ShareChat
click to see wallet page
search
#satnam waheguru ji #satnam shri waheguru ji #Meetha Lage Tera bhana
satnam waheguru ji - इहु जगु सचै की है कोठड़ी सचे का विचि वासु।Iइकन्हा समाइ लए इकन्हा हुकमि करे विणासुI। हुकमे अर्थः हम जिस दुनिया में रह रहे हैं, उसे तुच्छ न समझें। यदि यह मै तेरा ईश्वर की कोठड़ी है। यह संसार उस सच्चे परमात्मा की रहने जग वाली एक कोठरी या कक्ष है और वह सच्चा परमात्मा स्वयं इस qR संसार के भीतर निवास करता है, तो हमारा हर कर्म उस मालिक की 3 उपस्थिति में हो रहा है। संसार केवल माया या झूठा है। यदि परमात्मा स्वयं इसमें बसता है, तो यह संसार पवित्र है। यह परमात्मा পঙ্াভা #Huఢ का ' प्रकट रूप है। जैसे कलाकार अपनी कला होता है, वैसे ही अकाल पुरख अपनी सृष्टि के कण ्कण में मौजूद है। वह वाले अपनी मर्जी (हुकम ) से वह कुछ जीवों को अपने आप में लीन कर लेता है यानी उन्हें मुक्ति या नाम की प्राप्ति करा देता है और अपने ही IqI हुकम से वह कुछ को माया के विकारों में नष्ट होने देता है।सब कुछ Gt उसकी रज़ा में हो रहा है। इंसान के हाथ में केवल प्रयास और अरदास है, लेकिन अंतिम कृपा और निर्णय उस सच्चे का ही है। इहु जगु सचै की है कोठड़ी सचे का विचि वासु।Iइकन्हा समाइ लए इकन्हा हुकमि करे विणासुI। हुकमे अर्थः हम जिस दुनिया में रह रहे हैं, उसे तुच्छ न समझें। यदि यह मै तेरा ईश्वर की कोठड़ी है। यह संसार उस सच्चे परमात्मा की रहने जग वाली एक कोठरी या कक्ष है और वह सच्चा परमात्मा स्वयं इस qR संसार के भीतर निवास करता है, तो हमारा हर कर्म उस मालिक की 3 उपस्थिति में हो रहा है। संसार केवल माया या झूठा है। यदि परमात्मा स्वयं इसमें बसता है, तो यह संसार पवित्र है। यह परमात्मा পঙ্াভা #Huఢ का ' प्रकट रूप है। जैसे कलाकार अपनी कला होता है, वैसे ही अकाल पुरख अपनी सृष्टि के कण ्कण में मौजूद है। वह वाले अपनी मर्जी (हुकम ) से वह कुछ जीवों को अपने आप में लीन कर लेता है यानी उन्हें मुक्ति या नाम की प्राप्ति करा देता है और अपने ही IqI हुकम से वह कुछ को माया के विकारों में नष्ट होने देता है।सब कुछ Gt उसकी रज़ा में हो रहा है। इंसान के हाथ में केवल प्रयास और अरदास है, लेकिन अंतिम कृपा और निर्णय उस सच्चे का ही है। - ShareChat