Abhilas Chauhan
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#💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔
💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी - लग्न में स्थित ग्रहों के प्रभाव वाकई दिलचस्प हैं ! আাণন তী बताया है, उसके अनुसारः सूर्यः साहसी, हिम्मती, आत्म स्वाभिमानी, थोड़ा सा हठी गुरुः सच्चा , नेक, बंदा, स्ट्रगल पूरे जीवन भर चंद्रः सुंदर, आकर्षण से भरपूर, भावनाओं में बह जाने वाला बुधः नटखट, शैतान , कोई भी कार्य संपूर्ण रूप से पूरा नहीं करगा शुक्रः इश्क का पुतला , अपने आप को सदैव सही मानने वाला मंगलः साहसी , क्रोधी , आंखें कमजोर शूरवीर, राहुः बहुत ज्यादा बातें करने का शौक, प्लान हमेशा फेल सारी दुआ " बहुआ असर करने वाली कतुः छुपा रुस्तम, क्या आप अपने लग्न में स्थित ग्रहों के बारे में जानना चाहते हैं या किसी और विषय पर चर्चा करना चाहते हैं? लग्न में स्थित ग्रहों के प्रभाव वाकई दिलचस्प हैं ! আাণন তী बताया है, उसके अनुसारः सूर्यः साहसी, हिम्मती, आत्म स्वाभिमानी, थोड़ा सा हठी गुरुः सच्चा , नेक, बंदा, स्ट्रगल पूरे जीवन भर चंद्रः सुंदर, आकर्षण से भरपूर, भावनाओं में बह जाने वाला बुधः नटखट, शैतान , कोई भी कार्य संपूर्ण रूप से पूरा नहीं करगा शुक्रः इश्क का पुतला , अपने आप को सदैव सही मानने वाला मंगलः साहसी , क्रोधी , आंखें कमजोर शूरवीर, राहुः बहुत ज्यादा बातें करने का शौक, प्लान हमेशा फेल सारी दुआ " बहुआ असर करने वाली कतुः छुपा रुस्तम, क्या आप अपने लग्न में स्थित ग्रहों के बारे में जानना चाहते हैं या किसी और विषय पर चर्चा करना चाहते हैं? - ShareChat
#✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - ग्रहों के कष्टदाई या पीड़ित होने की स्थिति वाकई महत्वपूर्ण है ! आपने जो बताया है, उसके अनुसारः सूर्यः राहु, केतु, शनि से संबंध होने पर कष्टदाई हो सकता है। चंद्रमाः राहु, केतु, शनि से संबंध होने पर कष्टदाई हो सकता है। मंगलः राहु, केतु, शनि से संबंध होने पर कष्टदाई हो सकता है केतु से संबंध होने पर कष्टदाई हो सकता है। बुधः गुरुः राहु से संबंध होने पर कष्टदाई हो सकता है। राहु से संबंध होने पर कष्टदाई हो सकता है। शुक्रः शनिः मंगल, राहु, केतु से संबंध होने पर कष्टदाई हो सकता है इन स्थितियों में ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए जरूरी है। क्या आप अपने ग्रहों की स्थिति जानना उपाय करना चाहते हैं या किसी और विषय पर चर्चा करना चाहते हैं? ग्रहों के कष्टदाई या पीड़ित होने की स्थिति वाकई महत्वपूर्ण है ! आपने जो बताया है, उसके अनुसारः सूर्यः राहु, केतु, शनि से संबंध होने पर कष्टदाई हो सकता है। चंद्रमाः राहु, केतु, शनि से संबंध होने पर कष्टदाई हो सकता है। मंगलः राहु, केतु, शनि से संबंध होने पर कष्टदाई हो सकता है केतु से संबंध होने पर कष्टदाई हो सकता है। बुधः गुरुः राहु से संबंध होने पर कष्टदाई हो सकता है। राहु से संबंध होने पर कष्टदाई हो सकता है। शुक्रः शनिः मंगल, राहु, केतु से संबंध होने पर कष्टदाई हो सकता है इन स्थितियों में ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए जरूरी है। क्या आप अपने ग्रहों की स्थिति जानना उपाय करना चाहते हैं या किसी और विषय पर चर्चा करना चाहते हैं? - ShareChat
#💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी - के बारे में ये बहुत ही रोचक जानकारी है! लक्ष्मी के प्रकार आपने जो बताया है, उसके अनुसारः विजय लक्ष्मी (विजय )ः शुक्र और सूर्य या शुक्र पांचवें भाव में यह जीवन में विजय और सफलता दिलाती है। लक्ष्मी ( सौभाग्य )ः शुक्र और चंद्रमा या शुक्र चतुर्थ भाव में ٤? जीवन में सौभाग्य और खुशहाली लाती है। 46 थीर्य लक्ष्मी ( धैर्य और स्थिरता ): शुक्र और मंगल या शुक्र प्रथम जीवन में धैर्य और स्थिरता प्रदान करती है। भाव में - यह विद्या लक्ष्मी ( शिक्षा): शुक्र और बुध या शुक्र तीसरे भाव में - यह शिक्षा और ज्ञान में सफलता दिलाती है। संतान लक्ष्मी ( शानदार बच्चे ): যা থুক্ধ शुक्र और  बृहस्पति भाव में - यह अच्छे और सफल बच्चों का सुख देती है।  नवम अधि लक्ष्मी ( जीवन में मिलने वाली हर चीज़ ): शुक्र और शनि दसवें घर में - यह जीवन में सभी प्रकार की या शुक्र सुख सुविधाएँ प्रदान करती है। धन लक्ष्मी ( धन ): शुक्र और राहु या शुक्र ११वें भाव में - यह और समृद्धि लाती है। धन गज लक्ष्मी ( वाहन / बड़ा घर)ः शुक्र और केतु या शुक्र अष्टम भाव में - यह वाहन और बड़े घर का सुख देती है। कुंडली में लक्ष्मी की स्थिति जानना चाहते हैं या क्या आप अपनी किसी और विषय पर चर्चा करना चाहते हैं? के बारे में ये बहुत ही रोचक जानकारी है! लक्ष्मी के प्रकार आपने जो बताया है, उसके अनुसारः विजय लक्ष्मी (विजय )ः शुक्र और सूर्य या शुक्र पांचवें भाव में यह जीवन में विजय और सफलता दिलाती है। लक्ष्मी ( सौभाग्य )ः शुक्र और चंद्रमा या शुक्र चतुर्थ भाव में ٤? जीवन में सौभाग्य और खुशहाली लाती है। 46 थीर्य लक्ष्मी ( धैर्य और स्थिरता ): शुक्र और मंगल या शुक्र प्रथम जीवन में धैर्य और स्थिरता प्रदान करती है। भाव में - यह विद्या लक्ष्मी ( शिक्षा): शुक्र और बुध या शुक्र तीसरे भाव में - यह शिक्षा और ज्ञान में सफलता दिलाती है। संतान लक्ष्मी ( शानदार बच्चे ): যা থুক্ধ शुक्र और  बृहस्पति भाव में - यह अच्छे और सफल बच्चों का सुख देती है।  नवम अधि लक्ष्मी ( जीवन में मिलने वाली हर चीज़ ): शुक्र और शनि दसवें घर में - यह जीवन में सभी प्रकार की या शुक्र सुख सुविधाएँ प्रदान करती है। धन लक्ष्मी ( धन ): शुक्र और राहु या शुक्र ११वें भाव में - यह और समृद्धि लाती है। धन गज लक्ष्मी ( वाहन / बड़ा घर)ः शुक्र और केतु या शुक्र अष्टम भाव में - यह वाहन और बड़े घर का सुख देती है। कुंडली में लक्ष्मी की स्थिति जानना चाहते हैं या क्या आप अपनी किसी और विषय पर चर्चा करना चाहते हैं? - ShareChat
#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - { ज्योतिष के बारे में ये बहुत ही रोचक बातें हैं ! विवाह और  आपने जो बताया है, उसके अनुसारः मैरिज के लिए ७वें भाव का स्वामी 1, 5 या ११ भाव में q होना या शुक्र, राहु, बुध से संबंध होना जरूरी है। अरेंज मैरिज के लिए ७वें भाव का स्वामी २, ४, ७ या १० भाव में होना या शनि, सूर्य, चंद्र से संबंध होना जरूरी है। लव॰कम ्अरेंज मैरिज के लिए ७वें भाव का स्वामी ३, 9 या में होना या गुरु, चंद्र, बुध से जुड़ा होना जरूरी है। १० भाव अचानक विवाह के लिए ७वें भाव का स्वामी 8 या १२ T7 में होना या राहु या केतु से संबंध होना जरूरी है। Iq इंटर कास्ट / विदेशी विवाह के लिए ७वें भाव का स्वामी राहु से जुड़ा होना या वायु तत्व की राशि / राहु नक्षत्र में होना जरूरी है । क्या आप अपने विवाह के बारे में जानना चाहते हैं या किसी और विषय पर चर्चा करना चाहते हैं? { ज्योतिष के बारे में ये बहुत ही रोचक बातें हैं ! विवाह और  आपने जो बताया है, उसके अनुसारः मैरिज के लिए ७वें भाव का स्वामी 1, 5 या ११ भाव में q होना या शुक्र, राहु, बुध से संबंध होना जरूरी है। अरेंज मैरिज के लिए ७वें भाव का स्वामी २, ४, ७ या १० भाव में होना या शनि, सूर्य, चंद्र से संबंध होना जरूरी है। लव॰कम ्अरेंज मैरिज के लिए ७वें भाव का स्वामी ३, 9 या में होना या गुरु, चंद्र, बुध से जुड़ा होना जरूरी है। १० भाव अचानक विवाह के लिए ७वें भाव का स्वामी 8 या १२ T7 में होना या राहु या केतु से संबंध होना जरूरी है। Iq इंटर कास्ट / विदेशी विवाह के लिए ७वें भाव का स्वामी राहु से जुड़ा होना या वायु तत्व की राशि / राहु नक्षत्र में होना जरूरी है । क्या आप अपने विवाह के बारे में जानना चाहते हैं या किसी और विषय पर चर्चा करना चाहते हैं? - ShareChat
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