*राहु-केतु = हमेशा आमने-सामने। जहाँ राहु = भ्रम, लालच, अचानक। जहाँ केतु = वैराग्य, कट, अचानक खत्म।*
*1-7 अक्ष:* राहु 1 = खुद पर भ्रम, शक्ल-सूरत की चिंता। केतु 7 = शादी/पार्टनर से दूरी। रिश्ता चले पर मन न लगे।
*2-8 अक्ष:* राहु 2 = पैसा-कुटुंब में झूठ, फंसना, वाणी खराब। केतु 8 = ससुराल, गुप्त रोग, अचानक हादसे का डर। धन आए-जाए।
*3-9 अक्ष:* राहु 3 = हिम्मत ज्यादा, रिस्क, भाई से दुश्मनी। केतु 9 = भाग्य साथ न दे, पिता-गुरु से मतभेद। मेहनत डबल, फल आधा।
*4-10 अक्ष:* राहु 4 = घर में अशांति, माँ को कष्ट, सुख देर से। केतु 10 = करियर बदले, बॉस से न बने, इस्तीफा-जॉइन।
*5-11 अक्ष:* राहु 5 = प्रेम-शेयर-सट्टा में फंसना, पढ़ाई अधूरी। केतु 11 = दोस्त धोखा दें, कमाई रुक-रुक कर, संतान चिंता।
*6-12 अक्ष:* राहु 6 = दुश्मन से जीत, कर्ज-रोग पर फतह पर टेंशन बहुत। केतु 12 = नींद उड़े, खर्च, हॉस्पिटल, गुप्त शत्रु। पर अंत में मोक्ष।
*7-1 अक्ष:* राहु 7 = पार्टनर शक्की/धोखेबाज मिले, बिजनेस में ठगी। केतु 1 = खुद अलग-थलग, सिर दर्द, पहचान का संकट।
*8-2 अक्ष:* राहु 8 = ससुराल-बीमा-गुप्त धन पर अचानक लाभ/हानि। केतु 2 = परिवार से मोह भंग, आवाज रुके, बचत जीरो।
*9-3 अक्ष:* राहु 9 = नकली गुरु, धर्म के नाम पर भटकाव। केतु 3 = हिम्मत जवाब दे, भाई-बहन से दूरी, मेहनत का फल नहीं।
*10-4 अक्ष:* राहु 10 = करियर में शॉर्टकट, बदनामी का डर, राजनीति। केतु 4 = घर छूटे, माँ से दूर, मन घर में न लगे।
*11-5 अक्ष:* राहु 11 = बड़े सपने, लालच, गलत संगत से कमाई। केतु 5 = प्रेम टूटे, पढ़ाई छूटे, पेट-गर्भ समस्या।
*12-6 अक्ष:* राहु 12 = विदेश-जेल-हॉस्पिटल योग, नींद की गोली। केतु 6 = दुश्मन खुद खत्म, रोग पकड़ में न आए, कर्ज अचानक।
*सार:* राहु जिस भाव में = वहां पागलपन। केतु जिस भाव में = वहां से मोहभंग। उपाय = शिव + गणेश + हनुमान पूजा। राहु-केतु कंट्रोल। #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✡️सितारों की चाल🌠