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#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 3.04 हास्य व्यंग कुर्सी पर बैठे लोग जब कुर्सी नहीं बचा से गिरने सकते कुर्सी  লঘন নন को कुर्सी  बेचने लगते हैं कुर्सी के खरीददार देशी विदेशी दोनो होते हैं! Status (Contacts) + # Aa 3.04 हास्य व्यंग कुर्सी पर बैठे लोग जब कुर्सी नहीं बचा से गिरने सकते कुर्सी  লঘন নন को कुर्सी  बेचने लगते हैं कुर्सी के खरीददार देशी विदेशी दोनो होते हैं! Status (Contacts) + # - ShareChat