#जय श्री #जय श्री कृष्ण
श्री कृष्ण की उपासना से धन, धर्म और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग इस प्रकार है:
* धर्म की प्राप्ति: श्री कृष्ण 'योगेश्वर' हैं और उन्होंने गीता के माध्यम से धर्म की स्थापना की है। उनकी उपासना से मनुष्य के भीतर विवेक जागृत होता है, जिससे वह सही और गलत के बीच भेद कर पाता है। जब साधक उनके 'निष्काम कर्म' के सिद्धांत को अपनाता है, तो वह फल की चिंता किए बिना अपने कर्तव्यों का पालन करता है, जो वास्तविक धर्म की प्राप्ति है।
* धन (अर्थ) की प्राप्ति: श्री कृष्ण को 'द्वारकाधीश' और 'लक्ष्मीपति' माना जाता है। उनकी भक्ति से जीवन में दरिद्रता का नाश होता है। वे अपने भक्तों की योग-क्षेम (जो उनके पास नहीं है उसे देना और जो है उसकी रक्षा करना) की जिम्मेदारी स्वयं लेते हैं। जैसे उन्होंने सुदामा की दरिद्रता दूर की थी, वैसे ही उनकी कृपा से भक्तों को भौतिक सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
* मोक्ष की प्राप्ति: श्री कृष्ण ने स्वयं कहा है कि जो उनकी शरण में आता है, वह जन्म-मरण के चक्र से मुक्त हो जाता है। उनकी भक्ति से माया का पर्दा हट जाता है और जीव का परमात्मा से मिलन होता है। अंत समय में श्री कृष्ण का स्मरण करने मात्र से मनुष्य को परम गति यानी मोक्ष प्राप्त होता है।


