Abhilas Chauhan
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Abhilas Chauhan
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+91 81038 40601 अपनी जन्म पत्रिका का संपूर्ण विशे
*राहु-केतु = हमेशा आमने-सामने। जहाँ राहु = भ्रम, लालच, अचानक। जहाँ केतु = वैराग्य, कट, अचानक खत्म।* *1-7 अक्ष:* राहु 1 = खुद पर भ्रम, शक्ल-सूरत की चिंता। केतु 7 = शादी/पार्टनर से दूरी। रिश्ता चले पर मन न लगे। *2-8 अक्ष:* राहु 2 = पैसा-कुटुंब में झूठ, फंसना, वाणी खराब। केतु 8 = ससुराल, गुप्त रोग, अचानक हादसे का डर। धन आए-जाए। *3-9 अक्ष:* राहु 3 = हिम्मत ज्यादा, रिस्क, भाई से दुश्मनी। केतु 9 = भाग्य साथ न दे, पिता-गुरु से मतभेद। मेहनत डबल, फल आधा। *4-10 अक्ष:* राहु 4 = घर में अशांति, माँ को कष्ट, सुख देर से। केतु 10 = करियर बदले, बॉस से न बने, इस्तीफा-जॉइन। *5-11 अक्ष:* राहु 5 = प्रेम-शेयर-सट्टा में फंसना, पढ़ाई अधूरी। केतु 11 = दोस्त धोखा दें, कमाई रुक-रुक कर, संतान चिंता। *6-12 अक्ष:* राहु 6 = दुश्मन से जीत, कर्ज-रोग पर फतह पर टेंशन बहुत। केतु 12 = नींद उड़े, खर्च, हॉस्पिटल, गुप्त शत्रु। पर अंत में मोक्ष। *7-1 अक्ष:* राहु 7 = पार्टनर शक्की/धोखेबाज मिले, बिजनेस में ठगी। केतु 1 = खुद अलग-थलग, सिर दर्द, पहचान का संकट। *8-2 अक्ष:* राहु 8 = ससुराल-बीमा-गुप्त धन पर अचानक लाभ/हानि। केतु 2 = परिवार से मोह भंग, आवाज रुके, बचत जीरो। *9-3 अक्ष:* राहु 9 = नकली गुरु, धर्म के नाम पर भटकाव। केतु 3 = हिम्मत जवाब दे, भाई-बहन से दूरी, मेहनत का फल नहीं। *10-4 अक्ष:* राहु 10 = करियर में शॉर्टकट, बदनामी का डर, राजनीति। केतु 4 = घर छूटे, माँ से दूर, मन घर में न लगे। *11-5 अक्ष:* राहु 11 = बड़े सपने, लालच, गलत संगत से कमाई। केतु 5 = प्रेम टूटे, पढ़ाई छूटे, पेट-गर्भ समस्या। *12-6 अक्ष:* राहु 12 = विदेश-जेल-हॉस्पिटल योग, नींद की गोली। केतु 6 = दुश्मन खुद खत्म, रोग पकड़ में न आए, कर्ज अचानक। *सार:* राहु जिस भाव में = वहां पागलपन। केतु जिस भाव में = वहां से मोहभंग। उपाय = शिव + गणेश + हनुमान पूजा। राहु-केतु कंट्रोल। #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✡️सितारों की चाल🌠
*कौन सा ग्रह क्या करवाता है - शॉर्ट में पूरा* #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✡️सितारों की चाल🌠 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - - शॉर्ट में पूरा* *कौन सा ग्रह क्या करवाता है *नौकरी छूटे = राहु* गलत फैसले अचानक इस्तीफा, बॉस से धोखा। भ्रम  २. *्शादी लेट = मंगल* मांगलिक दोष, गुस्सा, अहंकार। २८+ उम्र बाद सेटल। ३. *बचपन लौटाए = चंद्र* मूडी, भावुक, माँ जैसा व्यवहार। इमोशनल रिएक्शन।   *एक्सिडेंट/ सर्जरी = केतु* 4. अचानक कट, हड्डी ट्ूटे , ऑपरेशन। बिना लक्षण बीमारी। ५. *अमीर से गरीब = राहु + शनि* राहु = जुआ सट्टा-लालच। शनि = साढ़ेसाती में कंगाल।  ६. *्टेंशन चिंता = चंद्र * कमजोर/पीड़़ित चंद्र = ओवरथिंकिंग , डिप्रेशन , नींद उड़े। ७. *्बदनामी विवाद = सूर्य + राहु^ पंगा। ग्रहण योग। इज्जत पर दाग, स्कैंडल सरकारी + থানি* ८. *्तलाक = राहु राहु = शकनधोखा। शनि = दूरी ठंडापन। ७वां भाव बिगाड़े। *पूरी कुंडली संभाले = चंद्र* 9. बली चंद्र = मन मजबूत। हर मुसीबत में उम्मीद जिंदा  रखे। माँ का आशीर्वाद| १०. * भिखारी से अरबपति = शनि* मेहनत का फल देर से पर बडा। नीच से राजा बना दे। अनुशासन  धन। केतु = अचानक उथल पुथल। शनि = धीमा #HTR:* 7151 पर पक्का। चंद्र = मन का राजा। मंगल = देरी का कारण। सूर्यभ्राहु : इज्जत का दुश्मन| - शॉर्ट में पूरा* *कौन सा ग्रह क्या करवाता है *नौकरी छूटे = राहु* गलत फैसले अचानक इस्तीफा, बॉस से धोखा। भ्रम  २. *्शादी लेट = मंगल* मांगलिक दोष, गुस्सा, अहंकार। २८+ उम्र बाद सेटल। ३. *बचपन लौटाए = चंद्र* मूडी, भावुक, माँ जैसा व्यवहार। इमोशनल रिएक्शन।   *एक्सिडेंट/ सर्जरी = केतु* 4. अचानक कट, हड्डी ट्ूटे , ऑपरेशन। बिना लक्षण बीमारी। ५. *अमीर से गरीब = राहु + शनि* राहु = जुआ सट्टा-लालच। शनि = साढ़ेसाती में कंगाल।  ६. *्टेंशन चिंता = चंद्र * कमजोर/पीड़़ित चंद्र = ओवरथिंकिंग , डिप्रेशन , नींद उड़े। ७. *्बदनामी विवाद = सूर्य + राहु^ पंगा। ग्रहण योग। इज्जत पर दाग, स्कैंडल सरकारी + থানি* ८. *्तलाक = राहु राहु = शकनधोखा। शनि = दूरी ठंडापन। ७वां भाव बिगाड़े। *पूरी कुंडली संभाले = चंद्र* 9. बली चंद्र = मन मजबूत। हर मुसीबत में उम्मीद जिंदा  रखे। माँ का आशीर्वाद| १०. * भिखारी से अरबपति = शनि* मेहनत का फल देर से पर बडा। नीच से राजा बना दे। अनुशासन  धन। केतु = अचानक उथल पुथल। शनि = धीमा #HTR:* 7151 पर पक्का। चंद्र = मन का राजा। मंगल = देरी का कारण। सूर्यभ्राहु : इज्जत का दुश्मन| - ShareChat
*बेटे के उज्जवल भविष्य के 5 उपाय - असर क्यों करते हैं:* #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️सितारों की चाल🌠 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - *बेटे के उज्जवल भविष्य के 5 उपाय असर क्यों करते जी को बूंदी लड्डू* १. *मंगलवार हनुमान मंगल = साहस, ऊर्जा , शत्रु नाश| हनुमान जी बल-बुद्धि के देवता| बेटे के नाम से पर मंगल दोष शांत, डर चढ़ाने खत्म , हिम्मत बढ़े। *रोज सुबह गंगाजल सिर पर छिड़कना* 2 गंगाजल = पवित्रता , नेगेटिविटी हटाए। सिर = चंद्र का मन शांत , बुद्धि तेज , बुरी नजर दूर। दिन की स्थान। शुरुआत शुद्ध। ३. *रविवार तिलक + ११ गायत्री मंत्र* रविवार = सूर्य का दिन। तिलक = आज्ञा चक्र एक्टिव। गायत्री = बुद्धि विवेक का मंत्र। तेज, मान सम्मान , पढ़ाई र्में फोकस बढ़े। *पूर्णिमा को माँ लक्ष्मी से प्रार्थना* पूर्णिमा = चंद्र पूर्ण बल। लक्ष्मी = धन, तरक्की, सुख। माँ का आशीर्वाद सीधा बेटे को लगे। मानसिक शक्ति बरकत दोर्नों। ५. *रोज सूर्य को अर्घ्य देना* सूर्य = आत्मा , पिता , आत्मविश्वास , सरकारी लाभ। जल देना = अहंकार गलना + तेज बढ़ना। ओँख , हड्डी मजबूत। लीडरशिप क्वालिटी आए। *सारः* मंगल = बल, गंगाजल = शुद्धि. गायत्री = बुद्धि, लक्ष्मी = तरक्की, सूर्य = आत्मविश्वास। 5 ग्रह कवर = पूरा भविष्य सिक्योर। *नियमः* माँ-बाप खुद श्रद्धा से करें तभी १००% फल।  दिखावे से नहीं। *बेटे के उज्जवल भविष्य के 5 उपाय असर क्यों करते जी को बूंदी लड्डू* १. *मंगलवार हनुमान मंगल = साहस, ऊर्जा , शत्रु नाश| हनुमान जी बल-बुद्धि के देवता| बेटे के नाम से पर मंगल दोष शांत, डर चढ़ाने खत्म , हिम्मत बढ़े। *रोज सुबह गंगाजल सिर पर छिड़कना* 2 गंगाजल = पवित्रता , नेगेटिविटी हटाए। सिर = चंद्र का मन शांत , बुद्धि तेज , बुरी नजर दूर। दिन की स्थान। शुरुआत शुद्ध। ३. *रविवार तिलक + ११ गायत्री मंत्र* रविवार = सूर्य का दिन। तिलक = आज्ञा चक्र एक्टिव। गायत्री = बुद्धि विवेक का मंत्र। तेज, मान सम्मान , पढ़ाई र्में फोकस बढ़े। *पूर्णिमा को माँ लक्ष्मी से प्रार्थना* पूर्णिमा = चंद्र पूर्ण बल। लक्ष्मी = धन, तरक्की, सुख। माँ का आशीर्वाद सीधा बेटे को लगे। मानसिक शक्ति बरकत दोर्नों। ५. *रोज सूर्य को अर्घ्य देना* सूर्य = आत्मा , पिता , आत्मविश्वास , सरकारी लाभ। जल देना = अहंकार गलना + तेज बढ़ना। ओँख , हड्डी मजबूत। लीडरशिप क्वालिटी आए। *सारः* मंगल = बल, गंगाजल = शुद्धि. गायत्री = बुद्धि, लक्ष्मी = तरक्की, सूर्य = आत्मविश्वास। 5 ग्रह कवर = पूरा भविष्य सिक्योर। *नियमः* माँ-बाप खुद श्रद्धा से करें तभी १००% फल।  दिखावे से नहीं। - ShareChat
*चंद्रमा 10वें भाव में = दशम चंद्र* 🌙 10वां भाव = कर्म, करियर, इज्जत, बॉस, जनता, सरकार। चंद्र = मन, भावना, जनता, बदलाव। *शुभ फल:* 1. *जनता से जुड़ा काम* → राजनीति, एक्टिंग, टीचर, नर्सिंग, डेयरी, पानी, ट्रैवल, होटल लाइन में नाम। पब्लिक फेस बनता है। 2. *माँ का सपोर्ट* → माँ की सलाह से करियर बनता है। माँ खुद भी कामकाजी या प्रसिद्ध। 3. *नाम-इज्जत* → मूड के हिसाब से काम बदले पर फेम मिलता है। लोग जल्दी पहचानते हैं। 4. *यात्रा वाला करियर* → जॉब में ट्रांसफर, विदेश यात्रा, बदलाव पसंद। *अशुभ फल - अगर चंद्र पीड़ित हो:* 1. *मन भटकना* → आज ये जॉब, कल वो बिजनेस। स्थिरता नहीं। मौके आते हैं पर मूड स्विंग से गंवा देता है। 2. *बदनामी का डर* → राहु/शनि साथ हो तो स्कैंडल। जनता का मूड बदलते ही इमेज डाउन। 3. *बॉस/सरकार से अनबन* → सूर्य/शनि से पीड़ित हो तो नौकरी में दिक्कत। इस्तीफा-जॉइन चलता रहे। 4. *माँ की सेहत* → चंद्र कमजोर तो माँ को कष्ट या माँ से दूरी। *"मौके कैसे गंवाए जाते हैं" - दशम चंद्र का क्लासिक केस:* 1. इंटरव्यू क्लियर हुआ, जॉइनिंग से 1 दिन पहले मन बदला → नहीं गया। 2. प्रमोशन मिला पर बॉस की बात बुरी लग गई → इस्तीफा दे दिया। 3. बिजनेस चला पर कोई टेंशन हुई → सब बंद कर दिया। 4. पब्लिक फेम मिला पर ट्रोलिंग हुई → प्रोफाइल डिलीट कर दी। इलाज: फैसला रात में मत लो। सुबह चंद्र बलवान होता है, तब हाँ/ना करो। --- *चंद्र हर भाव में - 1 लाइन में:* - *1 लग्न:* भावुक, खूबसूरत, मूडी। जनता पसंद करती है। - *2 धन:* फैमिली से लगाव, खाने का शौकीन, आवाज मीठी। पैसा आता-जाता रहे। - *3 पराक्रम:* बहन से प्यार, ट्रैवल पसंद, हिम्मत मूड पर। मीडिया में सफलता। - *4 सुख:* माँ का लाडला, घर-गाड़ी-सुख सब मिले। दिल घर में लगता है। - *5 विद्या:* रचनात्मक, बच्चों से प्यार, लव अफेयर। सट्टा-शेयर में मन लगे। - *6 रोग:* दुश्मन से जीत, पर टेंशन ज्यादा। ननिहाल से लाभ। नौकरी में उतार-चढ़ाव। - *7 पत्नी:* सुंदर जीवनसाथी, बिजनेस में साझेदारी। पर पार्टनर मूडी। - *8 आयु:* रिसर्च माइंड, गुप्त विद्या में रुचि। पर मानसिक अशांति, ससुराल से टेंशन। - *9 भाग्य:* धार्मिक, पिता से लगाव, विदेश यात्रा। भाग्य माँ जैसे - साथ दे। - *10 कर्म:* ऊपर बता दिया - पब्लिक फेम, अस्थिर करियर। - *11 लाभ:* बड़े सर्कल, दोस्तों से कमाई। इच्छा पूरी हो पर देर से। - *12 व्यय:* खर्चीला, विदेश सेटलमेंट, नींद की दिक्कत। सपनों की दुनिया में रहे। *सार:* चंद्र जहां बैठे, उस भाव को भावुक बना दे। अकेला चंद्र हमेशा चंचल - इसलिए उपाय में चांदी, मोती, शिव पूजा। तेरा चंद्र कहां बैठा है? डिग्री और राशि बता, बता दूं कि मौका बनाएगा या गंवाएगा। #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️सितारों की चाल🌠 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
*"भगवान से डर मत पागल, अभिमान कर कि मेरे साथ भगवान हमेशा खड़े हैं"* - ये भाव ही सबसे बड़ा कवच है 🙏 अब आते हैं ज्योतिष पर... *नवम भाव में सूर्य हो तो:* नवम भाव = धर्म, भाग्य, पिता, गुरु, उच्च शिक्षा, लंबी यात्रा। सूर्य = आत्मा, पिता, राजा, तेज, अहंकार। *शुभ फल:* 1. *भाग्यशाली* → भाग्य का पूरा साथ मिलता है। मेहनत से ज्यादा किस्मत काम करती है। 2. *धर्म में रुचि* → जातक धार्मिक, मंदिर-तीर्थ यात्रा करने वाला। ईश्वर में अटूट विश्वास। तुम्हारी लाइन "भगवान हमेशा साथ हैं" एकदम नवम सूर्य वाली है। 3. *पिता से संबंध* → पिता प्रभावशाली, सरकारी नौकरी या उच्च पद पर। पिता से लाभ। खुद भी पिता समान सम्मान पाता है। 4. *उच्च पद/सरकारी लाभ* → सरकारी नौकरी, राजनीति, प्रशासन में सफलता। समाज में नाम-इज्जत। 5. *गुरु समान* → लोग सलाह लेने आते हैं। खुद भी ज्ञानी, उपदेशक स्वभाव। 6. *विदेश/लंबी यात्रा* → विदेश यात्रा, उच्च शिक्षा के लिए दूर जाना। *अशुभ फल - अगर सूर्य पीड़ित हो:* 1. *अहंकार* → "मैं ही सही हूं" वाला भाव। अभिमान ज्यादा तो भाग्य रूठ जाता है। 2. *पिता से अनबन* → सूर्य नीच का, राहु-केतु-शनि से दृष्ट हो तो पिता से दूरी या पिता को कष्ट। 3. *भाग्य में रुकावट* → पाप ग्रहों से पीड़ित हो तो भाग्य देर से साथ देता है। 30-32 साल बाद उदय। 4. *धर्म के नाम पर दिखावा* → अंदर से खाली, बाहर से धार्मिक। *उपाय अगर सूर्य कमजोर हो:* 1. रोज सुबह सूर्य को जल दो - तांबे के लोटे से, "ॐ घृणि सूर्याय नमः" 2. पिता का सम्मान करो, रोज पैर छुओ। पिता न हों तो पिता तुल्य व्यक्ति का। 3. रविवार को नमक मत खाओ। 4. माणिक्य रत्न पहन सकते हो पर कुंडली दिखाकर ही। *सार:* नवम सूर्य वाला जातक सच में भाग्यशाली होता है। बस अहंकार को "स्वाभिमान" तक सीमित रखे। भगवान साथ हैं - ये विश्वास ही नवम सूर्य की असली ताकत है। जातक की पूरी कुंडली में सूर्य किस राशि में है? मित्र राशि में है तो राजयोग, शत्रु में है तो मेहनत ज्यादा। बता दो तो और सटीक बताऊं। #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #✡️सितारों की चाल🌠 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी
*1. सुंदर रूप-रंग, सुंदर काया कौन देता है* ज्योतिष में सुंदरता के मुख्य कारक: - *शुक्र* → चेहरा, निखार, आकर्षण, ग्लैमर। शुक्र मजबूत = नेचुरल ब्यूटी, अच्छी त्वचा, मोहक आंखें - *चंद्र* → गोरापन, कोमलता, चेहरा गोल-मटोल, चमक - *लग्न/लग्नेश* → शरीर की बनावट। लग्नेश शुभ ग्रह से युत हो तो काया सुंदर - *पहला भाव* → सिर से पांव तक का रूप। इसमें शुभ ग्रह हों तो व्यक्ति आकर्षक शुक्र + चंद्र दोनों लग्न/7वें भाव में हों और पीड़ित न हों → बहुत सुंदर काया *2. अनैतिक संबंध के ज्योतिषीय संकेत* शास्त्रों में इसे "व्यभिचार योग" कहते हैं। ये जनरल कॉम्बिनेशन बताए गए हैं: - *शुक्र पीड़ित* → राहु, मंगल, शनि से युत/दृष्ट। शुक्र भोग का कारक है, पीड़ित हुआ तो मर्यादा टूटती है - *7वां भाव खराब* → 7वें भाव में मंगल+शुक्र, राहु+शुक्र, या एक से ज्यादा पाप ग्रह - *चंद्र कमजोर* → मन चंचल, भावनाओं पर कंट्रोल नहीं - *बुध+शुक्र+राहु* → 7वें/8वें/12वें भाव में। बहुत चालाक, दोहरी जिंदगी - *मंगल+शुक्र युति* → तेज वासना, खासकर 7, 8, 12 भाव में - *12वां भाव एक्टिव* → शय्या सुख, गुप्त संबंध। यहां राहु/शुक्र/मंगल हों तो पराए संबंध - *नवमांश कुंडली* → लग्न कुंडली में सब ठीक लगे पर नवमांश में शुक्र/7वां भाव पीड़ित = चरित्र दोष *जरूरी बात:* 1. सिर्फ 1-2 योग से कुछ तय नहीं होता। पूरी कुंडली देखनी पड़ती है। 2. ग्रह योग = प्रवृत्ति देता है, मजबूरी नहीं। संस्कार, शिक्षा, माहौल से सब बदल जाता है। 3. ज्योतिष बदनाम करने के लिए नहीं है। ये सिर्फ संभावना बताता है। किसी इंसान को जज करने के लिए कुंडली आधार नहीं होनी चाहिए। कर्म से सब कटता है - ये शनि का नियम है। #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️सितारों की चाल🌠 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
*कुछ खास युतियां - विस्तार से* 1. *शनि + सूर्य* पिता-पुत्र का झगड़ा। अहंकार और अनुशासन की टकराहट। सरकारी काम में अड़चन, बॉस से नहीं बनती। जिंदगी में संघर्ष लंबा चलता है क्योंकि शनि धीमा है और सूर्य तेज। नाम देर से बनता है, पर मेहनत से बनता जरूर है। 2. *गुरु + शुक्र* धर्म और भोग आमने सामने। गुरु संस्कार चाहता है, शुक्र सुख-सुविधा। शादी में सोच का फर्क आता है। एक साथी धार्मिक, दूसरा मॉडर्न। एडजस्टमेंट से ही गृहस्थी चलती है। पैसा और ज्ञान दोनों मिलते हैं, पर बैलेंस जरूरी। 3. *गुरु + मंगल* ज्ञान + ताकत = राजयोग। इसे गुरु-मंगल योग कहते हैं। ऐसा इंसान निडर, लीडर और नीति वाला होता है। टेक्निकल, सेना, पुलिस, स्पोर्ट्स, मैनेजमेंट में आगे जाता है। लोग इसका लोहा मानते हैं। दुनिया सच में झुकती है। 4. *शनि + शुक्र* विलास का कारक शुक्र और मेहनत का कारक शनि। पैसा आएगा पर देर से और मेहनत से। सुख-सुविधा के लिए संघर्ष करना पड़ता है। शादी देर से या उम्र के फासले वाली। लेकिन एक बार सेट हो जाए तो धन टिकता भी खूब है। 5. *शनि + केतु* वैराग्य का योग। मन दुनिया से कटा कटा रहता है। नौकरी, रिश्ते, घर में मन नहीं लगता। शांति के लिए तरसता है पर मिलती नहीं। अक्सर अकेलापन, डिप्रेशन जैसा फील आता है। अध्यात्म में जाए तो ही राहत मिलती है। 6. *गुरु + केतु* इसे गणेश योग या ज्ञान-मोक्ष योग कहते हैं। दुनिया से मोह हटता है। इंसान बहुत धार्मिक, ज्ञानी, अंतर्ज्ञानी होता है। पूर्वाभास की क्षमता आती है। गृहस्थी में मन कम, तीर्थ, मंदिर, धाम में शांति मिलती है। गुरु अच्छा हो तो बड़ा संत या सलाहकार बनाता है। *नोट*: युति का असर भाव, राशि, डिग्री और दृष्टि पर भी निर्भर करता है। सिर्फ युति से पूरा फल नहीं तय होता। #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️सितारों की चाल🌠 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
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✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - *चौथा भाव और उसका स्वामी केतु, *क्रूर ग्रह ४थे भाव में* शनि, राहु, मंगल, सूर्यः रिश्तेदारों की मदद सिर्फ एहसान के बदले करता है मौका मिले तो बदला भी ले लेता है *चौथे भाव का स्वामी केंद्र/त्रिकोण में* गुरु, शुक्र, बुध, चंद्र का प्रभाव ४थे भाव परः रिश्तेदार्रों से बहुत आगे निकलता है समाज में कद और इज्जत 8 बढ़ती *चौथा भाव और उसका स्वामी केतु, *क्रूर ग्रह ४थे भाव में* शनि, राहु, मंगल, सूर्यः रिश्तेदारों की मदद सिर्फ एहसान के बदले करता है मौका मिले तो बदला भी ले लेता है *चौथे भाव का स्वामी केंद्र/त्रिकोण में* गुरु, शुक्र, बुध, चंद्र का प्रभाव ४थे भाव परः रिश्तेदार्रों से बहुत आगे निकलता है समाज में कद और इज्जत 8 बढ़ती - ShareChat
#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️सितारों की चाल🌠 #✋हस्तरेखा शास्त्र🌌
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - *करोड़पति योग - कम शब्दों में* *दूसरे।ग्यारहवें भाव के स्वामी 1. विशाल मजबूत* + गुरु/शुक्र का साथ } धन प्रवाह २. *केंद्र त्रिकोण में राज/धन योग* ) राजसी स्थिति, तेजी से उत्थान *राहु का संबंध २, १०, ११ भाव से* 3. अलग रास्ते से वैश्विक सफलता *गुरु-चंद्र का प्रभाव* ٦١٩+ ٤٦ 4 } में जबरदस्त वृद्धि 5. *10/11 সান ম নলনান থানি* धैर्य ) से बड़ा दीर्घकालिक साम्राज्य Meta Al *करोड़पति योग - कम शब्दों में* *दूसरे।ग्यारहवें भाव के स्वामी 1. विशाल मजबूत* + गुरु/शुक्र का साथ } धन प्रवाह २. *केंद्र त्रिकोण में राज/धन योग* ) राजसी स्थिति, तेजी से उत्थान *राहु का संबंध २, १०, ११ भाव से* 3. अलग रास्ते से वैश्विक सफलता *गुरु-चंद्र का प्रभाव* ٦١٩+ ٤٦ 4 } में जबरदस्त वृद्धि 5. *10/11 সান ম নলনান থানি* धैर्य ) से बड़ा दीर्घकालिक साम्राज्य Meta Al - ShareChat
#✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️सितारों की चाल🌠 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
✋हस्तरेखा शास्त्र🌌 - *खराब ग्रह कैसे पहचानें -* १. *शुक्र खराब*ः गंदा बिखरा बिस्तर दरिद्रता + आत्मविश्वास २. *सूर्य खराब*ः सुबह देर तक सोना L की कमी ३. *मंगल खराब*ः छोटी बात पर झगड़ा साहस ల ४. *चंद्र खराब*ः छोटी बात पर ओवरथिंकिंग  ನ ೊ डिप्रेशन ५. *बुध खराब*: सूखे पौधे, बिखरी किताबें 3i L fareI #ఇగగి नीतिविरुद्ध काम, नास्तिकता ६. *गुरु खराब*: ज्ञान  ನ ೊ की कमी ७. *्शनि खराब*ः बहुत आलस असफलता, कर्ज ల *राहु  चुगली खराब*ः झूठ, 8. भ्रम ज्यादा ) *केतु खराब*ः किसी चीज से हद से ज्यादा मोह 9. *खराब ग्रह कैसे पहचानें -* १. *शुक्र खराब*ः गंदा बिखरा बिस्तर दरिद्रता + आत्मविश्वास २. *सूर्य खराब*ः सुबह देर तक सोना L की कमी ३. *मंगल खराब*ः छोटी बात पर झगड़ा साहस ల ४. *चंद्र खराब*ः छोटी बात पर ओवरथिंकिंग  ನ ೊ डिप्रेशन ५. *बुध खराब*: सूखे पौधे, बिखरी किताबें 3i L fareI #ఇగగి नीतिविरुद्ध काम, नास्तिकता ६. *गुरु खराब*: ज्ञान  ನ ೊ की कमी ७. *्शनि खराब*ः बहुत आलस असफलता, कर्ज ల *राहु  चुगली खराब*ः झूठ, 8. भ्रम ज्यादा ) *केतु खराब*ः किसी चीज से हद से ज्यादा मोह 9. - ShareChat