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#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - Shantikunj WhatsApp 8439014110 एक संत भक्ति पर व्याख्यान दे रहे थे। प्रवचन सुन रहे श्रोता ने पूछा- महाराज! कोई ऐसा मार्ग नहीं है जिससे संसार भी न छोड़ना पडे़ और मैं भगवान को भी पा लूँ | संत बोले- भक्ति तो छोड़ने का नहीं, पकड़ने का मार्ग है। संसार में रहते हुए अच्छी भावनाओं के साथ सुकर्म करो और अर्जित पुण्य परमात्मा का समझ कर उन्हीं को अर्पित कर दो। अनासक्त कर्म, अंतर्मन में भक्ति और बहिर्मन में वैराग्य के रूप में फलता है। Youlabe Shantikunj Rishi Chintan Shantikunj WhatsApp 8439014110 एक संत भक्ति पर व्याख्यान दे रहे थे। प्रवचन सुन रहे श्रोता ने पूछा- महाराज! कोई ऐसा मार्ग नहीं है जिससे संसार भी न छोड़ना पडे़ और मैं भगवान को भी पा लूँ | संत बोले- भक्ति तो छोड़ने का नहीं, पकड़ने का मार्ग है। संसार में रहते हुए अच्छी भावनाओं के साथ सुकर्म करो और अर्जित पुण्य परमात्मा का समझ कर उन्हीं को अर्पित कर दो। अनासक्त कर्म, अंतर्मन में भक्ति और बहिर्मन में वैराग्य के रूप में फलता है। Youlabe Shantikunj Rishi Chintan - ShareChat