्मानित, पुत्र पौत्रादि वाला, वीर, शान्त, दीर्घायु और मनस्वी होता है। व्यक्ति को राजा द्वारा सम्मान मिलता है। वह पुत्र पौत्रादि वाला होता है।  वीर, शान्त और दीर्घायु होता है। ४. *रिक्ता तिथिर्यो (४, 9, १४)*: तर्क करने वाला , प्रमादी, गुरु की निन्दा करने वाला, शास्त्रज्ञ, के घमण्ड को ೯ೌ: तोड़ने वाला और कामुक होता है। व्यक्ति तर्क करने वाला होता है। प्रमादी और गुरु की निन्दा करने वाला होता है।  शास्त्रज्ञ और कामुक होता है।  तिथियों (५, १०, १५)*ः थनी, वेद शार्स्त्रों के *पूर्णा 5 को जानने वाला, सत्यवादी, शुद्ध 1 होता हैे। हृदयी 1 गूढार्थ व व्यक्ति धनी होता है। वेद शास्त्रों के गूढार्थ को जानने वाला होता हैे। सत्यवादी और शुद्ध हृदयी होता है। - ShareChat
बृहस्पति का 12 भावों में फल 🌸 बृहस्पति का प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर बहुत बड़ा होता है, आइए जानते हैं इसके बारे में: 1. *प्रथम भाव*: विद्वान - बृहस्पति के प्रभाव से व्यक्ति विद्वान और ज्ञानवान होता है। 2. *द्वितीय भाव*: सुंदर बोलने वाला - बृहस्पति के प्रभाव से व्यक्ति सुंदर बोलने वाला और वाकपटु होता है। 3. *तृतीय भाव*: कंजूस, लोभी - बृहस्पति के प्रभाव से व्यक्ति कंजूस और लोभी हो सकता है। 4. *चतुर्थ भाव*: सुखी व संपन्न - बृहस्पति के प्रभाव से व्यक्ति सुखी और संपन्न होता है। 5. *पंचम भाव*: बुद्धिमान - बृहस्पति के प्रभाव से व्यक्ति बुद्धिमान और समझदार होता है। 6. *षष्ठ भाव*: शत्रुरहित - बृहस्पति के प्रभाव से व्यक्ति के शत्रु कम होते हैं। 7. *सप्तम भाव*: पिता से अधिक गुणी - बृहस्पति के प्रभाव से व्यक्ति पिता से अधिक गुणी होता है। 8. *अष्टम भाव*: एकांतप्रिय - बृहस्पति के प्रभाव से व्यक्ति एकांतप्रिय होता है। 9. *नवम भाव*: तपस्वी - बृहस्पति के प्रभाव से व्यक्ति तपस्वी और धार्मिक होता है। 10. *दशम भाव*: धनवान - बृहस्पति के प्रभाव से व्यक्ति धनवान और सफल होता है। 11. *एकादश भाव*: लाभ करने वाला - बृहस्पति के प्रभाव से व्यक्ति लाभ करने वाला होता है। 12. *द्वादश भाव*: मोक्ष - बृहस्पति के प्रभाव से व्यक्ति मोक्ष प्राप्त करता है। 😊 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️सितारों की चाल🌠 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
सूर्य का महत्व कुंडली में 🌸 सूर्य कुंडली में आत्मा, पिता, सरकार, सत्ता, अधिकार, ऊर्जा और स्वास्थ्य का कारक ग्रह माना जाता है। यह व्यक्ति की आत्मशक्ति, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बताता है। सूर्य किन भावों में शुभ फल देता है: 1. *3रा भाव*: साहस, पराक्रम, भाइयों से सहायता, प्रतिस्पर्धा में जीत। 2. *6ठा भाव*: शत्रु पर विजय, मुकदमे में जीत, ऋण से मुक्ति, मजबूत स्वास्थ्य। 3. *10वाँ भाव*: करियर, नौकरी / व्यवसाय में सफलता, राजकीय मान-सम्यान। 4. *11वाँ भाव*: लाभ, आय, मित्रों का सहयोग, प्रतिष्ठा। सूर्य किन भावों में अशुभ फल देता है: 1. *4था भाव*: माता के स्वास्थ्य में कमी, वाहन-भूमि सुख में कमी। 2. *7वाँ भाव*: दाम्पत्य जीवन में तनाव, जीवनसाथी के स्वास्थ्य में परेशानी। 3. *8वाँ भाव*: आयु पर असर, दुर्घटना या सरकारी अड़चनें। 4. *12वाँ भाव*: खर्च, विदेश में कष्ट, नेत्र रोग, मानसिक तनाव। सूर्य किन राशियों में शुभ होता है: - *सिंह (स्वराशि)*: सबसे बलवान। - *मेष (उच्च राशि)*: आत्मविश्वास, सफलता, नेतृत्व। - *धनु, मीन*: धार्मिकता, भाग्य और उच्च पद। - *मकर, कुंभ*: कर्म में स्थिरता और परिश्रम से राजकीय लाभ। #✡️सितारों की चाल🌠 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️सितारों की चाल🌠
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - ग्रर्हों को सकारात्मक बनाने के उपाय ग्रहों को सकारात्मक बनाने के लिए यहाँ कुछ उपाय दिए गए हैंः *शुक्र*ः अपनी वासना पर काबू पाएं॰ चरित्रवान बर्नें, और स्त्रियों का सम्मान करें। *सूर्य*ः सुबह जल्दी उठें, व्यवहार ठीक करें, और सात्विकता अपनाएं। *ैशनि*: अनैतिक कर्म त्याग दें, न्याय पथ पर चलें, और आलस्य त्यागें। सदुपयोग करें, आस्तिक बरनें , और धर्म *गरु*ः ज्ञान का पथ पर चलें। की निंदा, बुराइयां, ईर्ष्या, और धोखा देने *18 মুলযী : கி3ன341 48 #ಡ್: कुछ समय खुद को दें, मोह माया हाकर ईश्वर का ध्यान दें। *बुध*ः वाणी और बुद्धि को सरल और सोम्य बनाएं, बहन और भुआ का सम्मान कर्रें। *मंगल*ः प्रतिदिन कसरत करें, और अपनी शारीरिक शक्ति का दुरुपयोग न करें। इन उपायों को अपनाकर आप अपने ग्रहों को सकारात्मक सकते हैं और अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं। बना ग्रर्हों को सकारात्मक बनाने के उपाय ग्रहों को सकारात्मक बनाने के लिए यहाँ कुछ उपाय दिए गए हैंः *शुक्र*ः अपनी वासना पर काबू पाएं॰ चरित्रवान बर्नें, और स्त्रियों का सम्मान करें। *सूर्य*ः सुबह जल्दी उठें, व्यवहार ठीक करें, और सात्विकता अपनाएं। *ैशनि*: अनैतिक कर्म त्याग दें, न्याय पथ पर चलें, और आलस्य त्यागें। सदुपयोग करें, आस्तिक बरनें , और धर्म *गरु*ः ज्ञान का पथ पर चलें। की निंदा, बुराइयां, ईर्ष्या, और धोखा देने *18 মুলযী : கி3ன341 48 #ಡ್: कुछ समय खुद को दें, मोह माया हाकर ईश्वर का ध्यान दें। *बुध*ः वाणी और बुद्धि को सरल और सोम्य बनाएं, बहन और भुआ का सम्मान कर्रें। *मंगल*ः प्रतिदिन कसरत करें, और अपनी शारीरिक शक्ति का दुरुपयोग न करें। इन उपायों को अपनाकर आप अपने ग्रहों को सकारात्मक सकते हैं और अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं। बना - ShareChat
#✡️सितारों की चाल🌠 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
✡️सितारों की चाल🌠 - ८. *्शनि वक्री (शुभ प्रभाव, भायों में दो आय देगा) *: वक्री शनि के शुभ प्रभाव से व्यक्ति को दो आय होती है, जिससे वह अपने जीवन को बेहतर बना सकता है। ९. *्शनि वक्री (अशुभ प्रभाव में)*: वक्री शनि के अशुभ जीवन बहुत ही कठिन हो सकता है, प्रभाव से व्यक्ति का  यहां तक कि उसे भिक्षु का जीवन भी जीना पड़ सकता है।  १०. *्शनि वक्री (कार्यकुशल)*: वक्री शनि व्यक्ति को कार्यकुशल बनाता है, जिससे वह अपने काम को बेहतर ढंग से कर सकता है। ११. *्शनि वाकी कोशिश कररे*ः वक्री शनि के प्रभाव से व्यक्ति को अपने काम को छोटा और सरल रखना चाहिए। शनि को देता हूं*: वक्री शनि के १२. *एक सलाह वक्री శ శ్రత हटकर कार्य करना चाहिए, जो प्रभाव से व्यक्ति उसके परिवार में न हो रहा हो। १३. *्वक्री शनि है और बिस्तर, नींद प्यारा है*: वक्री शनि के प्रभाव से व्यक्ति को अपने जीवन को बर्बाद करने के লিৎ तैयार रहना चाहिए, अगर वह अपने काम को टालता हे। शनि है तो ज्ञान खुद आ जाएगा*: वक्री शनि के 14. *নক্কী से व्यक्ति को ज्ञान खुद आ जाता है, और उसे अपने प्रभाव जीवन में आगे बढ़ने के लिए मेहनत करनी चाहिए। १५. *एक गुप्त शोध और ले*: वक्री शनि के प्रभाव से व्यक्ति के घर में पैर खराब हो सकते हैं, नर्सों का रोग लग है, और पैरालाइज भी हो सकता है, अगर ऐसा हो सकता रहा है तो समझ लें कि किसी का करियर खाने के लिए यह तैयार हो रहा है। ८. *्शनि वक्री (शुभ प्रभाव, भायों में दो आय देगा) *: वक्री शनि के शुभ प्रभाव से व्यक्ति को दो आय होती है, जिससे वह अपने जीवन को बेहतर बना सकता है। ९. *्शनि वक्री (अशुभ प्रभाव में)*: वक्री शनि के अशुभ जीवन बहुत ही कठिन हो सकता है, प्रभाव से व्यक्ति का  यहां तक कि उसे भिक्षु का जीवन भी जीना पड़ सकता है।  १०. *्शनि वक्री (कार्यकुशल)*: वक्री शनि व्यक्ति को कार्यकुशल बनाता है, जिससे वह अपने काम को बेहतर ढंग से कर सकता है। ११. *्शनि वाकी कोशिश कररे*ः वक्री शनि के प्रभाव से व्यक्ति को अपने काम को छोटा और सरल रखना चाहिए। शनि को देता हूं*: वक्री शनि के १२. *एक सलाह वक्री శ శ్రత हटकर कार्य करना चाहिए, जो प्रभाव से व्यक्ति उसके परिवार में न हो रहा हो। १३. *्वक्री शनि है और बिस्तर, नींद प्यारा है*: वक्री शनि के प्रभाव से व्यक्ति को अपने जीवन को बर्बाद करने के লিৎ तैयार रहना चाहिए, अगर वह अपने काम को टालता हे। शनि है तो ज्ञान खुद आ जाएगा*: वक्री शनि के 14. *নক্কী से व्यक्ति को ज्ञान खुद आ जाता है, और उसे अपने प्रभाव जीवन में आगे बढ़ने के लिए मेहनत करनी चाहिए। १५. *एक गुप्त शोध और ले*: वक्री शनि के प्रभाव से व्यक्ति के घर में पैर खराब हो सकते हैं, नर्सों का रोग लग है, और पैरालाइज भी हो सकता है, अगर ऐसा हो सकता रहा है तो समझ लें कि किसी का करियर खाने के लिए यह तैयार हो रहा है। - ShareChat
#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️सितारों की चाल🌠
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - वक्री शनि देव और प्रभाव वक्री शनि का प्रभाव बहुत ही महत्वपूर्ण होता है, आइए जानते हैं इसके बारे में: १. *्वक्री शनि ग्रह प्रभाव जानकारी*ः वक्री शनि का प्रभाव व्यक्ति के जीवन में बहुत बड़ा होता है, यह उनके करियर, जीवनशैली , और संबंधों पर प्रभाव डालता है। २. *्शनि वक्री*: शनि वक्री होने से व्यक्ति के करियर में दो धक्के लग सकते हैं या फिर शुरुआत हो सकती है। R ३. *्शनि वक्री अर्थात दुगना मुश्किल*ः वक्री शनि के प्रभाव से नकारात्मक घटनाओं से निकलना दुगना मुश्किल हो जाता है। ४. *्शनि वक्री अर्थात आपको तराशेगा*ः वक्री शनि व्यक्ति को बहुत  ज्यादा तराशता है, जिससे वह अपने जीवन में आगे बढ सकता है। ५. *्शनि बक्री तारीफ करने वाले*: वक्री शनि के प्रभाव से व्यक्ति को बहुत कम लोग तारीफ करते हैं।  uinశత ऐसा भारी कर्म*ः वक्री शनि के ६. *्शनि वक्री प्रभाव से व्यक्ति को अपने पिछले कर्मों का फल मिलता है, जो उसकी इच्छा के विरुद्ध होता है। ७. *्शनि वक्री (जड़ों से जोड़े रहेगा)*: वक्री शनि व्यक्ति को अपने जड़ों से जोडे रखता है, जिससे वह अपने परिवार और समाज से जुड़ा रहता है। वक्री शनि देव और प्रभाव वक्री शनि का प्रभाव बहुत ही महत्वपूर्ण होता है, आइए जानते हैं इसके बारे में: १. *्वक्री शनि ग्रह प्रभाव जानकारी*ः वक्री शनि का प्रभाव व्यक्ति के जीवन में बहुत बड़ा होता है, यह उनके करियर, जीवनशैली , और संबंधों पर प्रभाव डालता है। २. *्शनि वक्री*: शनि वक्री होने से व्यक्ति के करियर में दो धक्के लग सकते हैं या फिर शुरुआत हो सकती है। R ३. *्शनि वक्री अर्थात दुगना मुश्किल*ः वक्री शनि के प्रभाव से नकारात्मक घटनाओं से निकलना दुगना मुश्किल हो जाता है। ४. *्शनि वक्री अर्थात आपको तराशेगा*ः वक्री शनि व्यक्ति को बहुत  ज्यादा तराशता है, जिससे वह अपने जीवन में आगे बढ सकता है। ५. *्शनि बक्री तारीफ करने वाले*: वक्री शनि के प्रभाव से व्यक्ति को बहुत कम लोग तारीफ करते हैं।  uinశత ऐसा भारी कर्म*ः वक्री शनि के ६. *्शनि वक्री प्रभाव से व्यक्ति को अपने पिछले कर्मों का फल मिलता है, जो उसकी इच्छा के विरुद्ध होता है। ७. *्शनि वक्री (जड़ों से जोड़े रहेगा)*: वक्री शनि व्यक्ति को अपने जड़ों से जोडे रखता है, जिससे वह अपने परिवार और समाज से जुड़ा रहता है। - ShareChat