Abhilas Chauhan
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#✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️सितारों की चाल🌠 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔
✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - चैत्र नवरात्रि की जानकारी तीसरा दिनः माँ चंद्रघंटा तिथिः २१ मार्च २०२६ या दूध से बनी मिठाई भोगः दूध चंद्रघंटा साहस और निर्भयता का प्रतीक हैं। इनकी आराधना से भय और नकारात्मकता दूर होती है। चैत्र नवरात्रि की जानकारी तीसरा दिनः माँ चंद्रघंटा तिथिः २१ मार्च २०२६ या दूध से बनी मिठाई भोगः दूध चंद्रघंटा साहस और निर्भयता का प्रतीक हैं। इनकी आराधना से भय और नकारात्मकता दूर होती है। - ShareChat
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✡️सितारों की चाल🌠 - चैत्र नवरात्रि की जानकारी दूसरा दिनः माँ ब्रह्मचारिणी तिथिः २० मार्च २०२६ भोगः शक्कर और पंचामृत ब्रह्मचारिणी तप, त्याग और मा संयम का स्वरूप हैं। इनकी कृपा आत्मबल और धैर्य की प्राप्ति होती है। चैत्र नवरात्रि की जानकारी दूसरा दिनः माँ ब्रह्मचारिणी तिथिः २० मार्च २०२६ भोगः शक्कर और पंचामृत ब्रह्मचारिणी तप, त्याग और मा संयम का स्वरूप हैं। इनकी कृपा आत्मबल और धैर्य की प्राप्ति होती है। - ShareChat
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🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 - चैत्र नवरात्रि की जानकारी पहला दिनः माँ शेलपुत्री तिथिः १९ मार्च २०२६ भोगः गाय का घी माँ शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं और शक्ति व स्थिरता का प्रतीक मानी जाती हैं। इनकी पूजा से जीवन में दृढ़ता और शांति आती है। चैत्र नवरात्रि की जानकारी पहला दिनः माँ शेलपुत्री तिथिः १९ मार्च २०२६ भोगः गाय का घी माँ शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं और शक्ति व स्थिरता का प्रतीक मानी जाती हैं। इनकी पूजा से जीवन में दृढ़ता और शांति आती है। - ShareChat
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✡️सितारों की चाल🌠 - चैत्र नवरात्रि की जानकारी मां दुर्गा का आगमन इस वर्ष पालकी (डोली) पर  प्राकृतिक या सामाजिक எதச होे रहा है, चुनौतिर्यों का संकेत हो सकता है। इसलिए संयम से पूजा पाठ कर्रे। और भक्ति भाव *्शुभ कार्य*ः काले तिल और काले वस्त्र का दान करें हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करें कन्या पूजन करें सप्तशती का पाठ करें 3f आपको और जानकारी चाहिए? क्या चैत्र नवरात्रि की जानकारी मां दुर्गा का आगमन इस वर्ष पालकी (डोली) पर  प्राकृतिक या सामाजिक எதச होे रहा है, चुनौतिर्यों का संकेत हो सकता है। इसलिए संयम से पूजा पाठ कर्रे। और भक्ति भाव *्शुभ कार्य*ः काले तिल और काले वस्त्र का दान करें हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करें कन्या पूजन करें सप्तशती का पाठ करें 3f आपको और जानकारी चाहिए? क्या - ShareChat
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🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 - चैत्र नवरात्रि की जानकारी १९ मार्च को सुबह मुहूर्तः घटस्थापना 6:५२ से ७:४३ तक (५० मिनट) अभिजीत मुहूर्तः दोपहर १२:०५ से १२:५३ तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा के लिए यह नवरात्रि बहुत महत्वपूर्ण है। आप ऑनलाइन और जानकारी देख सकते हैं या किसी ज्योतिषी से संपर्क कर सकते గ चैत्र नवरात्रि की जानकारी १९ मार्च को सुबह मुहूर्तः घटस्थापना 6:५२ से ७:४३ तक (५० मिनट) अभिजीत मुहूर्तः दोपहर १२:०५ से १२:५३ तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा के लिए यह नवरात्रि बहुत महत्वपूर्ण है। आप ऑनलाइन और जानकारी देख सकते हैं या किसी ज्योतिषी से संपर्क कर सकते గ - ShareChat
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✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - राजयोग के कुछ महत्वपूर्ण संयोजन आपने कई राजयोग के बारे में बताया, आइए इसे और विस्तार से समझते हैंः *्वृषभ राशि का चंद्रमा लग्न भाव में होना*: यह योग व्यक्ति को आकर्षक और प्रभावशाली बनाता है। *दूसरे भाव का स्वामी १ १वें भाव र्में होना*ः यह योग धन और लाभ की प्राप्ति कराता है। *लग्नेश उच्चस्थ होकर भाग्य भाव में होना*ः यह योग व्यक्ति को भाग्यशाली और सफल बनाता है। *चंद्र मंगल युति त्रिकोण या केंद्र भाव में होना*: यह योग व्यक्ति को साहसी और सफल बनाता है। *नवम और ग्यारहवें भाव का स्वामी दशम भाव में होना*ः यह योग व्यक्ति को उच्च पद और सम्मान दिलाता है। *पंचमेश नवमेश की युति*ः यह योग व्यक्ति को विद्वान और धार्मिक बनाता है। *पंचम और नवम भाव में कुंभ और तुला राशि के शनि*ः यह योग व्यक्ति को न्यायप्रिय और संतुलित बनाता है। *राहु शुक्र युति ३ 9 १० या १२ भाव में होना*ः यह योग व्यक्ति को आकर्षक और प्रभावशाली बनाता है, लेकिन इसके नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं। अपने कुंडली में इन योगों के बारे में जानना  क्या आप ఛ9తTT चाहते हैं या किसी विशिष्ट योग के प्रभाव के बारे 1 चाहते हैं? राजयोग के कुछ महत्वपूर्ण संयोजन आपने कई राजयोग के बारे में बताया, आइए इसे और विस्तार से समझते हैंः *्वृषभ राशि का चंद्रमा लग्न भाव में होना*: यह योग व्यक्ति को आकर्षक और प्रभावशाली बनाता है। *दूसरे भाव का स्वामी १ १वें भाव र्में होना*ः यह योग धन और लाभ की प्राप्ति कराता है। *लग्नेश उच्चस्थ होकर भाग्य भाव में होना*ः यह योग व्यक्ति को भाग्यशाली और सफल बनाता है। *चंद्र मंगल युति त्रिकोण या केंद्र भाव में होना*: यह योग व्यक्ति को साहसी और सफल बनाता है। *नवम और ग्यारहवें भाव का स्वामी दशम भाव में होना*ः यह योग व्यक्ति को उच्च पद और सम्मान दिलाता है। *पंचमेश नवमेश की युति*ः यह योग व्यक्ति को विद्वान और धार्मिक बनाता है। *पंचम और नवम भाव में कुंभ और तुला राशि के शनि*ः यह योग व्यक्ति को न्यायप्रिय और संतुलित बनाता है। *राहु शुक्र युति ३ 9 १० या १२ भाव में होना*ः यह योग व्यक्ति को आकर्षक और प्रभावशाली बनाता है, लेकिन इसके नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं। अपने कुंडली में इन योगों के बारे में जानना  क्या आप ఛ9తTT चाहते हैं या किसी विशिष्ट योग के प्रभाव के बारे 1 चाहते हैं? - ShareChat
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🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 - गुरु का फल आपने गुरु के विभिन्न भावों में फल के बारे में बताया, आइए इसे और विस्तार से समझते हैंः भाव गुरु का फल विद्वान 1. লবন ज्ञानवान द्वितीय बोलने में चतुर, वाकपटु 1. १. तृतीय कृपण, संकीर्ण १. चतुर्थ सुखी, समृद्ध १. पंचम बुद्धिमान ज्ञानी विजयी शत्रुहीन , 1. 48 सप्तम पिता से अधिक सफल 1 १. अष्टम तपस्वी, आध्यात्मिक १. नवमतपस्वी, धार्मिक १. दशम धनवान् सफल १. एकादशलाभयुक्त, सफल १. द्वादशदुष्ट , नकारात्मक आप गुरु के किसी विशिष्ट भाव के बारे में जानना क्या चाहते हैं या अपने कुंडली में गुरु की स्थिति के बारे में पूछना चाहते हैं? गुरु का फल आपने गुरु के विभिन्न भावों में फल के बारे में बताया, आइए इसे और विस्तार से समझते हैंः भाव गुरु का फल विद्वान 1. লবন ज्ञानवान द्वितीय बोलने में चतुर, वाकपटु 1. १. तृतीय कृपण, संकीर्ण १. चतुर्थ सुखी, समृद्ध १. पंचम बुद्धिमान ज्ञानी विजयी शत्रुहीन , 1. 48 सप्तम पिता से अधिक सफल 1 १. अष्टम तपस्वी, आध्यात्मिक १. नवमतपस्वी, धार्मिक १. दशम धनवान् सफल १. एकादशलाभयुक्त, सफल १. द्वादशदुष्ट , नकारात्मक आप गुरु के किसी विशिष्ट भाव के बारे में जानना क्या चाहते हैं या अपने कुंडली में गुरु की स्थिति के बारे में पूछना चाहते हैं? - ShareChat
हमारे शरीर में, नौ ग्रह कैसे प्रकट होते हैं... #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️सितारों की चाल🌠 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔
💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी - ग्रहों का शरीर में प्रकटीकरण  आपने बताया कि हमारे शरीर में नौ ग्रह कैसे प्रकट होते हैंः *सूर्य*ः आत्मा और आँखों के रूप में - यह हमारे जीवन की ऊर्जा और दृष्टि का केंद्र है। *चन्द्र*: मन और जल के रूप में, कैल्शियम के रूप में - यह हमारे भावनाओं और शरीर के तरल पदार्थो को नियंत्रित करता है। *मंगल*ः ऊर्जा और रक्त के रूप में - यह शरीर की R शक्ति और ऊर्जा का स्रोत है। *बुध*ः वाणी और बुद्धि के रूप में - यह " संचार और ৪সাই: बुद्धिमत्ता को प्रभावित करता है। तंत्रिका तंत्र और ज्ञान के रूप में - यह हमारे ज्ञान और तंत्रिका तंत्र को मजबूत करता है। *शुक्रर*ः त्वचा और जीवन शक्ति के रूप में - यह हमारे शरीर की सौंदर्य और जीवन शक्ति को बढ़ाता है। *शनि*ः नसों और बारलों के रूप में - यह हमारे शरीर की संरचना और स्थायित्व को प्रभावित करता है। भ्रम और आदर्तों के रूप में - यह हमारे मन की *राहु* भ्रम और आदर्तों को नियंत्रित करता है। #ಡ್: ? वैराग्य और हड्डियों के रूप में - यह हमारे वैराग्य और हड्डियों की मजबूती को प्रभावित करता है। क्या आप इन ग्रहों के प्रभाव को अपने जीवन ्में समझना चाहते हैं या किसी विशिष्ट ग्रह के बारे में पूछना चाहते हैं? ग्रहों का शरीर में प्रकटीकरण  आपने बताया कि हमारे शरीर में नौ ग्रह कैसे प्रकट होते हैंः *सूर्य*ः आत्मा और आँखों के रूप में - यह हमारे जीवन की ऊर्जा और दृष्टि का केंद्र है। *चन्द्र*: मन और जल के रूप में, कैल्शियम के रूप में - यह हमारे भावनाओं और शरीर के तरल पदार्थो को नियंत्रित करता है। *मंगल*ः ऊर्जा और रक्त के रूप में - यह शरीर की R शक्ति और ऊर्जा का स्रोत है। *बुध*ः वाणी और बुद्धि के रूप में - यह " संचार और ৪সাই: बुद्धिमत्ता को प्रभावित करता है। तंत्रिका तंत्र और ज्ञान के रूप में - यह हमारे ज्ञान और तंत्रिका तंत्र को मजबूत करता है। *शुक्रर*ः त्वचा और जीवन शक्ति के रूप में - यह हमारे शरीर की सौंदर्य और जीवन शक्ति को बढ़ाता है। *शनि*ः नसों और बारलों के रूप में - यह हमारे शरीर की संरचना और स्थायित्व को प्रभावित करता है। भ्रम और आदर्तों के रूप में - यह हमारे मन की *राहु* भ्रम और आदर्तों को नियंत्रित करता है। #ಡ್: ? वैराग्य और हड्डियों के रूप में - यह हमारे वैराग्य और हड्डियों की मजबूती को प्रभावित करता है। क्या आप इन ग्रहों के प्रभाव को अपने जीवन ्में समझना चाहते हैं या किसी विशिष्ट ग्रह के बारे में पूछना चाहते हैं? - ShareChat
#🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️सितारों की चाल🌠 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी
🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔 - प्रभावशाली ज्योतिष सूत्र < आपने कई महत्वपूर्ण ज्योतिष सूत्र बताए, आइए इसे और विस्तार से समझते हैंः अष्टम मे*: पैरानॉर्मल गतिविधियों के प्रति *<I$ 1 आकर्षण बढ सकता है। *केतु छटे में*: नौकरी से असंतुष्टि हो सकती है, राहु के 2. से विचारों में उथल पुथल हो सकती है। प्रभाव ३. *एकादश का मंगल*: साहस से लाभ मिलता है, व्यक्ति और सफल होता है। ஈி ४. *शुक्र + चंद्र का संबंध*: मन की शांति भंग हो सकती है, 3೩೬  रहता है। व्यक्ति ५. *्नवम का राहु*ः भाग्य की देवी प्रसन्न नहीं होती, व्यक्ति को भाग्य का साथ नहीं मिलता। ६. *दशम का केतु*ः कैरियर में चुनौतियाँ आती हैं, स्थिरता नहीं होती। ७. *्लग्न का राहु*ः इच्छा पूर्ति होती है, लेकिन वैवाहिक जीवन में परेशानी आ सकती है। *चतुर्थ भाव में बलशाली शुक्र*ः ऐशो आराम और 8. सुख सुविधाएँ आसानी से मिलती हैं। क्या आप इन सूत्रों को अपने जीवन ्में समझना चाहते हैं या किसी विशिष्ट सूत्र के बारे में पूछना चाहते हैं? प्रभावशाली ज्योतिष सूत्र < आपने कई महत्वपूर्ण ज्योतिष सूत्र बताए, आइए इसे और विस्तार से समझते हैंः अष्टम मे*: पैरानॉर्मल गतिविधियों के प्रति *<I$ 1 आकर्षण बढ सकता है। *केतु छटे में*: नौकरी से असंतुष्टि हो सकती है, राहु के 2. से विचारों में उथल पुथल हो सकती है। प्रभाव ३. *एकादश का मंगल*: साहस से लाभ मिलता है, व्यक्ति और सफल होता है। ஈி ४. *शुक्र + चंद्र का संबंध*: मन की शांति भंग हो सकती है, 3೩೬  रहता है। व्यक्ति ५. *्नवम का राहु*ः भाग्य की देवी प्रसन्न नहीं होती, व्यक्ति को भाग्य का साथ नहीं मिलता। ६. *दशम का केतु*ः कैरियर में चुनौतियाँ आती हैं, स्थिरता नहीं होती। ७. *्लग्न का राहु*ः इच्छा पूर्ति होती है, लेकिन वैवाहिक जीवन में परेशानी आ सकती है। *चतुर्थ भाव में बलशाली शुक्र*ः ऐशो आराम और 8. सुख सुविधाएँ आसानी से मिलती हैं। क्या आप इन सूत्रों को अपने जीवन ्में समझना चाहते हैं या किसी विशिष्ट सूत्र के बारे में पूछना चाहते हैं? - ShareChat
बदनामी का कारण #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️सितारों की चाल🌠 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯ग्रह दोष एवं उपाय🪔
💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी - बदनामी का कारण கதச लोगों को यश नहीं , बदनामी मिलती आपने बताया है, इसका ज्योतिषीय कारण हैः *कमजोर चंद्रमा*ः चंद्रमा मन, प्रतिष्ठा और जनमानस का है। जब यह कमजोर होता है, तो व्यक्ति की छवि कारक प्रभावित होती है। *कमजोर चंद्रमा की स्थितियां*: चंद्रमा + राहु + केतु चंद्रमा चंद्रमा + शनि चंद्रमा 6वें भाव में चंद्रमा 8्वें भाव में अपने कुंडली ्में चंद्रमा की स्थिति जानना चाहते क्या आप हैं या कमजोर चंद्रमा के प्रभाव को कम करने के उपाय पूछना चाहते हैं? बदनामी का कारण கதச लोगों को यश नहीं , बदनामी मिलती आपने बताया है, इसका ज्योतिषीय कारण हैः *कमजोर चंद्रमा*ः चंद्रमा मन, प्रतिष्ठा और जनमानस का है। जब यह कमजोर होता है, तो व्यक्ति की छवि कारक प्रभावित होती है। *कमजोर चंद्रमा की स्थितियां*: चंद्रमा + राहु + केतु चंद्रमा चंद्रमा + शनि चंद्रमा 6वें भाव में चंद्रमा 8्वें भाव में अपने कुंडली ्में चंद्रमा की स्थिति जानना चाहते क्या आप हैं या कमजोर चंद्रमा के प्रभाव को कम करने के उपाय पूछना चाहते हैं? - ShareChat