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#📓 हिंदी साहित्य #✍️ साहित्य एवं शायरी
📓 हिंदी साहित्य - ९९ संस्कारी होने का "अर्थ" बिल्कुल भी नहीं है कि यह हम किसी का बुरा बर्ताव" और ग्गलत" बातें सुनकर चुप रहे। ९९ संस्कारी होने का "अर्थ" बिल्कुल भी नहीं है कि यह हम किसी का बुरा बर्ताव" और ग्गलत" बातें सुनकर चुप रहे। - ShareChat