गुड फ्राइडे
गुड फ्राइडे ईसाई धर्म का एक पवित्र और भावनात्मक दिन होता है, जो हर साल ईस्टर से पहले शुक्रवार को मनाया जाता है। यह दिन प्रभु यीशु मसीह की मृत्यु की स्मृति में मनाया जाता है। गुड फ्राइडे इसाई धर्म के लोगों के लिए दुख और पीड़ा का प्रतीक हो। साथ ही यह दिन हमें सिखाता है कि त्याग और प्रेम ही सच्चे उद्धार का रास्ता हैं। गुड फ्राइडे को ब्लैक डे यानी काला दिन भी कहा जाता है।
से पहले का शुक्रवार होता है।
गुड फ्राइडे वह दिन है जब यीशु मसीह को क्रूस (Cross) पर चढ़ाया गया था। उन पर यहूदियों का राजा होने का आरोप लगाया गया। यह रोमन राजा के साथ विश्वासघात माना जाता था। इसके लिए उन्हें मौत की सजा दी गई। मानवता के लिए उन्होंने अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। माना जाता है कि उन्होंने अपने प्रेम, क्षमा और बलिदान से पूरी दुनिया को मुक्ति का रास्ता दिखाया। इसलिए यह दिन दुखद होने के बावजूद उद्धार और आशा का प्रतीक बन गया। ईसाई मान्यता के अनुसार, यीशु का यह बलिदान ही मानवता को नया जीवन देता है।
वैसे तो यह इतिहास में काला दिन के तौर पर दर्ज है लेकिन इसे गुड फ्राइडे कहा जाता है। मान्यता है कि जिस दिन इशू को सूली पर चढ़ाया गया और उनकी मौत हुई, उस दिन फ्राइडे था। यीशु के सूली चढ़ने के समय को 'गुड' इसलिए कहते हैं, क्योंकि पुरानी अंग्रेजी में गुड का अर्थ 'होली' (Holy) यानी पवित्र से है।
स्लेट के अनुसार, ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी में ईस्टर से पहले वाले बुधवार को 'गुड वेडनेसडे' कहा जाता था। आमतौर पर अब ये 'होली वेडनेसडे' के नाम से जाना जाता है। इसी तरह गुड फ्राइडे को होली फ्राइडे के रूप में संदर्भित किया जाता है। हालांकि इस दिन को ब्लैक फ्राइडे या ग्रेट फ्राइडे भी कहा जाता है। साथ ही इस होली फ्राइडे के बाद ईस्टर यानी ईसा मसीह के वापस लौटने की उम्मीद बढ़ती है। इसलिए इसे "गुड फ्राइडे" कहा जाता है, क्योंकि यह दिन अंधकार में भी प्रकाश की ओर बढ़ने का संकेत देता है।
इस दिन दुनियाभर के चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएं होती हैं। उपवास और मौन ध्यान का पालन किया जाता है। क्रॉस की आराधना की जाती है। कुछ ईसाई इस दिन काले कपड़े पहनते हैं, शोक व्यक्त करते हैं। #शुभ कामनाएँ 🙏


