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#खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी।
खिचड़ी कोई भी पका सकता है लोकतंत्र एवं प्रजातंत्र की रक्षार्थ है यह खिचड़ी। - Aa 10.M हास्य व्यंग जहां के मुंह में रहे भांति२की मलाई वह नहीं जाने पीर पराई यही राजनीति है इसीलिए गालियों का असर नहीं हुआ यह कोरोना रिपोर्ट के जैसे नेगेटिव आई! Status (Contacts) + # Aa 10.M हास्य व्यंग जहां के मुंह में रहे भांति२की मलाई वह नहीं जाने पीर पराई यही राजनीति है इसीलिए गालियों का असर नहीं हुआ यह कोरोना रिपोर्ट के जैसे नेगेटिव आई! Status (Contacts) + # - ShareChat