अनिल साहू
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अनिल साहू
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#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - 35 নঙী নহযরতা 3ঁ নঙ্ী भगवते वासुदेवाय नमः आपके जीवन में f@ట] ' भगवान सुख, समृद्धि, संपन्नता की वृद्धि करें यही करबद्ध प्रार्थना है। ०शुभ गुरूवार॰ आपका दिन मंगलमय हो॰ 35 নঙী নহযরতা 3ঁ নঙ্ী भगवते वासुदेवाय नमः आपके जीवन में f@ట] ' भगवान सुख, समृद्धि, संपन्नता की वृद्धि करें यही करबद्ध प्रार्थना है। ०शुभ गुरूवार॰ आपका दिन मंगलमय हो॰ - ShareChat
#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - कहानी जो जीवन बदल दे। OILcus uoil दो पंडित छात्र काशी पढ़कर अपने अपने गाँव लौट থl   ওনক   ঠাঁব रहे थे। াম-দাম   ৪ী যমা पार साथ हो लिये। रास्ते में करने के लिये  दोेनों एक गांव में  रुके। ಹ परिचय ने पाकर   गांव मुखिया उन्हें अपने यहाँ ठहराने की व्यवस्था कर दी। Aqt दोनों को शौच स्नान से होकर तब भोजन दोनों   बारी-बारी सो गये। था। करना बाहर एक पंडित बैठा हुआ था तो साथी की ন मुखिया दूसरे विद्वता के संबंध में पूछा- तो ईर्ष्यावश उसने   कहा- ೯ FT adl वह तो मूर्ख FಕFT' होने गया और दूसरा बैठा जब   पहले वाला था तो मुखिया ने उससे भी॰ वही সংন   কিমা 531T वह भी ईर्ष्यालु था। बोला पूरा गधा हैं। जब दोनों নিহিবন মী ঠাঠ নী ने भोजन के लिए घर गृहपति घास रखी थी چ| बुलाया। एक की थाली में दूसरे में भूसा। आश्चर्य से दोनों ने पूछा यह क्या? कहा-आप   लोगों ने ही तो विनयपूर्वक   मुखिया ন को परिचय में गधे और बैल के रूप में दूसरे एक उसी के अनुसार यह भोजन का प्रबंध है। दिया থা] க fef 3iR পতিনী ಫ1 # समझ নন आया परनिंदा का क्या परिणाम होता है। अखंड ज्योति सितम्बर १९८८ कहानी जो जीवन बदल दे। OILcus uoil दो पंडित छात्र काशी पढ़कर अपने अपने गाँव लौट থl   ওনক   ঠাঁব रहे थे। াম-দাম   ৪ী যমা पार साथ हो लिये। रास्ते में करने के लिये  दोेनों एक गांव में  रुके। ಹ परिचय ने पाकर   गांव मुखिया उन्हें अपने यहाँ ठहराने की व्यवस्था कर दी। Aqt दोनों को शौच स्नान से होकर तब भोजन दोनों   बारी-बारी सो गये। था। करना बाहर एक पंडित बैठा हुआ था तो साथी की ন मुखिया दूसरे विद्वता के संबंध में पूछा- तो ईर्ष्यावश उसने   कहा- ೯ FT adl वह तो मूर्ख FಕFT' होने गया और दूसरा बैठा जब   पहले वाला था तो मुखिया ने उससे भी॰ वही সংন   কিমা 531T वह भी ईर्ष्यालु था। बोला पूरा गधा हैं। जब दोनों নিহিবন মী ঠাঠ নী ने भोजन के लिए घर गृहपति घास रखी थी چ| बुलाया। एक की थाली में दूसरे में भूसा। आश्चर्य से दोनों ने पूछा यह क्या? कहा-आप   लोगों ने ही तो विनयपूर्वक   मुखिया ন को परिचय में गधे और बैल के रूप में दूसरे एक उसी के अनुसार यह भोजन का प्रबंध है। दिया থা] க fef 3iR পতিনী ಫ1 # समझ নন आया परनिंदा का क्या परिणाम होता है। अखंड ज्योति सितम्बर १९८८ - ShareChat
#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - सच्चा धर्मात्मा कौन ? सच्चे आध्यात्मिक व्यक्ति के हृदय में प्रेम, ईमानदारी, सत्यता, उदारता, दया, श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के भाव उत्पन्न होते हैं |ये सब आत्मा के स्वाभाविक गुण हैं।ये ही मनुष्य की स्थायी शक्तियाँ हैं प्राप्त करने का उस इनको समय तक प्रयत्न करते रहना चाहिए, जब तक कि समस्त जीवन पूरी तरह इनमें रँग न जाए जिस आदमी में ये सब मौजूद  हैं, वास्तव में वही आध्यात्मिक व्यक्ति है |इसी गुण सत्य के आधार पर वह परमात्मा से मिल सकता है का मार्ग किसी धर्म विशेष या किसी ईश्वर- भक्ति कर्मकांड में सीमित नहीं है, यह तो आत्मा की गंभीरता में faH * केवल ईश्वर - ईश्वर रटने वाले धर्मात्मा नहीं होते, वरन् वे ही व्यक्ति धर्मात्मा होते हैं, जो परमात्मा के आदेशों पर अथवा उनके बताए हुए मार्ग पर चलते हैं * आदमी जो परमात्मा का उपदेश सुनते हैं और उसके अनुसार आचरण करते हैं जो आत्मा इस जीवन में पदार्पण कर ব্রুন্ধী; लिए 5 अंतर्ज्ञान का दरवाजा खुला हुआ है शुद्ध हृदय वाले आदमी धन्य हैं, क्योंकि वे ही परमात्मा का दर्शन करेंगे 1 इस दर्शन में जो आनंद है, उसका वर्णन कौन सकता है अखण्ड ज्योति जनवरी १९४१ मुख पृष्ठ सच्चा धर्मात्मा कौन ? सच्चे आध्यात्मिक व्यक्ति के हृदय में प्रेम, ईमानदारी, सत्यता, उदारता, दया, श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के भाव उत्पन्न होते हैं |ये सब आत्मा के स्वाभाविक गुण हैं।ये ही मनुष्य की स्थायी शक्तियाँ हैं प्राप्त करने का उस इनको समय तक प्रयत्न करते रहना चाहिए, जब तक कि समस्त जीवन पूरी तरह इनमें रँग न जाए जिस आदमी में ये सब मौजूद  हैं, वास्तव में वही आध्यात्मिक व्यक्ति है |इसी गुण सत्य के आधार पर वह परमात्मा से मिल सकता है का मार्ग किसी धर्म विशेष या किसी ईश्वर- भक्ति कर्मकांड में सीमित नहीं है, यह तो आत्मा की गंभीरता में faH * केवल ईश्वर - ईश्वर रटने वाले धर्मात्मा नहीं होते, वरन् वे ही व्यक्ति धर्मात्मा होते हैं, जो परमात्मा के आदेशों पर अथवा उनके बताए हुए मार्ग पर चलते हैं * आदमी जो परमात्मा का उपदेश सुनते हैं और उसके अनुसार आचरण करते हैं जो आत्मा इस जीवन में पदार्पण कर ব্রুন্ধী; लिए 5 अंतर्ज्ञान का दरवाजा खुला हुआ है शुद्ध हृदय वाले आदमी धन्य हैं, क्योंकि वे ही परमात्मा का दर्शन करेंगे 1 इस दर्शन में जो आनंद है, उसका वर्णन कौन सकता है अखण्ड ज्योति जनवरी १९४१ मुख पृष्ठ - ShareChat
#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - Located in thel Core Area कोर एरिया- ६७१ km 2 southeastern part of Buffer Area बफ़र एरिया km? 112 Lohit district ofl 783 km2 Total Area कुल क्षेत्रफल Arunachal Pradesh KAMLANG TIGER अरुणाचल प्रदेश के लोहित ज़िले के दक्षिण-पूर्वी भाग में RESERVE स्थित है कमलांग टाइगर रिज़र्व Parshuram Kund is d pilgrimage sife locafed on the Lohit river where sage Situated at an elevation of approx. ५O०० ft., Parshuram is said to havel pristine freshwoter loke the Claw lake is washed away the sin 01 inside Kamlang matricide लगभग ५००० फीट की ऊँचाई पर स्थित ग्लॉ लेक एक परशुराम कुंड एक तीर्थ स्थल है शुद्ध मीठे पानी की झील है जो कमलांग के भीतर स्थित है जो लोहित नदी पर स्थित है, जहाँ परशुराम ने कहा जाता है कि ऋषि मातृहत्या के पाप से मुक्ति पाई थी Himalaya  It is a part of the Eastern biodiversity hotspot and hosts some truly unique and rare wildlifel यह पूर्वी हिमालय जैव विविधता हॉटस्पॉट का एक हिस्सा है और यहाँ कुछ वास्तव में अद्वितीय और दुर्लभ वन्यजीव पाए जाते हैं. The reserve is surrounded Eastorn  hoolock by indigenous communities gibbon Red panda such as the Mishmi, Digaro Mishmi and Miju  Blongloris  Mishmi Tribes Sno lecpurd ಗಿತ್ यह रिज़र्व मिश्मी , दिगरो मिश्मी , और R9Ht Ut Mishmi Takin स्थानीय आदिवासी समुदायों से घिरा हुआ है Blyth's Clouded Tragopan wnile' eopord wingled duck Located in thel Core Area कोर एरिया- ६७१ km 2 southeastern part of Buffer Area बफ़र एरिया km? 112 Lohit district ofl 783 km2 Total Area कुल क्षेत्रफल Arunachal Pradesh KAMLANG TIGER अरुणाचल प्रदेश के लोहित ज़िले के दक्षिण-पूर्वी भाग में RESERVE स्थित है कमलांग टाइगर रिज़र्व Parshuram Kund is d pilgrimage sife locafed on the Lohit river where sage Situated at an elevation of approx. ५O०० ft., Parshuram is said to havel pristine freshwoter loke the Claw lake is washed away the sin 01 inside Kamlang matricide लगभग ५००० फीट की ऊँचाई पर स्थित ग्लॉ लेक एक परशुराम कुंड एक तीर्थ स्थल है शुद्ध मीठे पानी की झील है जो कमलांग के भीतर स्थित है जो लोहित नदी पर स्थित है, जहाँ परशुराम ने कहा जाता है कि ऋषि मातृहत्या के पाप से मुक्ति पाई थी Himalaya  It is a part of the Eastern biodiversity hotspot and hosts some truly unique and rare wildlifel यह पूर्वी हिमालय जैव विविधता हॉटस्पॉट का एक हिस्सा है और यहाँ कुछ वास्तव में अद्वितीय और दुर्लभ वन्यजीव पाए जाते हैं. The reserve is surrounded Eastorn  hoolock by indigenous communities gibbon Red panda such as the Mishmi, Digaro Mishmi and Miju  Blongloris  Mishmi Tribes Sno lecpurd ಗಿತ್ यह रिज़र्व मिश्मी , दिगरो मिश्मी , और R9Ht Ut Mishmi Takin स्थानीय आदिवासी समुदायों से घिरा हुआ है Blyth's Clouded Tragopan wnile' eopord wingled duck - ShareChat
#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - सुविचार किसी को उजाड़कर बसे तो क्या बसे, किसी को रुलाकर हंसे तो क्या हंसे सुविचार किसी को उजाड़कर बसे तो क्या बसे, किसी को रुलाकर हंसे तो क्या हंसे - ShareChat
#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - हरि शरणं उद्भवस्थितिसंहारकारिणीं क्लेशहारिणीम् सर्वश्रेयस्करीं सीतां नतोड़हं रामवल्लभाम् उत्पत्ति, स्थिति |पालन और संहार करने वाली, क्लेशों को हरने कल्याणों को करने वाली श्री रामचन्द्रजी की বালী নথা सम्पूर्ण प्रियतमा श्री सीताजी को मैं नमस्कार करता हूँ हरि शरणं उद्भवस्थितिसंहारकारिणीं क्लेशहारिणीम् सर्वश्रेयस्करीं सीतां नतोड़हं रामवल्लभाम् उत्पत्ति, स्थिति |पालन और संहार करने वाली, क्लेशों को हरने कल्याणों को करने वाली श्री रामचन्द्रजी की বালী নথা सम्पूर्ण प्रियतमा श्री सीताजी को मैं नमस्कार करता हूँ - ShareChat
#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - शन्तिकुँजवीडिये आजकासदचिन्वृत शँगार Nasw/ १६०१२६ . 8439014110 निबहेंअप्ने हृ५य एं मस्तिष्क के विकास में अभिरुचि हे उन्हें गयत्री उपसन एक रामबाण औषध्वि केरुप मं अपनानी चहिए | अत्मिक उन्ननि को दिश मेंजिनका उत्साह अधिक & ৩ স্তন সধযালিক?ান্দিযা কা বিক্কুযিল কঠ अपन आपक समान्य स्थितिसे ऊँच उठाकर असमाब्य स्थिनि में ते जान्ग चाले हॅ उनक्लिए तपश्चर्या अूनक  जायत्री केॅअनूष्न . पुरश्चरणखवँं विधान हैं | लकिक आकाक्षाओंकी पूर्ति एँउपसथिन 3؟؟ अपत्तियों केसमधान में श् गायत्री: ক্ী 3নক নিধিয্য @য় 34যামf 1 796-3.33.. वाऊभ्य awgpolnclal ' Shantlkun] RIshi Chintan +awgp org Shantikun] Mided शन्तिकुँजवीडिये आजकासदचिन्वृत शँगार Nasw/ १६०१२६ . 8439014110 निबहेंअप्ने हृ५य एं मस्तिष्क के विकास में अभिरुचि हे उन्हें गयत्री उपसन एक रामबाण औषध्वि केरुप मं अपनानी चहिए | अत्मिक उन्ननि को दिश मेंजिनका उत्साह अधिक & ৩ স্তন সধযালিক?ান্দিযা কা বিক্কুযিল কঠ अपन आपक समान्य स्थितिसे ऊँच उठाकर असमाब्य स्थिनि में ते जान्ग चाले हॅ उनक्लिए तपश्चर्या अूनक  जायत्री केॅअनूष्न . पुरश्चरणखवँं विधान हैं | लकिक आकाक्षाओंकी पूर्ति एँउपसथिन 3؟؟ अपत्तियों केसमधान में श् गायत्री: ক্ী 3নক নিধিয্য @য় 34যামf 1 796-3.33.. वाऊभ्य awgpolnclal ' Shantlkun] RIshi Chintan +awgp org Shantikun] Mided - ShareChat
#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - नमस्कार अनिल साहू Kutumb सुविचार नकारात्मकता को ख़त्म करने के लिए आपकी हंसी और संयम ही काफी है। नमस्कार अनिल साहू Kutumb सुविचार नकारात्मकता को ख़त्म करने के लिए आपकी हंसी और संयम ही काफी है। - ShareChat
#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - इस्कॉन , वृन्दावन आज के दर्शन ०५ मार्च २०२६ बैतूल अनिल साहू अखिल विश्व गायत्री परिवार इस्कॉन , वृन्दावन आज के दर्शन ०५ मार्च २०२६ बैतूल अनिल साहू अखिल विश्व गायत्री परिवार - ShareChat
#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - कहानी २७ड उ्यति जो जीवन बदल दे। भगवान   बुद्ध कौशांबी   पहुंचे। বমা   ক্র धूर्तजनों ने मिलकर एक मंडली बनाई और तथागत का तिरस्कार करने की ठानी। उन्हें   बहुत अपशब्द   कहे। মান तक 4 उतारू ಕ | आनन्द ने चलना   चाहिए। করমা- 3নন যমা  ক লীঠা   ন$ अभद्र   हैंl ने पूछा নখাঠান यदि वहां भी ऐसा ही दुर्व्यवहार हुआ तो१ आनन्द   बोले अन्यत्र   चलेंगे। प्रश्नोत्त्ार की तब यह शृंखला बहुत देर   चलती रही और   आनंद अन्यत्र, अन्यत्र की रट लगाये रहे। नहीं।   वस्तुस्थिति ন यह   उचित तथागत कहा- विदित होने की परिस्थिति  आने নক   মর্ম   যমী पर  लोग   इन्हीं चल   पड़ने चाहिए। ठहरना করা कथन ठीक मानेंगे और हमारा साहस टूटेगा। नियत   कार्यक्रम বরমী $ 3IR पडाव डाला गया और आक्षेपकर्ताओं की हिम्मत टूट गई। अखंड ज्योति अगस्त १९८६ कहानी २७ड उ्यति जो जीवन बदल दे। भगवान   बुद्ध कौशांबी   पहुंचे। বমা   ক্র धूर्तजनों ने मिलकर एक मंडली बनाई और तथागत का तिरस्कार करने की ठानी। उन्हें   बहुत अपशब्द   कहे। মান तक 4 उतारू ಕ | आनन्द ने चलना   चाहिए। করমা- 3নন যমা  ক লীঠা   ন$ अभद्र   हैंl ने पूछा নখাঠান यदि वहां भी ऐसा ही दुर्व्यवहार हुआ तो१ आनन्द   बोले अन्यत्र   चलेंगे। प्रश्नोत्त्ार की तब यह शृंखला बहुत देर   चलती रही और   आनंद अन्यत्र, अन्यत्र की रट लगाये रहे। नहीं।   वस्तुस्थिति ন यह   उचित तथागत कहा- विदित होने की परिस्थिति  आने নক   মর্ম   যমী पर  लोग   इन्हीं चल   पड़ने चाहिए। ठहरना করা कथन ठीक मानेंगे और हमारा साहस टूटेगा। नियत   कार्यक्रम বরমী $ 3IR पडाव डाला गया और आक्षेपकर्ताओं की हिम्मत टूट गई। अखंड ज्योति अगस्त १९८६ - ShareChat