_*🌷रात्रि चिंतन🌷*_
_*यदि भीतर का उत्साह समाप्त हो जाए तो बाहर के समस्त उत्सव व्यर्थ लगते हैं। दुनिया और हम, ज़ब ख़त्म होने होंगे हो जायेंगे, आओ पहले जी लें भीतर से भी, बाहर से भी।*_
_*जिसके साथ बातचीत दरमियान खुशियाँ दुगनी हो जाएँ और चिंता आधी हो जाये वो ही अपने, बाकी सब पहचान वाले। हमने वो खेल भी पूरी ईमानदारी से खेलते रहना है, जिनमें हमारी हार पहले से सुनिश्चित होगी, पर इंसानियत में वही जीत है हमारी। यही समझना है।*_
_*॥ जय श्री राधे कृष्ण ॥*_
_*🌺🌷शुभ रात्रि🌷🌺*_ #👫 हमारी ज़िन्दगी #📒 मेरी डायरी #🙏सुविचार📿 #☝अनमोल ज्ञान #☝ मेरे विचार

