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#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - भास्कर नॉलेज पैक्स सिलिका ' में आने सै चिप निर्माण का कैंँद्र हौगा भारत? समोबद्ॅल नई दिल्ली |क्या कभी आपने सोचा है कि मिसाइल और में लगने वाली छोटी सी ಣ दुनिया की राजनीति बदल सकती है। इसी चिप सेमीकंडक्टर की सुरक्षा के लिए दुनिया ने एक नया नियम बनाया है, जिसे पैक्स सिलिका डिक्लेरेशन में शुरू की गई कहा जा रहा है। अमेरिका के नेतृत्व इस रणनीतिक और कूटनीतिक संगठन ने १२ दिसंबर २०२५ को वॉशिंगटन में एक शिखर सम्मेलन के दौरान इसे लॉन्च किया गया। भारत इस ' डिजिटल पहरेदार' गठबंधन में इसी महीने शामिल हो सकता है। क्या है ' पैक्स सिलिका ' और नाम ऐसा क्यों है ? ٩٩٩ अर्थ है शांति' और सिलकिा' यानी का 31R & सिलिकॉन, जो चिप बनाने का मुख्य जैसे २०वीं सदी में तेल के लिए  पैक्स पेट्रोलीय' था, वैसे ही २१वीं सदी सिलिका युग' की है। यह और   दक्षिण कोरिया   जैसे अमेरिका, और जापान देशों का समूह है। इसका उद्देश्य सेमीकंडक्टर एआई की सप्लाई चेन से चीन का दबदबा खत्म करना है। यानी किसी एक देश की मनमानी न चले। इसमें क्यों शामिल किया जा रहा है ? भारत को भारत के पास दो बड़ी ताकतें हैं- विशाल मार्केट और टैलेंटेड इंजीनियर। गठबंधन चाहता है कि चीन के विकल्प के रूप में भारत दुनिया का नया  मैन्युफैक्चरिंग बेस' बने। इसमें शामिल होने से भारत को एएसएमएल ( नीदरलैंड्स ) जैसी कंपनियों से अत्याधुनिक चिप बनाने वाली मशीनें और ऑस्ट्रेलिया से लिथियम जैसा कच्चा माल मिलना आसान हो जाएगा। चुनौतियां और फायदे संभव हैं ? इसमें  क्या बड़ी चुनौती ' स्वतंत्र विदेश नीति' की है। इसमें शामिल होने से भारत को चिप और एआई के निर्यात नियम अमेरिका. के हिसाब से तय करने पड़ सकते हैं। वहीं, भारत में चिप उत्पादन से इलेक्ट्रॉनिक सामान सस्ते होंगे। सेमीकंडक्टर मिशन २० के तहत सरकार को प्रशिक्षित कर रही है।॰ रोजगार युवाओं 85,000 बढ़ेंगे। भारत तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनेगा। भास्कर नॉलेज पैक्स सिलिका ' में आने सै चिप निर्माण का कैंँद्र हौगा भारत? समोबद्ॅल नई दिल्ली |क्या कभी आपने सोचा है कि मिसाइल और में लगने वाली छोटी सी ಣ दुनिया की राजनीति बदल सकती है। इसी चिप सेमीकंडक्टर की सुरक्षा के लिए दुनिया ने एक नया नियम बनाया है, जिसे पैक्स सिलिका डिक्लेरेशन में शुरू की गई कहा जा रहा है। अमेरिका के नेतृत्व इस रणनीतिक और कूटनीतिक संगठन ने १२ दिसंबर २०२५ को वॉशिंगटन में एक शिखर सम्मेलन के दौरान इसे लॉन्च किया गया। भारत इस ' डिजिटल पहरेदार' गठबंधन में इसी महीने शामिल हो सकता है। क्या है ' पैक्स सिलिका ' और नाम ऐसा क्यों है ? ٩٩٩ अर्थ है शांति' और सिलकिा' यानी का 31R & सिलिकॉन, जो चिप बनाने का मुख्य जैसे २०वीं सदी में तेल के लिए  पैक्स पेट्रोलीय' था, वैसे ही २१वीं सदी सिलिका युग' की है। यह और   दक्षिण कोरिया   जैसे अमेरिका, और जापान देशों का समूह है। इसका उद्देश्य सेमीकंडक्टर एआई की सप्लाई चेन से चीन का दबदबा खत्म करना है। यानी किसी एक देश की मनमानी न चले। इसमें क्यों शामिल किया जा रहा है ? भारत को भारत के पास दो बड़ी ताकतें हैं- विशाल मार्केट और टैलेंटेड इंजीनियर। गठबंधन चाहता है कि चीन के विकल्प के रूप में भारत दुनिया का नया  मैन्युफैक्चरिंग बेस' बने। इसमें शामिल होने से भारत को एएसएमएल ( नीदरलैंड्स ) जैसी कंपनियों से अत्याधुनिक चिप बनाने वाली मशीनें और ऑस्ट्रेलिया से लिथियम जैसा कच्चा माल मिलना आसान हो जाएगा। चुनौतियां और फायदे संभव हैं ? इसमें  क्या बड़ी चुनौती ' स्वतंत्र विदेश नीति' की है। इसमें शामिल होने से भारत को चिप और एआई के निर्यात नियम अमेरिका. के हिसाब से तय करने पड़ सकते हैं। वहीं, भारत में चिप उत्पादन से इलेक्ट्रॉनिक सामान सस्ते होंगे। सेमीकंडक्टर मिशन २० के तहत सरकार को प्रशिक्षित कर रही है।॰ रोजगार युवाओं 85,000 बढ़ेंगे। भारत तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनेगा। - ShareChat