प्रभु श्री राम के द्वारा एक ही बाण से समस्त उन दुष्टों का संघार देखकर जो सागर के उत्तर तट पर रह रहे थे सागर का मन अत्यंत प्रसन्न हुआ और वह प्रभु के बल व प्रभुता के गुणगान करने लगा, फिर सागर ने प्रभु को उन दुष्टों की दुष्टता का कुछ वर्णन किया व प्रभु का धन्यवाद करते हुए सागर का विप्र रूप अपने असली सागर में समा गया।
।। राम राम जी।।
नए अंग्रेजी वर्ष की राम राम 🙏🙏🙏
##सुंदरकांड पाठ चौपाई📙🚩


