writer Manoj 🖋️🖋️
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@poet483824328
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ज्यादा झुक गए इसलिए टूट गए।
#✍️ साहित्य एवं शायरी #💓 दिल के अल्फ़ाज़
✍️ साहित्य एवं शायरी - जुबान का ध्यान रखना चाहिए जो तुम्हारे घर का नौकर है वो अपने घर का मालिक है। जुबान का ध्यान रखना चाहिए जो तुम्हारे घर का नौकर है वो अपने घर का मालिक है। - ShareChat
#📓 हिंदी साहित्य #✍️ साहित्य एवं शायरी
📓 हिंदी साहित्य - इंसान जीवन में सबको जानने के बाद एकांत चुनता है। इंसान जीवन में सबको जानने के बाद एकांत चुनता है। - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #📓 हिंदी साहित्य
✍️ साहित्य एवं शायरी - छल से हासिल की गई चीजें कब्जा कहलाती है काबिलियत नहीं.. ! छल से हासिल की गई चीजें कब्जा कहलाती है काबिलियत नहीं.. ! - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #📓 हिंदी साहित्य
✍️ साहित्य एवं शायरी - जो मनुष्य अपनी निंदा सह लेता है, उसने मानो सारे जगत पर विजय प्राप्त कर ली। जो मनुष्य अपनी निंदा सह लेता है, उसने मानो सारे जगत पर विजय प्राप्त कर ली। - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #📓 हिंदी साहित्य
✍️ साहित्य एवं शायरी - কী নী जब सरकार ग़लत आपका सही होना ख़तरनाक हो सकता है।" वॉल्टेयर কী নী जब सरकार ग़लत आपका सही होना ख़तरनाक हो सकता है।" वॉल्टेयर - ShareChat
#📓 हिंदी साहित्य #✍️ साहित्य एवं शायरी
📓 हिंदी साहित्य - सही फैसला लेना काबिलियत नहीं हैं, फैसला लेकर उसे सही साबित करना काबिलियत हैं। सही फैसला लेना काबिलियत नहीं हैं, फैसला लेकर उसे सही साबित करना काबिलियत हैं। - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #📓 हिंदी साहित्य
✍️ साहित्य एवं शायरी - कठिन केवल दृष्टिकोण होता है परिस्थिति तो हमेशा से सरल ही हैं... कठिन केवल दृष्टिकोण होता है परिस्थिति तो हमेशा से सरल ही हैं... - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #📓 हिंदी साहित्य
✍️ साहित्य एवं शायरी - प्रशंसक आपका मुकाम देखते हैं शुभचिंतक आपकी थकान देखते हैं प्रशंसक आपका मुकाम देखते हैं शुभचिंतक आपकी थकान देखते हैं - ShareChat
#✍️ अनसुनी शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी #💓 दिल के अल्फ़ाज़
✍️ अनसुनी शायरी - जीवन से बस हार न मानी बाकी   सबसे हार गया हूँ सब दरिया से तैर के आए मैं डूबा तो पार गया हूँ मनोज जीवन से बस हार न मानी बाकी   सबसे हार गया हूँ सब दरिया से तैर के आए मैं डूबा तो पार गया हूँ मनोज - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #📓 हिंदी साहित्य
✍️ साहित्य एवं शायरी - संसद में संवाद ज़रूरी, होता है। देख मगर हंगामा संसद रोता है।। ऐसे ऐसे लोग यहां आ ,जाते हैं। लड़ते हैं फिर खाना खाकर, जाते हैं।। মনীত संसद में संवाद ज़रूरी, होता है। देख मगर हंगामा संसद रोता है।। ऐसे ऐसे लोग यहां आ ,जाते हैं। लड़ते हैं फिर खाना खाकर, जाते हैं।। মনীত - ShareChat