Abhilas Chauhan
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+91 81038 40601 अपनी जन्म पत्रिका का संपूर्ण विशे
#🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी
🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 - जीवन में संघर्ष का कारण शनि की स्थिति हो सकती है। केंद्र में बैठा हो, चाहे उच्च का हो या स्वराशि शनि अगर हो, तो जीवन में बहुत संघर्ष कराता है। धीरे-धीरे सफलता मिलती है। में प्रभाव*ः अगर शनि दशम *হানি ক্রূা বথাম ঞ্ান में बैठा हो, तो ३६ साल के बाद सफलता मिल HIq सकती है। *पांचवे और बारहवें भाव का संबंध*ः अगर आपकी जन्मकुंडली में पांचवे और बारहवें भाव में संबंध बन रहा है, तो आप जिस क्षेत्र में पढ़ाई की होगी , उस क्षेत्र में जीवन में अर्न नहीं कर पाएंगे। आपकी डिग्री बस 3Tu नाम मात्र के लिए ही होगी। *शनि का प्रभाव*: शनि का प्रभाव जीवन में संघर्ष और चुनौतियों का कारण बन सकता है, लेकिन धैर्य 4644 से सफलता हासिल की जा सकती है। और जीवन में संघर्ष का कारण शनि की स्थिति हो सकती है। केंद्र में बैठा हो, चाहे उच्च का हो या स्वराशि शनि अगर हो, तो जीवन में बहुत संघर्ष कराता है। धीरे-धीरे सफलता मिलती है। में प्रभाव*ः अगर शनि दशम *হানি ক্রূা বথাম ঞ্ান में बैठा हो, तो ३६ साल के बाद सफलता मिल HIq सकती है। *पांचवे और बारहवें भाव का संबंध*ः अगर आपकी जन्मकुंडली में पांचवे और बारहवें भाव में संबंध बन रहा है, तो आप जिस क्षेत्र में पढ़ाई की होगी , उस क्षेत्र में जीवन में अर्न नहीं कर पाएंगे। आपकी डिग्री बस 3Tu नाम मात्र के लिए ही होगी। *शनि का प्रभाव*: शनि का प्रभाव जीवन में संघर्ष और चुनौतियों का कारण बन सकता है, लेकिन धैर्य 4644 से सफलता हासिल की जा सकती है। और - ShareChat
#💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔
💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी - २०२६ में लव मैरिज के लिए कुछ राशियों के लिए है! आइए जानते हैं कौन सी हैं वे राशियाँः अच्छा समय *मेष* शादी में बदलने के योग हैं। प्यार *वृषभ*ः अपनी पसंद से शादी करने का समय है। *मिथुन*ः दिल की शादी पक्की होने के संकेत हैं। *तुला*ः प्यार शादी तक पहुंच सकता है। *कर्क*ः प्यार में शादी के योग हैं। *सिंह*ः लव मैरिज के संकेत हैं। *कन्या *: लंबे रिश्ते की शादी हो सकती है। *धनु*ः पसंद की शादी तय होने के योग हैं। *मकर*ः छुपा प्यार शादी में बदल सकता है। *कुंभ्*ः अपनी पसंद की शादी करने का समय है। *वृश्चिक*ः दिल का रिश्ता शादी में बदल सकता है। *मीन*ः सच्चा प्यार लव मैरिज में बदल सकता है 1 २ २०२६ में लव मैरिज के लिए कुछ राशियों के लिए है! आइए जानते हैं कौन सी हैं वे राशियाँः अच्छा समय *मेष* शादी में बदलने के योग हैं। प्यार *वृषभ*ः अपनी पसंद से शादी करने का समय है। *मिथुन*ः दिल की शादी पक्की होने के संकेत हैं। *तुला*ः प्यार शादी तक पहुंच सकता है। *कर्क*ः प्यार में शादी के योग हैं। *सिंह*ः लव मैरिज के संकेत हैं। *कन्या *: लंबे रिश्ते की शादी हो सकती है। *धनु*ः पसंद की शादी तय होने के योग हैं। *मकर*ः छुपा प्यार शादी में बदल सकता है। *कुंभ्*ः अपनी पसंद की शादी करने का समय है। *वृश्चिक*ः दिल का रिश्ता शादी में बदल सकता है। *मीन*ः सच्चा प्यार लव मैरिज में बदल सकता है 1 २ - ShareChat
#🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी
🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 - व्यवसाय में सफलता के योगों के बारे में बात करते हैं ! ये कुछ  महत्वपूर्ण योग हैं जो व्यवसाय में सफलता दिला सकते हैं १. *सप्तमेश सप्तम भाव में*ः यदि सप्तमेश सप्तम भाव में हो या सप्तम भाव पर सप्तमेश की दृष्टि हो, तो बिजनेस में सफलता मिलती है। २. *सप्तमेश स्व या उच्च राशि में*ः सप्तमेश स्व या उच्च राशि में होकर शुभ भाव ( केंद्र त्रिकोण आदि) में हो, तो बिजनेस के अच्छे योग होते हैं। ३. *लाभेश लाभ स्थान में *: यदि लाभेश लाभ स्थान में ही स्थित होे, तो व्यापार में अच्छी सफलता मिलती है। ४. *लाभेश की दृष्टि *: लाभेश की लाभ स्थान पर दृष्टि हो, तो व्यापार में सफलता मिलती है। ५. *लाभेश और दशमेश का योग*ः यदि लाभेश दशम भाव में और दशमेश लाभ स्थान में हो, तो अच्छा व्यापारिक योग होता है। ६. * दशमेश और भाग्येश का राशि परिवर्तन*: दशमेश का भाग्येश के साथ राशि परिवर्तन भी व्यापार में सफलता देता 8 ७. *धनेश और लाभेश का योग*ः यदि धनेश और लाभेश का योग शुभ स्थान पर हो या धनेश और लाभेश का राशि परिवर्तन हो रहा हो, तो भी व्यापार में सफलता मिलती है। कुंडली*: यदि किसी व्यक्ति की 8 *gafeaaf सर्वाष्टकवर्ग कुंडली के ग्यारहवे भाव में बारहवे भाव से अधिक बिंदु हों, तो व्यापार के लिए अच्छा योग होता है। व्यवसाय में सफलता के योगों के बारे में बात करते हैं ! ये कुछ  महत्वपूर्ण योग हैं जो व्यवसाय में सफलता दिला सकते हैं १. *सप्तमेश सप्तम भाव में*ः यदि सप्तमेश सप्तम भाव में हो या सप्तम भाव पर सप्तमेश की दृष्टि हो, तो बिजनेस में सफलता मिलती है। २. *सप्तमेश स्व या उच्च राशि में*ः सप्तमेश स्व या उच्च राशि में होकर शुभ भाव ( केंद्र त्रिकोण आदि) में हो, तो बिजनेस के अच्छे योग होते हैं। ३. *लाभेश लाभ स्थान में *: यदि लाभेश लाभ स्थान में ही स्थित होे, तो व्यापार में अच्छी सफलता मिलती है। ४. *लाभेश की दृष्टि *: लाभेश की लाभ स्थान पर दृष्टि हो, तो व्यापार में सफलता मिलती है। ५. *लाभेश और दशमेश का योग*ः यदि लाभेश दशम भाव में और दशमेश लाभ स्थान में हो, तो अच्छा व्यापारिक योग होता है। ६. * दशमेश और भाग्येश का राशि परिवर्तन*: दशमेश का भाग्येश के साथ राशि परिवर्तन भी व्यापार में सफलता देता 8 ७. *धनेश और लाभेश का योग*ः यदि धनेश और लाभेश का योग शुभ स्थान पर हो या धनेश और लाभेश का राशि परिवर्तन हो रहा हो, तो भी व्यापार में सफलता मिलती है। कुंडली*: यदि किसी व्यक्ति की 8 *gafeaaf सर्वाष्टकवर्ग कुंडली के ग्यारहवे भाव में बारहवे भाव से अधिक बिंदु हों, तो व्यापार के लिए अच्छा योग होता है। - ShareChat
#💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔
💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी - आद्रा नक्षत्र के बारे में बात करते हैं! आद्रा नक्षत्र का स्वामी राहु को माना जाता है, जो कि एक ग्रह है और अपने अनोखे प्रभाव के लिए जाना जाता তামা है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोगों के बारे में कुछ खास बातें हैंः *दुष्ट स्वभाव वाला*: आद्रा नक्षत्र के जातक अक्सर थोड़े कठोर और अनुशासनप्रिय होते हैं। वे अपने तरीके से काम करना पसंद करते हैं। *अभिमानी*ः ये लोग अक्सर अपने आप में विश्वास रखते हैं और अपने निर्णयों पर अड़े रहते हैं। *अविचारी*: आद्रा नक्षत्र के जातक अक्सर अपने निर्णय जल्दी लेते हैं और उन्हें बदलना पसंद नहीं करते। *हिंसक*ः ये लोग अक्सर अपने को नियंत्रित करने गुस्से  में थोड़े परेशान होते हैं। उन्हें अपने गुस्से को संभालना सीखना पडता है। *क्रोधी *: आद्रा नक्षत्र के जातक अक्सर वाले होते हैं, Ta: लेकिन उनका गुस्सा जल्द ही शांत भी हो जाता है। नहीं करने वाला*ः ये लोग अक्सर fagT: *fq आसानी से विश्वास नहीं करते। उन्हें अपने पर दूसरों " अनुभव से सीखना पड़ता है कि किस पर fagT: करना है। *साहसी *: आद्रा नक्षत्र के जातक अक्सर R साहसी - पराक्रमी होते हैं। वे चुनौतियों का सामना करने से नहीं घबराते। *दृढ़ निश्चय वाला*: ये लोग अक्सर अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं और अपने निर्णयों पर अड़े रहते हैं। आद्रा नक्षत्र के बारे में बात करते हैं! आद्रा नक्षत्र का स्वामी राहु को माना जाता है, जो कि एक ग्रह है और अपने अनोखे प्रभाव के लिए जाना जाता তামা है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोगों के बारे में कुछ खास बातें हैंः *दुष्ट स्वभाव वाला*: आद्रा नक्षत्र के जातक अक्सर थोड़े कठोर और अनुशासनप्रिय होते हैं। वे अपने तरीके से काम करना पसंद करते हैं। *अभिमानी*ः ये लोग अक्सर अपने आप में विश्वास रखते हैं और अपने निर्णयों पर अड़े रहते हैं। *अविचारी*: आद्रा नक्षत्र के जातक अक्सर अपने निर्णय जल्दी लेते हैं और उन्हें बदलना पसंद नहीं करते। *हिंसक*ः ये लोग अक्सर अपने को नियंत्रित करने गुस्से  में थोड़े परेशान होते हैं। उन्हें अपने गुस्से को संभालना सीखना पडता है। *क्रोधी *: आद्रा नक्षत्र के जातक अक्सर वाले होते हैं, Ta: लेकिन उनका गुस्सा जल्द ही शांत भी हो जाता है। नहीं करने वाला*ः ये लोग अक्सर fagT: *fq आसानी से विश्वास नहीं करते। उन्हें अपने पर दूसरों " अनुभव से सीखना पड़ता है कि किस पर fagT: करना है। *साहसी *: आद्रा नक्षत्र के जातक अक्सर R साहसी - पराक्रमी होते हैं। वे चुनौतियों का सामना करने से नहीं घबराते। *दृढ़ निश्चय वाला*: ये लोग अक्सर अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं और अपने निर्णयों पर अड़े रहते हैं। - ShareChat
#🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी
🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 - मृगशिरा नक्षत्र के बारे में बात करते हैं ! देवता मृगशिरा नक्षत्र का स्वामी मंगल को माना जाता है, जो कि ऊर्जा , शक्ति और साहस के देवता हैं। इस नक्षत्र में जन्म #శల खास बातें हैंः लेने वाले लोगों के बारे सुंदर चित्त वाला* नक्षत्र के जातक अक्सर मृगशिरा * सुंदर और आकर्षक होते हैं। उनकी आंखें और चेहरे पर एक ही चमक होती है। 7 घूमने फिरने के शौकीन *भ्रमणशील*: ये लोग अक्सर होते हैं। उन्हें नई जगहें और अनुभव पसंद आते हैं। *कामप्रिय *ः मृगशिरा नक्षत्र के जातक अक्सर काम और कला के प्रति आकर्षित होते हैं। वे अपने काम में पूरी तरह से डूब जाते हैं। *चतुर*ः ये लोग अक्सर बहुत चतुर और बुद्धिमान होते हैं। वे जल्दी सीखते हैं और नई चीजों को समझने में माहिर होते 81 *भोगी *: मृगशिरा नक्षत्र के जातक अक्सर जीवन के आनंद लेते हैं। उन्हें अच्छा खाना , अच्छा संगीत सुखों च का और अच्छा समय बिताना पसंद होता है। *शास्त्रों को जानने वाला*: ये लोग अक्सर ज्ञान और शिक्षा के प्रति आकर्षित होते हैं। वे शास्त्रों और  को দ্রুলক্ধী : पढ़ना पसंद करते हैं। *विद्वान*ः मृगशिरा नक्षत्र के जातक अक्सर विद्वान और बुद्धिमान होते हैं। वे अपने क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करते हैं। *स्वार्थ साधक*ः ये लोग अक्सर अपने स्वार्थ के लिए काम करते हैं , लेकिन वे दूसरों की मदद करने में भी पीछे नहीं हटते। *गुणी जनों के प्रति अनुराग रखने वाला*: मृगशिरा नक्षत्र के जातक अक्सर गुणी और बुद्धिमान लोगों के प्रति आकर्षित होते हैं। वे उनसे सीखने और उनकी संगति में रहने की कोशिश करते हैं। मृगशिरा नक्षत्र के बारे में बात करते हैं ! देवता मृगशिरा नक्षत्र का स्वामी मंगल को माना जाता है, जो कि ऊर्जा , शक्ति और साहस के देवता हैं। इस नक्षत्र में जन्म #శల खास बातें हैंः लेने वाले लोगों के बारे सुंदर चित्त वाला* नक्षत्र के जातक अक्सर मृगशिरा * सुंदर और आकर्षक होते हैं। उनकी आंखें और चेहरे पर एक ही चमक होती है। 7 घूमने फिरने के शौकीन *भ्रमणशील*: ये लोग अक्सर होते हैं। उन्हें नई जगहें और अनुभव पसंद आते हैं। *कामप्रिय *ः मृगशिरा नक्षत्र के जातक अक्सर काम और कला के प्रति आकर्षित होते हैं। वे अपने काम में पूरी तरह से डूब जाते हैं। *चतुर*ः ये लोग अक्सर बहुत चतुर और बुद्धिमान होते हैं। वे जल्दी सीखते हैं और नई चीजों को समझने में माहिर होते 81 *भोगी *: मृगशिरा नक्षत्र के जातक अक्सर जीवन के आनंद लेते हैं। उन्हें अच्छा खाना , अच्छा संगीत सुखों च का और अच्छा समय बिताना पसंद होता है। *शास्त्रों को जानने वाला*: ये लोग अक्सर ज्ञान और शिक्षा के प्रति आकर्षित होते हैं। वे शास्त्रों और  को দ্রুলক্ধী : पढ़ना पसंद करते हैं। *विद्वान*ः मृगशिरा नक्षत्र के जातक अक्सर विद्वान और बुद्धिमान होते हैं। वे अपने क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करते हैं। *स्वार्थ साधक*ः ये लोग अक्सर अपने स्वार्थ के लिए काम करते हैं , लेकिन वे दूसरों की मदद करने में भी पीछे नहीं हटते। *गुणी जनों के प्रति अनुराग रखने वाला*: मृगशिरा नक्षत्र के जातक अक्सर गुणी और बुद्धिमान लोगों के प्रति आकर्षित होते हैं। वे उनसे सीखने और उनकी संगति में रहने की कोशिश करते हैं। - ShareChat
#💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔
💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी - रोहिणी नक्षत्र के बारे में बात करते हैं ! रोहिणी नक्षत्र का स्वामी चंद्रदेव को माना जाता है, जो कि भावनाओं , मन और सौंदर्य के देवता हैं। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोगों के बारे में कुछ खास बातें हैंः *धार्मिक*ः रोहिणी नक्षत्र के जातक अक्सर धार्मिक और आध्यात्मिक होते हैं। वे अपने धर्म और संस्कृति को महत्व देते हैं। *श्रद्धावान*ः ये लोग अक्सर दूसरों के प्रति श्रद्धा और आदर रखते हैं। वे अपने गुरुओं और बड़ों का सम्मान करते हैं। *निर्बल*ः रोहिणी नक्षत्र के जातक अक्सर थोड़े भावुक और संवेदनशील होते हैं। वे दूसरों की भावनाओं को समझते हैं। में निपुण*ः ये लोग अक्सर *सभी कार्यों प्रतिभा बहुमुखी " के धनी होते हैं। वे कई क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा दिखाते हैं। *शत्रुहंता *: रोहिणी नक्षत्र के जातक अक्सर अपने शत्रुओं को पराजित करने में सक्षम होते हैं। वे अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। *विद्वान  और बुद्धिमान*: ये लोग अक्सर ज्ञान और बुद्धिमत्ता के मामले में आगे होते हैं। वे नई चीजें सीखने के लिए हमेशा उत्सुक रहते हैं। *चंचल *: रोहिणी नक्षत्र के जातक अक्सर थोड़े चंचल और मनमौजी होते हैं। वे जीवन को खुलकर जीना पसंद करते हैं। *परछिद्रान्वेषी*ः ये लोग अक्सर की कमजोरियों को ಕಾೆ: ढूंढने में माहिर होते हैं। *प्रेमासक्त*: रोहिणी नक्षत्र के जातक अक्सर प्रेम और रिश्तों के प्रति आकर्षित होते हैं। वे अपने प्रियजनों के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। रोहिणी नक्षत्र के बारे में बात करते हैं ! रोहिणी नक्षत्र का स्वामी चंद्रदेव को माना जाता है, जो कि भावनाओं , मन और सौंदर्य के देवता हैं। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोगों के बारे में कुछ खास बातें हैंः *धार्मिक*ः रोहिणी नक्षत्र के जातक अक्सर धार्मिक और आध्यात्मिक होते हैं। वे अपने धर्म और संस्कृति को महत्व देते हैं। *श्रद्धावान*ः ये लोग अक्सर दूसरों के प्रति श्रद्धा और आदर रखते हैं। वे अपने गुरुओं और बड़ों का सम्मान करते हैं। *निर्बल*ः रोहिणी नक्षत्र के जातक अक्सर थोड़े भावुक और संवेदनशील होते हैं। वे दूसरों की भावनाओं को समझते हैं। में निपुण*ः ये लोग अक्सर *सभी कार्यों प्रतिभा बहुमुखी " के धनी होते हैं। वे कई क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा दिखाते हैं। *शत्रुहंता *: रोहिणी नक्षत्र के जातक अक्सर अपने शत्रुओं को पराजित करने में सक्षम होते हैं। वे अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। *विद्वान  और बुद्धिमान*: ये लोग अक्सर ज्ञान और बुद्धिमत्ता के मामले में आगे होते हैं। वे नई चीजें सीखने के लिए हमेशा उत्सुक रहते हैं। *चंचल *: रोहिणी नक्षत्र के जातक अक्सर थोड़े चंचल और मनमौजी होते हैं। वे जीवन को खुलकर जीना पसंद करते हैं। *परछिद्रान्वेषी*ः ये लोग अक्सर की कमजोरियों को ಕಾೆ: ढूंढने में माहिर होते हैं। *प्रेमासक्त*: रोहिणी नक्षत्र के जातक अक्सर प्रेम और रिश्तों के प्रति आकर्षित होते हैं। वे अपने प्रियजनों के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। - ShareChat
#🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी
🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 - कृतिका नक्षत्र के बारे में बात करते हैं! नक्षत्र का स्वामी सूर्य है, जो कि ऊर्जा , शक्ति और कृतिका  आत्मविश्वास का प्रतीक है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले ಶತತ ] बातें हैंः लोगों के बारे खास *तेजस्वी*ः कृतिका नक्षत्र के जातक अक्सर तेजस्वी और आकर्षक होते हैं। उनकी उपस्थिति आकर्षित दूसरों को करती है। *मानी*ः ये लोग अपने आप में विश्वास रखते हैं और अपने निर्णयों पर अड़े रहते हैं। *स्वाभिमानी *: कृतिका नक्षत्र के जातक अपने स्वाभिमान को बहुत महत्व देते हैं। वे अपने सम्मान और प्रतिष्ठा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। ؟44-/<44 *व्यर्थ भ्रमण करने वाला*ः ये लोग अक्सर शौकीन होते हैं। उन्हें नई जगहें और अनुभव पसंद आते हैं | भोजी *ः कृतिका नक्षत्र के जातक अक्सर खाने के *4٤ शौकीन होते हैं। उन्हें अच्छे खाने और पेय का आनंद लेना पसंद होता है। वाले होते हैं, लेकिन उनका *क्रोधी*ः ये लोग अक्सर गुस्से गुस्सा जल्द ही शांत भी हो जाता है। *प्रतिष्ठित*ः कृतिका नक्षत्र के जातक अक्सर समाज में प्रतिष्ठित होते हैं। वे अपने काम और व्यवहार से दूसरों का सम्मान पाते हैं। कृतिका नक्षत्र के बारे में बात करते हैं! नक्षत्र का स्वामी सूर्य है, जो कि ऊर्जा , शक्ति और कृतिका  आत्मविश्वास का प्रतीक है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले ಶತತ ] बातें हैंः लोगों के बारे खास *तेजस्वी*ः कृतिका नक्षत्र के जातक अक्सर तेजस्वी और आकर्षक होते हैं। उनकी उपस्थिति आकर्षित दूसरों को करती है। *मानी*ः ये लोग अपने आप में विश्वास रखते हैं और अपने निर्णयों पर अड़े रहते हैं। *स्वाभिमानी *: कृतिका नक्षत्र के जातक अपने स्वाभिमान को बहुत महत्व देते हैं। वे अपने सम्मान और प्रतिष्ठा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। ؟44-/<44 *व्यर्थ भ्रमण करने वाला*ः ये लोग अक्सर शौकीन होते हैं। उन्हें नई जगहें और अनुभव पसंद आते हैं | भोजी *ः कृतिका नक्षत्र के जातक अक्सर खाने के *4٤ शौकीन होते हैं। उन्हें अच्छे खाने और पेय का आनंद लेना पसंद होता है। वाले होते हैं, लेकिन उनका *क्रोधी*ः ये लोग अक्सर गुस्से गुस्सा जल्द ही शांत भी हो जाता है। *प्रतिष्ठित*ः कृतिका नक्षत्र के जातक अक्सर समाज में प्रतिष्ठित होते हैं। वे अपने काम और व्यवहार से दूसरों का सम्मान पाते हैं। - ShareChat
#💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔
💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी - भरणी नक्षत्र के बारे में बात करते हैं! भरणी नक्षत्र का स्वामी शुक्र देवता को माना जाता है, जो कि सौंदर्य, प्रेम और ऐश्वर्य के देवता हैं। इस नक्षत्र में जन्म #శ్ల लेने वाले लोगों के बारे खास बातें हैंः क्रूर स्वभाव*ः भरणी नक्षत्र के जातक अक्सर अपने स्वभाव में थोड़े कठोर होते हैं। वे अपनी बात पर अड़े रहते हैं और दूसरों की बातों को आसानी से नहीं मानते। *विकल *ः ये लोग अक्सर अपने मन की बात कहते हैं, चाहे वह किसी को पसंद आए या नहीं| उनकी बातें कभी॰कभी दूसरों को बुरा लग सकती हैं। *कृतघ्न*: भरणी नक्षत्र के जातक अक्सर अपने फायदे के f1g का इस्तेमाल करते हैं। वे अपने स्वार्थ के लिए TRI किसी भी हद तक जा सकते हैं। करने में अग्रणी*ः ये लोग अपने काम को पूरा Ra *aTd: लिए 7 करने के  हमेशा आगे रहते हैं। वे अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए कडी मेहनत करते हैं। *लोभी स्वभाव*: भरणी नक्षत्र के जातक अक्सर धन और संपत्ति के प्रति आकर्षित होते हैं। वे अपने पास पैसा और संपत्ति इकट्ठा करने की कोशिश करते हैं। लेकिन , यह ध्यान रखें कि ये सिर्फ सामान्य लक्षण हैं और हर व्यक्ति अलग होता है। भरणी नक्षत्र के जातक भी अपने गुणों और दोषों के साथ एक अनोखा व्यक्तित्व रखते हैं। भरणी नक्षत्र के बारे में बात करते हैं! भरणी नक्षत्र का स्वामी शुक्र देवता को माना जाता है, जो कि सौंदर्य, प्रेम और ऐश्वर्य के देवता हैं। इस नक्षत्र में जन्म #శ్ల लेने वाले लोगों के बारे खास बातें हैंः क्रूर स्वभाव*ः भरणी नक्षत्र के जातक अक्सर अपने स्वभाव में थोड़े कठोर होते हैं। वे अपनी बात पर अड़े रहते हैं और दूसरों की बातों को आसानी से नहीं मानते। *विकल *ः ये लोग अक्सर अपने मन की बात कहते हैं, चाहे वह किसी को पसंद आए या नहीं| उनकी बातें कभी॰कभी दूसरों को बुरा लग सकती हैं। *कृतघ्न*: भरणी नक्षत्र के जातक अक्सर अपने फायदे के f1g का इस्तेमाल करते हैं। वे अपने स्वार्थ के लिए TRI किसी भी हद तक जा सकते हैं। करने में अग्रणी*ः ये लोग अपने काम को पूरा Ra *aTd: लिए 7 करने के  हमेशा आगे रहते हैं। वे अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए कडी मेहनत करते हैं। *लोभी स्वभाव*: भरणी नक्षत्र के जातक अक्सर धन और संपत्ति के प्रति आकर्षित होते हैं। वे अपने पास पैसा और संपत्ति इकट्ठा करने की कोशिश करते हैं। लेकिन , यह ध्यान रखें कि ये सिर्फ सामान्य लक्षण हैं और हर व्यक्ति अलग होता है। भरणी नक्षत्र के जातक भी अपने गुणों और दोषों के साथ एक अनोखा व्यक्तित्व रखते हैं। - ShareChat
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🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 - अश्विनी नक्षत्र के बारे में बात करते हैं ! अश्विनी नक्षत्र का स्वामी केतु को माना जाता है, जो कि एक छाया ग्रह है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग अक्सर बहुत बुद्धिमान और तेज़ होते हैं। उनकी सोच और समझदारी उन्हें दूसरों से अलग बनाती है। *बुद्धिमान*: अश्विनी नक्षत्र के जातक अपनी बुद्धिमत्ता के faq जाने जाते हैं। वे जल्दी सीखते हैं और नई चीजों को समझने में माहिर होते हैं। *धनी*ः ये लोग अक्सर धन और संपत्ति के मामले में भाग्यशाली होते हैं। उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी होती है और वे अपने जीवन में सफलता प्राप्त करते हैं। अश्विनी नक्षत्र के जातक अक्सर आकर्षक *रूपवान*: और सुंदर होते हैं। उनका व्यक्तित्व  3$fa दूसरों  करता है। *वस्त्र एवं आभूषण प्रिय*ः ये लोग फैशन और सौंदर्य के प्रति रुचि रखते हैं। उन्हें अच्छे कपड़े और ज्वेलरी पहनना पसंद होता है। *शूरवीर*ः अश्विनी नक्षत्र के जातक " और वीर होते साहसी हैं।वे चुनौतियों का सामना करने से नहीं घबराते। *स्त्रियों में आसक्ति रखने वाला*ः ये लोग अक्सर महिलाओं के प्रति आकर्षित होते हैं और उनके साथ अच्छे संबंध बनाते हैं। *स्त्रियों को प्रिय लगने वाला*ः अश्विनी नक्षत्र के जातक महिलाओं के बीच लोकप्रिय होते हैं। उनकी अक्सर आकर्षक व्यक्तित्व और बुद्धिमत्ता उन्हें महिलाओं के लिए आकर्षक बनाती है। अश्विनी नक्षत्र के बारे में बात करते हैं ! अश्विनी नक्षत्र का स्वामी केतु को माना जाता है, जो कि एक छाया ग्रह है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग अक्सर बहुत बुद्धिमान और तेज़ होते हैं। उनकी सोच और समझदारी उन्हें दूसरों से अलग बनाती है। *बुद्धिमान*: अश्विनी नक्षत्र के जातक अपनी बुद्धिमत्ता के faq जाने जाते हैं। वे जल्दी सीखते हैं और नई चीजों को समझने में माहिर होते हैं। *धनी*ः ये लोग अक्सर धन और संपत्ति के मामले में भाग्यशाली होते हैं। उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी होती है और वे अपने जीवन में सफलता प्राप्त करते हैं। अश्विनी नक्षत्र के जातक अक्सर आकर्षक *रूपवान*: और सुंदर होते हैं। उनका व्यक्तित्व  3$fa दूसरों  करता है। *वस्त्र एवं आभूषण प्रिय*ः ये लोग फैशन और सौंदर्य के प्रति रुचि रखते हैं। उन्हें अच्छे कपड़े और ज्वेलरी पहनना पसंद होता है। *शूरवीर*ः अश्विनी नक्षत्र के जातक " और वीर होते साहसी हैं।वे चुनौतियों का सामना करने से नहीं घबराते। *स्त्रियों में आसक्ति रखने वाला*ः ये लोग अक्सर महिलाओं के प्रति आकर्षित होते हैं और उनके साथ अच्छे संबंध बनाते हैं। *स्त्रियों को प्रिय लगने वाला*ः अश्विनी नक्षत्र के जातक महिलाओं के बीच लोकप्रिय होते हैं। उनकी अक्सर आकर्षक व्यक्तित्व और बुद्धिमत्ता उन्हें महिलाओं के लिए आकर्षक बनाती है। - ShareChat
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