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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - ना मिली तो क्या करोगे, तुम्हें फुर्सत कल इतनी मोहलत ना मिली तो क्या करोगे 0 কল रोज कहते हो ना कल बात करोगे, कल मेरी आंख ही ना खुली तो क्या करोगे ना मिली तो क्या करोगे, तुम्हें फुर्सत कल इतनी मोहलत ना मिली तो क्या करोगे 0 কল रोज कहते हो ना कल बात करोगे, कल मेरी आंख ही ना खुली तो क्या करोगे - ShareChat