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#Eek Tu Hi Guru Ji
Eek Tu Hi Guru Ji - C पुत्तर मनुष्य केवल अपने कर्मो का अधिकारी हैं, के दूसरों ; व्यवहार का नहीं.. ;लोग क्या कर रहे हैं, यह उनका कर्म है Tw लेकिन आप उस पर कैसे प्रतिक्रिया देते हैं, यह आपका धर्म है..!!   कोई बहुत मीठा बोलकर आपके अहित की योजना १ बना सकता है, और कोई कड़वा बोलकर भी आपका भला सोच सकता है। इसलिए, किसी के व्यक्तित्व का न्याय उसकी बोली से नहीं, बल्कि उसके उद्देश्य से करना चाहिए..!! जो @ भी लोग आपको टोकते हैं या डाँटते हैं (जैसे माता पिता या Gww सच्चे मित्र वे अक्सर आपके भविष्य को सुधारना चाहते हैंl इसके विपरीत , मुस्कुराकर जड़ काटने वाले वे स्वार्थी लोग हैं 0 जो सामने तो आपकी प्रशंसा करते हैं लेकिन पीठ पीछे आपको नुकसान पहुँचाते हैं उन चापलूसों से सावधान रहने चाहिये..!! C पुत्तर मनुष्य केवल अपने कर्मो का अधिकारी हैं, के दूसरों ; व्यवहार का नहीं.. ;लोग क्या कर रहे हैं, यह उनका कर्म है Tw लेकिन आप उस पर कैसे प्रतिक्रिया देते हैं, यह आपका धर्म है..!!   कोई बहुत मीठा बोलकर आपके अहित की योजना १ बना सकता है, और कोई कड़वा बोलकर भी आपका भला सोच सकता है। इसलिए, किसी के व्यक्तित्व का न्याय उसकी बोली से नहीं, बल्कि उसके उद्देश्य से करना चाहिए..!! जो @ भी लोग आपको टोकते हैं या डाँटते हैं (जैसे माता पिता या Gww सच्चे मित्र वे अक्सर आपके भविष्य को सुधारना चाहते हैंl इसके विपरीत , मुस्कुराकर जड़ काटने वाले वे स्वार्थी लोग हैं 0 जो सामने तो आपकी प्रशंसा करते हैं लेकिन पीठ पीछे आपको नुकसान पहुँचाते हैं उन चापलूसों से सावधान रहने चाहिये..!! - ShareChat