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#🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🕌 मक्का मदीना 🤲 #🕋जुम्मा मुबारक🤲 #🕋सुन्नी इस्लामिक ग्रुप🕋
🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 - नज़रों का ज़िना शुरू यहीं से होता है नज़रों का ज़िना शुरू यहीं से होता है कई लोग "देखना कोई गुनाह नहीं।" लेकिन 363 8 इस्लाम कहता है गैर औरत को देखना ज़िना की पहली सीढ़ी है। आज एक तस्वीर, कल एक चैट, फिर मुलाकात और फिर गुनाह। शैतान का जाल बहुत महीन होता ह, पर उसका अंजाम बहुत खतरनाक है। इसलिए अल्लाह ने नज़रों को झुकाने का हुक्म दिया। क्योंकि एक मोमिन की आंखें भी उसकी हिफ़ाज़त की ज़िम्मेदार हैं..! ! नज़रों का ज़िना शुरू यहीं से होता है नज़रों का ज़िना शुरू यहीं से होता है कई लोग "देखना कोई गुनाह नहीं।" लेकिन 363 8 इस्लाम कहता है गैर औरत को देखना ज़िना की पहली सीढ़ी है। आज एक तस्वीर, कल एक चैट, फिर मुलाकात और फिर गुनाह। शैतान का जाल बहुत महीन होता ह, पर उसका अंजाम बहुत खतरनाक है। इसलिए अल्लाह ने नज़रों को झुकाने का हुक्म दिया। क्योंकि एक मोमिन की आंखें भी उसकी हिफ़ाज़त की ज़िम्मेदार हैं..! ! - ShareChat